बहन की चुदाई की अनोखी कहानी- 1

गतांग से आगे …..

फिर कार्तिक अपनी हथेली से उसकी फूली हुई को चूत हल्के-हलके से दबाने लगा। सुनीता उसी तरह से बैठी रही। कार्तिक की हिम्मत बढ़ती जा रही थी। कार्तिक उसकी पैन्टी के अन्दर हाथ डालने की कोशिश करने लगा। मगर उसकी स्कर्ट की वजह से पैन्टी के अन्दर हाथ घुस नहीं पा रहा था। कार्तिक ने सावधानी से उसकी स्कर्ट का हुक और साईड चेन खोल दी। फिर कार्तिक उसकी पैन्टी के अन्दर से हाथ डाल कर उसकी चूत के बालों पर हाथ फिराने लगा।सुनीता कुछ नहीं बोली और कार्तिक की हिम्मत लगातार बढ़ती जा रही थी।

अब मुझे भी जोश आ गया और मैंने शोभा की जांघ पर हाथ रख दिया। वोह भी यह सीन देख कर मस्त हो चुकी थी। हम दोनों ने अपना प्रोग्राम चालू किया पर शोभा बोली अभी नहीं, अभी तो ये नशे में है पर जब होश आयेगा तब, इसीलिए ये विडियो कैमरा लो और इसका विडियो बनाओ, इसे अभी दो बार और चुदना है कार्तिक से। तब मैंने कैमरा उठा कर रिकॉर्डिंग चालू की और उधर कार्तिक सुनीता की चूत के बालों में हाथ फिराते-फिराते अपनी उँगली सुनीता की चूत के फाँक के ऊपर फेरने लगा। फिर उंगलियों से सुनीता की चूत के फाँक को खोलने और बन्द करने लगा। कुछ देर बाद कार्तिक ने अपनी एक उँगली सुनीता की चूत के फाँक के अन्दर घुसा कर सुनीता की चूत के जी पॉयंट को हल्के-हल्के रगड़ने लगा।

उसकी पैन्टी की वजह से मुझे अपनी उँगली सुनीता की चूत के अन्दर डालने और सुनीता की चूत के जी-पॉयंट को रगड़ने में दिक्कत हो रही थी। इसलिये कार्तिक ने उसकी पैन्टी को धीरे-धीरे से नीचे खींच कर उसके घुटनों पर कर दी। फिर कार्तिक ने अपनी एक उँगली सुनीता की चूत के अन्दर घुसा उसकी चूत को हल्के-हल्के रगड़ने लगा। कुछ देर बाद कार्तिक ने उसकी पैन्टी भी उसकी टांगों से जुदा कर दी और सावधानी से उसकी दोनों टांगों को अलग कर दिया। अब कार्तिक उसकी चूत के घने बालों पर हाथ फिराने लगा। फिर कार्तिक ने अपना हाथ उसकी चूत पर रख दिया और ऊपर से ही रगड़ने लगा। फिर कार्तिक सुनीता की चूत की फांक पर हाथ फिराने लगा।

फिर हाथ फिराते-फिराते कार्तिक ने अपनी उँगलियाँ सुनीता की चूत के अन्दर डाल दी। फिर उंगलियों को सुनीता की चूत के फाँको में डाल कर रगडने लगा और उसकी चूत के जी-पॉयंट को अपनी उंगलियों से दबाने और हल्के-हल्के रगड़ने लगा। लगभग 5-7 मिनट बाद सुनीता की चूत से कुछ बहुत चिकना सा निकलने लगा।

अचानक सुनीता के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी और उसने अपनी आँखें खोल दी और नशे में बोली, “कार्तिक क्या कर रहे हो?”
कार्तिक ने कहा “बस सोचा कि आज अपनी सुनीता को कुछ मजा कराया जाये। सच बताओ, क्या मजा नहीं आ रहा हैं? मुझे पता है तुम मजे ले रही थी। वरना तुम्हारे नीचे से चिकना-चिकना सा नहीं निकलता।”
सुनीता नशे में मुस्कुराईं और बोली,” सच कार्तिक, मुझे नहीं पता तुम क्या कर रहे थे पर मज़ा आ रहा था।”

कार्तिक बोला,”सुनीता, मेरा साथ दो। हम दोनों मिलकर खूब मजा करेंगे।”
सुनीता बोली,”क्या साथ दूँ और क्या दोनों मिलकर मजा करेंगे। और मेरी पैंटी क्यो उतार रखी है और पैंटी के अन्दर क्या मजा ढूंढ रहे थे।”
कार्तिक ने कहा,”बताऊँ कि सुनीता तुम्हारी पैंटी के अन्दर क्या मजा ढूंढ रहा था।” कह कर कार्तिक ने उसे अपने सीने से चिपका लिया और फिर कार्तिक ने अपने जलते हुऐ होंठ सुनीता के होंठों पर रख दिए।

