Category: हिंदी सेक्स कहानियाँ

चूत फुद्दी लंड की सामान्य हिंदी सेक्स कहानियाँ
Chut Fuddi Lund ki samanya sex kahaniyan
General Sex Stories in hindi

भाभी ने मेरी चुदक्कड़ gf को पछाड़ दिया

उन्होंने मेरा लौड़ा अपने मुलायम हाथों में ले लिया और बड़े प्यार से उसको सहलाने लगी। उनके सहलाने का अंदाज इतना अच्छा था कि मुझको लगा कि मैं तुरन्त झड़ जाऊँगा। अब भाभी करवट लेकर पीठ के बल लेट गई। उनकी गुलाबी, बिना बालों की चूत मेरे सामने थी और उनका आंचल भी हट चुका था जिसने आज तक उनके मोटे मोटे स्तनों को मेरी नजरों से छुपाये रखा था। आज मेरी एक और इच्छा पूरी होने वाली थी सो मैंने बिना देर किये अपना मुँह उनकी चूत पर रख दिया और उसको चाटने लगा। मेरे दोनों हाथ उनके वक्ष को दबा रहे थे

मेरी भाभी को तो मेरे जैसा ही लौंडा चाहिए था

उसके चूतड़ भी मेरे लौड़े पर संवेदना भरे कसाव डाल रहे थे, तो ऐसा लगता था जैसे वह मेरे लंड का दूध निचोड़ लेना चाहते हैं। कमरे में हमारी मक्खन भरी गाँड़-चुदाई के कारण फच्च-फच्च की आवाजें गूँज रहीं थीं। मैंने उसकी गाँड़ करीब २० मिनटों तक मारनी जारी रखी, फिर मुझे महसूस हुआ कि मैं झड़ने के नज़दीक पहुँच चुका हूँ… मैंने उसे धीरे से कहा, “मैं झड़ने वाला हूँ।” उसने अपना हाथ बढ़ा कर मेरे अंडकोषों को दबाया। मैं चिल्लाया

पति के बिना पहली करवाचौथ पर ही बहन की चुदाई

पिंक कलर का निप्पल देख मैंने बिना देर किया ही झपट पड़ा. और अपनी बहन के चूचियों को मसलने लगा. और फिर उसके होठ को अपने होठ में लेके चूसने लगा. वो आह आह करने लगी. मेरा लैंड खड़ा हो चूका था, बहन बोली दिखा तो दे मुझे मेरा प्यार, मैंने उनके हाथ में अपना लैंड दे दिया. बोली कहा रखा था इतना दिन से. मुझे कब से इसकी जरूरत थी. और वो फिर अपने मुह में मेरा लैंड ले ली

बड़ी बहन की चुदाई की लीला देखा

मेरी चूत धन्य हो गयी तुम्हारे लंड से चुदवाकर.. फाड़ दो अपनी सुरभी की चूत को प्रताप आहह मज़ा आ गया। बड़ा मस्त चोदते हो तुम.. सच में मुझे मज़ा आ गया। फिर प्रताप भी सुरभी को ज़ोर ज़ोर से धक्के मारते हुए उसके मुम्मे को दबाते हुए बोल रहा था.. हाँ सुरभी अब तक तू कहाँ थी मेरी रानी पहले क्यों नहीं चुदवाया तूने मुझसे

खुद को नंगा कर गरम हो जाती और झड़ती

पतली कमर, केले के तने सी चिकनी और मखमल सी मुलायभ गोरी जांघें और जाँघों के बीच फ़ूली हुई गुलाबी रंगत लिए मेरी छोटी सी योनि जिस पर हल्के हल्के रोयें ही आए थे और योनि के बीच हल्का सा दिखाई देता गुलाबी दाना (क्लिटोरियस) ऐसा लगता था मानो पाव (डबल रोटी) को चाकू से बीच में से काटकर उसमें अनार दाना छुपा रखा हो, मांसल भरे हुए नितम्ब

ब्रूटल सेक्स की इच्छा रखने वाला पति

वक़्त था मेरी बुर की आग शांत करने का.. जो रात भर से चुदाई के लिए तड़प रही थी। मैंने उनको सीधा किया और उनका लंड चूसने लगी। जल्दी ही उनका लंड खड़ा हो गया। मैं उनके ऊपर चढ़ गई और अपनी चूत को उनके लंड पर सैट किया और एक ही झटके में उनका लंड जड़ तक अपनी चूत में ले लिया

एक नारी की मनोदशा

मामा मेरे कपड़े उतारने लगे और मुझे पूरी नंगी कर दिया। मैं चुपचाप कसमसा रही थी, पर कुछ कर नहीं रही थी। इसके बाद मामा खुद भी नंगे हो गए और मेरे ऊपर चढ़ गए। उम्म्ह… अहह… हय… याह… उन्होंने मेरा कौमार्य भंग कर दिया। मैं भी दर्द से तड़फती हुई अपनी सील तुड़वाती रही। मुझे दर्द तो हुआ था पर मजा भी आया था

भाभी चुदी अपने प्यारे देवर से

देवर ने मेरी पेंटी को निकाल कर मुझे एकदम नंगी कर दिया और मुझसे बोलने लगा- भाभी, मैं आपको बहुत पहले से पसंद करता था लेकिन आपके साथ ये सब करने की हिम्मत नहीं होती थी. मैं आपको बहुत पहले ही चोदना चाहता था. मेरा भाई बहुत किस्मत वाला कि उसको आप जैसे खूबसूरत बीवी मिली है.
मेरा देवर मेरी चूत को सूंघने लगा लगा और मेरी चूत को सूंघने के बाद वो मेरी पेंटी को भी सूंघने लगा

छोटे भाई के साथ चुदाई याद आ रही है

अब मैंने अपने होंठों पर अपनी जीभ फिराई जहां आशू का माल गिरा था, मुझे उसका स्वाद नमकीन सा लगा जो थोड़ा अजीब था पर टेस्ट अच्छा था तो मैं पूरा चाट के साफ़ कर गयी। आज आशू पहली बार झड़ा था तो माल भी बहुत ज्यादा निकला था जो मेरी चूचियों पर साफ़ देखा जा सकता था। झड़ने के बाद आशू वही बेड पर लेट गया उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थी

चुदक्कड़ बुआ और मम्मी

बुआ ने मुझे लिटाया और मुझसे चिपक गयी फिर मेरे लड़ को बाहर निकाला अपनी चूत में दबा लिया मैने भी एक दक्के लगया मेरा पूरा लड़ उनकी चूत में चला गया। वो आआह….स्स्स….मुझसे बोली धिरे कर आवाज मत कर मैं धिरे धिरे उन्हें चोदने लगा चलती ट्रेन में हिल भी रहा था। फिर कुछ देर बाद मेरा माल निकल गया। बुआ की चूत में डाल दिया