चचेरी बहन के साथ मामा की लड़की भी चुद गयी

गतांग से आगे..

अगली बाज़ी फिर मैं जीता और सबसे गंदे पत्ते नेहा के थे। अब मेरी बारी थी बदला लेने की मैंने कहा : नेहा अब तुझे ये मुर्गा खाना पड़ेगा और उसे चिकन का एक टुकड़ा दे दिया। (मुझे अर्चना ने sms पर बता दिया था की उसे नॉन वेग नहीं चलता)
नेहा : मैं नहीं खाती ये सब ….
मैं : मैं भी मुर्गा नहीं बनता था पर बना था ना …
अर्चना : यार कुछ और करवा ले …

मैंने कहा मुझसे कोई रियायत नहीं बरती गई इसलिए मैं भी कोई रियायत नहीं बरतने वाला। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है और इस कहानी का शीर्षक चचेरी बहन के साथ मामा की लड़की भी चुद गयी है | अर्चना ने भी अपना दांव खेला और नेहा को बोल खा लो थोडा सा ये नहीं मानाने वाला और नेहा को कान में बोल सिर्फ मुह से अड़ा ले और इसकी खबर अपन दोनों लेते है। नेहा ने जैसा अर्चना ने कहा वैसा ही किया।

चचेरी बहन के साथ चुदाई का खेल फिर से सुरु हो चूका था

अब गेम फिर से शुरू हुआ और अबका गेम अर्चना ने जीता और मैंने हारा, अर्चना ने कहा अपना एक कपडा उतार दो।
मैंने चोकने का नाटक किया और बोल : क्या??????
अर्चना : हाँ अब हम तुझे नंगा कर देगे।
मैं : ये तो चीटिंग है, दोनों मिलकर मेरे खिलाफ खेल रही हो।
नेहा : नहीं हम सिर्फ गेम खेल रहे है और अलग अलग,,,,,,, तू नाटक मत कर और कपडे उतार
मैं यही चाहता था और मैंने शर्ट उतार दी।
अगली चाल फिर से अर्चना ने जीती और नेहा को बोला अब तुम्हारी बारी।
नेहा ने उसकी तरफ हैरानी से देखा तो अर्चना ने आँख मार दी। अब नेहा ने अपनी चुन्नी उतार दी।
फिर से चाल चली और इस चाल में मैं जीता, पर अर्चना अपने सारे रूपये हार गई और अब हर चाल सिर्फ डेयर की होनी थी।
अगली चाल में मैं फिर जीत गया और मैंने अर्चना को बोला अब तुम्हारी बारी है उतारो कपडे हमारे उतावाये थे ना। क्यों नेहा।
नेहा : हाँ अब उतार।
अर्चना ने अपने नाईट सूट का टॉप उतार दिया और नेहा का मुह खुला का खुला रह गया। अर्चना अब मेरे और नेहा के सामने सिर्फ ब्रा में थी और उसकी ब्रा इतनी छोटी और सेक्सी थी कि उसके बूब्स बाहर आ रहे थे। मेरा लंड झटके से खड़ा हो गया।
अब की बार अर्चना जीती और उसने नेहा को बोला अब तुम्हारी बारी है मेरी जान।
नेहा मना करने लगी तो अर्चना ने मुझे कहा भाई इसको पकड़ तो सही मैं इसके कपडे फाड़ देती हु। अपने को नंगा करने में मजे आ रहे थे खुद की बारी आई तो नाटक कर रही है।

