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Mastram Ki Hindi Sex Stories | Mastaram Ki Antarvasna Stories | मस्ताराम की हिंदी सेक्स कहानियां

दूधवाले संग मिलकर बेटी की चुदाई-2

गतांग से आगे …..

इसके बाद मैने सोचा कि अनेरी को गोलू(दूधवाला) के लिए कैसे तैयार करूँ,मैने एक प्लान सोचा कि रात को जब वो दूध देने आएगा तो मैं उसके लिए गेट खुला छोड़ दूँगा और उस समय मैं अनेरी को चोद रहा हुंगा.बस अनेरी को तैयार होना ही पड़ेगा. मैने गोलू को अपना प्लान बता दिया और प्लान के मुताबिक वो ठीक 08.00 बजे मेरे घर आ गया. मैं और अनेरी उस समय बिल्कुल नंगे थे और अनेरी मेरे उपर थी मैं लेटा हुआ था. अनेरी का मूह गेट की तरफ ही था. जैसे ही अनेरी ने उसे देखा अनेरी रोंगटे खड़े हो गये.

गोलू के मूह पर एक अजीब सी मुश्कुराहट थी,गोलू जान बूझकर बोला अच्छा तो ये काम चल रहा है अंकल जी.इसलिए सुबह दूध के लिए मना कर रहे थे अपनी ही बेटी का दूध पी रहे हो तो तुम्हें दूध की क्या ज़रूरत. कॉलोनी वालों को बुलाता हूँ आपकी करतूत, मेरी अफवाह तो ऐसे ही उड़ा रखी है कॉलोनी में. इस पर मैं बोला नही भाई ऐसा मत करना हम तुम्हारे सामने हाथ जोड़ते हैं. तो वो बोला नही अंकल जी कॉलोनी वालों को तो पता चले कि यहाँ क्या क्या होता है. इस पर मैं फिर बोला प्लीज़ रहने दो भाई. मैने अनेरी को इशारा किया कि वो भी उससे रिक्वेस्ट करे. अनेरी उसके थोड़ा नज़दीक पहुँचकर बोली भैया प्लीज़ मान जाओ हम से ग़लती हो गयी. इस पर वो बोला नही बिल्कुल नही. मैं उसके पैर पड़ गया और अनेरी को भी इशारा किया.हम दोनो ही उसके पैरों पर पड़ गये.

अब उसने मेरी बेटी को उठाते हुए बोला की ठीक है अगर तुम कहती हो तो मान जाउन्गा लेकिन एक बार मुझे भी चाहिए. इस पर अनेरी के मूह से बहुत गुस्से में निकला हरगिज़ नही,बिल्कुल नही. मैने भी गोलू से बोला तुम्हें पैसा चाहिए तो बोलो. वो बोला मुझे पैसा नही चाहिए मुझे अगर तुम्हारी बेटी नही देना चाहती तो मैं बाहर से कॉलोनी वालों को बुलाता हूँ और बाहर गेट की तरफ बढ़ने लगा. मैने उसे रोका और बोला रूको एक मिनिट और अनेरी से बोला बेटी इसको एक बार देदे नहीं तो हमारी बहुत बदनामी होगी, रिश्तेदारों को भी पता चलेगा, प्लीज़ मान जाओ. उसकी आँखें नम हो गयी और बोली ठीक है,पापा लेकिन सिर्फ़ एक बार.

गोलू बहुत खुश हुआ और मुझसे बोला अंकल जी जाओ आप जब तक दूध गरम करके लाओ 3 ग्लास.मेरी किचन उस रूम के पास ही है वहाँ से उस रूम का सब कुछ दिखता और सुनाई देता है मैने अंडरवेर पहना और जैसे ही मैं किचन मे गया मैने देखा गोलू बेड पर लेटा है और अनेरी उसके पास बैठी है ,गोलू ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपना 4इंच मोटा और 8 इंच लंबा लंड उसके हाथ में पकड़ा दिया. उसका लंड मेरे लंड से काफ़ी बड़ा और तंदुरुस्त था.उसने अनेरी को उसे अपने मूह में लेने का इशारा किया. तो वो बोली प्लीज़ मुझे उल्टी हो जाएगी. गोलू बोला लॉलिपोप समझ कर लेलो, बोलते बोलते गोलू ने उसके सर को सहारा देकर अपना लंड उसके मूह में दे दिया.

