भाभी ननद दोनों की चुदक्कड़ चुत

यह बात दिसम्बर के महीने की है, ठण्ड का मौसम होता है और लड़के लड़कियों में चुदाई की इच्छा भी प्रबल होती है। मेरी गर्लफ्रेंड सारिका ( नाम बदला हुआ) की सहेली नाज की भी कुछ ऐसी ही हालत मालूम हो रही थी, उसकी चुत हॉट हो रही थी।एक दिन उसने सारिका से अपनी बात कही तो उसने मेरे से बताया। मैंने सारिका को घर बुलाया और उससे बात की, पूछा कि तुम दोनों की चुदाई करूँगा तो चलेगा?तो सारिका भी मान गयी।

15 दिसंबर को सारिका के घर वाले बाहर गए थे, नाज को मालूम नहीं था कि आज उसकी चुदाई होने वाली है, नाज सारिका के घर आ गयी तो सारिका ने मेरे को फ़ोन कर के बुला लिया.मैं थोड़ी देर में उसके घर पहुंच गया और नाज़ को देख कर वापस जाने का नाटक करने लगा तो सारिका ने मेरे को रोकते हुए कहा- आ गए हो तो चाय पी कर चले जाना!और वो चाय बनाने के बहाने किचन में चली गयी.सारिका के हाल में आइना इस तरह से लगा था कि किचन में क्या हो रहा है सब दिखता था और हाल में क्या हो रहा है वो किचन से दिखता है.

मैं भी सारिका के पीछे किचन में चला गया और उसकी चुची शर्ट के ऊपर से दबाने लगा.मेरी वासना भारी यह हरकत नाज़ शीशे में देख रही थी और कामवासना से उसकी आंखें बड़ी होने लगी।फिर मैंने सारिका की शर्ट ऊपर कर के उसकी चुची नंगी कर ली और मसलने लगा और लोवर में हाथ डाल कर चूत मसलने लगा.सारिका एकदम नशे में आ गयी और हम दोनों को देख कर नाज़ अपने आपे से बाहर होने लगी और अपने हाथ से अपनी हॉट चुत सहलाने लगी.

जब नाज़ की आंखें कामुकता से बंद होने लगी तो मैं और सारिका चाय बिस्कुट के साथ बाहर आ गए, नाज़ आपने आप को संभाल कर बैठ गयी, मगर उसकी गीली सलवार साफ झलक रही थी.मैं बाथरूम जाने बहाना कर दूसरे रूम के दरवाज़े के पीछे छुप दोनों की बातें सुनने लगा, उं दोनों सहेलियों की बातों से पता चल गया कि नाज़ अभी चुदने के मूड में है.

मैं दरवाजे से बाहर आया और नाज़ के बगल में बैठ कर चाय पीने लगा और जान बूझ कर अपने ऊपर चाय गिरा ली.चाय गिरते ही सारिका ने मेरी पैन्ट और अंडरवियर उतार दी, अब मैं सारिका और नाज़ के सामने नंगा था, सारिका मेरे लंड को पकड़ कर नाज़ से बोली- तेरे को यही चाहिए था न? ले पकड़ ले!नाज़ शरमा रही थी तो मैं उठ कर उसके मुंह के सामने लंड कर के खड़ा हो गया और हाथ उसके शर्ट के अन्दर डाल कर उसकी चुची दबाने लगा.

वो एकदम से पिघल गयी और उसने फ़टाफ़ट अपने पूरे कपड़े उतार दिए.नाज का फिगर बता दूँ- 5 फीट 2 इंच की हाइट, 34″ की कसी हुई चुची जैसे ताजा ताजा खरबूजा किसी ने काट के लगा दिया हो, 30″ की कमर और 36″ की गांड… पूरे बड़े साइज के तरबूज के दो भाग लगते हैं, रंग इतना गोरा है कि यदि कोई दूध में केशर डला हुए बोले तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।फिर मैंने भी पूरे कपड़े उतार कर सारिका को भी नंगी कर दिया.

अब हम तीनों नंगे एक दूसरे के अगल बगल बैठ गए, सारिका मेरा लंड चूसने लगी मैं नाज़ को किस करते हुए उसकी चूत और चुची दबाने लगा।थोड़ी देर बाद नाज़ को लंड चूसने बोल कर सारिका अपनी चूत मेरे मुंह में लगा कर खड़ी हो गयी. इधर मैं सारिका की चूत चाट रहा था, उधर नाज़ मेरा लंड चूस रही थी और मैं नाज की चूत सहला रहा था.10 मिनट के इस खेल के बाद हम तीनों सारिका के बेडरूम में चले गए।सारिका को तो मैं कई बार चोद चुका था इसलिए मुझे नाज़ को चोदने की जल्दी थी, मैंने नाज़ को बिस्तर में लेटाया औऱ उसकी वासना को पूरा जगाने के लिए मैं उसकी चूत चाटने लगा. वो एकदम से कामुक हो गयी.

