Mastaram.Net

New Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ | Indian sex kahaniya

चचेरी बहन की कुवारीं गांड की चुदाई

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

चाचा की लड़की की पहले मालिश फिर चुदाई का सफ़र

दोस्तों अब तक आप सभी ने मेरी पिछली कहानी में पढ़ा जब अगले दिन का सोच कर अर्चना बहुत खुश थी और मैं रात का सोच कर क्युकी मैंने अर्चना को नीद की गोली खिला दी थी! रात को 1 बजे के आसपास दवाई अपना असर दिखा चुकी थी अर्चना गहरी नीद में थी मैंने उसके बड़े बड़े बूब को पकड़ कर सहलाना शुरू किया जब मुझे यकीन हो गया अब कुछ नहीं होगा तो फिर मैंने उसके निप्पल को पकड़ कर खीचा !

अब मैं आगे कदम बडाना चाहता था इसलिए मैंने उसके होठो को चूमना और चुसना शुरू कर दिया मुझे बहुत मजा आया पर जब मैंने अपनी जीभ डालनी चाही तो मैं नाकाम रहा! फिर मैंने उसके बटन खोल दिए और बूब को चूसने लगा और उसके निप्पल को काटने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था पर मेरा लैंड अब चड्डी फाड़ कर बाहर आने को फड़क उठा और मेरा उसको बाहर निकलना जरूरी हो गया वरना वो फट ही जाता मैंने अपना पायजामा और चड्डी निचे कर दी! फिर मैंने अर्चना का भी पायजामा खोलने की सोची पर उसको खोलना मुश्किल हो रहा था |

मैंने अपना मोबाइल उठाया और उसकी लाइट जला दी उसमे अर्चना का नंगा बदन निहारने लगा उसका नंगा बदन इस तरह निहारने में जो मजा आ रहा था वो शायद उसके बूब चूसने से ज्यादा मजेदार था! तभी मैंने देखा उसके लेफ्ट बूब पर S लिखा था मैं उसको देख कर सोचने लगा ये इधर क्यों लिखा है और इसका मतलब क्या है? फिर मैंने ज्यादा दिमाग नहीं लगाया और आगे बड़ा अब मैंने अपने हाथ उसकी गांड पर रख दिए और उन मुलायम मुलायम और भरे हुए तरबूजो को नोचने लगा और फिर अपना हाथ उसकी गांड के छेद पर ले गया और जैसे हल्का सा दवाब बनाया अर्चना हिली शायद उसको दर्द हुआ था पर दवाई के असर में वो जागी नहीं पर वो सीधी होकर लेट गई और अब मैं उसकी गांड नहीं छेड़ सकता था पर उसकी चुद को चाट सकता था मैं खुश हो गया और जैसे ही उसकी चुद चाटने के लिए अपना मुह ले कर गया मेरे मुह में उसकी चुद के बड़े बड़े बाल आ गए और मैं हट गया मैंने कहा क्या चोदु किस्मत है मेरी! और फिर सोने की सोची पर अपना विचार बदल दिया और उसके हाथ में अपना लंड दे दिया और एक हाथ से उसके हाथो मुठ मरने लगा उसके होठ चूस रहा था और बिच बिच में उसके बूब्स से खेल भी रहा था आज तक की बेस्ट मुठ मारी थी ये मैंने और इसका परिणाम ये था मेरे लंड ने हमेशा से ज्यादा वीर्य निकला जिसे मैंने उसके हाथो से उसके होठो पर लगाया पर मुह में नहीं डाल सका पर उसके दांत पर लगा दिया और फिर उसके कपडे सही करके सो गया!

अगले दिन सुबह मैं और अर्चना दोनों 11 बजे घर से निकल गए और फार्म के लिए रवाना हो गए! रास्ते में से हमने खाने पीने का सामान ले लिया और करीबन 12.30 तक हम फार्म पर पहुच गए! फार्म पर सिर्फ तीन तरफ चारदीवारी है और नदी की तरफ तारबंदी है अन्दर कोई कमरा या मकान नहीं है बस नदी की तरफ एक पीपल का बड़ा सा पेड़ है और फिर वो बरसाती नदी है उसके बाद खुला मैदान सा है! बारिश की वजह से चारो तरफ हरियाली थी और नदी भी अच्छी खासी बह रही थी ये देख कर अर्चना को मजे आ गए!