फिर कार्तिक उसके नरम-नरम होंठों को अपने होंठों में भर कर चूसने लगा। सुनीता ने भी नशे में उसे अपनी बाँहो में कस लिया। फिर कार्तिक सुनीता को किस करते-करते अपने हाथ को नीचे ले जाकर उसकी टी-शर्ट के उपर से उसके स्तनों को दबाने लगा। फिर कुछ देर बाद कार्तिक उसकी टी-शर्ट के गले के अन्दर से हाथ डाल कर उसके सख्त हो चुके वक्ष को दबाने लगा।
फिर कार्तिक उसकी टी-शर्ट को उतारने लगा तो सुनीता बोली,”कार्तिक, क्या करते हो।”
कार्तिक ने कहा,”चिंता मत करो।”

यह कह कर कार्तिक फिर उसकी टी-शर्ट को उतारने लगा। एक तो नशा उस पर कार्तिक ने इतना गरम कर दिया था तो अब सुनीता ने कोई विरोध नहीं किया। कार्तिक ने उसकी टी-शर्ट उतार कर सोफे पर फैंक दी और उसे गोद में उठा कर बेड पर ले गया। सुनीता के बड़े-बड़े और गोरे-गोरे स्तन सफेद ब्रा में फँसे हुए थे। कार्तिक उसकी ब्रा के ऊपर से उसके स्तनों को दबाने लगा। सुनीता ने अपनी आंखे बंद कर ली।

कुछ देर बाद कार्तिक उसकी ब्रा के हुक खोल कर उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिराने लगा। फिर कुछ देर कार्तिक ने उसकी ब्रा भी उसके तन से जुदा कर दी और दोनों कबूतरों को आज़ाद कर दिया और उन्हें पकड़ कर मसलने लगा। कार्तिक उसके गोरे-गोरे सख्त स्तनों को दबाने लगा और साथ-साथ उसके भूरे चुचूकों को हल्के-हल्के मसलने लगा। फिर कार्तिक उसके नरम-नरम गोरे-गोरे स्तनों को अपने होंठों में भर कर चूसने लगा। सुनीता के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी। फिर कार्तिक ने उसकी खुली पड़ी स्कर्ट को भी उतार कर फैंक दिया। सुनीता का नंगा, गोरा और चिकना बदन कार्तिक के सामने था।

फिर कार्तिक ने सुनीता से अलग हो कर अपना टावेल भी उतार दिया और पूरी नंगा होकर सुनीता से लिपट गया और कार्तिक ने सुनीता को अपने साथ सटा कर लिटा लिया। उसका लण्ड तन कर सुनीता की चिकनी टांगों से टकरा रहा था। कार्तिक सुनीता की चिकनी टांगों पर हाथ फिराने लगा। उसकी पाव रोटी की तरह उभरी हुई उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा। फिर कुछ देर तक उसकी चूत पर हाथ फेरने के बाद कार्तिक अपनी हथेली से उसकी चूत को दबाने लगा।

वो बहुत गरम हो चुकी और जोर-जोर से सिस्कारियां ले रही थी और कार्तिक के बालों पर हाथ फेर रही थी और अपने होंठ चूस रही थी। कार्तिक ने उसे धीरे से बिस्तर पर सीधा लिटा दिया और उसकी बगल में लेट कर कार्तिक सुनीता की चूत के कट पर हाथ फिराने लगा। फिर हाथ फिराते-फिराते कार्तिक ने अपनी उँगलियाँ सुनीता की चूत के अन्दर डाल दी। फिर उंगलियों से सुनीता की चूत के फाँको को खोलने और बन्द करने लगा। फिर कार्तिक सुनीता की चूत के जी पॉयंट को रगड़ने लगा। सुनीता के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी। सुनीता ने मस्त होकर अपनी आंखें बंद कर ली। कुछ देर बाद सुनीता की चूत से कुछ चिकना-चिकना सा निकलने लगा था।

कार्तिक का लण्ड सुनीता की जांघों से रगड़ खा रहा था। कार्तिक ने सुनीता का हाथ पकड़ कर अपने लण्ड पर रख दिया। सुनीता ने बिना झिझके कार्तिक का लण्ड अपने हाथ में थाम लिया। वो लण्ड को अपने हाथ में दबाने लगी। कार्तिक का लण्ड तन कर और भी सख्त हो गया था। सुनीता लण्ड को मुठ्ठी में भर कर आगे-पीछे करने लगी। फिर वो कार्तिक का लण्ड पकड़ कर जोर-जोर से हिलाने लगी।

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