Mastaram.Net

Mastram Ki Hindi Sex Stories | Mastaram Ki Antarvasna Stories | मस्ताराम की हिंदी सेक्स कहानियां

अर्चना की जवानी की आग भड़क उठी

गतांग से आगे..

रागिनी : यही है वो कामिनी जी करता है यही मार दू इस रांड को
मैं : तू ऐसा कुछ नहीं करेगी तू जा उसके पास और हंस के मिल और मुझसे मिलवा
रागिनी : हेल्लो जावेद कैसे हो
जावेद (झटका खाते हुए ) : बस ठीकक्क्क्क्क्क्क्क्क ही हु
रागिनी : मिलो ये मेरा नया B/F है नाम है सुरेन्द्र
मैंने आगे बढकर उन दोनों से हाथ मिलाया उसका नाम सोनल था हाथ इतना कोमल था की मैं उसे वही चोद देने की सोचने लगा
फिर वो आगे चले गए
रागिनी : तुम भी उसको पसंद करने लगे ना
मैं : तू पागल है (बात सँभालते हुए) अगर तुझे और जावेद को मिलाना है तो उन दोनों में दुरी बनानी पड़ेगी ना
रागिनी : ओके
फिर सब लोग जोड़े में खड़े हो जाते है और फिर एक खेल शुरू होता है। जितने वाले को पुरे 500 दिरहम मिलने थे। कौनसा जोड़ा सबसे ज्यादा हॉट है? सभी को खुद को छोड़ कर दुसरे के लिए वोट देना था जो जोड़ा जीता पैसे उसके। सबने वोट किया और नतीजा कुछ ऐसे था
मेरे और रागिनी के 4 वोट
जावेद और सोनल के 4 वोट
अनिल और काम्या (बर्थडे गर्ल ) के 3 वोट
पंकज और स्वीटी के 2 वोट
बाकि जोड़ो को एक भी वोट नहीं मिला
हमारे और जावेद में टाई था।
जावेद : हम ज्यादा कूल दिख रहे सो हम जीत गए
मैं : फिर तो तुम हार गए क्युकी हॉट दिखने वाला जीतेगा
रागिनी : सही कहा मेरी जान और मुझे एक छोटा सा लिप किस दे दिया। मैं शोकड था पर रागिनी नार्मल थी।
स्वीटी : हाँ भाई सही है हॉट कौनसा जोड़ा है इसके लिए मैं काम्या पंकज और अनिल जज बनेगे और इनको नंबर देगे फिर कौन जीता फैसला होगा और अब सिर्फ 500 दिरहम नहीं ये भी फैसला होगा की किसने अपने एक्स को छोड़ कर गलती की
सभी लोग मान गए और हम सब अन्दर हॉल में चले गए बाकि सभी तो चले गए बस अनिल पंकज काम्या और स्वीटी ही रह गए क्युकी सब को पता था अब घमासान होगा और वो रागिनी या जावेद किसी से नहीं बिगाड़ना चाह रहे थे।
स्वीटी : चलो दोनों जोड़ो को खूबसूरती के नंबर दो
स्वीटी : मैं रागिनी को देती हु
पंकज : सोनल को
काम्या : यार जावेद को तो सुरेन्द्र हरा रहा है पर सोनल आज बहुत खुबसूरत लग रही है
अनिल : तो पहला पॉइंट जाता है जावेद और सोनल को आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है और इस कहानी का शीर्षक अर्चना की जवानी की आग भड़क उठी है | पहले अनिल ने दोनों लडकियों को बुलाया और अपना पसंदीदा रंग लिखने को कहा दोनों ने लिख दिया
अनिल : जावेद बता सोनल ने कोन्सा रंग लिखा है
जावेद : लाल
अनिल : सही अब तुम बताओ
मैं : पिंक
अनिल: सही दोनों को एक एक पॉइंट। और अब मुझे जाना होगा क्युकी घर से कॉल आ गयी है
अनिल जाने लगा तो काम्या ने रोका तो वो बोला यार सही में जाना पड़ेगा देख और उसको अपना फ़ोन दिखा दिया तभी पीछे से पंकज : यार मुझे भी छोड़ देना मेरे पास कार नहीं है और ये तो आज रात काम्या के पास ही रुकेगी।
वो दोनों चले गए। अब हम दोनों जोड़े और वो दोनों लडकिया ही बची थी
काम्या : चलो दोनों अपनी वाली के ब्रा का कलर बताओ गलत बताने पे एक पॉइंट काट लूगी
जावेद : सफ़ेद
काम्या : गलत वो पिंक टॉप के निचे सफ़ेद पहनती तो वो चमकता क्यों सही कहा ना
सोनल : हाँ
काम्या : अब तुम बताओ पता है
मैं : चुप था
काम्या : यानि नहीं पता चलो 0 पॉइंट
रागिनी : अरे सही जवाब दिया है मैंने आज ब्रा ही नहीं पहनी और उसने टॉप ऊँचा करके सबको अपने बूब्स दिखा दिए। मैं हिल गया पर किसी और को कोई फर्क नहीं पड़ा क्युकी जावेद ने इनको कई बार देखा था और बाकि सब लडकिय थी।
अब हम दोनों के पॉइंट्स बराबर थे