आप सब सोच रहे होगे कि मैंने रस्ते में कोई मजे नहीं लिए तो मैं आप सबको बतादू कि वो मेरी बहन है और हम दोनों के दरमियान आँखों की शर्म है इसलिए मैं वो सब नहीं कर सकता था हाँ ये जरूर है रास्ते में कई बार उसके बूब्स मेरे से टकराए थे पर वो मैंने जानकार नहीं किया था पर सच में मजा बहुत आया था! हमने सबसे पहले तो चद्दर को पेड़ के निचे बिछाया फिर उसपर सामन रख लिया ! आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है और इस कहानी का शीर्षक चचेरी बहन की कुवारीं गांड की चुदाई है | अर्चना ने मुझे कहा चल नदी में नहाते है मैंने उसे कहा – तू पागल हो गई है हम कपडे नहीं लाये और घर पर पिक्चर का बोल कर आये है घर पर क्या बोलेगे? अर्चना को मेरी बात समझ आ गई उसने कहा चल फिर कुछ खाते है मुझे भूख लग रही है तो हम खाने बैठ गए! खाने के बाद हम पेड़ का टेक लेकर बात करने लगे !

पहले तो हम इधर उधर की बात करते रहे फिर उसने मुझसे पूछा तेरी गर्ल फ्रेंड का नाम क्या है? मैंने कहा मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है इसपर वो बोली क्यों झूठ बोलता है? मैंने कहा तू जानती है मैं बॉयज स्कूल में था फिर कैसे बनती मेरी गर्ल फ्रेंड? उसने कहा तू सच बोल रहा है मैंने कहा हाँ तो वो हँसते हुए बोली फिर तो तेरे लिए मुझे ही कुछ करना पड़ेगा मेरी दोस्त को तेरी गर्लफ्रेंड बना देती हु मैंने कहा क्या फायदा वो उधर आबू धाबी में मैं यहाँ पर कहने के लिए थोड़ी न चाहिए! उसने तपाक से कहा फिर किसलिए चाहिए?

मैं झेप गया और फिर मैंने उससे उसके बॉय फ्रेंड के बारे में पूछा तो उसने मना किया मैंने कहा क्यों झूट बोल रही है मैं कोई बेवकूफ नहीं हु तो वो बोली नहीं यार पहले एक था पर अभी कोई नहीं है मैंने कहा क्यों क्या हो गया था तुम्हारे बीच! उसने मुझे जो बोला मुझे विश्वास नहीं हुआ वो बोली वो लिमिट से आगे बढ रहा था मैंने कहा मतलब वो बोली यार सेक्स में, मैंने हैरानी से पूछा – सेक्स में, तेरा मतलब वो तुझसे जिस्मानी सम्बन्ध चाहता था तो वो बोली नहीं यार वो तो थे उसके मुह से बेबाक बाते सुन कर मैं हैरान था और वो बोले जा रही थी यार वो आगे की जगह पीछे करना चाहता था मैंने मना किया तो फ़ोर्स करने लगा और हमारा ब्रेक अप हो गया!

