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मम्मो का मसला तो लंड जकड गया

मेरा नाम विभा है.. मैं कोलकाता में रहता हूँ। मैं आज आप लोगों को अपनी एक चुदाई की कहानी सुना रहा हूँ। यकीन मानो कि ये कहानी एकदम सच्ची है। ये मेरी और मेरी कजिन सिस्टर यानि चचेरी बहन की चुदाई की कहानी है। मैं दस दिनों के लिए अपनी मौसी के घर रहने गया था। जब मैं वहाँ पहुँचा तो सब बहुत खुश हुए। मेरी मौसी तो सबसे ज़्यादा खुश थीं.. क्योंकि वो मुझे सबसे ज़्यादा प्यार करती हैं। मेरी मौसी की बेटी प्रत्युषा भी बहुत खुश थी। मेरी मौसी की एक ही लड़की है। मौसा जी आगरा में जॉब करते हैं.. सो वो हफ्ते में एक बार ही घर आ पाते हैं।

दिन भर मैं ऐसे ही बातें करता रहा.. रात को खाना खाने के बाद टीवी देखने लगा।
मौसी बोलीं- तू हमारे साथ ही सो जाना।
मैंने ओके कह दिया।
वो सोने चली गईं। जब मैं टीवी बंद करके सोने गया तो मैंने देखा कि मौसी नीचे सो रही हैं और प्रत्युषा बेड पे सो रही है।
मैंने मौसी से पूछा- मैं कहाँ सोऊँ?
तब मौसी बोलीं- तुम बेड पर सो जाओ।

मैं बिस्तर के एक किनारे पर सो गया। अब तक मेरे अन्दर कोई भी ग़लत फीलिंग्स नहीं थी।
मुझे आधी रात को फील हुआ कि जैसे मेरे लंड को कोई सहला रहा है.. मेरी नींद खुल गई और मुझे पता चला कि वो हाथ प्रत्युषा के हैं।
मैंने उसके हाथ हटा दिए। लेकिन वो दुबारा मेरा हाथ पकड़ कर सहलाने लगी। अब मेरे अन्दर भी ग़लत फीलिंग्स आने लगीं, मैंने भी उसके हाथ को सहलाया। थोड़ी देर बाद वो मेरे हाथ को किस करने लगी और मेरे सीने से चिपक कर सो गई।

मैंने भी उसको अपनी बांहों में भर के उसके गालों पे किस किया, फिर उसने भी मुझे बांहों में भर लिया और मुझे किस करने लगी। मैंने उसके होंठों को भी किस करना शुरू कर दिया और एक हाथ उसकी छाती पर ले जाकर उसके मम्मों को सहलाने लगा। अब वो भी पूरा मस्त होकर मेरे होंठों को चूस रही थी। फिर मैंने एक हाथ उसके शर्ट के अन्दर डाल कर उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके मम्मों को मसलना शुरू कर दिया, इससे उसकी साँसें तेज़ हो गईं।

फिर मैंने उसके सूट को ऊपर उठा कर उसकी ब्रा खोल दिया और बारी-बारी से उसके दोनों मम्मों को चूसने लगा।
अंधेरे में कुछ भी नहीं दिख रहा था लेकिन बहुत मजा आ रहा था।
15-20 मिनट तक हम दोनों ऐसे ही करते रहे।
उसके बाद मैंने अपने एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी चुत को सलवार के ऊपर से दबाया। बहुत मजा आ रहा था, उस टाइम हम दोनों कोई बात नहीं कर रहे थे, बस मजा ले रहे थे।

फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल कर पेंटी के अन्दर हाथ डाल दिया और उसकी चुत को सहलाने लगा। उसकी चुत में छोटी और रेशमी झांटें थीं। मेरी बहन की चूत पूरी गीली हो गई थी। ये मेरा पहला एक्सपीरियेन्स था जब मैं किसी के साथ रियल सेक्स करने का मजा ले रहा था। इससे पहले मैं सिर्फ़ पॉर्न मूवी देख कर लंड को हाथ से झाड़ लिया करता था।
जब मैं उसकी चुत को सहलाने लगा तो वो अपने आपको रोक नहीं पाई और मेरे कान में बोली- ऐसे ही करो.. बहुत मजा आ रहा है.. बस जोर से रगड़ो!