काम्या : चलो अब रागिनी आगे हो गई ……
इससे पहले उसकी बात ख़त्म होती सोनल और जावेद एक दुसरे को चूमने लगे उनका चूमने का तरीका शानदार था.
स्वीटी : लो अब ये आगे हो गए
यह सुनते ही रागिनी मुझ पे टूट पड़ी और हम दोनों स्मूच करने लगे. हम लोग उनसे कमतर नजर आ रहे थे.
स्वीटी : अभी भी सोनल और जावेद ही आगे है ?
अब मैंने एक्शन लिया और अपनी जीभ रागिनी के मुह में डाल दी और उसकी जीभ को निकल के चूसने लगा. मुझे यह सब अर्चना ने सिखाया था और मुझे मालूम था की किस हरकत से कितना माहोल गर्म होगा। मेरे जीभ चूसने से रागिनी को करंट का झटका सा लगा और वो फिर मेरा साथ देने लगी. अब हम दोनों के मुह से से जोर जोर से आवाजे निकलने लगी उह्ह्म्म्म्म ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लूऊउप्प्प्प्प उह्ह्ह्ह्म्म्म्म।
स्वीटी : लो फिर से रागिनी और सुरेन्द्र जीतने लगे
यह सुन कर जावेद का दिमाग ख़राब हो गया और उसने सोनल की ड्रेस उतार दी और वो ब्रा पेंटी में आ गयी फिर उसके बूब चूसने लग गया।
काम्या : चलो अब वो जीतेगा जो चुदाई ज्यादा बहतर करेगा।
यह कहकर उसने स्वीटी के बूब दबा दिए और फिर स्वीटी ने उसके।
जावेद की हरकत से रागिनी भी अपने कपडे उतरने लगी मैंने रोक दिया क्युकी मैं जानता हु ज्यादा मजा फोरेप्ले में है. पर जब तक मैं रोकता रागिनी अपने अमरुद जैसे बूब्स आजाद कर चुकी थी. मैंने फिर उसे पकड़ा और पहले स्मूच किया फिर उसके कान में जीभ डाली और उसके कान चुसे इस हरकत से रागिनी आहे भरने लगी आह्ह्ह्ह उश्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्ह्ह्ह फिर मैं अपनी जीभ उसके गालो से होते हुए नीचे ले जाने लगा ये रागिनी के लिए नया था इसलिए वो छटपटाने लगी. मैंने अपने हाथ उसकी गांड पे रखे और उसको अपनी तरफ खीच लिया फिर उसको रोके रखने के लिए अपने हाथ उसकी इलास्टिक वाली शोर्ट में डाल दिए उसने पेंटी भी नहीं पहनी थी मैंने अपने एक एक हाथ से उसकी गांड के दोनों हिस्सों को दबोचा और उसे उठा लिया रागिनी ने अपने पैर मेरी कमर में लपेट लिए. अब उसके बूब मेरे मुह में थे मैं उन्हें चूसने लगा उसके निप्पल को जीभ से हिलाने लगा और बीच -2 में काट भी लेता। रागिनी की हालत बहुत ख़राब हो गई वो मेरे बाल नोच रही थी मेरे सर को बूब पे दबा रही थी अपनी गांड हिला रही थी जिससे उसकी चूत मुझसे रगड़ खा रही थी. मैं अपने काम में मस्त था मुझे दुनिया का कुछ भी होश नहीं था और रागिनी को खुद का भी नहीं। तभी रागिनी ये सब बर्दाश्त नहीं कर सकी और एक जोरदार चीख के साथ फारिग हो गई जब जो फारिग हुई तो वो पीछे हुई क्युकी वो मेरी गोद में थी और मैंने अपने हाथ उसकी गांड पर लगा रखे थे वो धम से सोफे पे गिरी उसके गिरने से उसकी शोर्ट मेरे हाथ में आ गयी और वो नंगी हो गयी.
स्वीटी : क्या स्टाइल है नंगी करने का
मेरा ध्यान उनकी तरफ गया वो एक दुसरे की चुट में उंगली कर रही थी
काम्या : अबे भडवे जावेद कुछ सीख़ तू लंड ड़ाल कर भी उतनी चीख नहीं निकलवा पाया जितनी इसने बिना लंड निकाले निकलवा दी.
मैंने उनकी तरफ देखा तो जावेद सोनल पे चढ़ कर उसको चोद रहा था यह सुन कर वो खड़ा हुआ और सोनल को घोड़ी बना कर एक झटके से उसकी चूत में अपना लंड उतार दिया। सोनल की एक जोरदार चीख निकल गयी आआआह्हीईईईईईय्य्याआ
स्वीटी : ये हुई न बात
ये तारीफ रागिनी से बर्दाश्त नहीं हुई और उसने पहले मेरी टी शर्ट उतारी दुसरे पल ही जीन्स के बटन खोल कर अंडरवियर के साथ जीन्स भी नीचे तक पंहुचा दी. मैंने जीन्स को पेरो से निकल दिया। कपडे खुलते ही मेरा लंड ऐसे आजाद हुआ जैसे कोई पागल हाथी हो. रागिनी झट से मेरे लंड पर टूट पड़ी और उसको चूसने लगी. मैंने उसके मुह से लंड निकला और रागिनी उल्टा कर दिया। अब रागिनी के पैर तो सोफे के दूसरी तरफ लटक गए और सर मेरे लंड की तरफ. अब मैंने अपना लैंड उसके मुह में दिया और उसकी टांगे चोडी करके उसकी चूत में जीभ लगा दी. जीभ लगते ही उसने मुह से लंड निकाला और बोली : अब सहा नहीं जाता चोद डालो मुझे नहीं तो मैं मर जाउंगी। मुझे उस पर तरस आ गया मैं जानता था यह सब उसके लिये नया है वो और बर्दाश्त नहीं कर पायेगी और एक बार फारिग हो गयी तो मुझे बिना चोदे रहना पड़ेगा। पर मैं जावेद को नहीं जितने दे सकता था. मैंने अपना लंड रागिनी के मुह में डाल दिया और उनकी तरफ देखा।
काम्या और स्वीटी पूरी नंगी थी और जावेद और सोनल के पास थी.
जावेद सोनल को चोद रहा था पर सोनल की चीख नहीं निकल रही थी या यु कहे वो निकलवा नहीं पा रहा था. स्वीटी और काम्या दोनों उनकी हेल्प कर रही थी. रागिनी मेरा लंड बड़े मजे से चूस रही थी अर्चना और नेहा से भी बढ़िया। अब आहे भरने की मेरी बारी थी आआह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्म्म्म्म्म।
मेरा ध्यान वही था उन पर मैंने देखा जावेद फारिग हो गया. अब उसके लंड को स्वीटी चूसने लगी तो काम्या मेरे पास आ गयी और मुझे चूमने लगी. मैंने अपने हाथ, एक उसके बूब्स पे और एक उसकी चूत पे रखा चूत पे हाथ रखते ही उंगली उसकी चूत में घुसने लगी उसकी चुत बहुत गीली हो चुकी थी उसकी हलकी सी आह उम्म्म्म्म ओह्ह्ह्ह्ह निकली।
रागिनी ने उसको देखा और कड़ी हो गयी और बोली : चल हट ये सिर्फ मुझे चोदेगा।

