पूरा डालो भाई बड़ी प्यासी है मेरी चूत

आंटी वो …. क्या बताऊ… बताओ बेटा अम्मी ने कहा, आंटी वो मे ने ब्रा नही पहनी हुई ना और कमीज़ टच होती है निपल से वो एरेक्ट हो गई हैं, तो उलझन होती है, अम्मी ने कहा ऊह हां कभी कभी होता है, हां लेकिन सारा क़सूर कमीज़ का ही नही उमर का भी है, आंटी आप भी ने, शाब्बो शरमाई, हां पर उमर आप की कोन सी बहुत ज़्यादा हो गयी है, अरे जवान बच्चे हैं मेरे आम्मि ने कहा, तो भी क्या आप 35 से एक दिन भी ज़्यादा की नही लगती, तुम ने तो एक दम ही 7/8 साल कम कर दिया, नही आंटी आप ने बहुत मेनटेन किया हुआ है खुद को,शाब्बो बाते कर रही थे और अब बिना झिझक अपनी निपल्स को टच कर रही थी कमीज़ के उपर से. अम्मी को बॅक पर टचिंग हो रही थी लेकिन वो कर नही पा रही थीं, जैनब अम्मी के सामने लेटी हुई ही अपने हाथ उन की बॅक पर ले जा कर खुजाने लगी, और अम्मी की चुचियों से उस की चुचिया टच होने लगेईे, उस से शाबो और भी गरम हो गयी | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | उसे ये भी ख़याल आ रहा था मेरे रूम मे शाएेद इस वक़्त ज़बरदस्त चुदाई चल रही होगी. दोनो मे बाते हो रही थीं और अम्मी हमारी बचपान की बाते शाब्बो को बता रही थी, तभी शाबो ने कहा आंटी आप ने अकेले सारा घर और बच्चो को संभाला हुआ है, अंकल तो साल मे एक 2 बार ही आते हैं, तो अम्मी ने कहा हां वो अपनी ज़िमदारी पूरी कर रहे हैं और मे अपनी, हाँ पर आंटी आप को अकेला पन तो फील होता होगा ना उन की आब्सेन्स मे? हां कभी कभी होता है लेकिन कम अज कम मेरे बच्चे मेरे पास हैं वो तो मुझ से और साथ ही बच्चो से भी दूर हैं, ऐसे ही इधेर उधर की बाते हो रही थी और जैनब हर थोड़ी देर बाद अपनी राइट या लेफ्ट निपल को रब करती शर्ट के उपर से ही, अम्मी ने कहा मुझे दिखाओ तुम्हे कुछ आलर्जी तो नही हो गयी?? शाबो ने एक पल को सोचा फिर कहा एक मिनट लाइट जलाती हू आप देखो. लाइट मे शाबो ने अपनी कमीज़ एक तरफ से उठाई और अपना एक बूब निकाल का मोम के सामने कर दिया, अम्मी गौर से उस की पिंक उठी हुई निपल को देखने लगीं, और फिर उन्होने ने बूब को अपने हाथ मे ले लिया जैसे उस की टाइटनेस देख रही हों, और फिर निपल को अपने थंब से टच किया, शाबो ने एक आअह भरी. आंटी ने कहा यहाँ तो ऐसा कुछ नही दूसरा दिखाओ, और शाबो ने कमीज़ पूरी उपर कर दी, अम्मी ने अब दोनो चुचियाँ अपने हाथ मे ली हुई थी और दोनो निपल को टच कर रही थीं जो कि और भी एरेक्ट हो चुकी थीं, अम्मी ने अच्छी तरहा से देखने के बाद कहा नही कुछ आलर्जी लग तो नही रही, और शाबो की बॉडी से हाथ हटा लिए, शाबो ने भी मरती क्या ना करती कमीज़ नीचे कर ली, थी अम्मी ने कहा हां लेकिन बहुत खूबसूरत ब्रेस्ट हैं तुम्हारे, दीवाने बना देंगे किसी को भी. तब शाबो ने कहा हां लेकिन आप की बॉडी भी बहुत शेप मे है आंटी, तो अम्मी कुछ शर्मा गई, अम्मी ने कहा क्या साइज़ है तुम्हारा शब्बो बोली 34. और आअप का? अम्मी ने कहा मेरे 36 हैं वित डी कप,पहले 34 ही थे ये तो अभी कुछ साल मे थोड़े ढल गये हैं, नही आंटी मुझे तो नही लगता कि ढल गये हैं, तो अम्मी ने अपने राइट बूब के नीचे हाथ लेजा कर उसे उपर करते हुए कहा थोड़े नरम पड़ गए हैं. शाबो ने भी हिम्मत करते हाथ बढ़ाया अम्मी की चुचियों की तरफ और