भाई ने चोदा और माल अन्दर गिरा दिया

भाई ने चोदा और माल अन्दर गिरा दिया ( Bhai Ne Choda Aur Maal Andar Gira Diya )

दोस्तों मेरा नाम माधुरी है, आज मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी आपको बता रही हु, पर दोस्तों क्या बताऊँ कल से मैं ये सोच सोच कर पागल हो रही हु की मैं सही किया की गलत किया, कभी लगता है सही किया कभी लगता है गलत किया, जबकि मैंने कुछ नहीं किया जो भी किया था मेरा भाई किया था, पर मैं भी गुनाहगार हु, क्यों की मैं भी मस्त लण्ड को पाकर मैं रोक नहीं पाई और मैं भी उस चुदाई में शामिल हो गई. पर शायद अभी भी मेरे भाई को लग रहा होगा की मैं सोई यानी की नींद में ही थी और वो चोद कर चला गया.

मेरी उम्र २१ साल है, मैं मुंबई के जुहू इलाके में रहती हु, मेरा भाई शक्ति मेरे से एक साल छोटा है, पर बहूत ही हरामी है. क्यों की मैंने उसको कई बार मोबाइल पर ब्लू फिल्म देखते हुए पकड़ा है और रात में उसको मूठ मारते भी देखा है. एक बार तो हद हो गया है. जब वो छत पर गया था और माँ का ब्रा और पेंटी वही धुप में सुख रहा था और वो माँ की ब्रा और पेंटी को उठा लिया और एक साइड पर जाकर वो सूंघ रहा था | आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |और अपने लण्ड को सहला रहा था. जब में ऊपर गई तो देखकर वो सकपका गया और बोला हवा चल रही थी इसलिए ये दोनों उड़ने ही बाला था इसलिए मैंने उठा लिया. मैं उसको घूरते हुए उसके हाथों से ब्रा और पेंटी ले ली.

बात यही ख़तम नहीं हुआ, मेरे यहाँ काम बाली आती है जब वो एक दिन पोछा लगा रही थी तो उसकी चूचियां उसके घुटने से दब कर बाहर हो रहा था और वो बैठ कर चादर तोड़ कर काम बाली के चूचियों को निहारते हुए वो लण्ड को हिला रहा था यानी की हस्थमैथुन कर रहा था. मैंने वहा भी उसको गौर से देखि तो वो उठकर नहाने चला गया.

दोस्तों अब मैं कहानी पर आती हु, पहले सोच रही थी की लिखू की नहीं लिखू की नहीं पर आज दिन भर मस्ताराम डॉट नेट पर दूसरों की कहानियां पढ़ने के बाद लगा की मैं भी अपनी कहानी को आपके सामने पेश करूँ क्यों की मुझे पता है मैं ये कहानी किसी को सूना नहीं सकती क्यों की इज्जत की बात है. और लोग क्या सोचेंगे, इसलिए मैं मस्ताराम डॉट नेट पे ही पब्लिश करवानी मुनाशिब समझी.

दोस्तों एक दिन की बात है. मेरी माँ पुणे गई थी. मेरे पापा की पोस्टिंग पुणे में हो गयी मेरे पापा गवर्नमेंट में एक बड़ी पोस्ट पर है | पापा की पुणे में ही तबियत ख़राब हो गयी तो मम्मी भी कुछ दिनों के लिए पापा के पास चली गयी |

मैं और मेरा भाई दोनों माँ को जुहू बस स्टैंड पर जाकर चढ़ा दिए बस पर और वापस घर आ गए. मैं थक गई थी इसलिए सो गई थी. और भाई टीवी पर फिल्म देख रहा था. जब मेरी नींद खुली तो देखि की वो टीवी पर एक एडल्ट मूवी देख रहा था. एक गोरा मिया मल्कोवा को चोद रहा था. और मिया मल्कोवा फ़क मि फ़क में हार्ड कह रही थी. और वो खुद ही अपनी चूचियां दबा रही थी. दोस्तों उस अंग्रेज का लण्ड बहूत बड़ा था. और मिया मल्कोवा को तो आप जानते ही होंगे वो खूब चुदवा रही थी.

आह आह आह आह आह कर रही थी. और वो बंद मिया मल्कोवा के गांड में जोर जोर से चाटा मारता और जोर जोर से पीछे से लण्ड को उसके चूत में पेल रहा था.