ये भी पढ़े: छोटी बहन की सील तोड़ी

काम्या : प्लीज मेरी हालत देख यार तुम्हारी चुदाई देखते देखते हमारी हालत ख़राब हो गयी स्वीटी उससे लग गयी मुझे भी ठंडी होने दे
रागिनी : बिलकुल नहीं इस लंड पे सिर्फ मेरा हक़ है.
मैंने कहा : रागिनी सही कह रही है पर मैं बिना चोदे ही इसको ठंडी कर दूंगा। रागिनी ने हाँ कर दी.
मैंने रागिनी को लेटाया और उसकी कमर के निचे दो कुशन लगा दिए अब उसकी चूत बिलकुल पोजीशन में थी मैंने पहले धीरे से लंड डाला फिर फिर घुमा घुमा कर डालने लगा जैसा की अर्चना के साथ किया था रागिनी चीखने लगी. तभी काम्या ने मेरा लंड पकड़ लिया और बोली मुझे भूल गए चूत मिलते ही.
मैं खड़ा हुआ पहले उस लम्बे सोफे पे काम्या को लेटाया और उसकी टांगे खोल दी फिर उसकी चुत पर रागिनी का मुह रखा और रागिनी को उल्टा लेता दिया अब मैंने फिर से रागिनी की चूत में अपना लंड घुमा घुमा के तेज तेज डालने लगा. इससे रागिनी चीखना चाह रही थी पर काम्या ने उसका मुह अपनी छुट पर दबा रखा था. अब मैं जितना जोर से और तेजी से चोदु रागिनी उतना ही काम्या की चूत चुसे और काम्या जोर जोर से चिल्ला रही थी अब मेरा लंड रागिनी की चूत में जाने की चाप चाप आवाज काम्या की चीखो में दब रही थी.
काम्या : वॊऒऒओव्व आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्म्म्ह्ह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्म्म्म्म्म्म
कुछ मिनटों में काम्या एक जोरदार चीख अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हआआआआह्ह्ह्ह्ह के साथ फारिग हो गयी और उसने अपना रस रागिनी के मुह में छोड़ दिया। अब रागिनी का सर भी काम्या ने अपनी चूत से हटा दिया था तो रागिनी चीखने लगी उम्म्म्म्मआअह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्म्म्म्म फिर रागिनी भी झड गयी पर मैं बाकि था क्युकी मैंने वही गोली खा ली थी क्युकी मेरा प्लान किसी भी तरह सोनल को चोदने का था जिससे वो जावेद से दूर हो जाये मुझे क्या पता था की ये सब हो जायेगा। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है और इस कहानी का शीर्षक अर्चना की जवानी की आग भड़क उठी है | मेरे झटके चालू थे और उनकी रफ़्तार तेज होती जा रही थी.
रागिनी : बस अब नहीं सहा जाता तुम इस काम्या को चोद लो मेरे चूत में और हिम्मत नहीं बची. (बेचारी आधे घंटे में 3 बार झड गयी थी)
काम्या कड़ी होती उससे पहले स्वीटी आ गयी.