अपनी बहन के मुह से ऐसी बाते सुन कर मैं जिधर हैरान था वही मेरा लंड तन कर उसको सलामी दे रहा था! तभी जोर से बारिश शुरू हो गई

बारिश शुरू हो गई थी बारिश एकदम से बहुत तेज शुरू हुई थी पेड़ बड़ा था पर फिर भी पानी हमारे ऊपर आ रहा था मैंने सबसे पहले चद्दर समेट कर एक थैली में डाल दी! बारिश में हम दोनों भीगने लगे अर्चना ने कहा चल अब तो भीग ही रहे है अब पानी में चलते है और हम दोनों नदी में चले गए क्युकी वो बरसाती नदी थी इसलिए वो ज्यादा गहरी नहीं थी उसका पानी बस हमारे सीने तक ही आ रहा था ऊपर से बारिश हो रही थी हम दोनों ने पानी में मस्ती शुरू कर दी! हम दोनों ने एक दुसरे पर हाथ से पानी फेकना शुरू किया मैं तेज तेज कर रहा था

इसलिए यह अर्चना को हार की तरह लगा और वो झट से पानी में अन्दर गई और तेर कर मेरे पीछे से निकली और मेरे पैर खीच कर मुझे गिरा दिया और जोर जोर से हसने लगी! मैं भी किधर पीछे रहता मैं भी उसे गिराने की कोशिश करने लगा पर वो संभल रही थी इसी सब में मेरा हाथ उसके बूब्स पर लगा उसका टॉप थोडा सा पतला था इसलिए वो पानी में ऊपर उठ रहा था मैं उसके पीछे गया और उसे पीछे से पकड़ लिया अब मैंने उसके सपाट पेट को पकड़ा हुआ था और उसे उठा कर पटक दिया फिर वो मुझे पकड़ कर गिराने लगी इन सब के बिच मैं जानबूझ कर उसके बूब्स और उसकी गांड को भी छू रहा था

हम करीबन 20-25 मिनट तक युही मजे करते रहे उसके बाद बारिश रुक गई और धुप निकल गई हम भी नदी से निकल कर बाहर आ गए!

अर्चना ने मुझे कहा अब क्या कहेगा घर पर? मैं चुप रहा क्युकी मेरा ध्यान उसके भीगे हुए शरीर पर था उसने सोचा की मैं डर रहा हु तू वो बोली देख धुप तेज है क्यों ना हम अपने कपडे थोड़ी देर के लिए सुखा दे लगभग आधे घंटे में सूख जायेगे बाकि हम बाईक पर जायेगे उस पर सूख जायेगे! मैंने उसे कहा और जब तक हम कपडे सुखाये तब तक क्या पहने तेरा सर? इधर कोई कमरा भी नहीं है। अर्चना ने कहा क्या फर्क पड़ता है बस हम दोनों ही तो है और आधे घंटे की बात है ज्यादा मत सोच, घर पर दिक्कत हो जाएगी उससे बचने का एक ही रास्ता है। मुझे लगा ये बात तो सही है सो मैंने शर्ट उतर दी मैं बनियान नहीं पहनता अब जींस खोलने लगा तभी मुझे ध्यान आया की मेरा लंड खड़ा हो गया तो फिर मैं खुद पे हंसा क्युकी इसी कारण से मैंने सुबह ही चड्डी की जगह सिर्फ बॉक्सर पहना था और मैंने जींस खोल दी दोनों को सूखने के लिए दीवार पर डाल दिया।

अब मैं पलटा और मेरी नज़र अर्चना पर गई वो मेरी तरफ पीठ करके कड़ी थी और शायद अपने टॉप के बटन खोल रही थी उसने अपना टॉप उतार दिया मुझे उसकी पीठ नज़र आ रही थी जिस पर सिर्फ पतली डोरी सी थी जो की उसकी ब्रा की थी ये देखते ही मेरा लंड ने बॉक्सर को तम्बू बना दिया। अर्चना का ध्यान नहीं था मेरी तरफ वो दूसरी तरफ मुह किये हुए थी तभी उसने अपने हाथ जींस पर रखे मेरे लंड की हरकत ने बता दिया की अब वो जींस उतरने वाली है ……..

