बहन को चोदने की कहानी

दोस्तों, मैं मस्ताराम डॉट नेट का नियमित पाठक हूँ और यहाँ पर चुदाई की कहानियां पढ़ कर मजे लेता हूँ | मेरा नाम राकेश है और मैं कश्मीर का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 20 साल है और मैं दिखने में औसत हूँ | चलिए अब बिना समय बर्बाद करे कहानी पर आता हूँ |

मेरे घर में मेरे पापा, मैं और मेरी छोटी बहन जिसकी उम्र 18 हैं | मेरी माँ तलाक के बाद से अपने मायके में रहती हैं और मेरी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है | दोस्तों, मेरी छोटी बहन का नाम शिफ़ा है और वो 11वीं में पढ़ती है | मेरे पापा उसे पढ़ाई के लिए नही भेज रहे थे लेकिन जब मैंने बहुत कोशिश की तब वो माने | इसी वजह से मेरी छोटी बहन मुझे बहुत मानती है और मेरी कोई भी बात नही टालती है | मैं भी उसे बहुत मानता हूँ |

अभी 1 महीने पहले की बात है | मेरे पापा शादी में किसी रिश्तेदार के घर गये थे 2 दिन के लिए | मैं और मेरी बहन घर में अकेले थे | सुबह मैं सो कर थोडा जल्दी उठ गया | मैंने सोचा की जाकर शिफ़ा को भी जगा दूं | जब मैं उसके कमरे में गया तो वो सो रही थी और हवा की वजह से उसका सूट थोडा ऊपर उठा हुआ था | मुझे उसका गोरा गोरा पेट दिख रहा था और उसके उभार भी कपड़ों के ऊपर से साफ़ नज़र आ रहे थे | उस दिन मैंने जिंदगी में पहली बार अपनी बहन को उस नज़र से देखा | दोस्तों, मेरी बहन का फिगर मस्त है, उसके बूब्स बड़े और उसकी गांड भी उठी हुई और सेक्सी है | पता नही उस दिन क्या हुआ, मेरा मन डोल गया अपनी बहन के सेक्सी बदन को देखकर | मैंने उसे जगाया नही और ऐसे ही देखता रहा | मैं मन ही मन सोच रहा था की कैसे उसे सेक्स के लिए राज़ी करून |

मैं बाहर गया और सोचने लगा | जब कुछ भी समझ में नही आया तो मैं इर अन्दर आया और दरवाजा अंदर से बंद करके सीधा आकृति के बिस्तर पर जाकर लेट गया | वो अभी भी सो रही थी | मैंने धीरे से जाके उससे लिपट गया | उसने नींद में होने की वजह से कुछ नही कहा | मैंने अब अपना हाथ उसके पेट पर फिराना शुरू कर दिया | मुझे लगा की वो शायद जग सकती है लेकिन मैंने अपना हाथ उठाया नही | अब मैं उससे पूरी तरह लिपट गया पीछे से | मेरे लंड और उसकी गांड के बीच में अब सिर्फ कपडे ही थे | अचानक से मुझे लगा की वो जगी हुई है | मैं सोच में पड़ गया की मैं उसे क्या बोलूँगा | तभी उसने आँखें खोल दी | इससे पहले की वो कुछ बोले, मैंने सीधा उसके होठों पर अपने होठ ले जाकर रख दिए | उसने झटका दिया लेकिन शोर नही मचाया |

वो बोली – भाईजान, आप ऐसा कैसे कर सकते हैं ? मैं बहन हूँ आपकी | मैं बोला – आकृति, प्लीज रोको मत मुझे | मैंने भी तो तुम्हारी ख़ुशी के लिए पापा तक से लड़ाई कर ली थी | क्या अब तुम मेरी ख़ुशी के लिए इतना नही कर सकती ? वो चुप हो गयी | इससे पहले की वो कुछ और बोले, मैंने फिर से उसके होठों पर किस करना शुरू कर दिया | वो चुपचाप लेटी रही | जब मैंने गर्दन पर किस किया तो उसको भी थोडा जोश आ गया | अब वो भी मेरा साथ देने लगी | मुझे जोश आ गया | मैंने उसके कपडे उतारने शुरू कर दिए |

पहले मैंने उसका सूट उतारा | ब्रा नही पहनी थी उसने सोते समय | उसके गुलाबी दूध बहुत मस्त लग रहे थे | मैंने बिना देर किये उसकी सलवार भी उतार दी | अब बस उसके बदन पर पैंटी थी | मैंने वो भी उतार दी | अब मेरी बहन मेरे सामने एकदम नंगीं पड़ी थी | मैंने पहले तो उसे जी भर के देखा | उसका भरा हुआ बदन क्या गजब ढा रहा था | मेरा लंड एकदम हार्ड हो चूका था और खडा था | मन तो कर रहा था की वहीँ तुरंत चोद दूं लेकिन थोडा कण्ट्रोल किया मैंने और उसको फिर से किस करना शुरू कर दिया |