स्वीटी : काम्या तो एक बार झड गयी. पर उस छक्के का लंड खड़ा ही नहीं हो रहा तुम मुझे चोदो।
मैं स्वीटी पे टूट पड़ा स्वीटी की चूत बहुत टाईट थी (उसके bf का लंड बड़ा पतला था ) मैं उसकी टाईट चूत के मजे लेने लगा उसकी कसी हुयी चूत के कारण मैं 8 – 9 झटको में ही झड गया और मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत में खाली कर दिया। मैं झड़ने के बाद उठ गया.
स्वीटी : मादरचोद भदवे इसे कहते असली मर्द तीन तीन की चीखे निकलवा दी और तू ………….
यह सुन कर जावेद पागल हो गया और सोनल को मरने लगा : रंडी आज तेरी वजह से मैं हार गया और तेरी वजह से ये मुझे सुना रही है.
वो जैसे ही सोनल को मारने लगा मैंने उसे रोक लिया और काम्या ने उसे भगा दिया और उसको ग्रुप से भी आउट कर दिया।
सोनल बहुत डर गयी थी वो मुझसे चिपक गयी. उसके चिपकने ने मेरा लंड फिर से ताव में आने लगा.
तभी रागिनी आई और उसको संभाला। फिर वो उसको बाथरूम में ले गयी. मैं भी स्वीटी और काम्या की तरफ पलटा
स्वीटी वही पे पड़ी थी जिधर मैंने उसे चोदा था और काम्या उसकी चूत से निकल रहे मेरे वीर्य को चाट रही थी.
उसकी गांड और फूली हुई चूत मेरी तरफ थी मेरा लंड पहले ही खड़ा था मैंने झट से उसकी चूत में डाल दिया और उसको मजे से चोदने लगा.

सोनल बहुत डर गयी थी वो मुझसे चिपक गयी. उसके चिपकने ने मेरा लंड फिर से ताव में आने लगा.
तभी रागिनी आई और उसको संभाला। फिर वो उसको बाथरूम में ले गयी. मैं भी स्वीटी और काम्या की तरफ पलटा
स्वीटी वही पे पड़ी थी जिधर मैंने उसे चोदा था और काम्या उसकी चूत से निकल रहे मेरे वीर्य को चाट रही थी.
उसकी गांड और फूली हुई चूत मेरी तरफ थी मेरा लंड पहले ही खड़ा था मैंने झट से उसकी चूत में डाल दिया और उसको मजे से चोदने लगा.

