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दूधवाले संग मिलकर बेटी की चुदाई-2

मैने अपना मूह उसकी चूत पे गढ़ा दिया तो अनु ने मेरे सिर को पकड़ लिया और बोली पापा प्लीज़ रहने दो,बर्दास्त नही हो रहा. अब प्लीज़ जल्दी से जो करना है करो.तो मैं बोला अनु पहले मुझको तो गरम करो तो वो बोली कैसे पापा.मैं बोला तुम थोड़ा बैठो तो वो बैठ गयी.मैने अपना लंड उसके मूह के पास रख दिया और बोला इसको अपने मूह में लेकर थोड़ा आगे पीछे करो तो ये गरम हो जाएगा.

उसने पहली बार मेरा 7″लंबा और 3.5″मोटा लंड देखा और देखते ही बोली पापा इतना मोटा और लंबा. पापा ये कैसे जाएगा मैने कहा चला जाएगा तू चिंता मत कर थोड़ी सी तकलीफ़ होगी लेकिन बाद में तुम्हें अब से ज़यादा मज़ा आएगा. ओर उससे बोला पहले तुम इसको मूह मे लेकर गर्म करो. तो वो बोली पापा मैं इसको मूह में नही लूँगी इससे मुझे वॉमेटिंग हो जाएगी मैने बोला नहीं अनु ऐसा कुछ नही होगा तो वो बोली प्लीज़ पापा मेरा मन नही कर रहा.

मैने ज़यादा ज़ोर नही दिया कि कहीं बनी हुई बात बिगड़ ना जाए मेरी ये प्लॅनिंग थी कि आज कैसे भी इसकी ले लूँ उसके बाद तो अनु की जो रेकॉर्डिंग मैं हेमा से करवा रहा हूँ ,उसके बाद तो मैं उसकी ना नुकुर नही सुनूँगा और बाद मे कभी भी ज़यादा ना नुकुर करेगी तो उस रेकॉर्डिंग को दिखाने से वो मान जाएगी और मेरा मैन इरादा तो उसकी फ्यूचर में शादी होने के बाद भी उसे पेलते रहने का था, साथ ही साथ हेमा के साथ मेरे सेक्स करने पर भी वो कुछ मूह नही खोलेगी. मैने ज़िद नही की और उसकी बात मान ली मैं अब सीधे उसके उपर लेट गया और उसकी चूत के उपर अपना लंड रख दिया.

वो बोली पापा आराम से करना पहले कभी नही किया दर्द होगा और ब्लड के लिए नीचे कुछ चद्दर लगा लो तो मैं बोला मेरी अनु तो बहुत समझदार है,ये सब तुमको कैसे मालूम तो वो बोली पापा मैं क्या आपको अभी छोटी ही लगती हूँ मुझे सब कुछ पता है.

आपने दिन भर जो मेरी सेवा की है उसके साथ साथ हरकतें भी की हैं लेकिन मैं अंजान बनी रही लेकिन सही बात तो ये है कि मैं तो इंतेजार कर रही थी कि रात जल्दी से हो और आप मेरी तमन्ना को पूरी करें मैने उससे कहा अनु मेरी जान ले मैं तेरी तमन्ना आज पूरी कर दूँगा चद्दर की चिंता मत कर थोड़ा बहुत ब्लड निकलने दे धूल जाएगी.वो फिर बोली पापा प्लीज़ थोड़ा आराम से करना.मैने उसकी बात सुन तो ली लेकिन मुझे पता था कि उसको कष्ट तो होगा ही क्यूंकी अभी तक वो अन्छुइ और अन्चुदि है.

मैने फिर से उसके लिप्स को अपने लिप्स से लॉक कर दिया और उसकी चूत के उपर अपने लंड का सुपाडा रख दिया और एक ज़ोर का झटका लगाया और एक ही बार में लंड को उसकी चूत की जड़ तक पहुँचा दिया.वो तड़पने लगी लेकिन मैने उसके मूह को नही छोड़ा और जकड़कर उसको पकड़ लिया.उसके मूह से हुउन्ण हूम की आवाज़ें आ रही थी उसने मूह को छुड़ा ही लिया और रोते रोते हकलाते हुए बोली पापा निकालो इसको बहुत दर्द हो रहा है मैं मर जाउन्गि. आआअप बहुत गगगंदे हो मैने बोला था बोला था कि आराम से करना लेकिन आप माने नहीं.वो पसीने पसीने हो गयी थी निकालो ना .