देखते ही मेरे तन बदन में आग लग गई. मैं अपनी चूचियां खुद ही दबाने लगी. मेरा भाई भी अपना लण्ड निकाल कर थूक लगा कर हिला रहा था वो एक तो मैं मूवी देख रही थी और दूसरी तरफ अपने भाई का करीब आठ इंच का मोटा लण्ड, मैं तो पागल होने लगी. लग रहा था की काश मिया मल्कोवा को चोदने बाला गोरा मुझझे ऐसे ही चोदता तो कितना मजा आता. यही सब मैं सोच रही थी. तभी भाई उठ खड़ा हो गया और मैं तुरंत आँख बंद कर ली ताकि उसको पता नहीं चले की मैं भी मूवी देख रही थी. मेरे कपडे तो आलरेडी अस्त व्यस्त थे. मेरी चूचियां बड़ी बड़ी बिना दुप्पटे के थी. पैर भी फैलाकर सोई थी. तो आप खुद ही सोचिये की क्या नजारा होगा. आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

वो उठा मैंने बहूत थोड़ा आँख खोल कर उसको देखने की कोशिश की ओम मेरी चूचियों को निहार रहा था और फिर मेरे चूत के पास भी देख रहा था मैं समझ गई की उसको अभी गर्मी चढ़ी हुयी है. इसलिए वो मुझे ऐसी घूर रहा है. मैं चुपचाप थी, ताकि वो समझे की मैं सो रही हु, पर मैं जगी हुई थी. अचानक वो झुक गया और अपने होठ को मेरे होठ के पास लाया, फिर वो अलग हो गया और फिर मेरी चूची के पास अपने हाथ को ले गया और फिर हटा लिया शायद उसको लग रहा था की अगर दीदी उठ गई तो क्या होता, वो दो तीन मिनट तक खड़ा रहा फिर हौले से मेरी चूचियों को छुआ, दोस्तों मेरे शरीर में विजली दौड़ गई. वो वही बैठ गया और हौले हौले से मेरी चूचियों को सहलाने लगा. करीब पांच मिनट तक ऐसे ही करता रहा फिर वो आराम से दबाने लगा.

थोड़े देर बाद वो मेरे कमीज के अंदर हाथ डाल दिया और मेरी चूचियों को दबाने लगा. मुझे बहूत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा. मुझे लग रहा की वो मुझे चोद दे. क्यों की अभी तक मूवी चल रही थी. और खूब जोर जोर से वो दोनों चुदाई कर रहे थी.

मेरी चूत तो पहले ही काफी गीली हो चुकी थी. मेरा भाई अब मेरी चूत पर हाथ रखा और वो जोर से सांस लिए और बोला वाओ, शायद उसको बहूत गर्मी का एहसास हुआ तभी मैंने करवट ले ली. वो मेरे पीछे आ गया और मेरे साथ ही सो गया. वो मेरे पीछे से मेरे गांड में लण्ड को रगड़ने लगा, मेरी मोती गांड गोल गोल चूतड़, के बिच उसका लण्ड भी महसूस हो रहा था. तभी वो मेरा नाडा खोल दिए और मेरी सलवार को नीच कर दिया. मैं ब्लैक कलर की पेंटी पहनी थी. दोस्तों क्या बताऊँ मुझे भी अपने भाई का लण्ड अपने चूत में लेने के लिए आतुर हो रही थी. उसने पहले मेरी चूतड़ को सहलाया, और फिर पेंटी को सरका कर निचे कर दिया.

अब मेरी गांड उसके सामने थी. मैं थोड़ा गांड को और फैला दी ताकि उसको दिक्कत नहीं हो और सोने का नाटक कर ही रही थी. उसके बाद क्या बताऊँ मस्ताराम डॉट नेट के दोस्तों, मैं तो हैरान हो गई उसका मोटा लण्ड जैसे मेरे चूत को टच की मेरी तो सिसकियाँ निकलने लगी. पर मैं फिर से अपने आप को संभाली और चुपचाप आँख बंद किये रही और उसने मेरे चूत पे लण्ड को सेट किया और हौले हौले से डालने लगा ताकि मैं उठ नहीं जाऊं, और धीरे धीरे कर के वो मेरे चूत पे अपना लण्ड पूरी तरह से घुसा दिया. अब मुझे मजा आने लगा उधर फिल्म भी देख रही थी और मेरा भाई भी फिल्म देखते देखते चोदने लगा.

मैं खूब मजे ले रही थी पर चुपचाप थी. करीब वो मुझे ऐसे ही बिस मिनट तक चोदा जब की मिया मल्कोवा के चूत पे पूरा का पूरा वीर्य नहीं डल गया वो भी मुझे चोद ही रहा था. उधर वो झड़ इधर मेरा भाई भी अपना सारा वीर्य मेरे चूत में डाल दिया, उस समय मैं भी झड़ चुकी थी. और फिर वो तुरंत ही उठकर बाहर चल गया. मैंने भी अपने कपडे ठीक से पहन लिए, ऐसे वो मेरे कपडे खुद ही ठीक कर दिया था. और वही लेटी रही तभी चाची आ गई और बोली आज मैं तुम्हारे यहाँ ही सोऊंगी क्यों की तुम्हारी मम्मी बोल कर गई है. यही सोने के लिए.

दोस्तों वो कल रात को यही सोई थी. भाई छत बाले कमरे में सोया था. सुबह ही वो कॉलेज चला गया था. आज रात को सोच रही हु की उसको अपने बाहों में जकड लू या तो रात की तरह से नींद का बहाना बना कर ही चुदवा लू |

आप भी बताये क्या करूँ जल्दी से जल्दी अपने अपने सुझाव निचे कमेंट बॉक्स में डाले |

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