चूत चटवाती तेरी मदमस्त जवानी

हेल्लो दोस्तों, कैसे हो आप सभी आज जो मैं कहानी आप सभी को बताने जा रहा हूँ ये बात उस समय की है जब हम 4 दोस्त और मेरी बहन एक साथ मिलकर रहा करते थे। पात्र परिचय।
मैं :- पंकज सिंह। उम्र:- 19 साल कद 5,7″ रंग सफेद, बाल घुंघराले,। पढाई 11वी वर्ग । बहन :- मिश्वा। उम्र 17 साल कद 5,3″ फिगर 34:28:32 पढाई 11वी वर्ग, रंग दुधिया, बाल रेशमी , नटखट के साथ चुलबुली, गलत बरदाश्त नहीं। मेरा जुडवा।

माँ:- नित्या देवी। उम्र 39 फिगर 44:38:44 रंग फायर, बाल काले, बहुत प्यारी , हमेशा शांत और स्थिर, पूजा – पाठ में लीन । पापा :- मिर्तुन्जय सिंह। उम्र 45 कद 5,6″ नाम में सिंह काम भी सिंह वाला। बस यही जान लीजिए एक गरज से पुरा जिला इनके कदमों में डीएम एसपी एमएलए एमपी मंत्री संतरी सब। डरना सिर्फ बीबी से हारना सिर्फ बच्चों (अंदर 10 वर्ष) से…

दोस्त :- गिरीश, किशोर , और प्रीतम। बाकी परिचय कहानी में आने वाले पात्र के साथ।

तो दोस्तो आते हैं कहानी पर हम चारों दोस्त बचपन से अब तक एक साथ पढाई लिखाई मस्ती मजाक लडकी छेडछाड करते आ रहे हैं । मेरी बहन पढाई में हमेशा टॉप। मैं पास वो भी पैसे से। मुझे हिरोगिरी बेहद पसंद है। मेरी बहन सादा जीवन में ही खुश हैं मगर देखने में भारत के सारे हिरोइन फेल, कुछ कुछ बैडमिन्टन खिलाडी कैरोलिना मरीन की तरह है। हमारे सारे दोस्त भी स्मार्ट है तभी तो उन्हें अपना दोस्त बनाया है ।

में सुबह सो ही राहा था कि माँ मेरे कमरे में चाई देने के लिए आई और उठाने के लिए भी तो मेरे महराज को देखी सुर्य नमस्कार कर रहा है। माँ गौर से देखने लगी और मुस्कुरा कर चल दी। जब मैं उठा बाथरूम से आकर चाई पीने गया तब देखा पापा नहीं है। माँ से पूछा तो उसने कहा कंही बाहर निकले हैं। माँ से चाई मांग कर पीने लगा। माँ पास आकर बैठ गई और कहने लगी अब तुम बडा हो गया है ,तो मैंने भी कह दिया आप भी छोटी लग रही हो। माँ बस हँस दी बोली हट पागल। बस फिर काॅलेज गया वहां अपने दोस्तों से मिला पढाई और मस्ती करके घर आ गया ।

तब तक दिन के तीन बज रहे थे अपनी की से गेट खोला अन्दर आया और मा के रूम में गया ही था कि बडा जोड का झटका लगा। वह नहाकर बाथरूम से निकल रही थी और पेटीकोट को अपने छाती से बांध रखा था बाकी कोई कपडा नहीं पहनी थी। मुझे देखते ही सटेचू बन गई। मैं अपने आप को बेहद शर्मनाक महसूस कर रहा था। फिर मैं रूम से बाहर निकल गया। फिर माँ पूजा पाठ करके नकली मुझे पूछती है क्या काम था, मैंने कहा मुझे भूख लगी है खाना दो तो बोली नौकरों से क्यों नहीं बोला देने को। मैंने कहा मुझे पसंद नहीं है, उनसे खाना मांग कर खाना । फिर माँ ने खाना दिया मै जब खा रहा था तो माँ ने कहा आज जो कुछ हुआ उसके बारे में किसी को भी पता नहीं चलनी चाहिए। मैंने कहा ओके। उस दिन से मैं माँ पर लालाइन मामारने लगा।

हमलोग जब रात में खाना खा रहे थे तो मैं उनकी चुचियां निहार रहा था, माँ ने नोटिस किया आख दिखा कर मुसकुरा दिया। मैं समझ गया कि ये पट जाएगी, लेकिन मैं डर भी रहा था कही कोई उलटा न हो जाए ऐसे ही दिन बितता गया। लगभग 1 महीने बाद जब मैं काॅलेज केंटीन में था तब पापा का फोन आया।
मैं :- हेलो पापा।
उधर से ( उसे) :- हेलो बेटा। मैं 1 सप्ताह के लिए दिल्ली जा रहा हूँ।
मैं :- क्यों पापा।
पापा :- बिजनेस के काम से।घर में सब शांत से रहना।

