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दीदी के साथ सुहागरात मनाया

मस्तराम कहानी पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार । मैं मस्तराम का नियमित पाठक हूँ । मेरा नाम राजीव है । मेरे परिवार मे मम्मी पापा और मेरी प्यारी दीदी स्मिता है । मेरी स्मिता दी कि हाइट ज्यादा नही है । लेकिन देखने मे बहुत खूबसूरत है । दुबली पतली है । मैं अब सीधे अपनी सच्ची कहानी पर आता हूं । मैं बहूत दिन बाद अपना यूनिवर्सिटी परीक्षा दे कर छुट्टी बिताने घर आया था ।

घर पर सब हमको बहुत प्यार करते है । दीदी तो मुझे बहुत बहुत प्यार करती है । ऐशे ही घर पर बहुत अच्छे से परिवार के साथ समय बीतने लगा । इस बार दी कुछ ज्यादा ही सुंदर हो गयी थी । और इस बार मैं देखा कि जब मम्मी सब के साथ बैठ कर बात करता था तो दी अपनी सलवार में हाथ डाल कर चुत खुजलाती थी । हम दी कि ये आदत कई दिनों से नोटिस कर रहे थे ।

कई बार तो दीदी जब खुजलाती थी तो मेरा दी कि नज़र से भी मिल जाता था । और दी जल्दी से सलवार से हाथ निकल लेती थी । दी भी जान गई थी कि मेरा भाई देखता है । फिर भी दी ये आदत नही छोरी दी तो और ज्यादा ही खुजलाने लगी थी । ये सब देख कर मेरा मन अब दी को चोदने के लिए हो गया था । मैं दी कि नाम की मुठ भी मारने लगा था । मैं मौका ढूंढ़ने लगा कि अगर मम्मी पापा कहीं बाहर चले जाएं तो घर पर अकेले रहेंगे तो बात बन जाये । मैं प्लान सोचने लगा कि मम्मी पापा को कैसे कहीं घूमने भेजे । एक दिन हम सब ऐशे ही बैठे थे तो हम मम्मी पाप से बोले कि आप लोग नानी के घर से आ जाये ।

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बहुत दिन हो गया एक बार नानी नाना को देख के आ जाये । घर पर हम और दी रह लेंगे और दी भी बोली हाँ पापा । । बहुत कहने पर पापा मान गए । और पापा 4 दिन बाद ऑफिस से 1 सप्ताह की छुट्टी लेकर मम्मी के साथ नानी के घर चले गए । अब घर पर मैं और दी रह गए । उस दिन तो ऐशे ही बीत गया । दोस्तों मस्ताराम डॉट नेट पर भाई बहन की चुदाई से सम्बंधित हजारो कहानियां है | दूसरे दिन दी और हम दोपहर में खाना खा के बैठ कर बात कर रहे थे तो देखा कि दी मुझसे बात भी कर रही है और सलवार में हाथ डाल कर चुत खुजला रही है । ये देख मैं सोचा आज दी को बोल ही देता हूं क्या कर रही है । और मैं बोल दिया दी ये क्या कर रही हो । दी ये सुन के सरमा गयी । मैं दी से बोला कि दी पापा से बोल दे कि आपकी शादी करा दे ।

दी बोली क्यो हम बोले आप को हमेशा देखते है सलवार में हाथ डाल कर पता नही क्या करती रहती है । दी बोली अच्छा तुम येही सब देखते हो । तो हम बोले आप दिखा कर करती हो तो देखेंगे ही । हम फिर बोले पापा से बोल देते है कि दिदी को शादी करनी है तो दी बोली पलीज मत बोलना भाई नही तो सच मे शादी करा देंगे । मुझे अभी नही करना है । फिर हम बोले ठीक है है दी । और हम दी से बोले एक बात पूछे दी आप बुरा नही मानोगे तो दी बोली नही और फिर हम दी से बोले दी आपको सेक्स करने का मन करता है ना । ये सुन के दी गुस्सा हो गयी हम दी से बोले की शांत हो जाओ हम किसी से नही बोलेंगे । आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | दी बोली प्रोमिस तो हम बोले हाँ । तो दी बोली हाँ भाई बहुत मन करता है । तो हम दी से बोले हम पहले से जान गए थे । और हम बोले दी क्या मैं आपकी हेल्प कर सकता हूं । दी ये सुन के बोली कि तुम्हरे दिमाग ठीक तो है । क्या पागल जैसा बात बोल रहा तुम मेरे भाई हो । अगर कोई जान जाएगा तो क्या कहेगा । तो हम बोले कि अगर आप किसी को नही बताओगे और हम नही बताएंगे तो दूसरों को कैसे पता चले गा । दी बोली फिर भी मुझे नही करना है अपने भाई के साथ ।

बहुत समझाने पर दी बोली कि ठीक है लेकिन हम इसे स्पेशल बनाना चाहती हूं । तो हम बोले बोलो दी कैसा स्पेसल दी बोली मुझे सुहागरात मनाना है । तो हम बोले हां दी मैं भी यही चाहता हूं इसीलिए तो पापा मम्मी को नानी के घर भेजा हूँ । मैं चाहता तो ऐशे भी आपके साथ कर सकता था मैं समझ गया था कि आपकी मन बहुत कर रहा है । दी बोली बहुत समझदार हो गया है मेरा प्यारा भाई ।

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फिर हम बोले कब सुहागरात मनाएंगे तो दी बोली आज तो हम ये सुन के बहुत खुश हुआ । दीदी से बोला दी चलो तब जल्दी से मार्केट शाम होने वाली है । दी बोली ठीक है दी जल्दी से तैयार हुई और हम दोनों सब सामान खरीद के ले आये और खाना भी बाहर से ही ले के आ गए । फिर हम दोनों भाई बहन मम्मी पापा वाले रूम को फूलों से बहुत अच्छा से सजा दिए । और नई ब मबेडशीट व लगा दिए । फिर हम दोनों खाना खा लिए और दी बोली अब जाओ नाहा लो । और दी ने शेरवानी दी जो आज खरीदा था । बोली जाओ पहन लो और मैं दी से पूछे आप क्या पहनोगी तो दी बोली मम्मी की शादी का जोड़ा । हम बोले ठीक है आप भी नाहा लो ।

दी बोली एक घंटा बाद आना रूम में हम बोले ठीक है दी । फिर हम दोनों नहाने चले गए । फिर नाहा के तैयार हो के हम एक घंटा होने का वैट करने लगा । फिर समय हो गया हम रूम में जाने लगा रूम पहुंच कर धीरे से रूम खोल के अंदर चला गया । दी घूंघट लिए सेज पर बैठी थी । रूम में दी सुन्धित मोमबती जला दी थी । जो पूरा रूम को रोमांटिक बना दिया था । हम रूम बंद कर दिए । और हम बेड पर चले गए और अब मैं धीरे से दी घूंघट उठा दिया । दी बहुत खूबसूरत लग रही थी ।

मैं एक किश दी के सर पर लिया और बोला ई लव यू दी । दी भी टू यु फिर दी बोली एक और कमी पूरा कर दो हम बोले क्या दी तो दी बोली मेरी माँग भर दो हम रियल जैसा फील करना छाती हूँ ।

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