इस पर मैं बोला अनु अब रहने दो मैं ऐसे ही रहूँगा और धीरे धीरे हरकत करूँगा.इस पर वो बोली आपका कोई विस्वास नही है आप फिर भी नही मानोगे निकालो इसे

मैने कहा तुम्हारी कसम अनु अब आराम से करूँगा तो वो शांत हो गयी. अब मैं धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूत पर आगे पीछे करता रहा और उसको भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी. मैं पहली बार में जल्दी ही झड गया,लेकिन नयी चूत के बारे मे सोचकर मेरा लंड जल्दी से खड़ा हो गया और फिर से शुरू हो गया अब अनु से मैने बोला कैसा लग रहा है जान. वो झैन्प गयी क्यूंकी मैने पहली बार उसको जान बोला था,वो बोली अच्छा लग रहा है पापा अब चाहे जितना ज़ोर से करो.

मैं उससे बोला तुम भी मुझको नाम लेकर बुलाओ या जान बोलो.तो वो बोली मुझसे नही होगा. थोड़ी देर बाद मैने स्पीड बढ़ा दी. उसने मुझे जकड़कर पकड़ रखा था वो शायद झड़ने वाली थी,थोड़ी देर बाद उसकी पकड़ ढीली पड़ गयी शायद वो झड चुकी थी और मैं भी झड गया. हम दोनो ऐसे ही कुछ देर तक पड़े रहे और जब मैने उसे उठाया तो देखा बिस्तर पर काफ़ी खून पड़ा था साथ में हम दोनो का माल भी था.

ये देखकर अनु बोली देखा आपने कितना खून निकाल दिया,मुझे मेरी सहेलियों ने बताया था कि पहली बार मे ब्लड निकलता है और पेन भी होता है. मैने उसको बोला तो फिर मुझको गंदा क्यूँ बोल रही थी तो वो बोली आराम से करते तो दर्द कम होता, लेकींन आप को तो बिल्कुल सब्र ही नही था. अब मैने कहा चलो अब दूसरी तरफ से ट्राइ करते हैं तो वो बोली नही जी मैं पीछे से नही दूँगी आपको. मैने कहा क्यूँ तो वो बोली मुझे बताया गया है कि पीछे से बहुत ही ज़यादा दर्द होता है और बाद में भी बहुत दिन तक तकलीफ़ होती है,और पीछे से मज़ा भी नही आता. इस पर मैं बोला नही अनु किसी ने ग़लत बताया है, तो वो बोली कि जो भी हो नही का मतलब नही, और अब सो जाओ.

मैने कहा चलो एक बार ऑर आगे से तो वो बोली कल करना अब मुझे नींद आ रही है.मैं समझ गया कि इसके नखरे जब पहले दिन ही इतने हैं कि ना तो पीछे से दे रही है ऑर ना ही इसने मेरा लंड मूह में लिया तो ये ज़यादा दिन तक मुझको देगी नही.मेरा फ़ैसला ठीक ही है जो मैने इसकी रेकॉर्डिंग करा ली हेमा से.

मैं तुरंत बाहर गया और देखा हेमा वही खड़ी थी मैने उसको एक किस की ऑर बोला डार्लिंग अब हमारा रास्ता भी सॉफ हो जाएगा अब हम दोनो कुछ दिन बाद अनु के सामने खुल कर मज़ा लेंगे. मैने उसे बोला इस रेकॉर्डिंग को कल मेरे कंप्यूटर में सेव कर देना और इसके बारे में किसी को भी खबर नही होनी चाहिए.वो बोली जानेमन बेफिकर रहो,और मैने उसे जल्दी से घर से बाहर निकालकर गेट बंद कर दिया.

जब मैं रूम में पहुँचा तो देखा अनु अपनी चूत को एक कपड़े से पोंच्छ रही थी,मैने उसके हाथ से कपड़ा लिया और उसकी छोटे छोटे बालों वाली चूत को धीरे धीरे से पोन्छने लगा. वो ये देखकर मुस्कुरा गयी और बोली एक बात तो है आप बहुत रोमॅंटिक/सेक्सी तो हो ही लेकिन केरिंग भी हो अपनी बेटी का कितना ख़याल है आपको काम पूरा होने के बाद भी मेरी परवाह है आपको. यही मुख्य कारण है कि मैने दिन भर देखा कि आप मेरी कितनी केर कर रहे हो क्या मैं आपकी एक ज़रूरत पूरी नही कर सकती.और मैने आपके साथ सेक्स करने का फ़ैसला लिया. अब तो आप खुश हो ना. दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पे पढ़ रहे है।

मैने उसको बोला अनु खुश तो हूँ लेकिन एक बार से काम नही चलेगा आज तो मैं तुम्हें पूरी रातभर जगाना चाहता हूँ. तो वो बोली तो दिन मैं क्या करोगे दिन भी तो अपना है चलो एक बार और करते हैं बाकी दिन में और मैने उसे फिर से लिटा दिया इस बार मैने उसको काफ़ी देर तक रगड़ा उसकी चूत छिल गयी थी वो बोली पापा आज मार ही डालोगे क्या तो मैं बोला नही अनु और थोड़ी देर बस अभी ख़तम करता हूँ और एक बार फिर मैने उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया और हम बिना अपने चूत लंड को सॉफ किए ऐसे ही एक दूसरे से लिपट कर सो गये.