ये भी पढ़े: मम्मी और दीदी की मस्त चुदाई

बारिश शुरू हो गई थी बारिश एकदम से बहुत तेज शुरू हुई थी पेड़ बड़ा था पर फिर भी पानी हमारे ऊपर आ रहा था मैंने सबसे पहले चद्दर समेट कर एक थैली में डाल दी! बारिश में हम दोनों भीगने लगे अर्चना ने कहा चल अब तो भीग ही रहे है अब पानी में चलते है और हम दोनों नदी में चले गए क्युकी वो बरसाती नदी थी इसलिए वो ज्यादा गहरी नहीं थी उसका पानी बस हमारे सीने तक ही आ रहा था ऊपर से बारिश हो रही थी हम दोनों ने पानी में मस्ती शुरू कर दी! हम दोनों ने एक दुसरे पर हाथ से पानी फेकना शुरू किया

मैं तेज तेज कर रहा था इसलिए यह अर्चना को हार की तरह लगा और वो झट से पानी में अन्दर गई और तेर कर मेरे पीछे से निकली और मेरे पैर खीच कर मुझे गिरा दिया और जोर जोर से हसने लगी! मैं भी किधर पीछे रहता मैं भी उसे गिराने की कोशिश करने लगा पर वो संभल रही थी इसी सब में मेरा हाथ उसके बूब्स पर लगा उसका टॉप थोडा सा पतला था इसलिए वो पानी में ऊपर उठ रहा था मैं उसके पीछे गया और उसे पीछे से पकड़ लिया अब मैंने उसके सपाट पेट को पकड़ा हुआ था और उसे उठा कर पटक दिया फिर वो मुझे पकड़ कर गिराने लगी इन सब के बिच मैं जानबूझ कर उसके बूब्स और उसकी गांड को भी छू रहा था हम करीबन 20-25 मिनट तक युही मजे करते रहे उसके बाद बारिश रुक गई और धुप निकल गई हम भी नदी से निकल कर बाहर आ गए!

अर्चना ने मुझे कहा अब क्या कहेगा घर पर? मैं चुप रहा क्युकी मेरा ध्यान उसके भीगे हुए शरीर पर था उसने सोचा की मैं डर रहा हु तू वो बोली देख धुप तेज है क्यों ना हम अपने कपडे थोड़ी देर के लिए सुखा दे लगभग आधे घंटे में सूख जायेगे बाकि हम बाईक पर जायेगे उस पर सूख जायेगे! मैंने उसे कहा और जब तक हम कपडे सुखाये तब तक क्या पहने तेरा सर?

इधर कोई कमरा भी नहीं है। अर्चना ने कहा क्या फर्क पड़ता है बस हम दोनों ही तो है और आधे घंटे की बात है ज्यादा मत सोच, घर पर दिक्कत हो जाएगी उससे बचने का एक ही रास्ता है। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है और इस कहानी का शीर्षक चचेरी बहन की कुवारीं गांड की चुदाई है | मुझे लगा ये बात तो सही है सो मैंने शर्ट उतर दी मैं बनियान नहीं पहनता अब जींस खोलने लगा तभी मुझे ध्यान आया की मेरा लंड खड़ा हो गया तो फिर मैं खुद पे हंसा क्युकी इसी कारण से मैंने सुबह ही चड्डी की जगह सिर्फ बॉक्सर पहना था और मैंने जींस खोल दी दोनों को सूखने के लिए दीवार पर डाल दिया।

अब मैं पलटा और मेरी नज़र अर्चना पर गई वो मेरी तरफ पीठ करके कड़ी थी और शायद अपने टॉप के बटन खोल रही थी उसने अपना टॉप उतार दिया मुझे उसकी पीठ नज़र आ रही थी जिस पर सिर्फ पतली डोरी सी थी जो की उसकी ब्रा की थी ये देखते ही मेरा लंड ने बॉक्सर को तम्बू बना दिया। अर्चना का ध्यान नहीं था मेरी तरफ वो दूसरी तरफ मुह किये हुए थी तभी उसने अपने हाथ जींस पर रखे मेरे लंड की हरकत ने बता दिया की अब वो जींस उतरने वाली है!…..

कहानी जारी है …आगे की कहानी पढ़ने के लिए निचे दिए गए पेज नंबर पर क्लिक करें..

loading...

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control