Mastaram.Net

100% Free Hindi Sex Stories - Sex Kahaniyan

अन्तर्वासना की सच्ची कहानी

गतांग से आगे …

उसे जवाब निकिता ने दिया, कोई जल्दी नहीं है, शीला. इसे जी भर कर लेने दे. उन्हें फिर से मज़ा आने लगा था.

मज़ा राजे को भी आ रहा था और वो वास्तव में निकिता की चूत बहुत प्रेम से ले रहा था. धीरे-धीरे उसका मज़ा बढ़ा तो उसके धक्कों ने रफ़्तार पकड़ ली. निकिता भी उसी लय में अपने चूतड़ उठा-उठा कर चुदवाने लगीं. उनके गले से फिर मस्ती भरी आहें और सिसकियां निकल रही थीं. शीला विस्मय से उन्हें देख रही थी. अब उसे वे एक बड़े घर की शालीन स्त्री नहीं बल्कि खुद जैसी आम औरत दिख रही थीं, ऐसी औरत जो खुल कर चुदाई का मज़ा लेती है. शीला यह भी देख रही थी कि राजे उन्हें पूरी मस्ती से चोद रहा था. हर धक्के के साथ उसके चूतड़ संकुचित हो रहे थे. उसने निकिता के कन्धों को कस के पकड़ रखा था ताकि वे उसकी गिरफ्त से निकल न जाएँ. उसका लंड तेज़ी से उनकी चूत में प्रहार कर रहा था. कुछ देर बाद उसके गले से गुर्राने जैसी आवाज निकलने लगी. निकिता को लगा कि अब वो झड़ने वाला था. वे खुद भी फिर से झड़ने को आतुर थीं. तभी गुर्राहट के बीच राजे बोला, मेमसाहब, मेरा निकलने वाला है आsssह!

यह सुन कर निकिता की चूत स्वतः ही लंड पर भिंच गई और उनके नितम्ब बेकाबू हो कर उछलने लगे. राजे भी अब धुआंधार धक्के मार रहा था. दोनों दुनिया से बेखबर थे. दोनों का ध्यान अब सिर्फ उनके संधि-स्थल पर केन्द्रित था जहां लंड और चूत एक-दूसरे को पछाड़ने की होड़ में जुटे थे. कोई हार मानने को तैयार न था और इस मुकाबले में किसी की हार होनी भी न थी. एक मिनट की घमासान टक्कर के बाद राजे किसी जख्मी शेर की तरह गुर्राया. उसका जिस्म अकड़ गया और उसका लंड निकिता की चूत में दनादन पिचकारियां मारने लगा. जब पहली बौछार चूत में पड़ी तो निकिता का शरीर भी तन गया. उनकी कमर ऊपर उठ गई. तीव्र सिसकारियों के बीच उनकी चूत भी पानी छोड़ने लगी. लंड से पानी की आखिरी बूँद निकलने के बाद राजे निकिता के ऊपर बेसुध हो कर गिर पड़ा.

थोड़ी देर बाद जब राजे की सांसें सामान्य हुईं तो वो निकिता के ऊपर से उतरा और उनके पास लेट गया. निकिता ने उसकी तरफ करवट ले कर अपना सर उसके कंधे पर रख दिया. राजे के दूसरी तरफ लेट कर शीला ने भी यही किया. निकिता ने अपना हाथ शीला के हाथ पर रखा और उससे नज़रें मिला कर वे कृतज्ञता से मुस्कुराई. जिस अभूतपूर्व आनन्द का उन्होंने आज अनुभव किया था उसका श्रेय वे राजे के साथ-साथ शीला को भी दे रही थीं. वे सोच रही थीं कि उनके पति के सामने शीला ने वो अजीब शर्त न रखी होती तो वे इस आनंद से वंचित रह जातीं. दोस्तो आप मस्ताराम डॉट नेट पर अन्तर्वासना की सच्ची कहानी पढ़ रहे है |  अपने खयालों में डूबी वे न जाने कब नींद की गोद में चली गयी.