जब अम्मी ने कोई रिक्षन नही दिया तो उस ने लेफ्ट वाले को नीचे से सहारा देते हुए थोड़ा उपर उठाया और पूरी ग्रिप मे लेते हुए प्रेस भी किया. वो काफ़ी बड़ा था शाबो के हाथ मे पूरा नही आ रहा था, दट वाज़ दा फर्स्ट टाइम दट शब्बो टच्ड मोम्स बूब आंड दट टाइम अम्मी ने शर्ट और ब्रा पहनी हुई थी, और आने वाली 2/3 रातों मे जैनब ने अम्मी की चुचियो को बार बार टच किया एक रात आंटी और शाबो बाते कर रही थी लेटी हुई और बातो बातो मे जैनब अम्मी की चुचियों पर हाथ फेरने लगी अम्मी ने भी ब्रा नही पहनी हुई थी, जल्द ही अम्मी की निपल्स एरेक्ट हो गई और जैनब उन को भी सहलाने लगी, कहने को दोनो बात कर रही थीं लेकिन अम्मी भी अब मज़ा ले रही थीं शाबो की इस हरकत से, और उन्हों ने आँखे बंद कर लीं और सिर पीछे चला गया, शबू की हिम्मत और बढ़ी और उस ने अब दोनो हाथों से दोनो चुचियाँ दबानी शुरू कर दी, और फिर मोम की नाइटी के बटन्ज़ खोलने लगी. अम्मी ने भी मना नही किया, और शाबो ने एक बूब बाहर निकाल लिया नाइटी से और निपल थंब और फिंगर से मसल्ने लगी, अम्मी के मुँह से कुछ निकले उससे पहले शाबो ने निपल पर अपने होन्ट रख दिए, और चूस्ते चूस्ते निपल को दांतो से प्यार से काटने भी लगी, अम्मी अब फुल मूड मे आ चुकी थी और अया आ कर रही थीं . शबू ने दूसरा बूब भी खूब मसला और फिर अम्मी की नाइटी उतारने की कोशिश करने लगी जिस मे अम्मी ने उस की मदद की और फिर अम्मी सिर्फ़ ब्लॅक पैंटी मे थीं और शबू बड़ी बड़ी उन के चुचियों को चूस रही थी. अम्मी की बॉडी बहुत शेप मे थी वेस्ट ज़्यादा नही थे 30 होगे मुश्किल से हां लेकिन हुप्स पर काफ़ी मास था, जांघे भी भारी भारी थीं और ब्लॅक पैंटी और ब्रा मे बहुत मस्त लग रही थी . शबू ने अपना काम जारी रखा और अपना एक हाथ आहिस्ता आहिस्ता अम्मी की पैंटी पर ले गयी, अम्मी ने उस का हाथ एक बार को पकड़ा भी लेकिन जब उस ने अपनी उंगलियाँ पैंटी के उपर से अम्मी की क्लिट पर टच कीं तो उन का विरोध कम होगया. और फिर शबू ने चुचियाँ सक करते हुए एक हाथ पैंटी के अंदर डाल दिया और उसे महसूस हुआ कि अम्मी ने शायद कुछ ही दिन पहले अपनी चूत के बाल शेव किए थे शाएेद एक वीक पहले ही, और फिर और नीचे, हाथ ले जाने पर उसे वेटनेस फील हुई, , उस ने आहिस्ता आहिस्ता मोम की चूत पर हाथ फेरने शुरू कर दिए पहले उपर उपर से और फिर जल्द ही उस की एक फिंगर काफ़ी अंदर तक जा रही थी, अम्मी की आवाज़ का साउंड ओर जोश दोनो बढ़ते जा रहे थे. आंड इन नेक्स्ट 5 मिनट ऑफ रब्बिंग, फिंगरिंग, आंड सकिंग अम्मी ने पानी छोड़ दिया हां पर या वो शायद जानती थीं कि इस पानी मे काफ़ी कुछ बह जाने वाला है आने वाले दिनो मे. अम्मी ने तब शाबो से कहा तुम ने क्या कर दिया है ये आग मे ने सालो से बुझा रखी थी तुम ने उसे इन दिनो मे जगा दिया मे जानती हू मेरी बेटी हो तब भी मे रोक नही पाती खुद को, शाबो बोली हां आंटी बस ये सब कैसे हो गया हां लेकिन मे तो बस दीवानी हो गयी हू आप की, आप से दूर एक पल भी रहा नही जाता दिल करता है बस आप को टच करूँ प्यार करूँ. अम्मी बोली हां लेकिन हमे बहुत होशियार रहना होगा, मे नही चाहती किसी को पता चले, हम जो भी करेंगे रात मे करेंगे . हां आंटी लेकिन अभी तो एक बार मुझे आप को ज़ी भर कर देख लेने दें दिन की