पूरा डालो भाई बड़ी प्यासी है मेरी चूत

मे ने दीदी के हाथ हटा कर एक एक बूब एक एक हाथ मे पकड़ लिया और दबाने लगा दीदी बोली एयेए आराम से दर्द होता है लेकिन मे जानता था उन को मज़ा आ रहा है मे ने फिर उन को लिटाया और उन की शलवार भी खेंच कर उतार दिया दीदी ने अपनी गंद उठा कर मेरी हेल्प भी की, दीदी ने पैंटी नही पहनी थी और उन की चूत पर काफ़ी बाल थे. मे ने अपनी शॉर्ट भी उतार दी और लंड बाहर निकाल लिया और दीदी के साथ लेट गया हम दोनो फुल नंगे थे और एक दूजे के जिस्म की गर्मी महसूस कर सकते थे तब मे ने दीदी की तरफ पलट कर दीदी से कहा आप ने कभी चुदाई की है दीदी.. दीदी बोलीं तुम ये लफ्ज़ मत बोलो मे ने कहा दीदी नंगी लेटी हुई हैं आप चुदाई के लिए तय्यार तो फिर बोलने मे क्या है, अब तो मे भी आप को चोदुन्गा जब आप अपने मुँह से कहेंगी मुझे चोदो. दीदी बोलीं उफ्फ तुम केसी बाते करते हो, मे ने दीदी की चूत के बालो मे उंगलियाँ फिरानी शुरू कर दीं और उन की एक निपल अपने मुँह मे ले कर चूसने लगा, दीदी खूब गरम होने लगीं मे ने दीदी की चूत मे उंगली डालते हुए कहा दीदी इस को क्या कहते हैं? दीदी बोलीं मुझे नही पता, फिर मे ने दीदी के हाथ अपने लंड पर रख कर कहा और इस को?? कहा ना मुझे नही पता. मे ने दीदी पर से हाथ हटा लिए और सीधा लेट गया, दीदी बोली अच्छा बाबा तुम मुझे बेशरम बना के ही चोदो गे, मे खुश होगया और कहा बताओ ना तब वो बोली या बालों से धकि मेरी फुदद्दी है और वो तुम्हारा लंड है अब खुश?? मे ने कहा अच्छा दीदी आप ने कभी चुदवाया है? दीदी बोलीं नही बस ज़ुल्फी ने 2/4 बार उपर से हाथ घुमाया है, तब मे ने कहा दीदी आप चूत के बाल क्यों साफ नही करतीं? दीदी बोलीं करती हू लेकिन आज कल थोड़ी ठंड है और साफ करूँ तो शलवार भी टच होने से चिकनी चूत पर मैं गरम होने लगती हू. मे देख रहा था कि अब दीदी रिलॅक्स हैं और खुल के बात कर रही हैं थी मे ने कहा दीदी आप मेरा लंड मुँह मे लेंगी? दीदी बोली क्या ज़रूरी है? मे ने कहा नही लेकिन मे भी आप की चूत चाटुन्गा दोनो को मज़ा आए गा, तब दीदी उठ गई और मेरा लंड सहलाने लगीं बोली कितना लंबा है ना तुम्हारा और मोटा भी थोड़ा सा राइट पर बेंड भी हुआ है, मे ने कहा दीदी 7 इंच से थोड़ा सा ज़्यादा है, और मोटा तो आप की चूत कर सोच कर हो गया है.  फिर दीदी ने थोड़ा झुक कर लंड को ज़ुबान से टच किया और मे ठंडक के उस अहसास से और भी गरम हो गया, फिर दीदी ने पहले लंड का टॉप और आहिस्ता आहिस्ता आधा लंड अपने मुँह मे ले कर चूसना शुरू कर दिया, मे एक ही वीक मे अपनी दूसरी बहेन को चोदने वाला था, फिर दीदी ने ज़ोर ज़ोर से और आगे तक लंड चूसा और मुझे अंदाज़ा होगया कि वो पहली बार नही चूस रही बल्कि ज़ुल्फी का भी चूस चुकी हैं. जो कि बाद मे उन्हों ने बताया भी, फिर मे काफ़ी नज़दीक आ गया था छूटने के और मे ने दीदी को हटाया और उन को लेटा कर उन की