मैंने सारिका को इशारा किया कि उसके मुंह में अपनी चूत रख दे.वो नाज़ को बोली- तू मेरी चूत चाट… ये तेरी चुत की चुदाई करेगा!मैंने नाज़ की चूत में खूब सारा थूक लगाया और अपने लंड में थूक लगा कर नाज़ की चूत में पहले झटके में लंड डाल दिया. सुपारा अंदर गया ही था कि उसकी चीख निकली और सारिका की चूत में समा गई। नाज की आंखों में आंसू आ गए, वो अपने दोनों हाथों से मेरी कमर को पकड़ कर मुझे धकेलने लगी लेकिन मैंने एक और करारा झटका दे दिया.नाज़ कुछ समझ पाती, तब तक तो मैं आधे से ज्यादा लंड उसकी चूत में घुसेड़ चुका था, सारिका नाज के मुँह में बैठ कर उसके नाभि में किस करने लगी और उसकी चुची जोर जोर से दबाने लगी, जिससे नाज़ थोड़ा शांत हुई.

अब मैंने फाइनल झटका दिया, तो नाज़ को देख कर ऐसा लग रहा था कि उसकी आंखें बाहर आ जाएंगी, 10 मिनट तक वो बिना हरकत किए पड़ी रही और मैं सारिका को किस कर रहा था.बाद में नाज़ ने कमर हिलाना चालू किया तो मैं सारिका को छोड़ कर नाज की चुदाई करने लगा और सारिका ने नाज की चुची दबाना चालू कर दी जिससे नाज की हालत जल बिन मछली जैसी हो गयी।10 मिनट तक लगातार चुदाई के बीच में नाज दो बार झड़ गयी थी. अब वो थकने लगी थी तो मैंने सारिका को उसके ऊपर लेटने को कहा जिससे दोनों की चूत चिपक गयी और अब मैं दोनों की चूत बारी बारी से चोदने लगा, कभी सारिका की चूत में… कभी नाज़ की चूत में!दोनों जवान लड़कियों को तड़पा तड़पा कर यह चुदाई का खेल खेलने में मुझे और उन दोनों को बड़ा आ रहा था।15 मिनट के खेल के बाद दोनों को घोड़ी बना कर चूत चुदाई स्टार्ट कर दिया।

कभी सारिका की चूत में लंड होता तो कभी नाज़ की चूत में, जिसकी चूत से लंड बाहर आता वो तड़प उठती।थोड़ी देर बाद सारिका नाज के नीचे लेट गयी और मैं नाज को घोड़ी स्टाइल में चोदने लगा, नाज के नीचे लटक रही चुची को सारिका जोर जोर से दबाने और चूसने लगी और एक हाथ से मेरे अंडकोष को सहलाने लगी.इससे मेरी भी हालत खराब होने लगी और मैंने अपना लंड बाहर निकाल कर पूरा माल सारिका की चूत और पेट के ऊपर गिरा दिया और नाज़ को उसको चाटने के लिए बोला तो वो न नुकुर करने लगी, फिर थोड़ा मनाने के बाद पूरा वीर्य चाट गयी.यह देख सारिका ने उसे लिप किस कर के जितना हो सका वीर्य उसके मुंह से चाट लिया।

अब हम तीनों थक गए थे, थोड़ी देर हम ऐसे ही पड़े रहे कि तभी नाज के दिमाग में पता नहीं क्या सूझा, वो उठ कर मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी. यह देख सारिका भी उठी और मेरे ऊपर लेट कर अपनी चूत मुँह में रख कर मेरा लंड नाज से छीन कर चूसने लगी, दोनों लड़कियों में लंड चूसने की होड़ सी लग गई और इधर मैंने सारिका की चूत का पूरा रस चूस के उसकी चूत साफ कर दी.फिर मैं उठा और नाज की चूत को चूसना शुरू कर दिया जिससे वो एकदम से वासना से पागल हो गई और जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी, चिल्लाने लगी- मादरचोद…

चूत चूसना छोड़ के चोदना शुरू कर भड़वे… सारिका, तेरा यार तो मस्त चुदाई करता है! आज मैं समझी इतनी खुजली क्यों मची रहती है तेरे को चुदाई की… साली छिनार… अब से मैं भी इसी से चुदाई करवाऊँगी। आह… चोद न रे लौड़े से…उसके मुंह से ऐसी बात सुन कर उसके दोनों पैर कंधे में रख कर एक झटके में उसकी हॉट चुत में घुसेड़ दिया. सेक्सी नाज इस हमले को झेल न सकी और चीख पड़ी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… मर गई… मेरी चूत फाड़ दी कमीने ने…सारिका ने तुरंत उसके मुंह को बंद किया और मेरे को डांटते हुए बोली- आराम से करो, इस साली की नई नई चूत है, ये ज्यादा चिल्लाई तो अगल बगल वाले आ जाएंगे!और हुआ भी वही… बगल वाले रूम के पड़ोसी ने दरवाजा खटखटाया और पूछने लगे- सारिका क्या हुआ?किसी तरह उसने बात संभाली.

