Mastaram.Net

New Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ | Indian sex kahaniya

रुचिका चाची की धमाकेदार चुदाई – 1

हेल्लो दोस्तों नमस्कार आज मै अपनी रुचिका चाची की धमाकेदार चुदाई की कहानी बताने जा रहा हु दोस्तों बात 2 साल पहले की है जब मै कॉलेज में था | दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ से मेरी नींद खुल गयी | रुचिका चाची रूम साफ़ करने आई थी. मैं यूँही ऑंखें बंद कर के पड़ा रहा. रात को पोर्न देखते देखते दो बार मूठ मार चूका था इस लिए थक गया था | चाची मेरे कंप्यूटर टेबल को साफ़ कर रही थी. तभी मुझे याद आया की मैंने जिस न्यूज़ पेपर मैंने मूठ मारी थी उसको वही पर छोड़ दिया था | चाची ने वो कागज़ उठाया और नीचे फ़ेंक दिया. मेरी जान मैं जान आई तभी चाची पीछे मुड़ी और उन्होंने कागज़ फिर से उठा लिया |

सारा माल तो सुख चूका था मगर सूखे माल के दाग और उसमे से आती नमकीन खुशबू ये बताने के लिए काफी थे की वो क्या है. चाची ने एक दम से उसे फ़ेंक दिया अचानक मुझे देखा और कमरे से बाहर निकल गयी. मेरी गांड भी फट रही थी और हंसी भी आ रही थी | मेरा नाम कार्तिक है, फर्स्ट इयर मैं हूँ और अपनी उम्र के सब लडको जैसे महा ठरकी हूँ. आज तक सिर्फ कंप्यूटर पर पोर्न देख देख कर मूठ ही मरी है और कुछ किया नहीं था. शुरू से ही थोडा गांड फट हूँ और स्कूल मैं भी चुप चाप ही रहा करता था क्योकि मैं हकलाता हूँ. कही किसी लड़की से बात ही नहीं कर पाया. स्कूल मैं रिया जो मेरी क्लास मैं थी, उसे पसंद करता था मगर कभी बात भी नहीं की.

अभी चाची के जाने के बात मेरी गांड फटने लगी की कहीं चाची मम्मी, पापा या चाचा को बोल न दे. रूम से बाहर आया तो कोई भी नहीं था. चाचा और पापा दुकान जा चुके थे. मम्मी मंदिर गयी होगी और चाची शायद नहा रही थी. मैंने सोचा की बात दबा ही लेते है. तभी चाची आ गयी

चाची : अरे कार्तिक चाय पिएगा क्या ?
मैं : ह ह हा च च चाची

चाची : क्या हुआ तुझे ? ( मैं जब भी गुस्से में या नर्वस होता हूँ तो हकलाने लगता हूँ )
मैं : न न नहीं क क कुछ नहीं

ये भी पढ़े : लंड चूसने की शौक़ीन भाभी की मुह चुदाई

मै : वो च च चाची …..म म मेरे रूम में ……व व वो कागज़ थ थ था ना …….व व वो स स सॉरी.

शायद वो कुछ समझी नहीं. तभी उनको क्लिक हुआ की में मूठ वाले कागज़ की बात कर रहा हूँ

चाची : (माथे पर सर लाकर बोली ) देख कार्तिक यह गंदे गलत काम मत किया कर. पड़ने लिखने की उम्र है. पढ़ ले नहीं तो तेरे चाचा जैसे दुकान की गुलामी ही करता रह जायेगा
मैंने चैन की ठंडी सांस ली और सर झुका के बोला की अब नहीं करूँगा चाची. चाची ने स्वीट से स्माइल दी और कहा की चल में चाय बना देती हूँ .
तभी मम्मी आ गयी और बोली की चाची भतीजे में सुबह सुबह क्या खिचड़ी पक रही है. चाची ने कुछ नहीं कहा और मुझे चाय दे दी.

कॉलेज में मेरे ज्यादा दोस्त नहीं थे. सब भेन्चोद मेरे हकले पन का मजाक बनाते थे इस लिए में थोडा रिसेर्वे ही रहता था. आज कॉलेज के लिए निकला तो बस छुट गयी और मुझे पैदल जाना पड़ा. लेट तो हो ही गया था सोचा कैंटीन में कुछ खा लूँ. में घुसा और मुझे कपिल और उसका गैंग दिख गया. में चुप चाप साइड में जाके बैठ गया और सर झुका के बुक देखने लगा. तभी

कपिल : ए हकले ………अबे ओ हकले ……..इधर आ
में ( नर्वस होके ) : क क क्या हुआ ?

कपिल : इधर आ लोडू

में गया और उनकी टेबल के पास खड़ा हो गया:

कपिल : चल गाना सुना

हुआ यूँ था की कॉलेज में मेरे फर्स्ट डे को जब हम सब की रेगिंग ली गयी थी तो मुझे कहा गया की “सलामे इश्क मेरी जान” गाना गाऊ. उस दिन नर्वस होने की वजह से में बहुत हकलाया था और कपिल जो की मेरे से २ साल सीनियर था उन सब का लीडर था . उस ने मेरी इज्ज़त धुल में मिला दी थी और सब जान गए थे की में हकला हूँ | आप यह हॉट हिंदी सेक्सी कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

में : सॉरी मेरा गला ख़राब है
कपिल : साले लोडू गाता है या दू गांड पे लात.

