शराफत के देवी मेरी बहन- 7

शराफत के देवी मेरी बहन- 6

दोस्तों मैं सूरज कुमार अपनी और अपनी बहन, बड़े पिताजी के नाती-नातिन के घटित सच्ची घटना को आप लोगों के बीच में कहानी के माध्यम से प्रस्तुत कर रहा हूं. मेरी सच्ची घटना को पूरा जानने के लिए मेरे कहानी के पहले भाग से लेकर अंतिम भाग तक आप लोगों को पढ़ना होगा, जो बहुत रोचक और विचित्र अविश्वसनीय घटना है जिस पर हमें विश्वास नहीं होगा हां यह जरूर है कि थोड़ी सी कहानी में रोचकता लाने के लिए काल्पनिक रूप देने का प्रयास मैं किया हूं लेकिन कोई भी घटना और पात्र इसमें काल्पनिक नहीं है इसमें हर पात्र वो रिश्ता रियल है और उसके साथ घट रही घटनाओं के तरीके थोड़े भिन्न हो सकते हैं. उसके साथ जो भी कहानी में प्रस्तुत कर रहा हूं वह पात्र से जिसका संबंध जो भी है उसको सही तरीके से और रोचक तरीके से प्रस्तुत कर रहा हूं. जिसपे आप लोगों को विश्वास करना है या नहीं यह आपके विचार पर निर्भर करता है।

मेरी एक ख्वाहिश थी कि मेरी कहानी के बारे में, मुझे कमेंट के माध्यम से जानकारी मिले कि मैं कहानी को कितने अच्छे से प्रस्तुत कर रहा हूं. अब मैं ज्यादा टाइम ना लेते हुए अपने कहानी पर आता हूं, सीमा की चुदाई****होने केे बाद बहन मुझसे यह वादा ली आज के बाद जो मैं कहूंगा वही तुम्हें करना होगा मैं बोला कि मुझे तुम्हारेे चूत* के अलावा किसी दूसरे चूत की जरूरत नहीं है. मुझे सिर्फ तुम्हें खुश रखनेे के लिए  जीना है।

बहन मुझसेे पूछने लगी कि तुमको मेरे साथ चुदाई**** करने में मजा आता है कि सीमा के साथ, मैं बोला मुझे चोदनेे को तो बहुत मिल जाएंगे लेकिन बहन नहीं मिल सकती जो मजा फैमिली की चुदाई**** में आता है वह मजा किसी अन्य के साथ चुदाई**** करने में नहीं आता है. सीमा को चोदा लेकिन, जब से तुम मिले तब से मैं दूरी बनाने लगा, ये बात भी सच हैै कि मैंने कभी आज से पहले सीमा को इतने अच्छे से चुदाई**** नहीं किया था जितने अच्छे से आज मैंने किया. तुम्हारे ज़िद करने पर नहीं तो मैं उसके चूत को कभी भी मुंह नहीं लगाता तुम्हारे कहने पर ही   चूत**  के रसपान का सेवन किया।
वह भी तुम्हें खुश करनेेे के लिए* दीदी तुमको बहुत लड़कें मिल जाते लेकिन मेरे जितना कहना मानने वाला कभी नहीं मिलता। मैं तुम्हारा गुलाम  बनकर रहता हूं। मैं तुम्हारे एहसानों को कभी नहीं भूलूंगा जो सुख तुमने मुझको दिया है मैं कैसेेे भूल सकता हूं मेरे लिए तुमने सारे रिश्ते भूल कर मेरा साथ दिया.

शायद दुनिया में बहुत कम ऐसी घटनाएं घड़ी होंगी शायद या दो परसेंट से कम होंगे तुम एक महान बहन, महान महिला हो जो समाज के सारे बंधन सारे रिश्ते भूल कर प्यार का रिश्ता चुना. मेरे लिए तुम इतनी महान हो शब्दों में उसको बयां नहीं कर सकता, दीदी मुझे गले लगा कर कहने लगी अरे पगले ऐसी बात नहीं है तू भी किसी महान काम को अंजाम दिया है अगर शायद तुम मेरे बारे में ऐसा नहींं सोचे होते तो शायद ही हम लोग एक हो पाते। आज हमारा प्यार इतना मजबूत हो गयाा है कि इस प्यार को दुनिया और समाज से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

आज भी याद है मुझे जब दीदी का नेट का एग्जाम था हम दोनों एक शहर में एग्जाम देने केे लिए ट्रेन के द्वारा उस शहर में पहुंचे थे आज का दिन हमारे लिए सबसे अच्छा था आज हम सिर्फ एक्जाम देने का बहाना बनाकर आए थे. असल में हम दोनों लोग फैसला ले रहे थे. यह मेरा विचार नहीं था लेकिन दीदी केेे प्यार ने मुझे इतनी हिम्मत दे दिया था कि मुझे दुनिया का ख्याल न रहा है.

