शराफत की देवी मेरी बहन- 4

दोस्तों सूरज कुमार चौथी बार अपनी कहानी को आगे बढ़ाते हुए आप लोगों के बीच , मेरी पिछली कहानी शराफत की देवी मेरी बहन- 3 का तीसरा भाग लाया था जोकि जिसमें में अपने जीवन में चल रही नई या अपडेट कह सकते हैं प्रस्तुत किया था जो लगभग 15 दिन पहले की थी. मैं फिर अपना चौथे भाग में 7 साल पहले घटित घटना को कहानी के माध्यम से लिखना शुरू कर रहा हूं.

दूसरे भाग में आप लोगोंं ने पढ़ा होगा कि मैं अपनी बहन को शराब के सेवन करा कर चुदाई की, जिससे मुझे यह पता चला कि शराब पीकर चुदाई करने से आदमी सेक्स क्षमता बढ़ जाती है. अगर आप लोगों को यकीन नहीं हैं. एक बार आप लोग भी ट्राई करके देख ले मेरी बात शत प्रतिशत सत्य होगी हम अपने कहानी पर आगे बढ़ते हुए लिखना शुरू करता हूं, बहन का B.Ed का एग्जाम था मुझे दिलाना था शहर का नाम तो नहीं बता सकता बहन के एग्जाम का सेंटर था , उस शहर हम लोग 2 दिन पहले ही निकल गए घर से बस में बहन के साथ ही चिपक कर बैठ गई और मैं उसको अपने कंधे पर सिर रखकर कहा आराम कर लो बहन मेरे से चिपक कर सो गई. बस एक होटल रुकी. हम लोग खाना खाए. उसके साथ फिर जाकर बस में बैठ गये बहन खिड़की की तरफ़ बैंठी मैं किनारे की ओर रात के समय में बस वाला लाइट बंद कर दिया.
मैं दोनों पैरों के उपर बैग रख दिया जो बहन अपने हाथ में लिए रहती है  इस प्रकार रखा कि। मेरा हाथ बहन की चूत में डाल दिया और फिर धीरे धीरे चूत में उंगली डालने लगा लेकिन उंगली नहीं घुसेड़ पा रहा था. तब भी हल्का हल्का पानी महसूस हो ता था और बहन का हाथ अपने लंड पर रख दिया और बहन ने भी धीरे धीरे मेरे लंड को हाथ से दबाने लगी. जब कोई यात्री बीच में उतरता था ड्राइवर लाइट जला देता था तो बहन अपना हाथ हटा लेती थी हम लोग रात में खूब मजा किया लेकिन एक आदमी को सक हो गया. ओ हमसे पूछा कि तुम लोग कहा जा रहे हो मैं बात को बदलते हुए, कहा ये मेरी होने वाली बीवी है मैं इनको परीक्षा दिलाने जा रहा हूं, आदमी मुस्कुरा कर बोला अच्छा है.
बहन डर गई और अपना हाथ हटा लिया , बहन पहली बार किसी बड़े शहर में जा रही थी और पहली बार कोई लंंबी यात्रा कर रही थेी उसको डर लगने लगा उस आदमी की वजह से वह अपना हाथ मेरा हाथ दोनों अलग अलग कर  दिया पूरा मजा किरकिरा हो गया मुझे उस इंसान को गुस्सा लग रहा था. अब मैं बस में बहन को समझा भी नहींं सकता, हम लगभग 9:00 बजे सुबह  उस शहर पहुंच गए जहां हमें एग्जाम दोना था,।
 हम लोग ने एक होटल लिया बहन पहली बार किसी शहर देेेख रही थी बहन बोली हम दोनों पहले घूमने चले. हमें फिर यहां कभी मौका मिलेगा की नहीं। हम दोनों शाम तक खूब मजे लिए हम भाई-बहन की तरह न होकर एक प्रेमी जोड़ा की तरह घूम रहे थे लोगों की नजर हम पर हमेशा पड़ती थी बहन को डर लग रहा था कि कोई हमारी पहचान का न देख ले.