मैं :- ओके पापा।
पापा :- आके तुम्हे एक गिफ्ट दूंगा।
मैं :- थैंक्स पापा।एंड बाई पापा।
पापा :- बाई बेटा।
मैं घर गया तो देखा माँ कुछ ज्यादा ही खुश है।
मैं :- क्या हुआ माँ
माँ:- तुम्हारे पापा बाहर गए हैं।

मैं :- हाँ उनका फोन आया था।
माँ:- अच्छा है अब घर में शांति रहेगी।
मैं :- क्यों क्या हुआ सो। पापा रहते हैं तो अशांति रहती है।
माँ: – हाँ। अब कोई नहीं आएगा 7 दिन तक। हल्ला हुहुनर नहीं होगा।
मैं :- वो तो ये बात है। तो आगे का क्या प्लान है।
माँ:- कौन प्लान , कैसा प्लान।

मैं :- वहीं शांति से रहने का (मैने बाबात बदल दिया)
माँ :-जैसा तुम कहो
मैं :- चलो कहीं घूमने चलते हैं ठंढा जगह।

फिर हम माँ को लेकर शिमला चले गए बहन तो थी नहीं वह तो हास्टल में थी। वहां जाकर होटल में 1 बेड का रूम लिया चार्ट में पति पत्नी लिखा दिया। जब माँ रूम में आयी तो माँ ने कहा 2 बेड का रूम क्यों नहीं लिया मैंने कहा यहां सिंगल बेड ही खाली है। फिर मैं पहले खाना आर्डर दिया फिर बाथरूम गया मैं बाहर आया तबतक खाना आ चुका था, फिर माँ बाथरूम गयी। जब बाहर निकली तो सिर्फ पेटीकोट में ना ब्रा ना पेंटी मुझसे रहा नहीं गया। मैं जाके माँ को पिछे से पकड लिया हाथ सीधा माँ के चुची पर रख दिया। माँ गुस्सा हो गई। ये क्या कर रहा है छोड मैं तेरी माँ हूँ।

मैं :- माँ मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं। तेरे बगैर में जी नहीं सकता हूं। तुम बहुत सुन्दर हो।
माँ:- मैं कहां से सुन्दर हूँ।
मैं :- माँ तुम मुझे सर से लेकर पांव तक सुन्दर लगती हो, काश तेरे जैसी मेरी बीवी होती।
माँ:- इसीलिए होटल में मुझे बीवी लिखाया है ।
मैं :- तुझे कैसे पता।
माँ :- वेटर बोल रहा था आपके पति कहाँ हैं।

मैं :- तो क्या सोचा है।
माँ :- क्या
मैं :- वही मेरी बीवी बनोगी।
माँ :- पहले प्यार फिर आगे जो होगा सो होगा
मै :- आई लव यू माँ।
माँ :- आई लव यू टू बेटा।

फिर क्या था मैं माँ को चुमने लगा बेतहाशा चुचियां दवाने लगा एक हाथ नीचे ले जाकर माँ के चुत में उंगली करने लगा तो मुझे मेरे उंगली पर कसावट महसूस हुआ तो मैं माँसे पूछा तुम्हारे नीचे बहुत टाईट है। हम दोनों कैसे पैदा हुए तो माँ ने कहा तुम दोनों पेट खोल के हुए हैं।
मैं :- मतलब तुम आप्रेशन करवा ली हो।
माँ :- नहीं।
मैं :- तुमको अपने बच्चों का मां बनाउंगा वो भी शादी से पहले फिर शादी करूंगा।
माँ :- मैं भी यही चाहती हूं।

दोस्तों मुझे पिछे से चुचियां मसलना चूत में उंगली करना और किस ये तीनों एक साथ करना बहुत अच्छा लगता है।किसी भी औरत को ये तीनों हमला एक साथ करने पर उसे पिघला सकता है।
फिर हमलोग खाना खाते हैं और उसके बाद मां को मै पुरा नंगी करके बेड पर लेटाकर माँ के उपर आ जाता हूं । माँ का होठ चुसने लगता हूँ फिर चुचियां चुसता हूँ ।एक बूब्स मुंह में लेकर चुस्ता हूँ एक को हाथ से दबाता हूँ
माँ:- आहहह ओह्ह एसएस सस सीईईई

मैं :- उउउऊऊऊउउ मुमहा
माँ:- औऔऔऔऔररररर जोररररर से राआआआआआजाराआआआआआजाआआआआ
मैं :- हाँ मेरररररररररररी जाजाआआआआआआआआआन
फिर नीचे आता हूँ चुत पर चुत चाटने लगता हूँ माँ और जोड से माॅनिग करने लगती है।
माँ :- आआआआआआआहहहहहहहहाहाहहाहहहाहहा औऔऔऔऔररररर जोडडडडडडड ससससससससे चचचचचचचचाटटटटटटटटटटट मजजजजजजजजजजजा आआआआआआआ रहहहहहहहहा हहहहहै। फिर माँ झाड जाती है।