मैंने भी उसकी क्लिट को जोर से रगड़ना शुरू कर दिया और उसकी सलवार को घुटने तक सरका कर उसकी चुत में उंगली डाल दी।
वो बोली- प्लीज़ धीरे-धीरे करो.. दर्द हो रहा है।
उसने मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया था।
मैंने उसकी चुत को दो उंगली से चोदना स्टार्ट किया। प्रत्युषा अपने एक हाथ को मेरे शॉर्ट्स में डाल कर मेरे लंड को पकड़ कर आगे-पीछे करने लगी। इस तरह फिंगरिंग करवाते हुए वो झड़ गई।

फिर वो मुझे नीचे करके मेरे ऊपर चढ़ गई.. मेरी बनियान को उतार दिया और अपने मम्मों को मेरी छाती से रगड़ने लगी.. किस करने लगी। तभी मैंने अपने शॉर्ट्स को नीचे किया और अपने लंड को उसकी दोनों जाँघों के बीच में घुसा दिया। प्रत्युषा ने अपनी दोनों जाँघों से मेरे लंड को दबा लिया।
कुछ देर बाद मैंने उसके कान में बोला- लंड लोगी अन्दर?
वो मना कर रही थी- नहीं, कभी नहीं लिया है।
मैं समझ गया कि इसका मन है।

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मैंने उसको अपनी नीचे लेटाया और उसके पैरों के बीच बैठ गया। प्रत्युषा की चुत को मैंने अपने हाथों से फैला कर चाटना चालू कर दिया, वो भी तड़प उठी, वो मेरे सर को पकड़ कर अपनी चुत में खींचने लगी।
मैंने उसकी चुत में अपनी जीभ डाल कर खूब चाटा.. बहुत मजा आ रहा था।
फिर मैंने प्रत्युषा के पैरों को फैला कर लंड को उसकी चुत की फांक में रख कर थोड़ा सा प्रेस किया.. तो सिर्फ़ लंड का टोपा अन्दर गया। अब मैं प्रत्युषा के ऊपर लेट गया और उसके मम्मों को मसलने लगा, चूसने लगा।
वो बोली- अब पेल दो अन्दर।

फिर मैंने एक जोर का झटका मारा, पूरा 6” का लंड अन्दर डाल दिया। इसी के साथ मैंने उसके होंठों को अपने मुँह में ले लिया ताकि कहीं आवाज़ बाहर ना आ जाए।
उसको काफ़ी दर्द होने लगा, मैं उसी तरह उसके लिप्स को चूसता रहा और मम्मों के निप्पलों को सहलाता रहा।
थोड़ी देर बाद मैंने लंड को हिलाना शुरू कर दिया।
फिर वो भी नीचे से अपनी गांड उठा कर मेरा साथ देने लगी।
मैंने प्रत्युषा से पूछा- कैसा लग रहा है?
वो बोली- कुछ मत पूछो.. बस जोर-जोर से करते रहो।
दस मिनट में वो झड़ गई और मुझे जोर से अपनी बांहों में जकड़ लिया।
लेकिन मेरा अभी तक नहीं निकला था। मैं उसको जोर-जोर से चोदता रहा और प्रत्युषा दुबारा गर्म हो गई और गांड उठा कर चुदवाने लगी।

फिर मैंने उसको अपने लंड के ऊपर बैठने को कहा। वो राज़ी हो गई और लंड के ऊपर बैठ गई, अब वो उछल-उछल कर चुदवाने लगी।
मैंने उसके सूट को ऊपर करके दोनों मम्मों को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर खूब दबाया और फिर वो मेरे ऊपर ऐसे ही लेट गई।
अब मेरा भी निकलने वाला था, मैंने उसको नीचे करके उसके पैरों को फैला कर लंड चुत में डाल कर उसको चोदने लगा।
मैंने उससे पूछा- कहाँ निकालूँ?
तो बोली- अन्दर ही डाल दो।
लेकिन कोई प्राब्लम ना हो इसलिए, मैंने लंड को बाहर निकाल लिया और सब माल उसके पेट के ऊपर गिरा दिया।

