देसी गर्ल की चुदाई विदेशी लौड़े से

सुप्रभात दोस्तों | मैं एक अस्पताल में काम करता हूँ | मैं रोजाना अस्पताल जाता हूँ और मरीजो का इलाज करता हूँ | मैंने अपने बचपन में कुछ ख़ास नहीं किया | सिर्फ डॉक्टर बनने की तयारी में लगा रहता था | मैं अपने घरवालो से दूर रहता था और इसकी असली वजह मेरा डॉक्टर बनना था | मैं बचपन से ही डॉक्टर बनना की खवाहिस ले कर आगा बढता रहा हूँ जब मुझे बचपन में कोई पूछता आप बड़े हो कर क्या बनोगे तो मैं उन्हे जवाब देता था डॉक्टर बनूँगा | मैं कुछ खास करने की खातिर घरवालो को छोडकर रहने लगा था |

मैं छतीसगढ़ में रहता था ताकि डॉक्टर की तयारी कर सकू | मैने अपना बचपन डॉक्टर बनने की तयारी में लगा दी | छतीसगढ़ में रहकर मैंने चुदाई किया था | मैं ने इस शानदार कारनामे को अंजाम देने के लिए 500 रूपए खर्चा किया था | छतीसगढ़ में धंधे वाली लडकिया रहती है जिनको एक कोटा जैसे वाली जगह से प्राप्त किया जा सकता है | छतीसगढ़ शहर में एक जगह ऐसी है जहा पर आप कुछ ऐसा पाओगे जो कबीले तारीफ है | इस जगह पर पहुचकर मैं ने एक लड़की की चुदाई किया और वो भी 500 रूपए में | मैं छतीसगढ़ में किराये के मकान में रहता था | मुझे एक दोस्त ने धंधे वाली लड़कियों के पास ले जाना का फैसला किया | मैं जब छतीसगढ़ में था तो मैं पढाई करते हुए अपना वक्त घुमने के लिए भी निकालता था | उस घुमने के वक्त पर मैं और मेरा दोस्त चुदाई में व्यस्त रहते थे | उसने मुझे चोदना सिखाया था | डॉक्टर की पढाई मेरे लिए फायदेमंद साबित हुई |

मै चोदना से पहेले कन्डोम का उपयोग किया करता था | बिना कन्डोम पहनकर लड़कियों को चोदना खतरनाक होता है | डॉक्टर कि पढाई मुझे रास आती थी इसलिए मैं ने अपना वक्त पढाई को दिया करता था | रोज पढाई करता था जैसे ही वक्त बिता और मैं ने पुरे पांच साल पुरे कर लिया तो मुझे डॉक्टर की उपादी मिल गयी | अब किसी को डॉक्टर बनना होता है तो पहेले उसे डॉक्टर की उपाधि पाना होता है | बिना उपाधि कोई भी डॉक्टर नही बन सकता है | डॉक्टर बनने के बाद मैं ने अस्पाताल में कार्य करना शुरु किया | मैंने शुरु में एक अस्पातल में कार्य किया वहा से अनुभव प्राप्त करने के बाद मैं ने अलग आस्पतालो में नौकरी करी | मेरे पास अनुभव था इसलिए अस्पतालो में मुझे आधिक तनखा भी दिया जाता था |

मैं तनखा का कुछ हिस्सा छतीसगढ़ की बाजारू लड़कियों में खर्च कर दिया करता था | मैं लड़कियों को पटाने में भी काफी रूचि लेता था | इसलिए मैं एक बड़ी नौकरी पाने के बाद हमेशा कुछ नया करने की तालाश में रहता था | मैं अब धंधे वाली लड़कीयो के आलावा आम शहर की लड़कियों को पटाने में लगा रहता था | मैंने एक लड़की भी पटाई छतीसगढ़ में | मैं ने उस लड़की को चोदो | जब मैं उस लडकी को चोद रहा था तब मैं ने उस लडकी के कपड़े को उपर उठाया और उसके कपड़े को बिना उतारे फिर मैं उस लडकी की चूत के अन्दर अपने लंड को डाला हुआ था | उसके बाद मैं ने उस लडकी के गांड के अन्दर अपने लंड को डाल दिया |