अब आगे ……

मैंने मेरा खड़ा लंड काम्या के घुसा दिया था मेरे इस अचानक किये हमले से काम्या हिल गयी और जो से चीखी।
काम्या : मादरचोद भड़वे आअह्हह्हह्ह चूतिये
मैंने भी डर के मारे अपना लंड बहार खीचा तो …
काम्या : क्या हुआ डाल नाआआ
अब मैंने एक झटके से अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया और मेरा झटका इतना तेज था कि उसके कूल्हे मेरी कमर से टकराए तो एक फटाक कि आवाज आयी।
काम्या : आअह्हह्हह्ह और घु.……………………ऊउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म उउउउउऊऊऊ
स्वीटी ने काम्या का मुह अपनी चूत पे लगा दिया था और अपने दोनों हाथो से उसका सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा रही थी.
मैंने भी फिर से अपना लंड पूरा बहार निकला और फिर से एक झटके में पूरा लंड काम्या कि चूत में उतार दिया। अबकी बार काम्या कि जगह चीख स्वीटी के मुह से निकली आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ईहहहीईईईईईईईईईईईईईईईईए क्युकि काम्या ने मेरे लंड के झटके के कारण स्वीटी की चूत को चाटने कि जगह काट लिया था.
स्वीटी कि चीख इतनी तेज थी कि रागिनी और सोनल जल्दी से भाग कर आये कि क्या हो गया और उन्होंने हमारी चूत लीला देखी
सोनल : क्या शेर पकड़ कर लायी है शिकार देखते ही टूट पड़ता है और धज्जियां उड़ा देता है
काम्या : शेर नहीं घोडा है घोडा ………………… क्या लौड़ा है लौड़ा।
सब हंसने लगे तभी
काम्या : घोडा नहीं गधा है
ये सुनकर मुझे गुस्सा आया और मैंने फिर से लण्ड बहार निकाल कर एक तेज झटके से घुसाया
काम्या : अह्हह्हह्ह कमीनेईईईईईई जान लेगा क्या ?
मैं : मैं गधा हु ना
काम्या : हरामी मैं तेरी तारीफ कर रही थी
मैं : अपने बाप कि करना ऐसे तारीफ
काम्या : चूतिये जैसे गधे का लण्ड घोड़े से छोटा होता है पर फिर भी वो ज्यादा मजा देता है ना आअह्ह्ह्ह अह्ह्हा उह्ह्ह्ह ईईईह्ह्ह्ह्ह्ह्ह। काम्या झाड़ गयी थी
मैं : तू तो ऐसे बोल रही है जैसे नाआअ जाने कितने लण्ड लिए हो। मेरे झटके अभी भी चालू थे मैं ये तीसरी बार चुदाई कर रहा था तो मैं अभी तक फारिग नहीं हुआ
काम्या : हाँ मैं तो पक्की रण्डी हु ये मेरा आअह्ह्ह्ह बाइसवा आआआ लण्ड है पर ईईई ऐसीइइइइइइइइइइइइइइइइइ चुदाई का मजा नहीं आयाआआआअ तेरा लण्ड बड़ा नहीं है परर्रर आआआ क्या ठोकताआआआआआअ है तू
रागिनी : इसने मुझे औरत बना दिया और औरत होने का पूरा सुख भी दिया
अपनी इतनी तारीफ सुन कर मैं और मेरा लौड़ा दोनों फूल रहे थे और मेरे झटके भी तेज हो गए.
चाॅप्प् पटाक चाप कि आवाजे मेरे झटको के साथ बड़ रही थी और कुछ ही देर में मैं भी झड़ गया.
अब मैं थक गया था और वही लेट गया.
सोनल : तुमने सब को चोदा बस मुझे छोड़ कर
रागिनी : जा तू भी चुद ले