मैं बहन के कंधे पर हाथ रख कर घूम रहा था बीच बीच में बहन को मौका मिलते ही कभी  गालों पर कभी चूची पर कभी पीछे चूतड़ों पर हाथ फेरने लगता था , बहन हमेशा रोकती थी बोल रही थी कोई देख लेगा लेकिन मैं कहां मानने वाला था। हम दोनों लोग खाना खाने के बाद होटल आ गये बहन ने कहा पहले तो मैं नहाने जाती हूूं मुझे बहुत गर्मी लग रही है मैं भी यह मौका कहां छोड़ने वाला था क्योंकि यह मौका मुझे शायद ही कभी दूूूूबरा मिलें।
बहन बोली पहले तुम नहा लो मैं बोला हम दोनों लोग एक साथ ही नहाएंगे. बहन बोली ठीक है तुम्हारी मर्जी मैं बहन के सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी‌‌‌ वहन को अपने बाहों में भर कर बाथरूम में ले गया और सांवर धीमा कर के खोल दिया, बहन की चूची को मसलने लगा. फिर फिर बहन के बदन पर हाथ से साबुन लगाने लगा बहन बोल रही थी. तुम इतना मजा कभी भी अपनी पत्नी को भी नहीं दे पाओगे, मैं बहन से बोला तुम पत्नी से कम कहा हो , मैं बहन के चूत में उंगली डाल कर साबुन लगा कर साफ किया.
उसके बाद बहन ने भी मेरे लंड में साबुन लगाया उसके बाद ,मैंने हल्का पानी खोल कर बहन के चूत को चाटने लगा बहन मुंह से सिसकियां निकलने लगी. सूरज तु मुझे मार ही डालेगा मैं बहन के चूत में जीभ डाल कर गरम गरम पानी का स्वाद लेने लगा और ऊपर से हल्का हल्का पानी गिर रहा था बहन ने कहा कि मुझे पेशाब करना है. मैं बोला मेरे मुंह पर कर दो, बहन मेरे मुंह पर चूत कर के पेशाब करने लगी, मैं बहन के पेशाब को गट गट के पी गया, मुझे नशे में कुछ बुरा नहीं लगता।
इसके बाद अपना लंड बहन के मुंह में डाल दिया और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगा. बहन घुटनेे की बल पर बैठ गई लंड** को चूसने लगी कहने लगेी तू तो अपना मुझे रखैल बन दिया दुनिया में शायद ही कुछ लोग होंगे जो अपने बहन के साथ नाजायज संबंध रखते होंगे. अगर उनमें बेस्ट अवॉर्ड नाजायज संबंध का दिया जाए तो तुम उसमें प्रथम आओगे. मैं बोला अरे रानी तुम्हारे जैसा बहन कोई भी पयेगा सब रिश्ता भूल जाएगा. जो भी तुम्हारे जैसे बहन पाया है जरूर उसको चोदता होगा. मैं भी लाखों एक हूं तुम जैसे बहन को चोदने का सौभाग्य मिला है. मैं भगवान का धन्यवाद देता हूं और उस आदमी का धन्यवाद देता हूं जो तुमको मुझे मिलाने  में मुख्य भूमिका निभाई.
बहन के मुंह से आवाज निकालने के बाद भी नहीं मन भरा क्योंकि बहन के चूत में जब तक मैं अपना मुंह नहीं लगाता तब तक वह गर्म नहीं होती में बहन को बेेड पर लाकर पटक दिया,  बदन को साफ किया बोला कि तुम आपना मनपसंद तरीका अपनाओ बहन एक मिनट देरी न करते हुए अपनी चूतड़ को मुंह पर रख दिया. मैं बोला तुम भी एकदम चोदकड हो गई हो बहन बोली तुम ने ही तो बनाया है. जब भाई ही मजे दे तो शर्म कैसी विडम्बना देेेखो जो बहन कभी मुझे किसी लड़की के साथ जानकारी होने पर मां से डांट पड़़वाती थी। वही आज मुझसे खुल कर चोदवती है अगर मैं बहन के पीछे नही पडा़ होता तो आज मैं बेसकिमती चीज नहीं पा पाता.