अनेरी धीरे धीरे उसे चूसने लगी और गोलू उसके बूब्स को दबाने लगा,वो उससे लंड को चुस्वाता रहा. उसने मुझे आवाज़ लगाई अंकल जी दूध गरम हुआ तो ले आओ थोड़ा गुनगुना ही लाना,शुगर डालकर. दूध गरम हो चुका था, मैं चीनी डालकर 3 ग्लास मे ले गया. गोलू ने एक ग्लास उठाया और अनेरी की तरफ बढ़ाया उसने गुस्से से मूह सिकोड लिया और बोली नही चाहिए.इस पर गोलू बोला अंकल जी आप ही समझाओ. मैं बोला पी ले बेटी.तो अनेरी ने ग्लास को पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया मगर गोलू बोला नही मैं ही पिला देता हूँ और जैसे ही अनेरी ने एक घूंठ पिया उसी ग्लास से एक घूंठ उसने पिया. फिर एक घूंठ अनेरी को और एक घूंठ गोलू. मेरे पास अब भी दो ग्लास थे गोलू बोला अंकल जी आप भी पिलाओ ऐसे ही मैने भी अनेरी को अपना झूठा दूध पिलाया.

वो मेरे ग्लास वाला दूध आराम से पी रही थी. जब दोनो ग्लास ख़तम हो गये तो उसने तीसरा (3र्ड ) ग्लास अनेरी के हाथ में पकड़ा दिया और उससे बोला इस ग्लास को हम दोनो को पिलाओ. उसने ऐसा ही किया लेकिन अनुस्का का प्यार मेरी तरफ अलग ही था दूध पिलाने में.

गोलू बोला अंकल जी अपनी बेटी को समझाओ कि मेरे साथ भी आप जैसे ही बिहेव करे,अगर सब कुछ प्यार से होगा तो बड़ा मज़ा आएगा इसको भी और मुझे भी और ज़बरदस्ती से तो मज़ा भी नही आएगा और दर्द भी होगा.अगर ये चाहे तो आप भी यहाँ रह सकते हो सिर्फ़ एक शर्त पर कि ये मेरा साथ ऐसे ही दे जैसे आपके साथ कर रही थी.इस पर मुझसे पहले ही अनेरी बोल पड़ी पापा आप भी यही रहो. गोलू बोला ठीक है आप भी अपने कपड़े उतार लो और मैं भी नंगा हो गया.

इस समय अनेरी बेड पर बीच मे थी और एक तरफ मैं और एक तरफ गोलू उसने लंड को फिर से चूसने का इसरा किया.अनेरी अब एक बार गोलू के लंड को चुस्ती और एक बार मेरे लंड को. करीब 05 मिनिट के बाद गोलू ने उसको बिस्तर पर लिटा दिया एक बूब्स पर वो मूह मारने लगा और दूसरी पर मुझे लगने का इशारा किया. इस क्रिया से अनेरी के मूह से आवाज़ें निकलने लगी उसको अलग अलग बूब्स के चूसने से शायद काफ़ी मज़ा आ रहा था. मैने अपना एक हाथ उसकी चूत पर लगाया तो महसूस किया कि उसकी चूत काफ़ी पानी छोड़ रही है,यानी कि उसको खूब मज़ा आ रहा है. गोलू थोड़ी देर बाद ही उसकी दोनो जांघों के बीच में पहुँच गया और उसकी चूत को चूसने लगा,अब मैं उसके बूब्स पर और गोलू उसकी चूत पर था.अनेरी अपने शरीर को बुरी तरह से नागिन की तरह बाल खा रही थी, इससे लगता था कि उसको काफ़ी मज़ा आ रहा है.