और उस ने मेरे छोटे मगज पर हाथ मार दिया, चटाक की आवाज़ आई. दिल तो ऐसा किया की साले का खून कर दूँ. उस ने दुबारा हाथ उठाया ही था.

तभी कैंटीन में कुछ लड़किया आई. उनमे से एक लड़की जो पिंक कलर के सुट में थी, खुले हुए सुनहरे बाल, सोने और दूध की मिलावट का रंग. एक हाथ में चूड़िया और गांड में बला की लचक. वो सीधी हमारी टेबल के पास आई और कपिल से बोली

भैया, मेरी गाड़ी पंक्चर हो गयी है. क्या आप मुझे साथ में घर ले चलेंगे

कपिल : अरे प्रिया कहां हुई पंक्चर ? गाड़ी कहां है ?

(ओ तो इसका नाम प्रिया है और ये अप्सरा इस मादरचोद की बहन है )

प्रिया : कॉलेज में ही है भैया. ये लो चाबी
कपिल : अरे विक्की , ये ले चाबी और घर छोड़ देना

कपिल जाने लगा अचानक मुड़ा और मुझसे बोले की फिर सुनेगे तेरा गाना तानसेन……प्रिया ने भी मेरी तरफ देखा. हमारी नज़रे मिली और उस ने माफ़ी से भरी एक हाफ स्माइल दी. और चली गयी
रात को सपने मैं मैंने देखा की चाची मेरे रूम को साफ़ कर रही है मगर उन्होंने साडी नहीं पहनी हुयी है. ब्लाउस मैंने उनके बूब्स हिल रहे है और पेटीकोट में उनकी गांड का शेप साफ नज़र आ रहा है. फिर वो मेरे पास आई और मेरे जांघों पर हाथ फिराने लगी और धीरे धीरे मेरे लंड पर हाथ फेरने लगी. तभी मेरी नींद खुली और पजामे में ही मेरा माल निकलने लगा. ओ गोड….मैंने फटाफट मेरी कॉपी में से एक पेज फाड़ा और अंडरविअर और लंड को साफ़ कर लिया और वापस सो गया.

सुबह किसी के हिलाने से मेरी नींद खुली. देखा तो चाची थी और काफी गुस्से में लग रही थी.

मैं : क क क्या हुआ चाची ??
चाची : कल ही समझाया था ना ? क्या है ये ? उस कागज़ की तरफ इशारा कर के उन्होंने पुछा

मैं : व व वो मेरा नहीं है.
चाची : मतलब कोई और आके रख गया है क्या ?

मैं : न न न नहीं वो अपने आप हो गया था
चाची : मतलब ?

मैं : न न न नींद में हो गया था चाची मैंने नहीं किया
चाची : ऐसा कोई होता है क्या ? झूट मत बोल.

मैं : न न नहीं चाची मैंने स स सपना देखा और अपने आप हो गया. म म मैंने तो इस से सिर्फ साफ़ क क किया था
चाची : ऐसा क्या सपना देखा ?

अब मेरी बोलती पूरी तरह से बंद.
मैं फटाफट रेडी हुआ और घर से निकल लिया. चाची को फेस नहीं कर सकता था.

कॉलेज मैं घुसा और गार्डन में बैठा था तभी मैंने देखा की कपिल की बहन, अप्सरा सी सुंदर प्रिया एक लड़के से बातें कर रही है. मेरी गांड सुलगने लगी कि भेन्चोद ऐसा माल मुझे क्यों नहीं मिलता. आप यह हॉट हिंदी सेक्सी कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

अकाउंट की क्लास में मैंने देखा की वो भी बैठी थी. मैंने अपने पास वाले से पुचा भाई ये अभी न्यू एडमिशन कहाँ से आया. वो बोला अबे सरदार प्रताप सिंह की बेटी है.

ये भी पढ़े : बदमाश लड़को की बदमाशी में मेरा बलात्कार हो गया

फायनल एक्साम के पहले भी आती तो एडमिशन मिल जाता. मैं अकाउंट में होशियार था और जो सर हमे अकाउंट पड़ते थे, वो न जाने क्यों मुझसे नरमी से पेश आते थे
शायद मेरे मार्क्स अच्छे आते थे और फिर मैं उनकी नज़र मैं सीधा सादा हकला था.

क्लास ख़तम हुई और सब निकल लिए. मगर प्रिया रुक के सर से बातें करने लगी. मैं जा ही रहा था की सर ने मुझे आवाज़ दी और बुला लिया.

सर : कार्तिक, ये प्रिया है. लेट एडमिशन है इसलिए स्टार्टिंग के तीनो चेप्टर मिस कर चुकी है. तुम्हारे नोट्स वगेरह इसे दे देना.