बहन चूत को मेरे मुंह पर रगड़ने लगी कहने लगी चाटने लगा. अपनी बहन के चूत को ,बहन जोर जोर से आवाज निकालने लगी चोद हरामी। मैं बहन का यह अवतार पहली बार देखा कि बहन के मुंह से ऐसी आवाज कभी नहीं सुना था कभी कल्पना भी नहीं किया था कि बहन को मुझसे चुदाई करने में कोई दिक्कत नहीं है चूत को रगड़ रही थी मेेेेरे मुंह को ओलंपिक खेल का मैदान बना दी थी. जिस पर वह खेल रही थी मानो वह सब रिश्ते भूल कर सिर्फ एक ही रिश्ता स्त्री और पुरुष का मान लिया था. उसको कोई फर्क नहीं पड़ रहा था. मैं खुश था लेकिन मेेे मन में यह विचार आ रहा था की जब मेरी बहन इतना सरीफ हो कर भी इतना खुल गई है जो लड़कियां बहुत लोगों से चुदवाती है. अगर उनके रिश्ते अगर अपने भाई से होता होगा तो ओ और मजे लिए होंगे ,मगर हमसे क्या लेना मैं तो जिंदगी का मजा घर में ही ले रहा था बहन का झड़ गया मेरे साथ चिपक कर लेट गई ठंडी हो गई लेकिन मैं अभी गर्म था.
दीदी बोली तुम अब कल करना मुझेे सोने दो मैं कल एग्जाम देने के बाद तुम्हारे साथ और मजे लूंगी तुम्हारे जिंदगी में चुदाई का ऐसा तूफान लाऊंगी कि तुम कल्पना भी नहींं की होंगे, बहन केे साथ चुदाई कोई इतनी अच्छी तरह कैसे कर सकता है और दुनिया की नई कहानी बनायेंगे भााई बहन रिश्ता काा दिखाव करता है. अब तुम्हारेे हमारा बीच कुछ बचा नहीं है तो कैसा रिश्ता. अब तो मैं कोई रिश्ते कोई ना कुछ नहीं मानती, बहन बोली एक बात है तू बहुत हारामी है तू अगर मां को चोदने को पा जाए तो उसको भी नहीं छोड़ेगा सही बता मैं सही कह रही हू न, मैं बोला मां को चोदना असंभव है बहन बोली मैं भी जानती हूं लेकिन तू सही से बताओ कभी मां को गंदी निगाह से देखा है अब मुझसे झूठ मत बोलना??
मैं बोला हां। लेकिन जब तुम नहीं मिले थे तब की बात , बहन बोली किस तरह सोचते थे क्या कुछ तरीका अपनाए थे मुझे बताओ तो घर का मामला तुम्हें मुझसे कुछ नहीं छिपाना मैं बोला मां नहा कर आती  थी  तो उसके चुचियों को  घूरता था  जब पापा मां को चोदते थे तो अपने मोबाइल से खिड़की से वीडियो बनाता था और उसकेे बाद राात में वीडियो देख कर मुट्ठ मारा करता था.
दीदी बोली पापा मम्मी को कैसे चोदते थे. मैं कहां पहले पापा मम्मी की चूचियां को बहुत देर तक पीते थे और मां उनके लंड को चूसती थी और इसके बाद पापा मम्मी की चूूत में कभी कभी सहद खूब चाटते थे मां अपने चूतड को उछाल उछाल कर तुम्हारी तरह पाापा के मुंह पर रगड़ती थी. तुम और मां के चुदाई करने में कोई अंतर नहीं है बहन बोली मुझे भी मम्मी पापा की चुदाई का* वीडियो देखनी है मैं बोला छोड़ो यार हम तो खुश है बोली अगर तुम वीडियो नहीं दिखाते तो आज के बाद तुमको चूत के दर्शन नहीं होंगे.
