Category: हिंदी सेक्स कहानियाँ

चूत फुद्दी लंड की सामान्य हिंदी सेक्स कहानियाँ
Chut Fuddi Lund ki samanya sex kahaniyan
General Sex Stories in hindi

जीवन साथी बनी मां- 2

मैं भी मां के मुंह में पेशाब करने लगा मटक मटक कर सारा पानी पी रही थी और कुछ पानी उसके मुंह और सूचियों पर टपक रहे थे. इसके बाद मां मेरे लंड** को चुत** में डाल दिया जोर जोर से चोदने लगी मैं नीचे रस्सी में बंधा हुआ नीचे से हल्का हल्का अपने लंड* को उछाल मार रहा था ऊपर से मां जोर जोर से अपने चूतड को हिला रही थी.

नौकरानी ने मुझे चुदाई मे एक्स्पर्ट बनाया

मैं भी कुतिया, रंडी, साली, रंडी की औलाद, तेरी भोंसरी की मारूँ, लोंडी बकता हुआ हसीना को चोदने में लगा हुआ था। 5 मिनट की चुदाई के बाद मैं निढाल होकर लेट गया, हसीना भी मुझसे चिपक गई। चिपके चिपके हम एक दूसरे की चूची, चूत चुचकों और लण्ड से खेल रहे थे।

घर की औरतों की चुदास जाग उठी- 2

उसने मेरी चूत के दाने को मसलते हुए पूछा- भाभी यहाँ सब लोग रंडियां लेकर आते हैं, आप गुस्सा तो नहीं हो इस गंदे हाल में आकर? मुझे इस समय बहुत आनन्द आ रहा था, बोली- गुस्सा क्यों होऊँगी? यहाँ मुझे कौन जानता है, सब लोग यही समझ रहे हैं कि मैं रंडी हूँ ! यह सोचकर गुदगुदी और हो रही है। अब तुम भी जल्दी से अपनी भाभी रांड को चोद दो और हाल में कोई पूछे तो रंडी ही बताना। अब चोदो, देर न करो !

दोनों कुतिया चुदने के लिए तैयार थी

मेरा लण्ड तना हुआ था, मैंने देर किये बिना अपना लण्ड श्यामली की चूत में पेल दिया। अब श्यामली के दोनों छेदों में लण्ड घुसे थे, शिवशंकर और मैं दोनों श्यामली को एक साथ चूत और गाण्ड में चोद रहे थे। श्यामली दर्द से चिल्ला रही थी, माधवी सिगरेट पीते हुए बोल रही थी- श्यामली, ऐसा मज़ा घरेलू औरतों को बार बार नहीं मिलता ! चुदने के मज़े ले ले !

घर की औरतों की चुदास जाग उठी- 1

मैंने अपना कुरता ऊपर उठाया और बोली- सिर्फ एक-एक बार दोनों चुचूक चूस लो और काटना नहीं। मेरे दोनों चूतड़ों को दबाते हुए विशाल ने दोनों चुचूक एक एक करके मुँह में लिए और लॉलीपोप की तरह एक एक बार चूसे। इस बीच विशाल झड़ गया। मेरी बुर भी पूरी गीली हो गई थी, मेरा देवर के साथ यह पहला सुंदर कामुक अनुभव था।

गुलाबों की चुत चुदने के लिए कुनमुना रही

मेरी चूत को अपने लंड से बजाने लगे। पुराने चोदू थे, 5-6 आसनों से इन्होंने मेरी चूत बजा बजा कर मेरे बदन के पुर्जे ढीले कर दिए और मेरी चूत अपने वीर्य से नहला दी। आह! चुदने के बाद मुझे बड़ी शांति मिली।

मेरा बचपन जवानी मे बदल गया

उन्होंने अपनी पैंट खोलकर अपने नूनू को दिखाया जो मोटा और बड़ा था तथा उसपर दाँत के निशान थे। मैंने डर कर उनसे कहा कि आपको मैंने जानबूझकर वहाँ नहीं कटा है। मैं गुदगुदी से बचने के लिए झुकी थी। जब आप गुदगुदी से रोकने पर नही माने तो मैंने झुके झुके ही काट लिया।

जीवन साथी बनीं मां

अब तुमसे कैसा शर्माना एक ही काम तो नहीं की हो सिर्फ मेरे चूत में अपना लौड़ा**नहीं डाले हो लेकिन मेरे नाम के कितने मुठ मारे हो कितनी बार अपनी चड्डी गीली कर डाले हो मैं सब जानती हूं और सब देखती थी मैं भी बहुत कंफ्यूज थी

पड़ोसन की चुत बड़ी सुहावन लागे

बहुत प्यार से चुदाई के मजे लेने लगे. वो मेरी तोंद पर बैठ कर मेरे लंड पे कूद रही थी. उसकी बड़ी बड़ी चुचियां ‘थप थप’ उछल उछल कर टकरा रही थीं. मधुर चुदाई का समा बन गया था। मजा आ गया. मैं गीतांजली को वैसे ही गोद में उठा कर खड़ा हो गया और उसे ऊपर नीचे करने लगा. उसकी चुचियां मेरी छाती के बालों से रगड़ खा कर और टाइट हो गईं. मैं भी मसल मसल कर दूध पी रहा था. मैंने थोड़ी तेजी बढ़ा दी.

इस कमीनी चुत को घोड़े का लंड चाहिए- 2

इस कमीनी चुत को घोड़े का लंड चाहिए- 1 रितू मस्ती में नहा रही थी, पूरा लण्ड उसकी चूत में कस कर घुसा हुआ था। वो बार बार चिल्ला रही थी- भाईसाहब चोदो ! इस कुते को आराम क्यों करा रहे हो ! मैं बोला- तेरे भूत को दबाए हुए है यह ! और मैंने […]