सगी बहन से शादी करके घर बसाया

मेरी सगी बहन जवान है शादी लायक हो गयी है लेकिन नासमझ है नादान है अपनी अल्हड़ जवानी को दिखाती फिरती है जब वह चलती है तो उसके उभार उछल उछल कर लड़को को परेशान करते हैं मोहल्ले के लड़के अपना लड हिलाने लगते हैं यहां तक कि मेरा लंड भी खड़ा हो जाता है पर मैं क्या कर सकता हूं कई बार उसको समझाया मां से भी कहा किन्तु वह मानती ही नहीं।

एक दिन वह आंगन में कपड़े धो रही थी उसके उभार आधे चमक रहे थे मैं वहीं खड़ा होकर उसे देखने लगा मेरा लंड खड़ा हो गया मैं अपने लंड को मसलने लगा तभी उसकी नजर मुझ पर गयी तो वह चैंकी और फौरन अपना दुपटटा दुरूस्त करके मेरे पास आयी और बोली क्या टुकुर टुकुर देख रहा था शर्म नहीं आती अपनी बहन को देखते हुए मैं चुपचाप रहा उसने मेरे खड़े लंड को देखा जो कि पैंट फाड़कर बाहर निकलने को आतुर था वह बोली हाय राम अपनी सगी बहन को देखकर तू ये सब सोचता है |

हे भगवान तू मेरे बारे में ऐसा कैसे चोच सकता है। मैंने कहा दीदी आप दुपटटा सम्भाल कर पहना करो हमें बहुत परेशानी होती है और हां आप नीचे बनियान क्यों नहीं पहनती सब तो पहनते हैं इतना कहकर मैं वहां से चला गया और बाजार से दो लाल रंग की चोली खरीद कर लाया और दीदी को देते हुए बोला दीदी आप ये पहना करो अब आप बड़ी हो यी हो और लड़के भी आप को घूर घूर कर देखते हैं मेरे हाथ से चोली लेकर दीदी बोली अच्छा मेरा भाई इतना बड़ा हो गया है कि अब चोली खरीदने लगा है नहीं दीदी ऐसी कोई बात नहीं है

ये तो पहली बार खरीदी है और वह भी सिर्फ आपके लिए मेरा दोस्त कालू भी कह रहा था कि यार तेरी बहन चोली नहीं पहनती और जब वह चलती है तो उसकी चुच्चियां हिलती रहती है

बहन ने शर्म से आंखे झुका ली और चोली लेकर चली गयी और थोड़ी देर में चोली पहन कर मेरे कमरे में आयी मैं तो उसे देखते ही रह गया क्या लग रही थी एकदम पटाका गोरे बूब्स के उपर केवल चोली लाल रंग की । वो बोली देख राहुल तू मेरे लिए इतनी बड़ी चोली लेकर आ गया ये नहीं आ रही ये तो ढीली हैं अभी मैं छोटी हूं इसीलिए तो चोली नहीं पहनती देख कितनी ढीली हैं और वह मुझे दिखाने लगी एकदम पास आकर खड़ी हो गयी मैं हाथ लगा कर देखा तो वाकई चोली बड़ी थी और उसके बूब्स छोटे छोटे लेकिन नुकिले थे

मैंने अपना हाथ चोली के अंदर डालकर चोली को सैट करने की कोशिश की और उसके निप्पल हाथ में आ येा मैंने उसे दोनो उंगलियों के बीच दबा दिया वो उछल पड़ी और बोली शर्म नहीं आती मैंने कहा मैं देख रहा था कि कितनी बड़ी है वो बोली 30 के साअज की हैं इन्हें बदलकर लाओ।

मैंने कहा अब मैं इन्हें नहीं बदलूंगा मुझे शर्म आती है फिर मैं बोला दीदी आप अपनी छातियों को बड़ा कर लो फिर ये फिट आ जायेंगी वह बोली लेकिन कैसे करूं मैं झट से बोली रात को नंगी होकर सोया करो और हाथ में लेकर बारी बारी से दबाया करो मालिश किया करो तो ये बड़ी हो जायेंगी। दीदी कुछ सोच में पड़ गयी और फिर बोली अच्छा ऐसा है और वो भीतर चली गयी और जाते जाते मुस्करा कर कह गयी कि तू भी नंगा हो सोया कर तेरा भी बड़ा हो जायेगा यह सुनकर मैं खुश हो गया और समझ गया कि दीदी को अब मोटा लंड चाहिए भला मुझसे मोटा लंउ दीदी को कौन देगा यह सोचकर मैं रात को पूरा लंगा हो गया और दीदी के कमरे में चला गया घर पर सब खाना खाकर सो चुके थे मुझे देखकर दीदी हैरान रह गयी वो पूरी नंगी नंगी होकर एक चादर ओढ़कर सो रही थी

मुझे देखकर बोली ये क्या बदतमीजी है और मुझे डांटने लगी लेकिन वो बार बार मेरा खड़ा लंड देख रही थी

मैं बोला दीदी आपने ही तो कहा था कि मैं भी नंगा होकर सोया करूं तो मैं नंगा हो गया मैंने सोचा आप भी नंगी होकर सो रही हैं तो क्यों न मैं भी आपके पास ही सो जाउं दीदी तुनककर बोली नहीं तू जा यहां से और अपने कमरे में जा लेकिन मैं बैड पर बैठ गया और दीदी की चादर एकदम से हटा दी वो पूरी नंगी थी