मैं रात भर कहता रहा लेकिन बहन ने चोदने नहीं दिया.
अगले दिन सुबह जब मैं उठा तो देखा की बहन नहा के कपड़े पहन चुकी थी. मैं बहन की चूची पर हाथ रख तो बहन ने हटा दिया, एग्जाम देना है और रात मेंं जो कहीं हूं उसको पहले पूरा करो उसके बाद कुछ करने दूंगी. मेरे समझ में नहीं आ रहा था इतनी सीधी शरीफ लड़की के मन में क्योंं ऐसी बात कहां से आ गई, मैंं तो अपनेे को ही दुनिया में सबसे ज्यादा फराड और हरामी सझता था लेकिन मेरी बहन मुझसे भी ज्यादा निकली, मैै  अंततः हार कर कहा ठीक है लेकिन घर जाएंगे तब ना, वो बोली कोई बहाना नहीं चलेगा
मैं उसको जबरदस्ती पकड़ने की कोशिश करने लगा गुस्से में मुझे झटक दी बोला कि तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है तुमको हो क्या गया है, अगर तुम मुझसे कोई जबरदस्ती करते हो तुुमको घर पर खूब-खूब कुटाई हो जाएगी क्योंकि मां से बोल दूंगी मां पेपर दिलाने गया था होटल में मेरे साथ जबरदस्ती करनेे की कोशिश कर रहा था, तुम वह वीडियो भी डिलीट कर दिए हो जिसमें विनोद चुदाई कर रहे थे. मेरे हाथ से एक अच्छी खासी माल निकल रही थी. मुझे समझ में नहीं आ रहा था मैं करूं तो करूं क्या,  दीदी का पैर पकड़ा कहां मुझे माफ कर दो तुम जो कहोगी मैं वही करूंगा वह बोली पहले तो वो करो.
मुझे शक होने लगा था कहीं मेरी बहन किसी और लौंडे पटा तो नहीं ली है इसलिए मुझसे छुटकारा पाना चाहती है लेकिन इतने दिन चुदाई करने के बाद उसेे क्या मिलेगा, अब तो उसको कोई  लाज भी नहीं रहा है, म बहुत टेंशन के साथ पेपर दिलाया और उसी शाम बस पकड़ से घर निकल, गया अब मैं बहन को पाने के लिए वीडियो बनांंऊ मां की, या फिर मेमोरी कार्ड में काफी वीडियो खोजू जो मैं बहन को विनोद का बना क रखा था. वह वीडियो खोज रहा था वहां नहींं मिल रहा था।
बहन मोबाइल फोन का वीडियो देखकर डिलीट कर दी थी. वह मुझसे बोल रही थी इसको रखने का क्या फायदा है. अब तो तुम फुल लाइब देखते हो  मुझे भी वह बात ठीक लगी थी. अब इस वीडियो का क्या मतलब है, के मोबाइल फोन में रहेगा कोई देखे ही लेगा. उस समय उसके बात मुझे ठीक लगी थी कर वह मुझसेेे पूछ भी रही थी इस वीडियो की कापी और तुम रखे थे वह कहां है. मैं उस दिन बहुत खोजा लेकिन नहीं मिला था,
 मैंं बोला लगता है मेमोरी कार्ड खो गई है कहीं बहन न मुझे छोड़ने की साजिश तो नहीं की है मेरे मन में तरह-तरह के ख्याल आ रहे. वहीं से सोचते सोचते घर पहुंच गया अब देखते हैं कि आगे क्या होता है मैं अपनी घटना को सही सही लिखने की कोशिश कर रहा हूं क्योंकि यह घटना पुरानी है अब आगे की कहानी अगले भाग में प्रस्तुत करूंगा.