मैं मन में सोच रहा ये क्या हो रहा है रागिनी जो इसको जान से मारना चाहती थी वो खुद उसे मुझसे चुदने भेज रही है और मेरा लंड उसको कपड़ो में भी देख कर खड़ा हो गया था और अब वो खुद नंगी होकर चुदने आ रही है तो भी कोई हरकत नहीं कर रहा.
सोनल मेरे पास आयी और मेरे पेरो पर से चूमती हुई ऊपर कि ओर बढ़ने लगी, वो चूम कम और चाट ज्यादा रही थी. वो मेरे लण्ड पर आयी और उसको जीभ से लेफ्ट राईट हिलाने लगी जैसे उसको जगा रही हो पर जब मेरे लण्ड में कोई हरकत नहीं हुई तो वो बोली : क्या हुआ?
मैं : अरे मैं इंसान हु मशीन नहीं अब मुझमे ही ताकत नहीं बची तो इसमें कहा से आएगी
काम्या: अरे मैं देती हु तुम्हे ताकत अब इसको भी चोदना तो पड़ेगा ही। ले दूध पी ले…………………….
और उसने अपना बूब मेरे मुह में डाल दिया।
मैं किसी छोटे बच्चे कि तरह बोबा चूसने लगा. सोनल अपनी जीभ से मेरे लण्ड पर कमाल दिखा रही थी धीरे धीरे मेरे लण्ड ने करवट लेनी शुरू की
सोनल : वाओ खड़ा हो रहा है
सोनल अब पुरे जोश से मेरे लण्ड को चूप रही थी पर मेरा लण्ड साइज़ में तो पूरा बाद गया पर पूरी तरह से कड़क नहीं हो पा रहा था
तभी रागिनी मेरे लिए जूस लेकर आयी और मुझे पिला दिया।
स्वीटी दूध ले आयी और वो भी पिला दिया पर मेरे लण्ड था जियों कि तियों ही था
अब सोनल ने नया तरीका अपनाया और वो मेरे लौड़े पर बैठ कर अपनी चूत मेरे आधे खड़े लण्ड पर घिसने लगी. उसकी इस हरकत से मेरा लण्ड खड़ा होने लगा
सोनल ने जल्द ही सफलता पा ली. अब सोनल ने अपनी गांड उठायी और मेरे लण्ड को पकड़ कर अपनी चूत के मुह पर टिकाया और झटके के साथ बैठ गयी
आआह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआअह आआउउउउउउउउउच मेरे और सोनल दोनों के मुह से निकला
अब सोनल उछल उछल कर खुद ही चुद रही थी और मैं इतनी शानदार लड़की को चोद तो रहा था पर मजे नहीं ले पा रहा था क्युकी मेरा लण्ड दर्द कर रहा था. मैंने दर्द के मारे सोनल की जांघो को जोर से पकड़ कर दबाया और उसने सोचा मैं उसे उकसा रहा हु उसने स्पीड बड़ा दी मेरी हालत और ज्यादा ख़राब होने लगी. मैंने उसके दोनों उछलते हुए बूब्स को पकड़ा और कस के दबा दिया। सोनल के बूब्स जावेद ने वहशीपन में पहले ही सुजा दिए थे तो उसको बड़ा दर्द हुआ वो चीखी आअह्हह्हह्ह आअह्ह्हूऊऊऊऊऊऊचच्च्च्च् पर सेक्स करते वक़्त ऐसा दर्द भी मजा देता है. सोनल और तेज उछलने लगी उसकी चूत टाइट होती जा रही थी मैं समझ गया कि वो अब झडने वाली है करीबन 4 – 5 झटको के बाद वो झड़ गयी उसकी चूत का पानी मेरे लण्ड से बहता हुआ मेरे पेट और जांघो पर फ़ैल गया. सोनल आज चरम सीमा पर जाकर फारिग हुई थी। वो मेरे बगल में लेट गयी पर मेरा लण्ड खड़ा हुआ था  रागिनी आयी और उसको चाटने लगी