निकिता को अपने सीने पर एक गीले स्पर्श का अनुभव हुआ. वे गहरी नींद में डूबी इस मीठे सपने का आनन्द ले रही थीं. स्पर्श एक गीली जीभ का था जो उनके निप्पल से कामुक छेड़छाड़ कर रही थी. जब उन्हें अपने दूसरे स्तन पर एक मुट्ठी का दबाव महसूस हुआ तो उनकी आँखें खुलीं. उन्होंने पाया कि ये सपना नहीं था. राजे ने उनके एक उरोज पर अपने हाथ से और दूसरे पर अपने मुंह से कब्ज़ा किया हुआ था. पता नहीं यह कब से चल रहा था. निकिता का तन उनके वश में नहीं था. राजे अपने काम-कौशल से उनकी वासना को भड़का चुका था. तभी उनकी अधखुली आंखें खिड़की पर पड़ीं. परदे से छन कर हल्का प्रकाश अन्दर आ रहा था. उन्होंने अपनी घडी पर नज़र डाली. पांच बजने वाले थे. गर्मी के मौसम में सुबह पांच बजे थोड़ी आवाजाही शुरू हो जाती है. उनका अचेतन मन उन्हें यहां रुकने को कह रहा था ताकि वे बीती रात वाला मज़ा फिर से ले सकें. पर उनका मष्तिष्क कह रहा था कि अब एक मिनट भी रुकना ठीक नहीं था. उन्होंने मष्तिष्क की बात मानी और राजे को धकेलते हुए कहा, नहीं राजे, अब मुझे जाना होगा.

राजे जैसे आसमान से गिरा. उसने याचनापूर्ण स्वर में कहा, मेमसाहब, बस एक बार और चोद लेने दीजिये! आप थोड़ी देर और रुक जायेंगी तो क्या बिगड़ जाएगा?

सुबह हो रही है, राजे. निकिता अब पूरे होश में थीं. उन्होंने शीला से कहा, शीला, इसे समझाओ कि किसी ने जाते हुए मुझे पहचान लिया तो ठीक नहीं होगा.

राजे यह सुन कर रुआंसा सा हो गया. वो अटकता हुआ बोला, मेमसाहब, मुझे आप जैसी अप्सरा फिर कभी नहीं मिलेगी. अगर एक बार और आपकी कृपा हो जाये …

तुम ऐसा क्यों सोच रहे हो, निकिता ने कहा. तुम्हारा जब मन करे, शीला से कहला भेजना. मैं आ जाऊंगी.

राजे को अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा था. उसने आश्चर्य से पूछा, क्या? आप सच में आ जायेंगी?

हाँ, जब तुम चाहोगे. निकिता स्वयं आश्चर्यचकित थीं कि उन्होंने ऐसा किस तरह कह दिया. बहरहाल राजे उनकी बात सुन कर खुश हो गया.

मेमसाहब, आप भी बाबूजी को कह देना कि वे जब चाहें तब शीला को चोद सकते हैं. राजे ने कहा. शीला ने तो पहले ही उनसे अदला-बदली की बात की थी.

कुछ मिनट बाद निकिता शीला के साथ बाहर निकलीं और अपने घर की तरफ चल दीं. चलते-चलते उनका दिमाग स्वतः ही पिछले कुछ घंटों में घटी घटनाओं पर जा रहा था. वे सोच रही थीं कि फिर से आने की बात कह कर उन्होंने कुछ गलती तो नहीं कर दी! उनके मन ने उनसे कहा, तुम्हारे पति ने शीला के साथ जो किया, वो सिर्फ अपनी वासना की पूर्ती के लिए किया. उन्होंने तुम्हारी भावनाओं के बारे में एक बार भी सोचा? और राजे वो फिल्म न बनाता तो क्या होता? प्रीतम तुम्हे बताते कि उन्होंने शीला के साथ क्या किया था? अगर राजे को एतराज़ न होता तो वे शीला को फिर से भोगने का कोई मौका छोड़ते? वे तुम्हे राजे के पास भेजने के लिए तैयार हुए तो खुद को बचाने के लिए. वे तो अपने स्वार्थ के लिए तुम्हारी बलि चढ़ा रहे थे. अब राजे औरत को मज़ा देने में माहिर निकला तो इसका श्रेय तुम्हारे पति को नहीं जाता! तुम्हारा पति तो सजा के काबिल है जो उसे तुम ही दे सकती हो. और हां, राजे ने अदला-बदली की बात की थी ना. अदला-बदली में क्या होता है? किसी ने तुम्हे कुछ दिया है वो उसे लौटाना. तुम्हारे पति ने तुम्हे दी है बेवफाई, सिर्फ अपने मज़े के लिए. अब यही तुम्हे लौटानी है, ब्याज के साथ. तुम्हारा लौटाना तो अभी शुरू हुआ है!