इधर मैं और नाज चुदाई में लगे हुए थे, उसकी बातों को सुन कर मैं धकाधक उसकी चुदाई किए जा रहा था और उसके जोर जोर से हिलते हुए चुचे मुझे और जोश दिला रहे थे.5 मिनट में वो झड़ गयी और छोड़ने के लिए बोलने लगी, सारिका मेरे को देख कर समझ गयी कि मेरा छोड़ने का कोई इरादा नहीं है तो वो अपनी चूत में थूक लगा कर बोली- मेरे को चोद पहले… जब से आया है, इस कुतिया नाज की चुदाई कर रहा है कुत्ता… हरामखोर… फ्री का माल मिल गया तो मेरे को भूल गया?उसकी बात सुन कर मैंने नाज को छोड़ कर सारिका को घोड़ी बना कर चोदना शुरू कर दिया, सारिका को घोड़ी स्टाइल बिल्कुल पसंद नहीं है पर मुझे उसकी घोड़ी स्टाइल में चोदने में ही ज्यादा मज़ा आता है।

तब तक उधर नाज सांस में सांस भर रही थी और जब तक वो उठी, मैंने सारिका की भरकस चुदाई चालू रखी. हम दोनों बहुत देर तक बिना झड़े चुदाई कर सकते हैं क्योंकि हमेशा की आदत बन चुकी है।जैसे ही नाज उठी, उसने सारिका के होंठ अपने होंठों में ले लिए और किस करना शुरू कर दी, मैंने सारिका को छोड़ कर नाज को घोड़ी बना कर लंड अंदर डाल कर चुदाई शुरू कर दिया.शायद वो इस बार तैयार थी, सारिका ने गुस्सा दिखाते हुए मेरे गांड में 2 थप्पड़ जड़ दिए तो मैंने इसके बाल पकड़ कर अपनी तरफ खींच कर उसको होंठों पर किस करना शुरू कर दिया.

उसके एक हाथ से नाज की कमर पकड़ने बोल मैं उसके चुचे मसलने लगा, 5 मिनट में नाज फिर झड़ने लगी और उसके गर्म पानी से मेर लंड ने भी जवाब दे दिया और मैं पूरा माल नाज की चूत में डाल कर उसके ऊपर ही लेट गया।लड़की की चूत में अपना रस डाल कर उसकी चूत में लंड डाले डाले उसकी पीठ पर लेटे रहो… कसम से जो आनन्द मिलता है, शायद वो चुदाई में भी नहीं मिलता।10 मिनट बाद मैं उठा तो नाज़ को थोड़ा होश आया वो बोलने लगी- अंदर क्यों डाला? बच्चा रुक जाएगा!मैं भी ताव में था- रुक जाए तो रुक जाए… तेरे को ही तो सारिका जैसी चुदाई चाहिए थी तो कर दी मैंने।सारिका उसको समझाते हुए बोलने लगी- कुछ नहीं होगा, परेशान मत हो।सारिका मेरे से बोलने लगी- तुम दोनों का तो हो गया…

मेरा जिस्म कौन शांत करेगा?तो मैंने नाज के मुंह में लंड डाल कर चूसने बोला औऱ सारिका की चूत चाटना शुरू कर दिया।15 मिनट में दोनों तैयार हो गए।फिर मैं पालथी मार कर बैठ गया और सारिका को अपने ऊपर लंड चूत में डाल कर क्रॉस बैठाया और नीचे से धक्के मारने लगा और सारिका ऊपर से दबाव बनाने लगी, दोनों की छाती आपस में रगड़ रही थी, होंठ आपस में मिले हुए थे और जम कर चुदाई का मज़ा आ रहा था.15 मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए, मैंने पूरा माल बाहर उसके पेट पर गिरा दिया और उसकी चूत का पूरा पानी पी गया।घर में कोई था नहीं और किसी के आने का डर भी नहीं था तो हम तीनों नंगे ही सो गए।

जब अगल बगल में दो दो नंगी खूबसूरत लड़कियां हो तो सोने का अलग ही आनन्द मिलता है, ये मुझे उस दिन पता चला।कब नींद लगी, कोई होश नहीं था, नींद खुली तो सारिका मस्त ठंडा शर्बत बना रही थी. मैं उठा और नाज के दोनों चुचे दबाने लगा पर वो मना करने लगी तो मैं भी कुछ नहीं बोला, उठा और नाज के साथ बाथरूम में हॉट बाथ लिया, वहीं पर उसके पूरे जिस्म को चूमाचाटी कर के नहा के बाहर निकले।नाज को चलने में तकलीफ हो रही थी तो मैं एक दो बर्फ के टुकड़े उसकी दुखती चूत में रगड़ने लगा, थोड़ा आराम मिलता है उससे।

तब तक सारिका शर्बत ले आयी जिसको पीने से शरीर को थोड़ा आराम मिला।फिर मैं कपड़े पहन के वापस आ गया, और थोड़ी देर बाद नाज़ भी अपने घर चली गयी होगी।उसके बाद कई बार मैंने सारिका को उसके घर में चोदा, पर नाज़ और सारिका दोनों सखियों की चुदाई एक साथ नहीं हो पाई।अगली बार बताऊंगा कैसे मैंने नाज़ को अपने घर में ले कर उसको चोद चोद कर बेहाल कर दिया और घंटों मेरे से चुदवाती रही।