अब मैं उसके बगल में लेट गया और रात भर उसकी चुची चूसता रहा।
सुबह उसने अपनी पेंटी मुझे दिखाई, तो उसमें ब्लड लगा हुआ था।
वो पूछने लगी- कोई प्राब्लम तो नहीं होगी?
मैं बोला- पहली बार ऐसा होता है।
अगले दिन सुबह मेरे और प्रत्युषा के बीच में सब नॉर्मल बातें हो रही थीं लेकिन वो मेरे साथ ज्यादा हंस कर बात कर रही थी। इस दौरान मैं जब भी उससे अकेले मिलता तो चुपके से चींटी काट लेती थी। इस पर मैं बस हंस देता था, क्योंकि मैं सबके सामने उसे पढ़ाई के लिए बहुत डांटता था।

मौसी की हमेशा शिकायत रहती थी कि वो पढ़ती नहीं है.. दिन भर टीवी देखती रहती है। इस बात मैं उसे उसी वक्त डांट भी दिया करता था। उसके एग्जाम भी नज़दीक थे, इसलिए मौसी बोलीं- तुम ज़रा उसकी हेल्प करो और ज़बरदस्ती बैठा कर पढ़ाओ।
मैंने भी हाँ कर दिया। दस बजे मौसी को एक सत्संग में जाना था (नाम नहीं बताऊँगा) और मौसी उनकी सास को लेकर चली गईं। अब घर में सिर्फ़ मैं और प्रत्युषा रह गए थे।
मैंने प्रत्युषा को कहा- चल पढ़ाई स्टार्ट करते हैं।
वो बोली- नहीं टीवी देखेंगे।
लेकिन मेरे कहने से वो मान गई।

हम दोनों कमरे में आ गए और वो किताब खोल के बैठ गई। उस वक्त मेरे मन में कोई भी ग़लत थिंकिंग नहीं थी.. क्योंकि मैं डरता था कि दिन का टाइम है.. कोई भी आ सकता है।
लेकिन प्रत्युषा कुछ देर बाद बोली- कल आपने क्या किया मेरे साथ?
मेरा मुँह लाल हो गया और मैंने सॉरी बोलते हुए कहा- ग़लती हो गई, पर स्टार्ट तो तुमने की थी।
उसने बोला- अच्छा मैं तो सो रही थी, आप ही मेरे हाथों को सहला के किस करना शुरू किए थे।
तब मैं बोला- छोड़ो जो हुआ उसे भूल जाओ।
तो वो बोली- नहीं.. मैं नहीं भूलूंगी।
मैं बोला- क्यूँ?
तो वो बोली- मुझे अच्छा लगा था।

अब उसकी बातें सुन कर मैं भी थोड़ा हॉट हो गया।
मैंने उससे पूछा- सबसे अच्छा क्या लगा?
वो बोली- सब कुछ, पहले तो बहुत दर्द हुआ, पर उसके बाद बहुत मजा आया। आप सच में बहुत प्यार करते हो।
मैं बोला- क्या आज भी करेंगे?
वो बोली- आज क्यों.. अभी ही करते हैं।
मैं बोला- कोई आएगा तो नहीं?
वो बोली- अभी कोई नहीं आएगा।

मैंने अपनी बांहें फैला दीं और वो किताब साइड करके मेरी बांहों में आ गई और मैंने उसे बांहों में भर लिया। उसने भी मेरी छाती में अपना सर रख कर मुझे अपनी बांहों में भर लिया।
वो उस वक़्त एक पेंट और शर्ट (गर्ल्स वाली नाइट ड्रेस) पहने हुई थी। मैं उसकी पीठ सहला कर उसके माथे पे किस कर रहा था। पीठ पर हाथ फेरने से मुझे महसूस हुआ कि उसने ब्रा नहीं पहनी है।
मैंने उससे पूछा- ब्रा क्यों नहीं पहनी है?
वो बोली- आप के लिए..
मैंने पूछा- क्यों?