नेहा : मुझे शर्म आ रही है और कोई बात नहीं है।
अर्चना : ले एक जाम और पी ले। और नेहा को एक जाम पिला दिया। और नेहा का कुरता उतार दिया।
नेहा के बूब्स इतने बड़े और शानदार थे मैं उन्हें देखता ही रह गया। अर्चना ने ब्रा के ऊपर से बूब को पकड़ा और बोली
अर्चना : तेरे साइज़ क्या है ? 36 b है न।
नेहा : हाँ।
फिर नेहा ने मुझे बोला क्या देख रहा है ऐसे?
अर्चना : शानदार बूब्स, और क्या?
मैं सकपका गया और वो दोनों हसने लगी। नेहा को देख कर मैं समझ गया की अब इस पर नशा हो गया है और ये भी मजा ले रही है।
फिर गेम शुरू हुआ और इस बार फिर अर्चना जीती।
उसने मुझे बोला चल मेरे राजा नंगा हो जा। मैंने अपनी शर्ट उतार दी, मैंने बनियान नहीं पहनी थी।
नेहा : ये तो जल्दी ही नंगा हो जायेगा। फिर दोनों हसने लगी।
फिर मैं जीता मैंने फिर से अर्चना को बोला मेरी जान उतार कपडे
अर्चना खड़ी हुई और अपना लोअर उतार दिया। उसने फूल के प्रिंट वाली पेंटी पहनी थी जो इतनी तंग थी की उसकी चूत के फूल उभर रहे थे।
वो फिर से बैठ गई और फिर चाल हुई इस बार मैं जीता फिर से।
मैंने नेहा को देखा और हवा में चुम्मा लेते हुए कहा मेरी छमिया उतार कपडे।
नेहा खड़ी हुई और अपनी सलवार उतार दी।
उसने नार्मल सी नीले रंग की रूपा की पेंटी पहनी थी। वो झट से बैठ गई।
नेहा : अब इस (मुझे देखते हुए) को तो मैं अपने हाथो से नंगा करुगी।
अर्चना : क्या आईडिया है? और नेहा को गालो पे चूम लिया फिर नेहा ने भी अर्चना के गालो को।
अर्चना : अब जो जीतेगा वो हारने वाले के कपडे उतारेगा पर हारने वाले की मर्जी का कपडा।
फिर गेम शुरू हुआ जिसे मैं हार गया और अर्चना जीत गई।
अर्चना मेरे पास आई और बोली : खड़ा हो।

