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Mastram Ki Hindi Sex Stories | Mastaram Ki Antarvasna Stories | मस्ताराम की हिंदी सेक्स कहानियां

मेरे पापा ने मुझे पूरा रंडी बना दिया

हेल्लो आज मै भी अपनी जिंदगी की सच्ची मस्ताराम डॉट नेट के माध्यम से अवगत करवाना चाहती हूँ ताकि आप लोग भी मज़ा ले सके मै तो जो भी की हु मुझे उसका अफ़सोस नहीं बल्कि मजे से भरपूर रहा है | ये कहानी मेरी और पापा के बिच की है पापा ने मेरी चुदाई की है मेरे पापा का मोटा लंड मेरी चूत की मख्खिया उड़ा चूका है, मेरे पापा ने मुझे असली चुदाई का मज़ा दिया है, मेरे पापा ने मेरी सील तोड़ी है |

हेलो मेरा नाम निधि अरोड़ा है और मेरी उम्र २२ साल है. मेरी फिगर ३६-३०-३४ है और अभी तक कुवारी हूँ इसका मतलब ये नहीं की चुदी नहीं हु बस शादी नहीं हुयी है | मैं जिस फ्लैट में रहती हु. जिसमे ४ बेडरूम और १ ड्राइंगरूम है. १ रूम मेरा है और १ मेरे भाई का और १ मदर – फादर का है और एक गेस्ट रूम है. जब मैं 11th स्टैण्डर्ड में थी, तब से मैं पोर्न मूवी देखती थी और पोर्न मूवी देखते हुए फिंगरिंग करती थी |

मै कई बार अपनी चूत में ऊँगली डाल कर झड़ती थी और कभी गाजर, ककड़ी और मुली या बेलन डाल कर अपनी वासना को शांत करती थी. लेकिन इस से मेरी भूख और भी बढ़ने लग जाती थी. मैं 12th में थी, तब मेरी नानी की तबियत बहुत ख़राब हो गयी और इस वजह से मेरी माँ उनके वहां कुछ दिनों के लिए रहने गयी. मेरा भाई इंजीनियरिंग में पड़ता था. इसलिए वो मेरठ हॉस्टल में रहता था और मैं और मेरे पापा घर अकेले रह गये थे. मेरी माँ के जाने के बाद, दूसरी रात मैंने सारा काम ख़तम कर दिया और गाजर – मुली को अपने कमरे में ले गयी.

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और फिर मैंने कंप्यूटर पर पोर्न मूवी लगा दी और अपने सारे कपड़े उतार दिए और रोज की तरह बिस्तर में बैठ गयी और फिर धीरे – धीरे अपने बूब्स दबाने लगी. थोड़ी देर बूब्स दबाने के बाद, मैं ने मुली अपने हाथ में ली और उसको मेरी चूत में डाल दिया और उसको अन्दर बाहर करने लगी. मैं पूरी तरह से गर्म हो गयी थी. तभी मेरे पापा ने दरवाजा खटखटाया और बोले – निधि दरवाजा खोल. मैं इतनी घबरा गयी, कि मुझे कुछ पता ही नहीं चला, क्योंकि मैं पूरी नंगी थी.

मैंने फटाफट कपड़े पहन ने शुरू किये और जैसे – तैसे कपड़े पहने और दरवाजा खोलने चली गयी. जल्दबाजी में मैं कंप्यूटर पर चल रही पोर्न मूवी बंद करना भूल गयी. मैंने दरवाजा खोला. आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

पापा – इतनी देर क्यों लगा दी. क्या कर रही थी?

मैं – कुछ नहीं पापा पढाई कर रही थी.

पापा – मुझे नींद नहीं आ रही थी. तो सोचा, की तुमसे थोड़ी देर बात ही कर लू.

मैं – लेकिन पापा, मैं थक चुकी हु. बस सोने ही जा रही हु.

(दरवाजे से कंप्यूटर नहीं दिख सकता था).