तो वो बोली- मैं जानती थी कि हम आज अकेले रहेंगे और सेक्स करेंगे।
तो मैंने बोला- वेरी स्मार्ट गर्ल।
प्रत्युषा- हाँ, आई एम स्मार्ट गर्ल।
फिर मैंने उसके चेहरे को ऊपर करके उसके लिप्स को किस करने लगा और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैं एक हाथ से उसके मम्मों को दबा रहा था। कुछ देर बाद मैंने उसकी शर्ट के बटन खोल कर मम्मों को खोल दिया। मैं उसके मम्मों को देख कर पागल हो गया।
उसके गोरे बदन पर दो ठोस बॉल और उस पर गुलाबी निप्पल भी बहुत क्यूट लग रहे थे।

वो उस वक़्त एक पेंट और शर्ट (गर्ल्स वाली नाइट ड्रेस) पहने हुई थी। मैं उसकी पीठ सहला कर उसके माथे पे किस कर रहा था। पीठ पर हाथ फेरने से मुझे महसूस हुआ कि उसने ब्रा नहीं पहनी है।
मैंने उससे पूछा- ब्रा क्यों नहीं पहनी है?
वो बोली- आप के लिए..
मैंने पूछा- क्यों?
तो वो बोली- मैं जानती थी कि हम आज अकेले रहेंगे और सेक्स करेंगे।
तो मैंने बोला- वेरी स्मार्ट गर्ल।
प्रत्युषा- हाँ, आई एम स्मार्ट गर्ल।

फिर मैंने उसके चेहरे को ऊपर करके उसके लिप्स को किस करने लगा और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैं एक हाथ से उसके मम्मों को दबा रहा था। कुछ देर बाद मैंने उसकी शर्ट के बटन खोल कर मम्मों को खोल दिया। मैं उसके मम्मों को देख कर पागल हो गया।
उसके गोरे बदन पर दो ठोस बॉल और उस पर गुलाबी निप्पल भी बहुत क्यूट लग रहे थे।

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मैंने उसे खड़ा किया और उसके दोनों मम्मों को दोनों हाथों से खूब दबाया।
वो बोली- प्लीज़ कल जैसे चूस रहे थे, वैसे ही चूसो ना।

मैंने उसकी शर्ट को बिल्कुल से अलग कर दिया और अब वो सिर्फ़ पेंट में मेरे सामने खड़ी थी। मैंने उसे बांहों में भर लिया और उसके नंगी पीठ को खूब सहलाया। मैं लगातार उसकी गर्दन पे किस कर रहा था और वो मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से मेरे लंड को सहला रही थी। इससे मेरा लंड भी बहुत हार्ड हो गया।

फिर मैं उसे छोड़ कर अपनी बनियान, शॉर्ट्स और अंडरवियर उतार के नंगा हो गया। उसने जैसे ही मेरे खड़े लंड को देखा, तुरंत पकड़ लिया।
प्रत्युषा बोली- भैया, क्या मस्त लंड है तुम्हारा, कितना मोटा है.. देखने से तो डर लगता है।
मैं- पर कल तो यही तुम्हारी चूत में गया था।
प्रत्युषा- इसी लिए इतना दर्द हुआ और बाद में तो इसने बहुत मजा दिया।

मैं- इसको मुँह में लेकर प्यार करो।
वो नीचे बैठ कर लंड चूसने लगी।
मेरी तो हालत खराब हो गई.. अह.. क्या मजा आ रहा था… वो साली लंड को एकदम लॉलिपॉप की तरह चूस रही थी।

कुछ देर बाद मेरे लंड का रस निकलने वाला था तो मैंने लंड उसके मुँह से निकाल लिया और उसके मम्मों को पर सारा रस गिरा दिया।
फिर मैंने उसको बांहों में भर लिया और उसकी पेंट और पेंटी निकाल दी। वो इस वक्त पूरी सेक्स की परी लग रही थी।

आप कल्पना करो कि एक लड़की को नंगी करने का बाद क्या नशा चढ़ता है। सेक्स का नशा शायद दारू के नशा से भी मस्त होता है।

फिर मैंने उसको बिस्तर पर लेटा दिया और बोला- मैं तुम्हारा बेबी हूँ.. मुझे अपना दूध पिलाओ ना!
प्रत्युषा मेरी तरफ मुँह करके बोली- ओके माय बेबी.. चलो मुँह खोलो और मेरा दूध पियो।