ये भी पढ़े: भाई का मोटा लौड़ा

मैं : नोच नोच के आज ही खाना है क्या, बाद में क्या गाजर मूली से काम लेगी। देख कैसा सूज गया है
रागिनी : नहीं अब तो इसके बिना काम नहीं चलेगा मेरा
यह कह कर वो मेरे बगल में लेट कर मुझसे चिपक गयी. पता ही नहीं चला कि कब हम सब सो गए
रात को तक़रीबन 11:30 बजे फ़ोन से आँख खुली वो फ़ोन घर से था
रागिनी : हाँ पापा बस आ रहे है। …………………………………………वो मैं आ कर बताती हु.
रागिनी ने फ़ोन काट दिया और हम सब कपडे पहन कर घर को रवाना हो गए
रस्ते में :-
रागिनी : सोनल अगर मैं या मेरे घर से कॉल आये तो बोलना अगर आज सुरेन्द्र नहीं होता तो ना जाने तेरा क्या होता तू डेजर्ट सफारी में गुम हो गयी थी. मैं यही बहाना बनाऊगी।
सोनल : हाँ हाँ क्यों नहीं। सुरेन्द्र तुम कहा रहते हो
मैं :- इंडिया में
सोनल :- ओह्ह्ह्ह अब तो इंडिया में आकर चुदना पड़ेगा , वैसे इंडिया में कहा पर
मैं :- भरतपुर में
सोनल : अगले साल वही पर एड्मिशन ले लेते है
सोनल का घर आ गया था वो उतर गयी और हम अपने घर को चल दिए
रागिनी के साथ दुबई में चुदाई करने के बाद मुझे नयी चुद का चस्का लग गया जो कुछ वक़्त तो बढ़िया चलता रहा पर कुछ सालो बाद मैं जब बड़ा हो गया मेरी जॉब डेल्ही में लग गयी. अब मैं डेल्ही में रहता था एक स्टूडियो फ्लैट था मेरा (एक बड़ा सा हॉल जिसमे ही किचेन बैडरूम सब होता है बस बाथरूम ही अलग होता है) मेरे अच्छे दिन ख़त्म हो गए थे |

कहानी जारी है …आगे की कहानी पढ़ने के लिए निचे दिए गए पेज नंबर पर क्लिक करें..

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control