गोलू भी ये समझ चुका था.वो उठा और अनेरी से बोला क्यूँ जानेमन मज़ा आ रहा है. अकेले पापा से चुदने में मज़ा है या दोनो से. वो चुप ही रही और लंबी लंबी साँसे लेती रही. गोलू फिर बोला एक बात बताओ तो सही अगर सही बता दोगि तो हम और प्रयास करके तुमको खूब मज़ा देंगे,मैं  फिर बोला अच्छा लगा हां या ना कुछ तो बोलो.अनेरी धीरे से बोली हां. वो फिर बोला अच्छा या बहुत अच्छा. वो इस पर मुस्कुरा दी तो गोलू बोला मैं समझ गया लेकिन तुम साथ दोगि तो तुम्हें बहुत मज़ा आएगा.बोलो दोगि साथ.चाहिए खूब मज़ा,अनेरी ने हां में सिर हिला दिया.

अब मैने और गोलू दोनो ने ही अनेरी को एक आदमी बूब्स पर और एक आदमी चूत पर अदला बदली करके लगे रहे चूस्ते और चाटते रहे.गोलू बोला अंकल जी कोई क्रीम है तो ले आओ.मैने बोला लाता हूँ. मैं जैसे ही उठा तो अनेरी ने पहली बार गोलू से बात करते हुए पूछा,क्रीम किस लिए,इस पर गोलू बोला लाने तो दो तब बताउन्गा. मैं तो समझ गया था कि इसका प्लान पीछे से गान्ड मारने का है. दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पे पढ़ रहे है।

जैसे ही मैं वापिस आया मैने देखा उसने अनेरी की दोनो टाँगें उपर की हुई हैं और अपना लंड डालने वाला है. उसने जैसे ही अपना लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखा अनेरी बोली प्लीज़ धीरे से करना तुम्हारा काफ़ी बड़ा है. इस पर वो बोला तुम्हारे पापा से भी बड़ा. तो वो फिर मुस्कुरा गयी. गोलू बोला ओके जान धीरे ही करूँगा और उसने वास्तव में आराम से ही किया और अनेरी से बीच बीच मे पूछता भी रहा कि कोई तकलीफ़ हो तो बता देना. अनेरी को सुरू में थोड़ा सा दर्द हुआ मगर वो उसका लंड भी झेल गयी,थोड़ी देर बाद जब वो झड़ने वाला था तो उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और खुद बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया और अनेरी से अपने उपर आने को बोला.अनेरी उसके उपर सवार हो गयी.

अनेरी अब गोलू के उपर घुड़ सवारी कर रही थी.गोलू ने अनेरी को गोलू ने मेरी तरफ इशारा किया कि अंकल जी थोड़ा क्रीम लगाओ पीछे आप तो आकर खड़े हो गये.ये सुनकर अनेरी रुक गयी और बोली नही पीछे से नही.इस पर गोलू बोला अच्छा ये बताओ मैने तुम्हें दर्द होने दिया,बोलो.अनेरी बोली नही,फिर विश्वास करो तुम्हें बहुत मज़ा आएगा,तुम्हें तकलीफ़ ना हो इसलिए तो ये क्रीम मगाई है.

वो बोली प्लीज़ पीछे से रहने दो, तुम्हारा बहुत मोटा है,मुझे दर्द होगा ये पीछे से अंदर नही जाएगा तुम्हारा तो सुरू सुरू में आगे से भी हल्का हल्का दर्द कर रहा.गोलू बोला,क्यूँ जब अंकल जी आगे से लेते हैं तो दर्द नही होता.अनेरी बोली पापा के उससे दर्द नही होता,उनका तुम्हारे से कम मोटा है.गोलू ने उसे मनाने; के लिए तरीका अपनाया ओर बोला अच्छा अगर ऐसा है तो अपने पापा से ही करा लो. वो बोली ठीक है और गोलू ने उसे अपने उपर बैठी हालत में ही लिटा लिया और अपने दोनो हाथों से उसके दोनो चुतड़ों को पकड़ कर उसकी गान्ड को खोल दिया. गोलू मुझसे बोला लो अंकल जी लगाओ कीम और छेद को नरम करो आपकी लड़की को तो आपका ही लंड पसंद है.

