Mastaram.Net

100% Free Hindi Sex Stories - Sex Kahaniyan

आखिर जिस्मानी रिश्ते की चाहत पूरी हुई

हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हो आप सब मेरा नाम है मनीष और मैं एक लौंडा हूँ | मैंने ऐसा इसलिए कहा क्यूंकि आजकल पता नहीं चलता है कौन लड़का कौन लड़की | नाम की तो बात छोड़ो देखने तक से पता नहीं चलता इसकी बहन की चूत | तो दोस्तों मैं आज आपको अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ जिसमे मैंने एक लड़की को पटाया और उसके साथ हम बिस्तर हुआ पर मैंने कभी उसके साथ गलत नहीं किया और आज वो इस दुनिया में नहीं है पर मैं आज भी उससे बेहद प्यार करता हूँ | किरन नाम था उसका और वो लड़की थी अनजानी सी शायद एक लड़के पे वो मरती थी | वो लड़का कोई और नहीं मैं ही हूँ |

मैं उससे तब से प्यार करता था जब से उसने चड्डी पहनना ढंग से नहीं सीखा था | मैंने तो कभी नहीं सोचा था कि वो मुझसे पट जाएगी पर सिया हो गया और मैं खुशकिस्मत बन गया | दोस्तों मेरी जिंदगी कुछ ख़ास नहीं थी बस अपने काम पे जाना और अपने काम से घर आना | हम दोनों एक दुसरे को देखते और फिर आगे बढ़ जाते पर बोलते कुछ नहीं | मैंने एक दिन हिम्मत की और उसके सामने जाके कुछ बोलने की हिम्मत करने लगा पर बिना बोले ही वापस आ गया | वो भी हस्ते हुए वापस चली गयी |

तो दोस्तों मेरी कहानी में सब कुछ है पर आखिर में आपको एक वजह बताऊंगा हों सके तो सब उसे पढना और इस कहानी के माध्यम से आप सबको जागरूक करना | दोस्तों सेक्स अपनी जगह है पर उसके अलावा भी हमारे कुछ जिम्मेदारियां हैं जिनका प्रवाह हमे करना है | एक हाथ को सब हिला सकते हैं पर जब एक हाथ पे दूसरा हाथ मिलता है तो उसे हिलाना मुश्किल है |

दोस्तों वो लड़की एक अलग सी चाहत रखती थी | उसके जैसी दिलेरी मैंने किसी और में नहीं देखि और ना ही शायद किसी मर्द में | मैं खुद इतना दिलेर नहीं हूँ | पर उसके जाने के बाद इतनी हिम्मत आ गयी है कि अगर कोई कुछ गलत करेगा तो मैं उसे रोकूंगा और मैं आवाज़ उठाऊंगा चाहे अनजाम जो भी हो | तो दोस्तों अब शुरू कटा हूँ मैं अपनी कहानी |

मैं एक दिन उसके सामने से गुज़र रहा था तो उसने मुझे रोका और कहा सुनो तुम हर दिन कुछ कहना चाहते हो पर कह नहीं पाते | मैंने कहा यार वो चीज़ बोलके मुझे जूते नहीं खाने | उसने कहा अरे बोलके तो देखो अगर गलत होगी तो ही जूते खाओगे ना | मैंने कहा यार मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुम्हे जानना चाहता हूँ | उसने कहा लो इसमें गलत क्या है ? मैंने कहा क्या ? उसने कहा पागल अगर किसी लड़की को चाहना गलत है तो फिर सही क्या है ?

यह कहानी भी पढ़े : मामा की लड़की को कली से फुल बनाया

मैंने कहा क्या मतलब तब उसने कहा तुम मुझे जान लो पहचान लो फिर मैं आगे बताउंगी | मैंने सोचा चलो ये भी देख लेते हैं | वो एक कंपनी में काम करती थी और खाली टाइम में गरीब बच्चों के लिए काम करती थी | बस उसकी यही अदा मुझे भा गयी थी | बस मैंने सोचा सबसे अच्छा तरीका यही है कि इसकी कंपनी मैं मैं भी भर्ती हो जाता हूँ और फिर मैं इसके पास रहूँगा | मैं उसकी कंपनी में जैसे तैसे घुस गया और उसके साथ काम करने लगा | फिर वही रोज़ का घूमना फिरना और बाकी सब | पर वो मुझे कभी अपने दुसरे काम में शामिल नहीं करती थी | एक दिन उसने मुझे फ़ोन किया और कहा सुनो मेरे घर आ सकते हो क्या ? मैंने कहा क्यों कुछ हों गया क्या ? उसने कहा क्यों किसी काम से ही बुलाऊंगी क्या तुम्हे बस मतलब की दोस्ती है क्या हमारी ? मैंने कहा सुन अब मत्थे में मत दे आ रहा हूँ |

मैंने अपनी गाडी निकाली और निकल पड़ा उसके घर के लिए | उसके बाद मैं उसके घर पहुँच गया और उसने मुझे पहले ही देख लिया था इसलिए दरवाज़ा खोने नीचे आ गई | मैं उसके पास गया और उससे बात करने लगा तब उसने कहा चलो आज तुम्हे एक ख़ास जगह लेके चलती हूँ | मैं तो जानता ही था वो मुझे कहाँ लेकर जाने वाली है पर मैं चुप रहा | वो मुझे उन्हियो बच्चों के बीच लेकर गयी | उन बच्चों ने मुझे देखा और मेरे पास आ गए | मुझसे कहने लगे मनीष चाचा आज क्या लाये हमारे लिए | मैंने कहा तुमाहरी चाची लेके आया हूँ आज | उसने मुझे देखा और कहने लगी वाह चाचा आप भी | मैंने कहा जी चाची हम भी |