मुझे आज भी याद है मैं कैसे भूल सकता वह मेरी शादी का दिन नवंबर का महीना 24 तारीख 2011 इस तारीख को मेरी दुनिया में एक नया इतिहास बन गया। हम दोनों इस तारीख को शादी के बंधन में बंध गए थेे,दरअसल हुआ यह था बहन की शादी की बाात बहुत तेजी से चलने लगी थी पापा का फैसला था की अब बहुत लड़के देख चुका गया है अब कोई ठीक-ठाक लड़का देखकर 2012 या अधिकतम में शादी कर देंगे यदि कोई ठीक लड़का मिलता है तो जैसा सचुवेसन होता है, हम उसी समय फैसला करके शादी कर देंगे क्योंकि अब इसका पोस्ट ग्रेजुएशन भी कंप्लीट हो गया है. बहन जानती थी कि ज्यादा हमारा रिश्ता नहीं रहेगा हम कुछ वर्षों के मेहमान है शादी होने के बाद हम बहुत कम मिल पाएंगे।

बहन मुझसे बोली सूरज मुझे पेपर नहींं देना मुझे तुम्हारे साथ शादी करनी है मैं बोला पेपर दे दो कहांं भाग रहे हैं , बहन बोली मैं फिर कभी बाहर आ पाऊं कि नहीं, पापा अब शादी कर देंगे, मैं तुम्हारी दुल्हन बनाना चाहती हूं. मैं चहती हूं कि पहले मैं तुम्हारी दुल्हन के जोड़े में घूंघट डालू तुम्हारे नाम का सिंदूर पहनूं। यह मेरी तुमसे मेरे प्यार का तोहफा समझ कर करना होगा चाहे जैसा तुम्हें कल मुझसे शादी करनी होगी मुझे दुल्हन की तरह तुम्हारे साथ कल की रात बितानी है. मैं बोला दीदी शादी के लिए साड़ी मंगलसूत्र , और बहुत कुछ लाना होगा,  दीदी बोली मैं पहले से शादी केे सारे समान लायी हूं। मैंं दीदी से पूछा मंगलसूत्र तो तुम्हारे पास है लेकिन साड़ी और ब्लाउज यह सब 1 दिन में कैसे बन जाएगा दीदी बोली मेरे पास कॉलेज के समय कार्यक्रम में हिस्सा लेते समय यह सब बनवाए थे. उसी समय का मेरे पास सब हैं साथ लेकर आई हूं. बस तुम मंदिर में जाकर किसी पंडित से बात करो और सारी मेरी समस्या तुम छोड़ दो तुम अपनी तैयारी बाहर की पूरी करो क्योंकि दोबारा में पता ना कब तुम्हारे साथ आ पााऊ या नहीं।

मैं शहर पहुंचने केे बाद पहले पता लगाया यहां पर मंदिर कहां है मंदिर की जानकारी लेने के बाद बहन को एक होटल का कमरा लेकर रहने के लिए कह कर मंदिर जाकर शादी की तैयारी करने में लग गया. मैं जब पंडित शादी केे लिए कहां तो पंडित तो तैयार नहीं हो रहा था वह बोल रहा था तुम लोग घर से भागकर शादी कर रहे हो, मैं पुलिस के लफड़े में न पड़ना चाहता हूं, मैं उसको बहुत पैसे के लालच दिया वह कहने लगा तुमको 4 लाठी जहां पड़ी तुम सबको बोल दोगे और मैं फंस जाऊंगा, मैंंने ऐसे न जाने कितने लोगों को देखा है, पंडित से कहां की पंडित जी मुझे किसी और पंडित का पता दीजिए जो हमारी शादी करा दे ,पंडित से बहुत रिक्वेस्ट करने के बाद वह एक पंडित का पता दिया कि जाओ तुम थोड़ा पैसे की लालच देकर तुम शादी करा लो. मैं उस पते पर पहुंचा तो वहां पर वह पंडित नहीं मिला. मैं 2 घंटे इंतजार किया 2 घंटे बाद एक से पूछने पर पता चला कि वह दारू के ठेके के पास इस समय होगा आप वहां चले जाइए.