ये सब सोचते-सोचते उनका घर आ गया. शीला उन्हें पहुंचा कर वापस चली गई. प्रीतम बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे थे. उनकी रात करवटें बदलते गुजरी थी. रात भर वे यही सोचते रहे थे कि लम्पट राजे उनकी पत्नी की कैसी दुर्गति कर रहा होगा! निकिता के घर पहुँचते ही उन्होंने उसे अपनी बांहों में भींच लिया. उन्होंने व्यग्रता से पूछा, तुम ठीक तो हो?

निकिता ने शांत स्वर में उत्तर दिया, हां, मुझे भला क्या होगा?

प्रीतम ने पूछा, मैं कह रहा था कि वो तुम्हारे साथ सख्ती से तो पेश नहीं आया?

अब ऐसे काम में मर्द का सख्त होना तो जरूरी होता है, निकिता ने कहा.

प्रीतम के समझ में नहीं आया कि निकिता क्या कहना चाहती थी. उन्होंने फिर पूछा, मेरा मतलब था कि उसने तुम्हे चोट तो नहीं पहुंचाई?

निकिता ने सोचा, ‘इन्हें मेरी शारीरिक चोट की तो इतनी फ़िक्र है पर शीला का मज़े लेने से पहले इन्होने मेरी मानसिक चोट के बारे में सोचा था? अब इन्हें सबक सिखाने का समय आ गया है.’ उन्होंने कहा, अगर यह काम स्त्री कि सहमति से किया जाए तो मर्द उसे चोट नहीं पहुंचा सकता, फिर चाहे वो राजे जैसा मुश्टंडा ही क्यों न हो!

भगवान का शुक्र है कि तुम ठीक हो और यह मामला सुलझ गया है! प्रीतम ने कहा. वे मन ही मन खुश थे कि वे खुद दुर्गति से बच गए थे.

सुनो जी, वे लोग कह रहे थे कि शीला ने तुम से अदला-बदली जारी रखने की बात की थी! निकिता ने पत्ता फेंका.

हां, पर मैंने उसी वक़्त मना कर दिया था. प्रीतम थोड़े चिंचित थे कि यह बातचीत किसी ग़लत दिशा में न चली जाये!

पर राजे का बहुत मन है, निकिता ने बाज़ी को आगे बढाया. बेचारा गिड़गिड़ा रहा था कि यह काम आगे भी चलता रहना चाहिए. मुझे तो उस पर दया आ रही थी.

क्या? प्रीतम ने अचम्भे से कहा. उन्हें यह कतई गवारा नहीं था कि राजे जैसा बदमाश उनकी पत्नी का मज़ा लूटे! एक बार तो चलो मजबूरी थी, पर बार बार? फिर उन्हें खयाल आया कि बात अदला-बदली की हो रही है! अगर अपनी पत्नी के बदले में उन्हें शीला मिल जाये तो कैसा रहेगा? एक तरफ पुरानी पत्नी और दूसरी तरफ नई शीला! उनका मन डोलने लगा! आखिर जीत पुरुष की कमज़ोरी की हुई; परायी स्त्री का आकर्षण होता ही ऐसा है! उन्होंने अपनी ख़ुशी छिपाते हुए पूछा, तो तुमने हां कर दी?

उस बेचारे की हालत देख कर मेरा दिल पिघल गया, निकिता ने कहा. मैंने उसे कह दिया कि जब उसका मन करे, वो शीला को बता दे. मैं कल रात की तरह उनके घर चली जाऊंगी. ठीक किया न मैंने?

प्रीतम तपाक से बोले, हां, इसमें क्या गलत है?

मुझे पता था कि तुम्हे भी राजे पर दया आएगी, निकिता ने आखिरी पत्ता फेंका. मुझे सिर्फ एक बात का अफ़सोस है! पता नहीं क्यों तुमने भगवान की कसम खा ली कि तुम पराई स्त्री की तरफ देखोगे भी नहीं! शीला तो तुम्हारी इच्छा पूरी करने को तैयार है पर तुमसे भगवान की कसम तुड़वाने का पाप मैं नहीं करूंगी! अब तो राजे की ही इच्छा पूरी हो पायेगी.

प्रीतम खुद को कोस रहे थे कि उन्हें इतनी ज्यादा एक्टिंग करने की क्या जरूरत थी? भगवान की कसम के बिना भी काम चल जाता. अब राजे के तो मज़े हो गए और बदले में उन्हें कुछ नहीं मिला.

== समाप्त ==

आप इन सेक्स कहानियों को भी पसन्द करेंगे:

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control

error: Content is protected !!