बहन की चुदाई की अनोखी कहानी- 1

गतांग से आगे …..


अब कार्तिक सुनीता की चूत मारने को बेताब हो रहा था। कार्तिक सुनीता के ऊपर आकर लेट गया। सुनीता का नंगा जिस्म कार्तिक के नंगे जिस्म के नीचे दब गया। कार्तिक का लण्ड सुनीता की जांघों के बीच में रगड़ खा रहा था।
कार्तिक उसके उपर लेट कर उसके चुचूक को चूसने लगा। वो बस सिस्करियां ले रही थी। फिर कार्तिक एक हाथ नीचे ले जा कर उसकी चूत पर रख कर रगड़ने लगा और फिर एक उंगली उसकी चूत में डाल दी। वो मछली की तरह छटपटाने लगी और अपने हाथों से कार्तिक का लण्ड को टटोलने लगी। कार्तिक का लण्ड पूरे जोश में आ गया था और पूरा तरह खड़ा हो कर लोहे जैसा सख्त हो गया था।

सुनीता कार्तिक के कान के पास फुसफसा कर बोली,”ओह कार्तिक। प्लीज़ ! कुछ करो ना। कार्तिक के तन-बदन में आग सी लग रही हैं।”
ये सुन कर अब कार्तिक ने उसकी टांगें थोड़ी ओर चौड़ी की और उसके ऊपर चढ़ गया। फिर अपने लण्ड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रख कर रगड़ने लगा। फिर कार्तिक ने अपने लण्ड का सुपाड़ा उसकी चूत पर टिका कर एक जोरदार धक्का मारा जिससे लण्ड का सुपाड़ा सुनीता की कुंवारी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर चला गया। लण्ड के अन्दर जाते ही नशे में होने बावजूद सुनीता के मुँह से चीख निकल गई और वो अपने हाथ पाँव बैड पर पटकने लगी और कार्तिक को अपने ऊपर से धकेलने की कोशिश करने लगी। लेकिन कार्तिक ने उसे कस कर पकड़ा था।
वो कार्तिक के सामने गिड़गिड़ाने लगी, “प्लीज़ कार्तिक, मुझे छोड़ दीजिए, कार्तिक मर जाऊंगी, बहुत दर्द हो रहा है।

कार्तिक ने कहा “सुनीता तुम ही तो कह रही थी कि कार्तिक, प्लीज़ ! कुछ करो ना। तन-बदन में आग सी लग रही हैं। इसलिये तो तुम्हारे अन्दर डाला है। सुनीता तुम चिन्ता मत करो, पहली बार में ऐसा होता है, एक बार पूरा अन्दर जाने के बाद तुम्हें मज़ा ही मज़ा आएगा।”

सुनीता को गिडगिडाता देख कर शोभा हसने लगी और बोली अरे पूरा डालो तब इसे असली मज़ा आयेगा. यह सुन कर कार्तिक ने एक और धक्का लगा कर उसकी चूत में अपना आधा लण्ड घुसा दिया। सुनीता तड़पने लगी। कार्तिक उसके ऊपर लेट कर उसके उरोज़ों को दबाने लगा और उसके होठों को अपने होठों से रगड़ने लगा। इससे सुनीता की तकलीफ़ कुछ कम हुई। अब कार्तिक ने एक जोरदार धक्के से अपना पूरा का पूरा लण्ड उसकी चूत के अन्दर कर दिया। कार्तिक का 8″ लम्बा और ३” मोटा लण्ड उसके कौमार्य को चीरता हुआ उसकी कुँवारी चूत में समा गया।

इस पर वो चिल्लाने लगी “आहह्ह, मर गई। ओह प्लीज़ कार्तिक इसे बाहर निकालिये, कार्तिक मर जाउंगी।” उसकी चूत से खून टपकने लगा था।

कार्तिक रुक गया और सुनीता से बोला “प्लीज़ ! सुनीता, मेरी जान, अब और दर्द नहीं होगा।”
सुनीता का यह पहला सैक्सपिरियन्स था। इसलिऐ कार्तिक वही रुक गया और उसे प्यार से सहलाने लगा और उसके माथे को और आँखो को चूमने लगा । उसकी आंख से आंसू निकल आये थे और वो सिस्कारियां भरने लगी थी। यह देख कर कार्तिक ने सुनीता को अपनी बाँहो में भर लिया।
फिर कार्तिक ने अपने जलते हुऐ होंठ सुनीता के होंठों पर रख दिए और कार्तिक उसके नरम-नरम होंठों को अपने होंठों में भर कर चूसने लगा, ताकि वो अपना सारा दर्द भूल जाये।

कुछ देर बाद उसका दर्द भी कम हो गया और उसने मुझे अपनी बाँहों में से कस लिया। कार्तिक ने भी सुनीता को अपनी बाँहों में भर लिया। कार्तिक का पूरा लण्ड सुनीता की चूत के अन्दर तक समाया हुआ था। फिर कार्तिक अपने होंठों से उसके नरम-नरम होंठों को चूसने लगा। कुछ देर तक दोनो ऐसे ही एक-दूसरे से चिपके रहे और एक-दूसरे के होंठों को चूसते रहे।

फिर कार्तिक अपने लण्ड को उसकी चूत में धीरे-धीरे अन्दर बाहर करने लगा। सुनीता ने कोई विरोध नहीं किया। अब शायद उसका दर्द भी खत्म होने लगा था और वो जोश में आ रही थी और अपनी कमर को भी हिलाने लगी थी। उसकी चूत में से थोडा सा खून बाहर आ रहा था जो इस बात का सबूत था कि उसकी चूत अभी तक कुंवारी थी और आज ही कार्तिक ने उसकी सील तोड़ी है।
उसकी चूत बहुत टाइट थी और कार्तिक का लण्ड बहुत मोटा था, इसलिए सुनीता को चोदने में बहुत मजा आ रहा था।