उसने अपनी एक चुची को एक हाथ से पकड़ कर मेरे मुँह में भर दिया और मैं मज़े से चुची चूसने लगा। साथ ही में एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा। उसकी चूत की रेशमी झांटें मुझे बहुत पसंद आ गई थीं।
कुछ ही देर में उसकी चूत पूरी गीली हो गई थी। मैंने उसका एक पैर अपनी कमर के ऊपर रख लिया और उसकी चूत को सहलाने लगा, फिर दो उंगलियों से चूत को चोदने लगा।
वो लगातार कामुक सिसकारियाँ भर रही थी और मेरे सर को अपने मम्मों पर दबाने लगी थी।

फिर मैंने उसको पीठ के बल लेटा दिया और उसके मम्मों को प्रेस करके और किस करते हुए नीचे की तरफ आ गया।
वो मेरे बालों में अपनी उंगली फेर रही थी और सिसकारियाँ भर रही थी।
जब मैं उसकी चूत के पास आया, तो पहले उसे एक किस किया और उसके दोनों पैरों को ऊपर करके फैला दिया। उसकी चूत के लिप्स फ़ैल गए और चूत के अन्दर की लालामी दिखने लगी। किसी चूत को देखने का ये मेरा पहला अनुभव था। इससे पहले मैंने सिर्फ़ पॉर्न मूवी में ही चूत मम्मे आदि देखे थे।

मैंने उसकी चूत में मुँह रख दिया और भूखे शेर की तरह चूत को चाटने लगा। वो भी पागल हो गई और मेरे सर को अपनी चूत में दबा कर चूत की खाज मिटवाने लगी।
कुछ देर चूत चटवाने के बाद वो अकड़ गई और उसकी चूत से गाढ़ा सफेद पानी निकलने लगा। चूत रस मेरे मुँह से लगा तो मैं रस सूंघने लगा।

जब मैंने अपना मुँह उठा कर देखा तो चूत झलाझल बह रही थी, मैं समझ गया कि वो झड़ गई है। मैं तुरंत उसकी चूत को चाटने लगा। उसका रस नमकीन और मस्त स्वाद का था। मैंने ये चीज़ पॉर्न मूवी में देखी तो थी लेकिन ये नहीं मालूम था कि चूत के पानी का स्वाद कैसा होता है। कुछ देर में वो ढीली पड़ गई।

मैंने उससे पूछा- कैसा लगा?
तो वो कुछ नहीं बोली और उसने बांहें फैला दीं।
मैं उसके ऊपर लेट गया, वो मुझे किस करने लगी और उसने कहा- आई लव यू।
मैंने भी चुदास के नशे में उसको ‘आई लव यू टू..’ कह दिया।

फिर मैं उसके ऊपर लेट गया और उसको किस करके उसके मम्मों को चूसने लगा। साथ ही मैं अपना मोटा लंड उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा। वो गर्म हो गई और बोली- प्लीज़ अब डाल दो अन्दर.. मुझे और ना सताओ। मैं उसके ऊपर से उठ गया और दोनों पैरों को फैला कर बीच में बैठ गया। उसको दोनों पैरों को ऊपर उठाने को कहा और उसने झट से पैर उठा लिए।

अब मैंने उसकी गीली चूत में अपना लोहे जैसे तना हुआ लंड अपने हाथ में पकड़ कर उसकी चूत में रगड़ने लगा। मैं उसको पूरा तड़पाना चाहता था। यही हुआ.. कुछ ही पलों में वो तड़पती हुई बोली- कितना तरसाते हो.. अब घुसा दो प्लीज़। मैंने लंड के टोपा चूत के अन्दर घुसा दिया। उसके मुँह से लंबी सिसकारी निकली- उम्म्ह… अहह… हय… याह… ऊऊऊऊ..