उस दिन उस लडकी को चोदने का मैं ने जो करनामा किया था वो काफी कारगर था | उस लडकी की चुदाई जब चल रही थी तब मैं ने कुछ देर बाद अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला और मेरे लंड से माल गिर रहा था | लेकिन उस लड़की को पटाना इतना सरल नहीं था | उसने मुझे चुदाई का मौका तो दिया लेकिन वह लड़की पटने से पहेले भाव खाती थी | छतीसगढ़ में मैंने उसे एक कमरे में ले जा कर चुदाई की | घुमने के लिए एक गाडी को बूक करता था | वह लड़की मेरी बूक की हुई गाडी में आती थी और हम लोग गाडी में घुसे रहते थे | उसे मैं ने गाडी में भी चुदाई कर चूका हूँ | वह इतनी सुन्दर थी उसे चोदने की खातिर मैंने उसके लिए गाडी में भी अपने तनखा का कुछ हिस्सा खर्च कर देता था | वह मुझ से नाराज रहती थी तो मैं उसके लिए तोफा लाता था | वह तोफा पाकर खुस होती थी | उसे मैं महेंगे तोफे दिया करता था |

मैंने जैसे उसे महेंगी सी अंगूठी और गले में पहनने के लिए चैन भी दिया | वह मुझ से ऐसा बरताव करती थी जैसे की मैं कोई रहीस हूँ वह मुझे पकवान भी खिलाती थी | छतीसगढ़ के पकवान स्वादिस्ट होते है | अगर आप भी छतीसगढ़ आये तो एक बार यहा का पकवान अवस्य खाए | छतीसगढ़ का पकवान खाने के लिए लोग दूर के शहरो से भी यहा पर आते है | छतीसगढ़ में रहते हुए मैं सारी गलियो में घूम चूका हूँ |

छतीसगढ़ के अदिकांस लोगो से मेरी मित्रता है | अब जब मैं छतीसगढ़ से लौटकर अपने पापा के शहर में जाता हूँ तो लोग मुझे छतीसगढ़ का निवासी के रूप में मुझे पहचानते है | मैं ने छतीसगढ़ में रहकर एक ख़ास पहचान बना ली है | मुझे अब छतीसगढ़ के एक बड़े अस्पताल से बुलावा आया है उस अस्पातल में अगर कार्य करूँगा तो मुझे एक कार भी दिया जायेगे | मैं ने अपने जीवन में बड़ी उप्लाब्दिया प्राप्त किया है | उन उप्लाब्दियो के वजह से लोग मुझ पर गर्व करते है | उप्लाब्दिया प्राप्त करने के लिए आप को भी अपना सारा वक्त उप्लाब्दियो को प्राप्त करने के लिए देना पडता है | छतीसगढ़ में रहते हुए मुझे करीब 8 साल हो चूका है |

मुझे अब अपने अगला पड़ाव अन्य शहरो की तरफ करना है क्योकि यह मेरे लिए एक बड़ा मौके की तरह है | अन्य शहरो में मेरे अनुभव को बदौलत मुझे बड़ी नौकरी रखी है इसके आलावा रहने के लिए घर और आने जाने के लिए एक कार भी दिया जा रहा है | कारीब 8 साल तक छतीसगढ़ के आस्पताल में कार्य करने के बाद मैं ने अब अन्य शहरो में भी कार्य करने का फैसला किया है | मैं अपने जीवन में सफलता की सीडी पर चड़ने की कोशिश में लगा रहता हूँ | इसके आलावा बुडापे तक लोगो का इलाज करते हुए उनकी सेवा करने का फैसला किया है | मेरे फैसले पर मेरे घरवाले मुझ पर गर्व करते है |

बैंगलोर एक शहर है जहा पर मुझे जाना था | मैं बैंगलोर गया और वहा पर एक साल तक डॉक्टर की नौकारी किया | बैंगलोर के अस्पातल में कार्य करते वक्त मैं ने एक नर्स से दोस्ती किया था | उस लड़की से भी मेरा सम्बन्द करीब 3 साल तक चला | 3 साल बाद उसकी शादी हो गयी | मैं अपने बैंगलोर के अस्पातल में कार्य करते वक्त कुछ फुरसत का वक्त भी निकलता हूँ ताकि मैं नर्स वाली लड़कियों से दोस्ती कर सकू | मैं ने कई सारी नर्सो से दोस्ती किया है | बैंगलोर में मैंने पहेली नर्स को चोदा था तो मैं ने उसे एक अस्पातल में चोदो था | उस नर्स को मैं अपनी अस्पातल की तरफ से दिया गया कार से घुमाता था | उस नर्स को मेरी कार से घूमना पसंद था | मैं उस अस्पातल में 8 घंटे की नौकरी करता था |