उस दिन मेरी कहानी सेट हो गयी और उसने अपने प्यार का इज़हार कर दिया | मैंने भी उसको अपने गले से लगाया और कहा बस इसलिए तुमसे प्यार हो गया पागलों वाला | उसने भी मुझसे कहा अब तो मैं भी प्यार करती हूँ न पागलों वाला | मैंने कहा चलो चाची इन बच्चों को इनका भाई दे देते हैं | उसने कहा अच्छा चाचा पहले शादी तो कर लो | मैंने कहा उसमे कौन सी बड़ी बात है | मैं घर गया और अपने माँ बाप से कहा लड़की मिल गयी है शादी की तैयारी कर लो | सब मान गए आराम से और शादी के लिए तारीख भी सेट हो गयी | एक महीने बाद हमारी शादी हो गयी | जिस दिन मेरी सुहाग रात थी उस दिन मैंने उसको अपने सीने से लगाया और कहा बस अब मेरी जिंदगी में किसी चीज़ की कमी नहीं है |

उसने कहा चलो तो फिर दो से तीन हो जाते हैं | मैंने कहा वाह बस तुम यही करो तो उसने कहा क्यूँ नहीं करना ठीक है नहीं करते | मैंने कहा अरे मैं तो मजाक कर रहा था | फिर मैंने उसको अपनी बान्होएँ में भर लिया और उसके माथे पे किस कर दिया | फिर उसने मुझे होंठों पे किस कर दिया | मैंने भी उसके होंठों पे किस करते हुए बाल खोल दिए | वो उस दिन स्वर्ग की अप्सरा लग रही थी | मैंने फिर द्धीरे से उसकी साडी उतार दी और उसके बड़े बड़े उभार देख के मेरा मन मचल गया | मैंने तुरंत उसका ब्लाउज भी

खोल दिया | उसके ब्रा के ऊपर से ही मैंने उसके दूध को चूमना चालु कर दिया और उसके बाद उसने भी मेरे कपडे उतार दिए और उसके बाद मैंने उसके पास जाके उसका ब्रा खोल दिया | उसका ब्रा जैसे चाह रहा था कि मेरा ह्जाथ उसपे लगे और उसके दूध आज़ाद हो जाये | उसके बाद मैंने उसके निप्पल पे अपना मुह रखा और जोर जोर से चूसने लगा |

यह कहानी भी पढ़े : माँ की चूत का सौदा बेटे के लिए

अब शायद वो भी गरम होने लगी थी और उसके बाद उसने मेरी छाती पे किस करना शुरू कर दिया | मुझे ऐसा पहले कभी नहीं लगा जैसा आज लग रहा था क्यूंकि आज मेरे पास मेरी जान थी | फिर मैंने उसका पेटीकोट भी उतार दिया और उसके बाद मैंने उसकी पेंटी के ऊपर अपना मुह रख दिया और चाटने लगा और उसकी पेंटी को सूंघने लगा | फिर मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी और उसकी गुलाबी चूत मेरे सामने थी और उसके बाद मैंने उसकी चूत चाटना शुर कर दिया | वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी और मुझसे कहने लगी अब अपना हथियार डाल दो |मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालके उसे चोदने लगा और वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी | मैंने उसे जमके चोदा | वो भी चुदते हुए कभी मेरा लंड चूसती तो कभी मैं उसकी चूत चाटने लग जाता | उस दिन हमने रात भर चुदाई की | उसकी चोट से खून भी निकला क्यूंकि पहले कभी उसने चुदाई नहीं की थी | मेरा भी लंड सूज गया पर उसके बाद सब ठीक हो गया और हम लोग मस्त चुदाई करने लगे |

एक दिन कि बात है दोस्तों हम दोनों उन बच्चो के पास बैठे थे तो कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां बम लगा दिया | चूँकि हम दोनों को पता चल गया था इसलिए हमने पुलिस को बुला लिया | पर बहुत देर हो गयी थी और मेरी बीवी ने वो बम उठाके फेकने की कोशिश की पर वो नाकाम रही | उसने सबको बचा लिया खुद की जान पे खेलके | पर दोस्तों ऐसी चीजों के खिलाफ हमे आवाज़ उठानी पड़ेगी और ऐसे लोगों को रोकना पड़ेगा | बड़े दिन बाद समझ में आई ये बात जो आपको बता रहा हूँ |

न हिन्दू न मुसलमान सबसे आगे है और रहेगा मेरा हिन्दुस्तान | माँ चोद देंगे उसकी जो करेगा इसे बदनाम |

आप इन सेक्स कहानियों को भी पसन्द करेंगे:

The Author

गुरु मस्तराम

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त मस्ताराम, मस्ताराम.नेट के सभी पाठकों को स्वागत करता हूँ . दोस्तो वैसे आप सब मेरे बारे में अच्छी तरह से जानते ही हैं मुझे सेक्सी कहानियाँ लिखना और पढ़ना बहुत पसंद है अगर आपको मेरी कहानियाँ पसंद आ रही है तो तो अपने बहुमूल्य विचार देना ना भूलें

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control