पापा – थोड़ी देर बेटा, बस ५ मिनट और वो अन्दर आ गये. अन्दर आते ही, मैं और वो दोनों शॉक हो गए. क्योंकि कंप्यूटर पर वो पोर्न मूवी चल रही थी. ये है तेरी पढाई?

मैं – वो पापा (मुझ से कुछ बोला नहीं जा रहा था). तभी पापा की नजर बिस्तर पर पड़े गाजर और मुली पर पड़ी.

पापा ने मुली हाथ में ली. वो गीली थी. मैं ब्रा पहनना भूल गयी थी. और ब्रा भी बिस्तर में ही पड़ी थी.

पापा – ये सब क्या है निधि?

अपने कपड़े अच्छी तरह से पहन कर मेरे कमरे में आ जाओ. पापा ने कंप्यूटर में से सीडी निकाल कर अपने साथ ले ली और चले गये. मैंने टॉप निकाला और ब्रा पहन ली. आप को बता दू, उस समय मैंने ब्लैक कलर की ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी. उस पर मैंने रेड लोअर और वाइट टॉप पहना हुआ था. आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

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मैंने कंप्यूटर बंद किया और पापा के रूम में गयी. पापा ने वो सीडी अपने डीवीडी प्लेयर पर लगा रखी थी. पापा ने मुझे रूम को बंद करने के लिए बोला और मैंने रूम को लॉक कर दिया.

पापा – ये क्या है निधि? ये तुम्हारी पढाई है? तू ब्लू फिल्मे देखती है?

मैं – वो पापा बस…

पापा – कब से देख रही हो तुम?

मैं – ११थ स्टैण्डर्ड से.

पापा – ओह माय गॉड. और ये सीडी तुम कहाँ से मिली.

मैं – मेरी सहेलिया लाती है.

पापा – ये देखने में मज़ा आता है?

मैं (शरमाते हुए) – हाँ.

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पापा – तुम जानती हो ये सब शादी के बाद होता है.

मै – हाँ. लेकिन मेरी सहेली कहती है, लेकिन शादी से पहले ही सब जानना जरुरी होता है.

पापा – अच्छा, तो क्या क्या करती हो देखने के बाद, मुझे भी बताओ. शरमाओ मत.

मैं – मैं अपने हाथो से अपने स्तन दबाती हु और …

पापा – हाँ बोलो – शरमाओ मत

मैं – पहले नीचे ऊँगली डालती थी और अब गाजर, मुली वो सब डालती हु.

पापा – तुम्हे मज़ा आता है?
मैं – हाँ.
फिर पापा ने मुझे अपने पास बुलाया और अपनी गोद में बैठा लिया.

पापा – निधि, आज हम दोनों इस मूवी में जो चल रहा है, ऐसा करेंगे. मेरा साथ दोगी?

मैं – लेकिन?

पापा – लेकिन वेकिन कुछ नहीं. मैं तुम्हे एकदम ट्रेन कर दूंगा. मैं जानता हु, कि तेरी सेक्स की भूख बहुत बढ़ चुकी है.

मैं – ठीक है पापा. वैसे मैं किसी से सेक्स तो करना ही चाहती थी.

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अब पापा ने मेरे होठो को चूमना शुरू कर दिया और मेरे होठ चूसने लगे. करीब ७ से ८ मिनट तक वो मेरे होठो को चूसते रहे और उस वक्त उनको दोनों हाथ मेरे स्तनों पर थे और दबा रहे थे. मुझे मज़ा आने लगा था. अब पापा ने मेरा टॉप निकाल दिया और अब मैं ब्रा में आ गयी थी. वो मेरी पूरी बॉडी को किस करने लगे थे और धीरे से उन्होंने मेरी ब्रा भी निकाल दी. अब वो मेरे निप्पल को चूस रहे थे. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. पापा का हाथ मेरी गांड पर था. वो मेरी गांड को सहला रहे थे और मेरे निपल को चूस रहे थे.

कहानी जारी है …. आगे की कहानी पढ़ने के लिए निचे दिए गए पेज नंबर पर क्लिक करें …

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