मुझे रात का भी शिफ्ट दिया जाता था ताकि मैं अधिक कमा सकू लेकिन मैं वैसे भी सुबह के वक्त कार्य करता था मैं रात की शिफ्ट को पसन्द नहीं करता था | लेकिन मुझे जब भी सुबह कोई ख़ास कार्यकर्म के लिए वक्त निकालना पडता था तब मैं रात के शिफ्ट में कार्य करता था | रात के वक्त मैं जब आस्पताल में कार्य करता था तब उस वक्त मुझे मौका मिलता था मेरी बैंगलोर की पहेली नर्स को चोदने का | लेकिन कोई न आजाये उस डर से मुझे सतर्क रहना पडता था | चोदने के लिए मैं एक लड़के की सहायता लेता था जो आस्पताल कि सफाई करता था |

मैंने उस नर्स को अपने घर पर ले जा कर भी चोदा है | उस लड़की की सुन्दरता सम्मानिये थी | उसकी सुन्दरता के कारण मैं ने उस लड़की से दोस्ती करने का फैसला किया था | तीन साल के सम्बन्द के दौरान मैं ने उस लड़की की चुदाई किया | मेरे पास अधिक धन था जो की मुझे नौकरी के दौरान दिया जाता था | डॉक्टर की नौकरी एक रहीस वाली नौकरी होती है इसलिए मेरे पास धन अधिक था | मैं भी एक गुलाम की तरह उस नर्स पर अपना कमाया हुआ धन खर्च किया करता था | मुझे अपने धन को सहज कर रखना भी आता है | भले मुझे एक कार अस्पातल के तरफ से मिली थी लेकिन मैं ने अलग से एक कार ले ली थी इसलिए अस्पातल को उनकी कार लौटा दी | अब मेरे पास कार है जिसकी किम्मत 8 लाख है | मुझे एक बार भारत से बाहर जाने का मौका भी मिला था |

लन्दन एक ऐसा देश है जहा पर लोग का रहन सहन शानदार है रहने के लिए वहां का मौसम भी तारीफ करने लायक है | मैंने लन्दन में उस नर्स को कई जगह पर ले कर घूम चूका हूँ | मेरे पास और उस नर्स के पास जब फुरसत का वक्त होता था तब मैं उस लड़की को अपने लन्दन वाले घर में चोदता था | जब मैं उस लडकी को चोद रहा था तब पहले मैं ने उस लडकी से कहा की क्या तुम मेरा लंड चूस सकती हो तब उस लडकी ने मुझ से कहा की हा मैं चूस सकती हूँ |

उसके बाद उस लडकी ने मुझ से कहा की क्या तुम मेरे बदन को दबा सकते हो तो मैं उसके बदन को अपने हाथो से दबाना शुरु कर दिया | कुछ समय के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत पर घुसा दिया | उसकी चूत पर अपना लंड डालकर हिला रहा था | जब मैं उस चोद कर थक गया तब मेरे लंड से माल बाहर आने लगा | लेकिन मैने उसे चोदना नही छोड़ा | मैने उसके बाद उस लडकी के गांड के अन्दर अपना घुसेड दिया | उसके बाद मैने उस लडकी के दूध को अपने हाथो से दबाया | उसने भी मेरा साथ दिया और मेरा लंड चूसते हुए उसने मेरे सोये लंड को जगा दिया |

उसके बाद क्या था फिर मैंने वही चुदाई का गन्दा खेल शुरू कर दिया | मैंने उसकी चूत जो एक दम गुलाबी थी उसमे अपना लंड घुसाया और वो सिसकियाँ लेने लगी | उसके बाद मैंने उसे रफ़्तार के साथ चोदना चालू किया और उसकी चूत पे अपने लंड से वार करने लगा | मेरा लंड पूरे जोश में था और उसकी चूत को फाड़ देना चाहता था | बस वार तब तक चला जब तक मुट्ठ नही निकला |