रोशनी मे. हां लेकिन देख लो डोर और खिड़की बंद हैं ना, हां सब बंद हैं, और शाबो ने अम्मी का टवल पूरा उतार दिया, भरी भरी 36डी चुचियाँ दिन की लाइट मे चमक रही थी, और अम्मी की चूत पर कुछ 10 दिन के बाल छुपाने से ज़्यादा चूत को वज़ह कर रहे थे, शाबो अम्मी के गले लग गई दोनो की हाइट तकरीबन एक ही थी, और अम्मी की बॅक पर हाथ फेरने लगी और फिर बॅक से उस के हाथ अम्मी की बूम पर पहुच गये, बड़े बड़े हिप्स छूने मे सॉफ्ट लेकिन परफेक्ट शेप मे थे. दोनो ने किस्सिंग शुरू कर दी और अम्मी ने भी पहली दफ़ा खुल के शाबो के जिस्म को महसूस किया, और कहा कभी मे भी दुबली पतली थी तुम्हारी तरहा, फिर शाबो ने अम्मी को बेड की तरफ पुश किया, और अम्मी बेड पर बैठ गयी थी शाबो ने जल्दी से अपनी कमीज़ और शलवार उतार दी वो सिर्फ़ पैंटी मे थी, अभी उत्तेजित थी इस लिए ब्रा नही पहनी थी, और फिर वो अम्मी के उपर लेट गयी और दोनो एक दूजे को महसूस करने लगीं. किस्सिंग के बाद शाबो चुचियों पर आ गई और उन्हे खूब चूसने लगी, इस दरमियाँ उस की एक फिंगर अम्मी की चूत मे चलने लगी और चूत के दोनो लिप्स खोलने के बाद उस ने क्लिट को मसलना शुरू कर दिया, जल्द ही अम्मी जोश मे आ गई और ज़ोर ज़ोर से फिंगरिंग के लिए कहने लगीं, थी शाबो एक मिनट को रुकी उस ने एक पिल्लो लिया और अम्मी की बॅक के नीचा रखा और उन की लेग्स के बीच आ गई | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | और फिर उस की इन्नर जाँघ को चूमने लगी, उस का हाथ अम्मी की चुचियो और चूत के आस पास टच हो रहे थे अम्मी फुल गरम थीं और जल्दी से जल्दी फारिग होना चाहती थीं और शाबो उन को थोडा टीज़ कर रही थी. फिर उस ने अपनी ज़ुबान की टिप से चूत की आउटर वल्लज़ पर टिकल किया, अम्मी अया कर के रह गई, उस की ठंडी ज़ुबान गरम चूत मे और आग लगा रही थी फिर आहिस्ता आहिस्ता उस ने अपनी जीब से क्लिट को टच किया और नेक्स्ट स्टेप मे उस ने लिप्ससे पूरा ग्रिप कर लिया क्लिट को और उस की ज़ुबान उसे टच करने लगी, अम्मी मज़े से पागल हो रही थीं और अम्मी अपने दोनो हाथों से शाबो का सिर अपनी चूत पर प्रेस करने लगीं. शाबो ने भी ज़ोर ज़ोर से क्लिट को चूसना शुरू कर दिया और उस ने हाथों से चूत के लिप्स को खोला और एक फिंगर अंदर डाली फिर दूसरी और फिर उन दोनो को निकाल के अपनी जीभ चूत मे अंदर बाहर करने लगी साथ ही वो अंगूठे से क्लिट को भी सहला रही थी, अम्मी ये सब सह ना सकीं और जल्द ही उन का जिस्म अकड़ गया और उन का पानी बहने लगा, शाबो तब भी रुकी नही और तब तक चूत चाट्ती रही जब तक अम्मी ढीली ना पड़ गई. तब शाबो ने सिर उठाया और अम्मी की तरफ देखा उस के मुँह और लिप्स पर सारा लव जूस लगा हुआ था, अम्मी ने उसे उपर खिच लिया और अपने उपर लेटा लिया, और उसे चूमने लगीं उस की कमर पर हाथ फेरते हुए उसे ज़ोर से हग किया और कहने लगीं शाबो बहुत सेक्स मे ने किया है हां लेकिन सिर्फ़ तुम्हारे अंकल के साथ, तभी हम ने सब कुछ ट्राइ किया लेकिन जो मज़ा मुझे आज तुम्हारे साथ आया ये कुछ अलग ही है, काश तुम पहले आ गई होतीं तो इतने साल मे यूँ प्यासी ना रही होती. ये सब सुबह के टाइम हो रहा था मैं और हरसद खिड़की के पास खड़े सब देख रहे थे कि तभी. दोस्तो आगे की कहानी आपकी प्रतिक्रिया जानने के बाद….