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मैं खड़ा हो गया और उसने मेरा लोअर उतार दिया और नेहा को बोली : ये तो पहले से ही खड़ा है, मैं बिना बात के खड़ा होने को बोल रही थी।
यह कह कर मेरा लंड बॉक्सर के ऊपर से पकड़ लिया। मैंने नेहा की तरफ देखा वो भी मेरे उभार को बॉक्सर के ऊपर से घूर कर लंड का नाप ले रही थी।
फिर गेम शुरू हुआ और मैंने ध्यान दिया कि नेहा का ध्यान मेरे बॉक्सर पर ही है।
इसके कारण नेहा हार गई और अर्चना फिर जीत गई।
अर्चना ने नेहा के बालो का जुडा बनाया और उसके बूब्स को दबाने और सहलाने लग गई। नेहा भी आंख बंद करके मजा लेने लगी और मेरा हाथ अपने आप ही बॉक्सर में चला गया। अर्चना ने नेहा का ब्रा खोल दिया और सहलाने लगी। फिर अर्चना बोली : नेहा एक बार इस कमीने को भी छू लेने दे देख मुठ मार रहा है।
यह सुनकर मुझे और नेहा को झटका लगा और दोनों नींद से जागे। नेहा बोली : नहीं।
अर्चना : देख सिर्फ एक बार छू लेने दे ये ऐसे चुसेगा नहीं। और नेहा के लेफ्ट बूब को चूसने लगी।
नेहा जोर जोर से सिसकारी लेने लगी और अर्चना ने मुझे बुलाया, मैं उठ कर नेहा के पास गया और नेहा की आँखों में देखने लगा।
नेहा मुझे देख रही थी और सिसकारी ले रही थी, उसने कुछ भी रियेक्ट नहीं किया।
तभी अर्चना ने मेरा हाथ पकड़ कर नेहा के राईट बूब पर रख दिया। मैंने भी बिना मौका गवाए उसके बूब को मसल दिया जिससे नेहा की चीख निकली वो बोली आराम से। फिर मैं धीरे धीरे करने लगा। अब एक साइड अर्चना और दूसरी साइड मैं, दोनों नेहा के बूब्स से खेल रहे थे। तभी अर्चना ने नेहा का बूब छोड़ दिया जिससे नेहा की सिसकारी बंद हो गयी और वो कुछ संभली और मुझे दूर कर दिया।
नेहा : चलो गेम खेलो।
फिर नेहा जीत गयी और वो बोली मेरे जानू तू तो गया। उसके मुह से जानू सुनकर मैं और अर्चना खुश थे कि हमारा प्लान काम कर गया।
नेहा ने मेरा बॉक्सर उतारा और लंड से खेलने लग गयी।
अर्चना : नेहा चूस ले नेहा।
नेहा ने सर हिलाकर मना किया और मेरे सुपाडे पे चूमा दिया और जा कर अपनी जगह पे बैठ गई।
अगली बाज़ी सिर्फ नेहा और अर्चना के बीच थी। इसमें नेहा जीती।
नेहा ने अर्चना की ब्रा उतारी और उसके बूब्स को पकड़ा फिर छोड़ दिया।
अर्चना : क्या हुआ?
नेहा : चल गेम खेल।
अर्चना मुझे देख कर ) तू तो ले ले मजे ये तो गांडू है। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है और इस कहानी का शीर्षक चचेरी बहन के साथ मामा की लड़की भी चुद गयी है | मैं गया और उसके बूब्स को बारी बारी चूसने लगा। अर्चना पहले तो मेरे बाल सहला रही थी फिर जैसे ही उसने मेरे लंड को पकड़ा।
नेहा : बंद करो ये सब और गेम आगे खेलो।
नेहा की बात सुन कर मैं ये समझ गया उसको मजा तो आ रहा है पर वो हिम्मत नहीं कर पा रही है।
फिर गेम शुरू हुआ अब दोनों में से एक को नंगी होना था।
इस गेम में नेहा हार गई और अर्चना ने उसे नंगा कर दिया और लेटा दिया।
अर्चना ने नेहा की टाँगे फैला कर उसकी चूत में ऊँगली दाल दी। नेहा की हालत बुरी थी और उससे ज्यादा मेरी ये सब देख कर।
नेहा की आँखे बंद थी और वो मुह से आअहओअअह आवाजे निकाल रही थी। अर्चना ने मुझे बुलाया और मैं नेहा की चुद को चूसने लगा।
जैसे ही मैंने जीभ लगाईं नेहा ने झटके से मुझे दूर कर दिया। ये सब गलत है और उठ कर बाथरूम में चली गयी।
अर्चना : अपना ये प्लान तो चौपट हो गया।
मैं : नहीं मेरी जान, उसने गेम बंद करने को नहीं कहा ना उसने तुझे कुछ करने से रोका। वो भाई बहन की वजह से ये कर रही है।
अर्चना : फिर क्या करे?
मैंने अर्चना को एक लम्बा किस किया और उसे मेरी आगे की योजना बता दी।
2 मिनट बाद नेहा बाथरूम से बाहर आ गई। हम दोनों अपनी जगह पर थे।
अर्चना : नेहा आजा आखरी चाल है, अगर मैं हारी तो एक और होगी।
नेहा : अगर हम दोनों में से कोई हार गया तो?
अर्चना : जो हारा वो गुलामी करेगा।
नेहा : मतलब?
अर्चना : वो कल 11 बजे तक नंगा ही रहेगा और जीतने वाले की हर बात मानेगा।
मैं : नंगा सिर्फ एक क्यों? कपडे तो सब हार गए है और तीनो एक दुसरे को नंगा भी देख चुके है इसलिए सभी नंगे रहेगे।
अर्चना : मैं अभी पूरी नंगी नहीं हुई हु फिर भी तेरी बात सही है।
गेम फिर से शुरू हुआ और अबकी बार अर्चना हार गयी और नेहा जीत गई।
नेहा ने अर्चना की पेंटी उतार दी और बोली : ले हो गयी नंगी, बड़ी बाते बना रही थी।
नेहा : अरे तेरी झांटे नहीं है क्या?
अर्चना : आज ही साफ़ की है मेरी जान मुझे तेरी तरह जंगल पसंद नहीं।
नेहा : जंगल किधर है सिर्फ मैं पूरे साफ़ नहीं करती।
अर्चना : क्यों ?
नेहा : कटने का डर लगता है इसलिए।
मैं गेम शुरू करे। वो दोनों अपनी जगह पे बैठ गयी। इस बार जैसा मैं चाहता था अर्चना जीती और मैं हार गया।

कहानी जारी रहेगी …

मित्रो कहानी अभी बाकी है आगे की कहानी पढ़ने के लिए आप मस्ताराम.नेट को डेली पढ़ते रहिये मै रोज एक न्य अपडेट देता रहूँगा और हां आप अपने विचार निचे लिखे कमेंट बॉक्स में लिखना ना भूले |