मैं उस जगह पहुंचा लोगों से पूछने के बाद मैं उस पंडित से मिला और बात कही वह पंडित तैयार हो गया मुझे टाइम और जगह और शादी की सामग्री लेेने को कहा, मैं शादी की सारी सामग्री जुटाने में लग गया रात में 8:00 बजे पूरे शादी के सामग्री लेकर होटल पहुंचा. जब गेट का अलार्म बजाया दीदी ने गेट खोला बोली या क्या है मैं बोला मैं शादी का पूरा सामान लहंगा चुन्नी सब रेडीमेड खरीद लाया हूं. अब तुमको कॉलेज फंक्शन की ड्रेस नहीं पहननी होगी. अब तुम एक दुल्हन जिस तरह सज कर शादी कर सकती हो उसी तरह तुम भी तैयार होकर शादी करोगे लेकिन एक चीज की कमी रह गई मुझे इसका अफसोस भी है तुम्हारे लिए आभूषण का बंदोबस्त मैं नहीं कर पाया।

बहन ने गले लगा कर मुझे किस करने लगी और कहने लगी तुमने मेरे लिए इतना ही बहुत कर दिया है मैं सूट सलवार में भी शादी कर लूंगी लेकिन तुमने आज जो मेरे लिए किया तुम मेरे पति की तरह पूरा ख्याल शादी के पहले कर दिया, मुझे भी थोड़ी सी एक कमी महसूूस हो रही है काश मम्मी पापा हमारी शादी कराते और हमें आशीर्वाद देते तो मैं दुनिया की सबसे भाग्यशाली लड़की हो जाती, लेकिन तुम्हें पाकर मुझे किसी और चाहत की कमी नहीं है मुझे किसी और इंसान की कमी नहीं महसूस हो रही बहन किस की उसके बाद हम दोनों लोग दोनों खाना खाने वाहर चले गए, खााना खा कर , हम वहां पास आए बहन को बाहों मेंं भर कर कहने लगा कि आज की रात हम लोगों के अंतिम रात होगी जो बहन भाई की है. कल से हम दोनों एक पति पत्नी के रिश्ते मैं बंध जाएंगे जिसको हम जब तक जिंदा रहेंगे तब तक एक दूसरे को दुनिया के निगाह में छिपाकर रखते हुए पति पत्नी की तरह रहेंगे और एक दूसरे की सुख दुख में खयाल करेंगे कल से तुम सिर्फ मेरा कहना मानोगे मुझसे यह वादा करो बहन मेरे सर पर कसम खा कर वादा ली।

दीदी भी मुझसे एक वादा देने को कहा वह बोले तुम्हें भी मेरे सिर पर कसम खा कर एक वाला लेना है तुमको हर परिस्थिति में मेरा साथ देना होगा, अगर मम्मी पापा भी मुझे गलत कहे या मुझे तुमसे मिलने पर पाबंदी लगा दे,, तो भी तुमको मेरा साथ देना होगा. अगर हमें दुनिया छोड़ने भी पढ़ें तो भी तुम मेरे साथ दोगे, मैं बहन को बाहों में भरते हुए बोला मम्मी पापा क्यों पाबंदी लगाएंगे हम दोनों को मिलने के लिए मम्मी पापा को हमारेेे बारे में कहांं पता है हम तो दुनिया के और घर वालों के निगाह में बहन भाई के रिश्ते  हैं, वह लोग क्यों रोकेंगे बहन बोली कभी ना कभी हम जिस तरह जी रहे हैं जरूर मम्मी को कुछ ना कुछ  भनक लग जाएगी, मैं बोला भगवान ना करे हमारे प्यार में कभी कोई संकट आए।बहन बोली मैं उस पल की बात कर रही हूं जब ऐसी कंडीशन आए मैं बहन के सिर पर हाथ रख कर कसम ली की अगर ऐसा सचुवेसन होता है तो मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा जो तुम कहोगे वही मैं करूंगा।