मैं धीरे धीरे उसकी गान्ड पर राउंड राउंड करके क्रीम लगाने लगा.और करीब 15 मिनिट तक उसकी गान्ड में गोलू के बताए अनुसार क्रीम लगाई(गोलू से उस दिन मैने गान्ड के छेद को लंड के लिए तैयार करने का तरीका सीखा वो इस खेल का पुराना खिलाड़ी था) पहले एक उंगली और बाद में दो उंगलियों से भी क्रीम लगाई.जब उसकी गान्ड के छेद में दो उंगली जाने लगी तो मुझे विस्वास हो गया कि अब अनेरी थोड़ा बहुत दर्द झेलकर मेरा लंड ले ही लेगी.

गोलू बोला अंकल जी अब सुरू भी करो और मैने जैसे ही अनेरी की गान्ड पर लंड रखा वो बोली पापा आराम से करना.मेरे बोलने से पहले ही गोलू बोला क्यूँ जानेमन अपने पापा पर भी भरोसा नही. तो वो बोली पापा ने पहले भी बहुत दर्द कराया था इसलिए बोल रही हूँ. इस पर गोलू बोला तो मैं करूँ. अनेरी बोली नही तुम तो बिल्कुल नही मरना है क्या मुझे तुम्हारा तो बहुत मोटा है और तभी मैं बोला ठीक है बेटी में आराम से करूँगा. लेकिन मैने जैसे ही उसकी गान्ड के छेद पर लंड को रखकर जैसे ही थोड़ा अंदर किया वो चिल्लाई आआआआआआआअ और गोलू की पकड़ से छुटकर उठने की कोशिस करने लगी. गोलू बोला अंकल जी आराम से करो आपकी ही बेटी है.

अनेरी भी बोली पापा आप बहुत ज़ोर से लगाते हो धीरे से करो. मैने सोचा कि इससे आराम से कैसे होगा.मैं बोला ठीक है. मैने दुबारा से उसके छेद पर लंड रखा. इस बार गोलू ने मेरी तरफ़ आँख मार्कर इशारा किया. मैं समझ गया कि वो बोल रहा है कि झटके से डाल दो. मै ने वैसा ही किया निशाना लगाया और एक दम सारा लंड अंदर. अनेरी काँप गयी और चिल्लाने लगी आआआआऐययईईईईईईईईईई. मुझे छोड़ूऊऊऊऊऊऊ,गोलू बोला अंकल थोड़ा धीरे करो इतनी ज़ोर से करोगे तो लगेगी ही. अनेरी बोली पापा आप बहुत बुरे हो, आप से तो ये अच्छा है कम से कम इतनी ज़ोर से तो नही करता पहले भी आपने ऐसा ही किया था. इस पर मैं बोला बेटा पहली बार में थोड़ा दर्द होता ही है, अब आराम से करूँगा.

और धीरे धीरे शुरू हो गया.इस तरह से मैने उसको पीछे से चोदा और गोलू भी आगे से लगा रहा. इसके बाद मैं और गोलू दोनो ही झाड़ गये.और अनेरी से अलग होकर बेड पर पड़ गये. अनेरी बीच में और हम दोनो उसके लेफ्ट राइट मे. गोलू ने अनेरी को फिर से अपनी तरफ घुमा लिया और अपने से चिपका लिया. अनेरी को भी उससे चिपकने मे अब कोई संकोच नही हो रहा था.

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