लेग्स के बीच आ गया और मुझे एक अजीब सी स्मेल उन की चूत से आती महसूस हुई जो कि कुछ तेज थी जैनब और नूर की चूतो से, शायद या उमर की वजह से था मे ने दीदी की चूत के बाल हटा कर चूत के लिप्स खोले ज़ुबान से टच किया चूत के बीच दीदी ने एक गहरी साँस ली और फिर मे ने अपने अंगूठे सेउनका क्लिट सहलाया और ज़ुबान उन की चूत के होल मे डालने लगी और मेरी ज़ुबान अंदर जाने भी लगी और मुझे दीदी के लव जूस का टेस्ट भी आनें लगा जो कि कुछ फीका लेकिन ताज़ा सा था, मे ने कुछ 5 मिनट दीदी की चूत चाटी और एक ओर फिर दो उंगलियाँ उन की चूत मे डाल का आगे पीछे करने लगा और साथ ही उन के क्लिट को ज़ुबान से चाट भी रहा था दीदी बर्दाश्त नही कर पाई और अपना पानी छोड़ दिया. अब मे ने फिर दीदी के साथ किस्सिंग की उन की चुचियों दबाई और फिर एक पिल्लो उन की गंद के नीचे रख दिया जिस से उन की चूत उभर कर उपर हो गई, दीदी बोली मे ने सोचा भी नही था पहला लंड मेरी चूत मे मेरे भाई का जाएगा हां लेकिन एक साल तक मे वेट नही कर सकती, ज़ुल्फी भी वहाँ खूब चुते चोद रहा होगा मे जानती हू, मे ने दीदी से कहा दीदी मे आराम से करूँ गा आप आवाज़ कम रखिएगा, मे ने ड्रेसिंग टेबल से क्रीम ली और अपने लंड और दीदी की फुददी मे अच्छी तरहा लगा दी, और फिर मे ने दीदी के उपर आ कर लंड को फुददी पर सेट किया और दीदी के उपर लेट कर मुँह से किस्सिंग करने लगा. मे ने आहिस्ता आहिस्ता लंड को अंदर करना शुरू किया और मेरा टोपा अंदर चला गया दीदी ने थोड़ा मचलना शुरू कर दिया था इसलिए मे ने एक तेज धक्का मारा और मेरा आधे से ज़्यादा लंड अंदर था | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | दीदी ने कुछ आह ऊह की लेकिन मे रुका रहा जब तक कि वो कुछ शांत ना हो जाए, दीदी कुछ रिलॅक्स हुईं और मे ने दीदी की चूत मे अपना लंड और भी अंदर कर दिया और फिर रुक गया, दीदी की आँखों मे आँसू थे और तकलीफ़ का अहसास उन के चेहरे से ही हो रहा था, मे ने फिर आहिस्ता आहिस्ता आगे पीछे होना शुरू किया और दीदी को और तकलीफ़ होने लगे जो कि अगले 3/4 मिनट मे कम से कम होती गयी और फिर मैने अपना मुँह दीदी के मुँह से हटा लिया और हल्के हल्के धक्के उन की चूत मे मारने लगा उन को भी अब मज़ा आ रहा था और वो मुझे मेरी बॅक से टच करती जा रहीं थी. मे ने उन की नेक पर किस की और कहा दीदी मज़ा आ रहा है ना? वो बोलीं हां भाई बहुत मज़ा आ रहा है इतना तो कभी नही आया और ना ही सोचा था, थोड़ा दर्द है हां लेकिन करते रहो, मे ने कहा दीदी क्या करता रहू? दीदी बोली ये अपना लंड मेरी चूत मे अंदर बाहर करते रहो और मेरी आँखों मे देख के मुस्कुराने लगीं, दीदी की चूत बहुत टाइट थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मे ने स्पीड तेज कर दी और दीदी भी अब मेरा साथ देने लगीं हां ज़ोर से मेरे भाई.. और ज़ोरर से पूरा डालो भाई बड़ी प्यासी है मेरी चूत और