मैं धीरे-धीरे पेलता गया और उसकी सिसकारियाँ बढ़ती गईं। जब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया, तब उसकी चूत का हाल देखने लायक था। उसकी चूत एक मछली के मुँह जैसे हो गई थी और लग रहा था जैसे कोई सांप उसके मुँह में घुसा हुआ है। मैं लंड को धीरे-धीरे अन्दर-बाहर कर रहा था।

प्रत्युषा बोली- क्या कर रहे हो, ज़रा जोर से करो ना, बहुत मजा आ रहा है.. और जोर से चोदो मेरी जान!
मैं उसके ऊपर पूरा चढ़ गया और अपनी स्पीड थोड़ी तेज़ कर दी.. क्योंकि मैं उसको देर तक चोदना चाहता था।

मैंने धीरे-धीरे स्पीड को बढ़ाया, मेरा लंड पिस्टन की तरह अन्दर-बाहर हो रहा था, ‘छप.. छप..’ की आवाज़ भी हो रही थी और दोनों की साँसें टकरा रही थीं।

वो दोनों हाथों से मेरी पीठ और गांड सहला रही थी। मैं दनादन धक्के पर धक्का लगा रहा था। बीच में वो फिर से झड़ गई, पर मेरा अभी भी निकला नहीं था। फिर हम दोनों नीचे ज़मीन पर आमने-सामने खड़े हो गए, मैंने उसके एक पैर को उठा कर बिस्तर पर रख दिया, फिर सामने से मैंने अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया और इसमें मुझे बहुत मजा आया। अब मैंने उसको चोदना स्टार्ट किया, अगले 5 मिनट में मेरा माल भी निकलने वाला था।

मैंने पूछा- कहाँ निकालूँ?
वो बोली- अन्दर छोड़ दो।
मैं बोला- प्राब्लम हो गया तो?
फिर वो बोली- नहीं, मेरा पीरियड शुरू होने वाला है।

मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और बिस्तर पर सीधा लेट गया, फिर प्रत्युषा भी मेरे ऊपर लेट गई। मैं उसको किस कर रहा था और उसकी पीठ और गांड सहला रहा था। कुछ देर बाद वो मेरे बगल में लेट कर मेरे लंड को हिलाने लगी। मैं उसके मम्मों को पीने लगा और चूत को छेड़ने लगा। कुछ ही देर में हम दोनों फिर गर्म हो गए, मेरा लंड सख्ती से खड़ा हो गया था, अब वो मेरे लंड को किस करके मेरे लंड पर बैठ गई और अपनी गांड को ऊपर-नीचे करने लगी। उसके दोनों मम्मे हवा में हिलने लगे, बड़ा मस्त लग रहा था।

मैं आप लोगों को बता नहीं सकता, जिसने ऐसी मस्त चूत चोदी होगी, केवल वो ही इस मजे को समझ सकता है। सच में कितना मजा आता है, जब कोई लड़की लंड के ऊपर बैठ कर चुदवाती है।

फिर मैंने उसको उल्टा बैठने को कहा, तो वो उठ कर मेरे मुँह की तरफ पीठ करके लंड के ऊपर बैठ कर गांड को ऊपर-नीचे करते हुए चोदने लगी। मैंने उसके दोनों हाथ को पकड़ कर पीठ के बल मेरे ऊपर लेटा दिया और उसके दोनों मम्मों को दबाने लगा। उसकी चूत में लंड से दबा कर चोदने लगा। वो झड़ने वाली थी और इसलिए पलट कर फिर लंड के ऊपर बैठ के मेरे ऊपर लेट गई और जोर-जोर से अपनी चूत में लंड अन्दर-बाहर करने लगी। अंततः जब वो झड़ी तो मुझे जोर से पकड़ लिया, उसकी चूत में से गरम-गरम रस निकल रहा था, जो मेरा लंड में फील हो रहा था।

इधर मेरा भी झड़ने वाला था, फिर मैं उसको अपनी नीचे लेटा कर चोदने लगा। कुछ देर बाद मैं भी उसकी चूत में झड़ गया। झड़ने के बाद मैं उसके ऊपर लेट गया। हम दोनों ही हाँफ रहे थे जैसे कि 100 मीटर्स की रेस दौड़ कर आए हों.. हमें बहुत मजा आया। फिर हम हर रोज दिन और रात में दो बार सेक्स करने लगे थे। ये मेरी बहन की चुदाई की सच्ची कहानी है, इसमें एक शब्द भी काल्पनिक नहीं है।

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