बहन बोली आज हम सो जाते हैं कल हम शादी के बाद हनीमून मनाएंगे. मैं बोला एक्जाम शाम को खत्म हो जाएगा तो हम घर वालों को क्या जवाब देंगे बहन बोली कि हम कह देंगे ट्रेन मेंं बहुत भीड़ थी , इसकी वजह से सुबह एक ट्रेन की जानकारी लेकर सुबह निकलना पड़ा और हम लोग सोचे वह ट्रेन रात 1बजे पहुंचाएगी उस समय वहां से साधन कैसे मिलेगा इसलिए हम सुबह आनेे का ठीक समझा. बहन के दिमाग को दाद देनी पड़ेगी. हम दोनों सो गए सुबह हम जल्दी जाग गए हम लोग इस होटल को छोड़ दिया छोड़ने का कारण था बहन कह रही थी अगर हम इस होटल से बाहर लहंगा चुन्नी पहन के निकलूंगी तो इन लोगों को शक होगा और यह लोग सोचेंगे कि यह दोनों एक्जाम देने आए हैं और भाई बहन हैं और यह लोग शादी के जोड़े में कहांं जा रहे हैं. हम दूसरे होटल में जाएंगे उस होटल में पता भी नहीं चलेगा 3 घंटे या 4 घंटे के लिए रूम बुक कर लेंगे, और तैयार होकर हम होटल से गाड़ी बुक कर मंदिर में जाकर शादी कर लेंगे.

बहन के प्लान के अनुसार हम लोग एक होटल लिया और तैयार होकर 9:00 बजे मंदिर पहुंच गए पंडित जी को कॉल कर दिया था. पंडित हम से पहले पहुंच गया था। पंडित जी ने विधि विधान से हमारी शादी करवा दे और बोला आज से आप लोग विवाहित जीवन में प्रवेश कर लिए हैं आज से आप लोग पति पत्नी की तरह जीवन के सुख प्राप्त करें ईश्वर आप लोग विवाह विवाह 1 जीवन ढेर सारी खुशियां दे भगवान का साथ ही मेरेेे साथ मुझे 1 सप्ताह पहले 3 महीने की salary मिली थी मैं आप लोगों को बता दूं , मैं मोटर मटका पार्ट का काम करताा हूं जो 6 महीने पहले से कर रहा हूं 15हजार salary महीने की है इस महीने सैलरी पहले मिल गई थी, जैसे ईश्वर का पहलेे से नियोजन हो , भगवान भी हमारा साथ दे रहा है।

हम दोनों एक होटल लिया और वहां पति पत्नी के रूप में रूम बुक कराया, बहन मेरे नाम का सिंदूर पहना था और साड़ी में बहुत सुंदर दिख रही थी मानो कोई मोडल हो, मैं बहन के मासुमियत को देखकर उसके साथ मर मिटने का मन कर रहा. आज मैं उसके लिए किसी को भी छोड़ सकता था मुझे घर और परिवार से ताल्लुक रखने का अब मोह नहीं रहा, हम दोनों लोग खाना खाए उसके बाद मैंने बहन को बाहों में भर कर कहने लगा तुम रानी आज मुझे अपना बना लिया बहन बोली आप भी मुझे अपने प्रेम से मुझ जैसी लड़की को जो इज्जत के खातिर आप से संबंध बनाया , और आज आप के प्यार में बदल गई, बहन को बाहों में भरकर ओंठ चूसना शुरू कर दिया बहन बोली शादी केे बाद यह हमारा पहली रात है मुझे आराम से करो, बहन से बोला रानी तुम मेरी बात मानोगे, बहन बोली मैं आज से आप की हर बात मानना मेरा फ़र्ज़ है आप बोलिए, मैं बोला आज मुझे तुम्हारी गान्ड मारनी है. अगर तुम्हें नहीं अच्छी लगती तो मुझे जबरदस्ती नहीं करनी अगर तुम्हारी इच्छा हो तो ठीक है नहीं तो जाने दो,बहन बोली आप मेरे पति हैं आप की हर ख्वाहिश मानना मेरा धर्म मां बहन के चूचियों को दबाने लगा।