मैंने कुछ बोला नहीं सिर्फ सर हिला दिया. फिर सर के जाने के बाद थोडा धीरे धीरे बिना हकलाये उस से बोला की कल देता हूँ ताकि उसके सामने इज्ज़त बच जाये. वो भी थैंक्स बोल के निकल ली.

घर पे गया तो आँखों में प्रिया का ही चेहरा घूम रहा था. डायनिंग टेबल पर बैठा था और टीवी देखा रहा था तभी चाची वहां पर झाड़ू मरने लगी. मैं चाची को बोलने ही वाला था की मेरी नज़र चाची के ब्लाउस पर गयी. उनका आंचल नीचे आ गया था और सावले सलोने दोनो बूब्स जोर जोर से हिल रहे थे. शादी के ५ साल बाद भी उन्हें बच्चा नहीं हुआ था इस लिए आज भी कड़क थी. अभी तक मैंने उन्हें उस नज़र से देखा नहीं था पर सपने में माल निकल देने के बाद से मेरी नज़रे बदल गयी थी.

तभी वो सीधी हुई. मैंने तुरंत नज़रे टीवी की तरफ कर ली. चाची ने अपने आंचल से गले का पसीना पोचा और अचानक अपनी चूत की साइड में खुजाने लगी.

ओ shit . मेरा माहोल बनने लगा. अचानक उन्होंने मुझे देखा और अपना हाथ हटा लिया. चाची को शायद गुस्सा आ गया था क्योकि उनके माथे पर फिर से सल आ गया था. मै वहा से चुपचाप सरक लिया.

अगले दिन कालेज में अकाउंट के लेक्चर के बाद प्रिया मेरे पास आई और बोली

प्रिया : हाय
मैं : ह ह हाय

प्रिया : नोट्स लाये हो आप

माँ की चूत…..मैं नोट्स घर पर भूल आया था.

मैं : स स सोरी …..क क कल देता हूँ

उसका चेहरा थोडा उतर गया. कसम से इतनी क्यूट और सेक्सी लग रही थी की बस पकड़ो और……….मैंने अपने सर झटका और उसको बाय बोल के निकल आया.

रात तो घर लेट पहुंचा. सब सो चुके थे मेरे पास मैं घर के डोर की चाबी रहती है. बिना आवाज़ किये डोर खोला और अपने रूम में जाने लगा तभी चाची के रूम से कुछ आवाज़ आई. उनका रूम और मेरा रूम पास पास है और उनके बीच में एक दूर था जो अब बंद कर दिया है, मैं मेरे रूम में गया और कान लगा के सुनने लगा

चाची : ममम सुनो न …..ऐ जी …. सो गए क्या ?
चाचा : हम्म क्या है ?

चाची : यहाँ आओ ना
चाचा : क्या है नीलू ?

चाची : देखो ना मुझे यहाँ पर आजकल बहुत खुजली होती है
चाची : नीलू गर्मी में रेश आ जाते है. क्रीम लगा ले.

मैं समझ गया था की चाची को कहाँ खुजली हो रही है. मैंने डोर की दरारों में देखने की कोशिश की और एक दरार से उनका बेड दिखने लगा. चाची ने सामने से ओपन होने वाला गाउन पहना था और मेरा चाचा पट्टे वाली चड्डी में था.

चाची : अरे देखो तो सही की मुझे हुआ क्या है ? इतनी खुजली क्यों होती है ?
चाचा : नीलू सो जा यार. दिन भर दुकान में गांड मराने के बाद मुझ में इतनी शक्ति नहीं की तेरा चेकअप करू.

चाची : मम्म देखो ना जी. ऐसी खुजली होगी तो नींद नहीं आयगी

साली मुझे बोलती है की गंदे गलत कम मत किया कर और यहाँ पर …..

चाचा : नीलू प्लीज़ यार
चाची गोउन खोलते हुए : देखो ना जी…….क्या हुआ हे. दिन भर खुजली मचती रहती है. क्या आप को भी वहां पर खुजली होती हे.

ये बोलकर चाची ने चाचा के चड्डे में हाथ ड़ाल दिया और चाचा के लुंड को सहलाने लगी. साली चाची तो बहुत गरम है.

चाचा ने हुन्कार भरी और चाची को किस करने लगा. चाची के मुह से मम मम की आवाज़ साफ़ आ रही थी. चाचा ने उसके गाउन को खोल दिया और चाची के गोल संतरों की दर्शन करा दिए. बच्चा भले ही ना हुआ मगर मेरी चाची के मम्मे इतने शानदार होगे इसका मुझे अंदाज़ा भी नहीं था. साली लेटी हुई थी फिर भी उसके बादाम जैसे निप्प्ले अलग ही दिख रहे थे. अचानक मेरे चाचा ने चड्डी खोली चाची का गाउन खोला. मैं तो चाची की चूत भी नहीं देख पाया और मेरा चाचा उसकी टांगों के बिच में बैठ गया. बस चाची की मोटी मोटी जांघें दिख रही थी. मैंने अपना लैंड बहार निकल लिया और हिलाने लगा. आप यह हॉट हिंदी सेक्सी कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

कहानी जारी है … आगे की कहानी पढ़ने के लिए निचे दिए पेज नंबर पर क्लिक करें ….

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control