मुझे बहुत तड़पाती है. फिर मे करीब आने लगा छूटने के और मे ने लंड एक दम निकाल लिया,दीदी एक बार पानी निकाल चुकी थी और दूसरी बार के करीब थीं शाएेद, दीदी बोलीं हााआ क्या हुआ क्यों निकाल लिया मे ने कहा आपके पीछे से करूँ गा आप घोड़ी बन जाएँ दीदी बोलीं नही मेरी टाँगों मे जान नही है, तब मे ने कहा अच्छा मे नीचे लेटता हू आप मेरे उपर आ जाए, मे नीचे लेट गया और दीदी को मे ने लंड पर बैठा और इसबार भी लंड काफ़ी मुश्किल से गया उन की चूत मे लेकिन जाने के बाद पूरा अंदर चला गया और दीदी मेरे उपर लेट गयी और उन की लेग्स सिडेज़ मे फोल्ड थीं अब मे ने दीदी की हिप्स पर हाथ रख कर उन को आगे पीछे करना शुरू किया और दीदी को मज़ा आने लगा तो वो खुद भी उपर नीचे होने लगीं. फिर मे भी करीब था और दीदी जैसे जल्दी जल्दी अंदर ले रही थी मेरा लंड उस से पता चल रहा था कि वो भी करीब हैं और फिर मे और दीदी साथ साथ ही फारिग हो गए, और दीदी मेरे लंड से जो अभी भी आधा टाइट ही था उतर कर साइड मे लेट गयी, मे उठा और बाथरूम से खुद को धो के वापस आया तो दीदी अभी भी बेड पर बेसूध पड़ी थी और मेरा और उन का कम उन की चूत से बह कर बाहर आ रहा था मे ने दीदी से कहा दीदी जाओ धो कर आ जाएँ 4:30 हो रहे हैं, दीदी बड़ी मुश्किल से उठीं और बाथरूम मे चली गई, मे ने उन की ब्रा और शलवार उठाई और बाथरूम मे उन के पीछे गया दीदी ने डोर आधा खुला ही छोड़ दिया था और वो पिशाब कर रही थीं और फिर अपनी चूत धोने लगीं मे ने गरम पानी का शावेर खोला और उन के कपड़े हुक पर लगा कर नहाने लगा दीदी भी आ गई और हम साथ मे नहाए. और मे बाहर आया और दीदी ने अपनी शलवार और ब्रा पहनी और वो भी आ गयी, मे ने जानबूझ कर उन को कमीज़ नही दी थी और फिर मे और वो लेट गए और मे उन की चुचियों ब्रा के उपर से दबाता सो गया, नेक्स्ट मॉर्निंग दीदी कब उठीं मुझे नही मालूम हां लेकिन नाश्ते पर दीदी मुझ से नज़रें नही मिला रही थीं, फिर हम रूम मे वापस आए मे ने दीदी से कहा दीदी क्या हुआ वो बोली नही भाई ये सब ठीक नही जो हम ने रात को किया अब कभी ऐसा सोचना भी मत, मगेर जब वो ये कह रही थीं मेरा एक हाथ तब भी उन की चुचियों पर था उन्हों ने वो हाथ हटा दिया और किचन मे चली गयी, शाम को भी उन का मूड ठीक नही था फिर रात को मे रूम आया तो दीदी सो रहीथी मे रोज की तरहा 2 बजे नूर के रूम मे गया आज भी नूर ही थी मे ने उस को चोदा और पहली बार कम उस के मुँह मे छोड़ा, और फिर वापस आया और अपने बेड पर लेट गया. मुझे कुछ 10 मिनट हुए हों गे नींद भी नही आ रही थी जब मुझे अपने लंड पर कोई हाथ महसूस हुआ, वो दीदी ही थीं मे ने एक दम उठ कर उन को गले लगा लिया और उन के बेड पर चला गया, हां लेकिन अगली रात मुझे दीदी ने रात मे कहीं नही जाने दिया और नूर और जैनब ने मुझ से पूछ लिया नेक्स्ट डे का क्या हुआ दिल भर गया क्या? दोस्तो फिर उस रात दीदी मुझे पागलो की तरहा