आज अलग लग रहा था बहन के मुंह पर अपना लौड़ा डाल दिया और बहन के बहन मेरे लौड़े को पकड़ कर चूसने लगी मेरा लन्ड पूरा खड़ा हो गया था बहन लंड को अपने होठों से खेल रही थी. मैं बहन के मुंह के अंदर बाहर कर रहा था और बहन को पाने से लेकर अब तक घटित सारे दृश्य चल ऐसा हो, अब अपना लौड़ा बहन के मुंह से निकल कर बहन के चूची पर रख कर घुमाने लगा. फिर बहन के बड़े-बड़े चूचियों को मसल कर पीने लगा बहन बोल रही थी पतिदेव चोद दो अपनी पत्नी को ah ah ah ah ah ah ah ah ah ah ah ah ah ah आवाज निकालने लगी चोद भाई चोद भाई चोद भाई बहन का चूतड और गाांड फ़ाड़ दो बहन चोदवाने में इतना मस्त हो गई थी कि कभी भाई तो कभी पतिदेव कह रही थी.

मैं अपना लंड बहन की गांड़ में डालने लगा हल्का सा धक्का दिया और बहन के मुंह से आवाज आने लगी बहन दर्द के कारण अपने पैर को मोड़ लिया और मुझे चिपक कर कस के पकड़ लिया. मैं बहन के चेहरे पर हाथ फेरने लगा और बोला रानी जाने दूं बहन बोली आज पहली रात है आप कि हर इच्छा पूरी करूंगी. बहन अपने सिर पर जो तेेल लगाती है वहीं तेल लगा लो कहने लगी इसे पीछे लगावो मैं तेल को बहन के गांड़ गिराकर हाथों से घुमा दिया, और बहन की गांड में डालने लगा पैर को मोड़ने लगीं लेकिन मैं बहन के सिर पर हाथ रख कर सहलाने लगा. फिर धीरे धीरे लंड को घुसाने लगा बहन के मुंह से आवाज आने लगी थी. मैं झटके से पूरा लंड**बहन के गांड में डाल दिया. बहन की आंख से आंसू आ गए वाह दर्द सहती रही लेकिन मुझे रोका नहीं, मैं बहन के सिर पर गालों पर हाथ प्यार से फेरता रहा बहन के मुंह से दर्द भरी आवाज निकल रही थी लेकिन मैं कहांं मानने वाला पीछे की तरफ निकली हुई गाांड बहन की पहली बार चोद रहा था.

मैं बहन को पूरेे जोश में चोद रहा था और यह भूल गया था कि बहन दर्द से अपने वोट को दाबे हुए आवाज रोकने की असफल प्रयास कर रही थी. मुझे गांड मार कर इतना आनंद आ रहा था या आज तक चूत तो बहुत चोद लेकिन पहली बार गांड मारने का मजा ही लगता अलग था. बहन चोदते हुए 15 मिनट बाद में अपना पानी बहन की गांड में उलट दिया और ठंडा हो गया ओर चिपक कर उसी तरह सोता रहा.

उस रात मैं बहन को चार बार चोदा बहन मुझे रात भर सोने नहीं दिया, रात भर मुझसेे बातें करते रहे कि हम ऐसे रहेंगे मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगी क्योंकि भगवान को यही मंजूर है शुरूू से आज तक हमारे बीच जो जो हुआ वह मुझसे अपनेेेे प्यार के बारे कैसे हम दोनों की लाइफ में परिवर्तन आया कैसे मैं तुम्हारे बने,मैंंने सेक्स साइट पर बहुत सी कहानियां पढ़ी तब जा के यह फैसला लिया कि मुझे अपनी कहानी लिखनी चाहिए. पहले तो बहन को नहींं बताया था लेकिन बाद में उसको कहानी के बारे में बताया पहले तो बहुत डर गई कोई जान ना जाए. मैं उसको विश्वास दिलाया या साइट ऐसे है जो अपनी है पूर्ण गोपनीय है, तब वह मेरी कहानी लिखने को कहा जब लिखता हूं और प्रकाशित होती है वह कहानी पढ़कर बहुत भावुक हो जाती हैं. मुझे अधिकतर सेक्स कहानियां काल्पनिक लगती है बहुत कम कहानियां सच होती है , मेरी कहानी कोई सेक्स स्टोरी नहीं है  बल्कि मेरे जीवन के अतीत का यह है एक सुंदर घटना है जो मेरेे जीवन में खुशियां भर दी।