सुबह हम करीब 09.00 बजे तक सोते रहे. घर पर एक डोर बेल बजी तो मैं, अनु जल्दी से उठे, कपड़े पहने और डोर खोला तो देखा कि एक दूध वाला खड़ा है जो कि हेमा के घर पर दूध देता है और उसके संबंध हेमा के साथ हैं इस बात की चर्चा कॉलोनी वाले करते हैं ऐसा भी मुझे मेरी बेटी ने पिछली रात बताया था. वो हमारे घर तो दूध नही देता था पर वो आज हमारे घर क्यूँ आया है,मुझे बड़ा ही आस्चर्य हुआ. गेट खोलते ही वो बोला अंकल जी नमस्ते कैसे हैं. मैने कहा ठीक हैं, मैने उससे पूछा बोलो भाई कैसे आना हुआ.उसने बोला अंकल दूध चाहिए क्या. तो मैं बोला नही. तो वो बोला कोई बात नही अंकल पैसा मत देना.

मैं उसकी बात को सुनकर एकदम ठगा सा रह गया और बोला क्यूँ आजकल समाजसेवा कर रहे हो क्या.तो वो बोला नही अंकल जी सेवा तो आप कर रहे हैं और एक पेनड्राइव दिखाते हुए बोला आप आजकल जो सेवा अपनी बेटी की कर रही हो वो इसमें है मेरी जान हेमा ने दी है अरे अंकल थोड़ा सेवा हमे भी करने दो आपको तो बुढ़ापा आ गया है आप मेरी भैंस का दूध पिओ और मैं आपकी बिटिया का पीता हूँ ओर पैसा भी मत देना आपको जितना पीना हो पिओ और मुझे आपकी बछड़ी का पीने दो मेरा चेहरा लाल हो गया और बोला हरामजादे ज़यादा मूह मत खोल तू मुझे ब्लॅकमेल कर रहा है.तो वो बोला ब्लॅकमेल नही कर रहा हूँ पैसा तो नही माँग रहा हूँ सिर्फ़ सेवा चाहिए अंकल जी आपकी बिटिया की मैं उससे बोला तुम्हें पैसे चाहिए तो वो बोलो मेरी बेटी तुम्हारे लिए तैयार नही होगी तो वो बोला ये तो आपका काम है कि आप उसको कैसे मनाते हो मुझे पैसे नही आपकी लौंडिया का दूध पीना है अंकल जी तो मैं बोला अभी तुम जाओ यहाँ से.

तो वो फिर बोला तो मैं कब आऊ अंकल जी इस पर मैं बोला मुझसे फोन पर बात करना फिर मैं बताता हूँ और वो मेरा फोन नंबर लेकर चला गया. दोस्तो इसीलिए किसी गयानी ने कहा है….
बिना बिचारे जो करे फिर पीछे पछताय.
काम बिगाड़े आपनो जाग को देत हंसाय
इसके बाद मैं जब वापस कमरे मैं पहुँचा तो हेमा बोली पापा वो दूध वाला क्यूँ आया था,मैने बोला कि वो दूध की बात कर रहा था.तो वो बोली पापा इससे दूध मत लेना इसकी नियत ठीक नही है. इसका चक्कर कई औरतों के साथ चल रहा है,आपकी वो हेमा आंटी के साथ भी.

मैं बोला लेकिन अनु बेटा वो बहुत ज़िद कर रहा था दूध के लिए कि अच्छा दूध दूँगा तो मैने उससे 01 लीटर के लिए बोल दिया है,आज शाम से ले लेंगे,हमे क्या करना है हमें तो दूध से मतलब.वो बोली पापा ठीक है लेकिन ये बहुत बदतमीज़ है,जब कभी भी ये मुझे रास्ते में मिलता है तो बहुत घूर घूर कर देखता है. इस पर मैं अनेरी को लिप किस करते हुए बोला कि मेरी अनेरी है ही इतनी खूबसूरत कि किसी की भी नज़र रुक जाए.इस पर वो मुस्कुरा दी.

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