चूम रही थीं, कहने लगीं नही मेरे भाई नही होता कंट्रोल तुम ने मुझे ये क्या कर दिया है? बस फिर विदिन मिनट हम ने अपने अपने कपड़े उतार दिए थे और दीदी मेरे डिक को सहला रही थीं और मे उन की चुचियों दबा रहा था, फिर तुम 69 पोज़िशन मे आ गये और दीदी फुल गरम हो गई थीं हर कंट वाज़ जस्ट डिपिंग, मे भी अभी अभी चुदाई कर के आया था लेकिन दीदी का लंड पर ज़ुबान से लिक्क करने से मेरा लंड फिर एक बार जाग उठा था. मे ने उन्हे सीधा किया और एक तकिया उनके चुतडो के नीचे लगा दिया, और मे ने लंड अंदर डाला ही था कि दीदी मुझे हटाने लगीं, बोलीं नही हटो दर्द हो रहा है, मे ने कहा हां 2/4 बार तो होगा ही थोड़ा सा फिर मैने एक और धक्का मारा मे ने दीदी का लव जूस ही थोड़ा सा अपने लंड पर फैलाया और तब इस बार आराम से अंदर चला गया था पूरा, मे आगे पीछा करने लगा और और दीदी लज़्ज़त भरी सिसकियाँ ले रही थीं. फिर उन्हों ने अपने हाथों से मेरे हिप्स पर पुश करना शुरू कर दिया शी वांटेड मोर न मोर आंड फास्टर न हार्डर, हां भाई हाँ और ज़ोर से, और ज़ोर से, और फिर दीदी ने मुझे जाकड़ लिया और मे ने धक्के लगाने रोक दिए, मुझे अपने लंड पर एक शावेर सा फील हुआ और दीदी की चूत कुछ और गीली हो गयी, जो लोग रेग्युलर चुदाई करते हैं वो जानते हैं कि बहुत कम दफ़ा मर्द को फील होता है फीमेल का रिलीस, हां पर जब फील हो तब जान लेना चाहिए कि आप ने अपने पार्ट्नर को खुश कर दिया है. दीदी को पूरा पसीना आ गया था मे ने उन को लिप्स पर चूमा और फिर कहा दीदी अब आप को पीछे से करूँ? दीदी बोली कैसे? मे ने कहा आप अपने हाथों और घुटनो पर खड़ी हो जाए घोड़ी की तरह (लाइक आ बिच तो कह नही सकता था ) मे उठा उन पर से और कुछ नरम होते लंड को फिर से तय्यार करने लगा दीदी पलट गई आंड नाउ शी वाज़ ऑन ऑल फोर. मेने उन से अपनी कमर थोड़ी और झुकाने को कहा जिस से उन की चूत कुछ बाहर आ गई. जो गीली तो थी ही मे ने फिर एक बार लंड डाल दिया और दीदी की कमर पर हाथ रख कर उन को अपने लंड पर पुश करने लगा, और चन्द ही लम्हों मे हम एक नाइस रिदम मे थे दीदी खुद आगे होती और मे उन को पीछे खिचता, लंड पूरा अंदर जा रहा था दीदी के चुतड मुझ से टकराते तो आवाज़ भी आ रही थी, मे फुल फ्लो मे था और जानता था कि मे इतनी जल्दी फारिग नही होउँगा, मे अपने धक्के कम या ज़्यादा कर रहा था और दीदी मेरा पूरा साथ दे रही थीं. मे दीदी की चुचियोंको मसालने लगा और दीदी भी कभी मेरे लंड को भीच रही थी अपनी चूत मे और कभी आज़ादी दे रही थीं, ये कहने को छूटी बाते हैं लेकिन ये छोटी छोटी घटनाए सेक्स से कभी आप को बोर नही होने देती. कुछ 4/5 मिनट और गुज़रे और मे कुछ करीब था मे ने दीदी से कहा दीदी मे थक गया हू आप मुझे सक कर के फारिग कराओ ना, आक्च्युयली मे उन के मुँह मे छोड़ना चाहता था जैसे अभी नूर का मुँह भर के आया था, दीदी रुक गयी और मे ने लंड निकाला उन की