Category: रिश्तों में चुदाई

चाचा-भतीजी, चाची-भतीजा, मौसी, बुआ सास, ससुर जैसे रिश्तों में, परिवार में, रिश्तेदारी में चुदाई की कहानियाँ जिसे वर्जित माना जाता है |
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माँ की प्यास को बेटे ने समझा

मेरे लंड पर बैठ गई और ऊपर नीचे उछलने लगी, उनके बूब्स क्या हिल रहे थे? मेरा तो सपना पूरा हो गया मेरी अपनी मां मुझसे चुद रही थी वह भी मस्ती में, पूरी रात मैंने उसको सोने नहीं दिया. सुबह उठ के मोम ने मुझे प्यार से किस किया और थैंक्स कहा.

गाव की लड़कीया लौड़े के लिए पागल

मैंने उसकी चुदाई करके उसके जिस्म के बहुत मज़े लिए और उसने भी मुझसे मेरी चुदाई से खुश होकर मेरा हमेशा पूरा पूरा साथ दिया, लेकिन शादी के दो दिन बाद में अपने घर पर आ गया और उस समय मैंने उससे मिलकर कहा कि में दोबारा जरुर आऊंगा और हम दोबारा चुदाई के ऐसे ही मज़े लेंगे.

ससुर ने बहू की चुदाई की प्यास बुझाई

उसने मेरा लौड़ा पकड़ पर अपने दाने पर कई बार रगड़ा मारा और फिर मस्त हो उठती थी। वो मेरे लण्ड के पास मेरे टट्टों को भी सहला देती थी। टट्टों को वो धीरे धीरे सहलाती थी। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मै अब चूत में अपना लण्ड अन्दर दबाने लगा।

भाभी की बेचैनी को समझ गया

मुझे उनकी साफ चमकती हुई रस से भरी कामुक गुलाबी चूत नजर आ गई. वो दिखने में ऐसी नजर आ रही थी कि जैसे वो कब से मेरे लंड का इंतज़ार कर रही थी और उसी समय मैंने उसका वो इंतज़ार खत्म किया और मैंने अपने लंड का टोपा उनकी खुली हुई चूत पर लगाकर चूत के दाने को रगड़ने लगा

दीदी की भारी गांड की चुदाई

मैंने दीदी की बूर को फैलाया और अपना 7” का लौड़ा पेल दिया. दीदी बहुत जोर से चीखी. पर मैंने २-३ धक्को में पूरा लंड बूर में डाल दिया। फिर मैं दीदी को बहुत तेजी से चोदने लगा.. मेरा लंड दन दनाता हुआ दीदी को बूर चोद रहा था. हर एक शॉट के साथ दीदी की मॉनिंग बढ़ रही थी..

मासूम सी दीदी की कामुक कहानी

में उसे ग्रुप में चोदू लेकिन ये भी चाहता था पहली बार में ही सील तोड़ू जोकि मेरा सपना ही रह गया लेकिन ग्रुप सेक्स करने के रास्ते खुल गए उसकी बातें सुनते सुनते मेरा लंड खड़ा हो चुका था

घर की चाचियो की चुदाई मेरी ज़िम्मेदारी

में अब उसको अपनी तरफ से मस्त मजेदार धक्के देकर उसकी चुदाई करने लगा था कुछ देर धक्के देकर में अब उसकी चूत में झड़ गया। फिर मैंने अपना पूरा गरम ताज़ा वीर्य उसकी चूत की गहराइयों में अपने तेज धक्को के साथ डाल दिया था और उस दिन मुझे बहुत मज़ा आया।

ससुरजी के लंड का राज आ गया- 2

मैं भाग कर उसके पास लेट गई और उसके मुहँ में चूची दे दी, वह चुपचाप दूध पीने लगा. पापाजी भी मेरे पास आकर लेट गए और मैंने बेटे को दूध पिलाने के साथ साथ एक हाथ से पापाजी के लण्ड को भी पकड़ लिया.

चौकीदार के साथ मैंने भी मम्मी को चोद दिया- 2

उसने मम्मी के मुँह को पकड़कर अपना लंड मम्मी के मुँह में दे दिया और मैं मम्मी की चूत को चाट चाट कर चिकना कर रहा था. फिर फिरोज़ ने अपना लंड मम्मी के मुँह से निकाल कर उसकी चूत पर लगा दिया.उसका लंड टोपी दार था. उसने पहले झटके में ही आधे से ज्यादा लंड मम्मी की चूत में डाल दिया. मम्मी की चीख निकल गयी।

ससुरजी के लंड का राज आ गया- 1

अपने जिस्म की नुमाइश करती हुई उनके पास आकर उनके हाथों को पकड़ा और अपनी चूचियों पर रख दिए. फिर उनके लण्ड महाराज को पकड़ कर हिलाती हुई बोली- पापाजी, अब तो आपका यह महाराज भी गर्म है और मेरी महारानी में भी आग लगी हुई है