मैं बोला दीदी आपकी मालिश कर दूं आपकी चुच्चिया बहुत छोटी हैं बड़ी हो जायेंगी और मैं दीदी की चुच्चिया दबाने लगा। वो एकदक मुझे देख रही थी यानी मेरे खड़े लंड को देख रही थी मैं बोला देखो दीदी मेरा तो पहले से ही बड़ा है

आपकी चुच्चियां ही छोटी हैं। दीदी कुछ नहीं बोली और लेट गयी मैं दीदी के उपर लेट गया और चुच्चियों को दबाने लगा उन्हें मुंह में भरकर पीने लगा दीदी हाय हाय करने लगी फिर बोली ये सब ठीक नहीं है राहुल मत करो प्लीज मैंने कहा दीदी कुछ ही दिनों में आपकी चच्चियों बहुत बड़ी हो जायेंगी और सब लड़के आपके दीवाने हो जायेंग और मैं मुंह में भर भर कर दूध पीने लगा |

मैंने धीरे से कहा दीदी नीचे भी पी लू तो वह कुछ नहीं बोली मैं पेट पर किस करते हुए चूत पर आ गया और चूत को किस करने लगा दीदी उछलने लगी और मेरा सिर पकड़कर दबाने लगी मैंने चूत के अंदर अपनी जीभ घुसा दी दीदी हाय हाय करने लगी बोली मैं मर जाउंगी ये क्या कर रहा है

राहुल मुण्े छोडत्र दे जा यहां से और सिंर पकड़कर अपनी चूट पर दबा भी रही थी तभी मैंने दीदी की चूत में दो उंगलियां घंसा दी वो चीखने लगी हाय राम ये क्या कर हा है रहने दे एकाएक मैंने दीदी को सीध करके उसके उपर लेट गया और अपना लंग दीदी की चूत पर रखकर एक जोरदार धक्का मारा वो चिल्लाने लगी छोड दे मुझ मैं मर जाउंगी मैं बोला दीदी चुदवाने से आज ता कोई नहीं मरा वो बोली तेरा लंड बहुत मोट है |

हरामी निकाल दे मेरी फट गयी मैं बोला आज नहीं छोड़ने वाला दीदी आज जो आपको प्रेग्नेंट करके ही रहूंगा और मैंने अपने धक्के तेज कर दिये पूरा लंड दीदी की चूत में घुसा दिया और तेजी से पेलने लगा बीस मिनत तक दीदी को चेदता रहा दीदी पूरा मजा लेती रही फिर उठकर मैं और दीदी दोनो बाथरूम गये और साथ में नहाये और एक दूसरे को किस करने लगे फिर सो गये मैंने पूछा दीदी कैसा लगा तो वह बोली यार कब से इसी फिराक में तेरे आगे पीछे घूम रही थी |

आज मेरी तमन्ना पूरी हुई अब तू मुझे रोजाना चोदा कर और हां मुझसे ही शादी कर ले यह सुनकर मैंने दीदी का माथा चूम लिया और बोला सच दीदी मुझसे शादी करोगी वो बोली यार तेरा लंउ एकदम मोटा ताकतवर है मुझे और क्या चाहिए शादी करके भी तो चुदना ही है |

फिर क्यों न आपने भाई से ही चुदूं। दो दिन बाद ही मैंने दीदी से शादी कर ली मन्दिर में शादी करके हम घर आये तो मां हमें देखती ही रह गयी और बोली ये सब क्या है तूने शादी कर ली और मुझे बताया भी नहीं मैंने कहा मां सब कुछ इतनी जल्दी में हुआ कि मैं आप सब को बता नहीं पाया। दीदी घूघट में थी इसलिए मां उसे पहचान नहीं पायी।

मैंने और दीदी ने मां के पैर छुए और आशीवा्रद लिया फिर मां ने दीदी का घूघट उठाया तो सन्न रह गयी और बोली ये सब क्या है ये तो तेरी दीदी है मैंने मां को सम्भाला और कहा मां अब ये मेरी दीदी नहीं मेरी बीवी है और आपकी बहू । मां हैरानी से मुझ और दीदी को देखे जा रही थी और गुस्से से आग बबूला हो रही थी मैंने मां से कहा मां मैं दीदी से बहुत प्यार करता हूं इसलिए दीदी से शादी कर ली दीदी भी मुझे बहुत प्यार करती है। मां चिल्ला कर बोली अरे पागल ये तेरी सगी बहन है |

भाई बहन शादी नहीं करते मैंने कहा मां मुझ सब पता है लेकिन प्यार में सब जायज है दीदी भी बोली मां अब जो होना था हो गया आपको दहेज भी जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और मैं हमेषा आपके ही पास रहूंगी आपको छोड़कर जाना भी नहीं पड़ेगा।

मां ने माथा पीट लिया हम दोनो पति पत्नी भीतर आ गये मां बड़बड़ाती रही लेकिन हम दोनों ने भीतर कमरे में आकर चिटकनी लगा ली और एक दूसरे पर टूट पड़े उस दिन दीदी को दिन में भी चोटा और रात को भी यानी सुहाग दिन भी और सुहाग रात भी लेकिन अगले दिन मां नाराज होकर बोली हमें समाज में रहना है तू अपनी दीदी को लेकर कहीं और चला जा तो मैं दीदी यानी अपनी बीवी को लेकर घर से चला गया

और पति पत्नी की तरह रहने लगे दूसरे शहर में जाकर हमने अपनी ग्रहस्थी बसा ली यादी बच्चे पैदा किये आज दीदी मेरे तीन बच्चों की मां है