चूत से और मे बेड पर क्रॉस ही लेट गया | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | दीदी पलटीं और मेरा लंड पकड़ा जो उन की ही चूत के रस मे डूबा हुआ था और मूठ मारने लगीं और फिर थोड़ा झुक का मुँह मे ले लिया, और पूरा नीचे तक मुँह मे लेने की कोशिस कर ने लगीं, लंड अभी अभी गरम चूत मे से निकला था और दीदी का ठंडे ठंडे मुँह का अहसास लंड पर अजीब से गुदगुदी कर रहा था. मे ने उन का सिर पकड़ लिया और जब पूरा लंड उनके मुँह मे था तो मैने रोक दिया और 2/4 सक के बाद चोद्ता जिस से उन की साँस भी चलती रहे और मुझे सकिंग की फुल फीलिंग मिले, और दीदी सच मे सक कर रही थीं मुझे फील हो रहा था वो पूरी तरहा साँस अंदर खिचती जब लंड मुँह मे होता जिस से मुझे लग रहा था मुझे मे से जान भी निकल कर उन मे चली जाएगी. और फिर मे छूटा मे ने दीदी को मुँह नही हटाने दिया और पहली दो फुर्रियाँ तो सीधी उन के हलक़ तक गई और उस के बाद मे काफ़ी कम उन के मुँह मे गिरा और फिर जब मे ठंडा पड़ गया तो मे ने उन का सिर छोड़ा और दीदी हट गई और सीधी बाथरूम की तरफ़ गई. मे लेटा था मुझे बातरूम की लाइट जलती और फिर पानी की आवाज़ आती पता चली, दीदी शायद मुँह सॉफ कर रही थीं, फिर वो वापस आईं और बेड पर बैठ कर अपनी शलवार सीधी कर के पहनने लगीं. तब मे भी उठा और बाथरूम चला गया, वापस आया तो दीदी बेड पर ही बैठी थीं ब्रा पहन चुकी थीं. मे उन के पास उन की टाँगो पर सिर रख कर लेट गया और वो मेरे बालो मे हाथ फेरने लगीं, मे ने कहा दीदी आप ने तो मना कर दिया था लेकिन मे जानता था आप नही रोक पाएँगी खुद को, दीदी बोली क्या रुकू उंगली से अब मज़ा ही नही आता, मे ने कहा तो फिर अब तो मना नही करेंगी ना? दीदी कहने लगीं नही करूँगी, हां लेकिन कहीं जाने भी नही दूँगी, मेने कहा मतलब? कहने लगीं 12 बजे ही आ जाना और मुझे जब तक तुम्हारा दिल चाहे तो सुबह तक संभोग करना, मे ने कहा आप का मतलब है आशिया और जैनब के रूम मे ना जाऊं? कहने लगीं हां, मे ने कहा ठीक है नही जाऊं गा लेकिन एक बात आप को मेरी भी माननी पड़ेगी, वो क्या? दीदी ने पूछा, वो ये कि आप जैसे मे कहू आप वो करेंगी, मुझे पूरा मज़ा देंगी और हम साथ मे बैठ का XXX मूवीस भी देखेंगे. दीदी बोली मुझे मंजूर है, 11 बजे तक डिन्नर से मे किचन से फारिग हो जाती हू, टीवी देखो बाते करो लेकिन 11:45 तक रूम मे आ जाना, मे ने कहा जैसे मेरी दीदी कहे, मे ने उन को झुका कर उन के लिप्स पर किस की और उठ कर अपने बेड पर आ गया. और थोड़ी ही देर मे सो गया…………….. सुबह सनडे था और सब की छुट्टी थी मुझ से शाब्बो ने पूछा क्या हुआ है तुम थके थके लग रहे हो, मे ने कहा यार एक प्रोबॅलम है तुम ही कहो मे क्या करूँ? फिर मे ने उस को इशारा किया और वो मेरे साथ बाहर लॉन मे आ के बैठ गई झूले पर और मे ने उस को बता दिया नैना दीदी के बारे मे पहले तो वो सुन कर हैरान हो गई कि शाज़ी