वो थोडा झिझकी लेकिन फिर मेरा साथ देने लगी | किस करते करते मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा | वो मना करने लगी तो मैंने बोला प्लीज न, सब थोडा सा | वो मान गयी | बस फिर क्या था, मैंने उसकी गर्दन पर किस करने के बाद उसके बूब्स को चूमना शुरू कर दिया | वो मस्ती में मेरा सर पकड कर ओने बूब्स चुस्वाने लगी | उसके निप्पलों का स्वाद बहुत अच्छा था | मैंने चुसना जारी रखा और उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा | उसने मेरा हाथ झटक दिया और बोली – भाईजान, वहां नही, बस ऊपर तक ही |

मैंने उसको फिर से किस करना शुरू किया तो वो गर्म होने लगी | उसके बूब्स को चूम के उसे और गर्म करके मैंने फिर सीधा निचे तरफ हाथ घुसेड दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा | उसने फिर से मना करना शुरू कर दिया लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और उसकी चूत के अन्दर अपनी एक ऊँगली डाल दी | शायद उसने कभी अपनी चूत चुदवाई नही थी क्यूंकि वो बहुत जोर जोर से सिर्फ एक ऊँगली के घुसने पर ही सिसकियाँ ले रही थी |

थोड़ी देर में उसे अच्छा लगने लगा और वो मजे से आहह हह हह ह ह ओह्ह हह ह हह ह ह हह ह उम् मम म मम म मम म्मम्मम म करने लगी | अब मेरा लौड़ा उसके सामने था | मैंने अपने लंड को उसके हाथ में दिया तो वो मना करने लगी | मैंने थोडा इमोशनल ब्लैकमेल किया और बोला – शिफ़ा, तुम मेरी ख़ुशी के लिए इतना नही कर सकती ? वो अब मना ही कर पाती | अपने कोमल हाथों में उसका मेरे लंड को पकड़ कर सहलाना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था | मैंने उसे मेरे टट्टे सहलाने के लिए कहा | वो ऐसे ही करने लगी | मुझे समझ में आ गया की अब वो भी एन्जॉय कर रही है ये सब कुछ |

अब मेरा लंड अपनी पूरी फॉर्म में आ चूका था | मैंने उसकी टांगों को फैला कर अपना लौड़ा उसकी चूत पर टिका दिया | मैंने एक धक्का दिया तो मेरा लंड उसकी चूत में आधा घुस गया | वो जोर जोर से रोने लगी | मैंने देखा की उसकी चूत से खून निकल आया था | मैं समझ गया की मैंने आज अपनी बहन की कसी गुलाबी चूत की सील तोड़ दी है | मैंने लंड बाहर निकाल लिया और रुमाल से अपने लंड पर लगा खून साफ़ किया | फिर मैंने उसकी चूत में लगा खून भी साफ़ किया और फिर से टिका कर एक जोर का धक्का दिया | इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस चूका था |

वो कराहने लगी तो मैंने उसको किस करना और उसके बूब्स को चुसना शुरू कर दिया | थोड़ी देर में वो थोडा नार्मल हो गयी तो मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए | वो अब भी सिसकियाँ ले रही थी और आह हह ह्ह्ह ह्ह्ह्ह उईइ भाईजान आराम से.. आहह हह हह ह उम् मम म म्मम्म मम ऊऊ उ ई ई ईईइ इ ईई ई कर रही थी | मैंने धीरे धीरे स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी और मेरी स्पीड के साथ उसकी सिसकियाँ भी बढ़ गयीं | कोई सुन न ले इसीलिए मैंने उसके मुंह को दबाया और जोर जोर से उसे चोदना शुरू कर दिया |

थोड़ी देर की चुदाई के बाद मेरे लंड से माल निकलने वाला हो गया और उसका भी चुद चुद के बुरा हाल हो चूका था | मैंने उसकी चूत से अपना लंड निकाला और साइड में जमीन पर अपना सारा माल गिरा दिया | मैंने अब उसको फिर से किस किया | मैंने देखा की उसके चेहरे पर एक मुस्कान थी | मैंने समझ गया की वो खुश है | दोस्तों, उस दिन के बाद जब बी हमें मौका मिलता है, हम बड़े प्यार से चुदाई के मजे लेते हैं | घर की बात घर में रहती है और दोनों को मजे मिल जाते हैं |