दीदी जो इतनी सीरीयस रहती हैं ऐसे भी कर सकती हैं फिर मे ने उस से कहा हरसद भाई का साथ कहाँ तक पहुच गया बता तो वो बोली जहाँ तक तुम्हारे साथ पहुचा है, ही ईज़ वेरी लविंग, हां लेकिन मे ने कहा अब नैना दीदी का क्या करूँ? वो बोली कुछ तो करना ही होगा नही तो नूर अकेली पड़ जाएगी, और उस की बेवकूफी से भंडा भी फुट सकता है, फिर उस का भी तो देखो . मे एक काम करती हू मे हरसद को बुलाती हू अपने रूम मे और नूर को उस से ही करवा देती हू, या तुम दीदी को राज़ी करो हमारे रूम मे आने के लिए तो तुम दीदी और नूर को एक साथ चोद सकते हो, मे ने कहा नही दीदी नही मानेंगी जब वो मुझे शेअर करना ही नही चाह रहीं. तो शॅब्नम ने कहा क्यों ना हम सब एक ही रूम मे एंजाय करे?? कोई भी किसी को भी चोद सके गा हरसद को मे मना लूँगी और तुम दीदी को हरसद को2 और चूते मिलती नज़र आएँ गीं तो वो तो चू भी नही करे गा, और दीदी के लिए हम ये कर सकते हैं कि नूर आ जाए तुम्हारे रूम मे जब तुम दीदी को चोद रहे हो या हरसद को मे भेज दूं क्या बोलते हो? मे ने कहा कह तो ठीक रही हो लेकिन सब एक रूम मे हुआ तो अम्मी को भी पता चल सकता है, हां ये तो तुम सही कह रहे हो जैनब ने कहा लेकिन क्या आंटी को ही शामिल कर लें सारा झांजाट ही ख़तम हो जाए गा, मे ने कहा क्या बोल रहे हो?? अरे यार तुम्हारे डॅड आते हैं साल मे 2 बार तो आंटी भी तो मिस करती हों जी ना सेक्स वेसे भी शी ईज़ 40+ लेकिन तब भी वो अच्छी शेप मे हैं, क्यों तुम्हे सेक्सी नही लगती आंटी?? मे ने कहा हां लेकिन तब भी वो माँ है और वो नही माने गीं. मे और जैनब किसी नतीजे पर नही पहुच सके हां लेकिन, उस शाम कुछ यूँ हुआ कि मोम किचन मे गिर गई और उन को काफ़ी चोट लगी केमर और बाज़ू मे, घर मे सब ही परेशान हो गए थे, डॉक्टर के पास ले जाया गया और रात तक भी घर का महॉल टेन्स ही था, रात को सब सो गए और जैनब ने कहा मे आंटी के पास सो जाऊं गी अगेर उन को रात को कुछ ज़रूरत पड़े, अम्मी को काफ़ी पेन किल्लेर्ज़ दी थीं डॉक्टर ने तो वो जल्द ही सो गई, और हम सब भी. नेक्स्ट डे सब अपने काम पर चले गए और शाम तक अम्मी की तबीयत काफ़ी ठीक थी हां लेकिन पेन तो था ही बाज़ू डिस्लकेट हो गया था और कमर मे भी काफ़ी चोट लगी थी, हां पर उस रात अम्मी के बेडरूम मे क्या हुआ उस तरफ फास्ट फ़वड करते हैं, अम्मी लेती हुई थी और उन के साथ ही जैनब भी, अम्मी ने कहा बेटी तुम भी बेआराम हो रही हो मेरी वजह से, सो जाओ मुझे नींद आए गी तो मे भी सो जाऊं गी, शाब्बो ने कहा नही आंटी मुझे भी नींद नही आ रही, तभी शाब्बो आपनी कमीज़ गले के पास से खीच कर उपर करने लगी अम्मी ने कहा क्या हुआ? क्या कर रही हो? वो बोली कुछ नही आंटी, फिर इधेर उधेर के बाते होने लगीं और शाब्बो एक बार फिर अपनी कमीज़ खिचने लगी, अम्मी ने कहा बेटा प्रॉब्लम क्या है??

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