ग्रुप मे दो बहने हम दोस्तो से चुदी

मेरे और जगदीप के बीच में बचपन की दोस्ती है हम लोग पहली बार कक्षा 8 में मिले थे जब हम दोनों की दोस्ती हुई तो वह आज तक कायम है पहले मेरे और जगदीप के बीच हुए झगड़े होते थे लेकिन जब हम दोनों कॉलेज में पहुंचे तो हम दोनों को एहसास हुआ कि हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं। हम दोनों के बीच उसके बाद बहुत गहरी दोस्ती हो गई हमारी दोस्ती इतनी मजबूत है कि मैं जगदीप को अपने भाई की तरह मानता हूं और जगदीप भी मुझे अपना भाई मानता है हम दोनों ने कभी भी किसी चीज को आज तक एक दूसरे से नहीं छुपाया। जगदीप के घर के पड़ोस में विभा रहने के लिए आई उस वक्त हमारा कॉलेज ही खत्म हुआ था और हम लोग कुछ काम करने की सोच रहे थे उसी वक्त जगदीप की जिंदगी में विभा आई। जगदीप ने मुझे विभा के बारे में बताया तो मैंने जगदीप से कहा तो तुम देर क्यों कर रहे हो तुम विभा से अपने दिल की बात कह दो लेकिन जगदीप बहुत ही शर्माता है इसलिए मुझे ही जगदीप का काम करना पड़ा।

मैंने जगदीप के लिए विभा का नंबर भी ले लिया मैंने जब विभा का नंबर लिया तो जगदीप ने उसे फोन किया और जगदीप ने अपने दिल की बात उससे कही लेकिन विभा ने उसे मना कर दिया क्योंकि बिना देखे वह भी जगदीप को हां नहीं कहने वाली थी। एक दिन उन दोनों ने मिलने का फैसला किया जगदीप ने मुझे कहा तुम भी मेरे साथ चलो मुझे बहुत डर लग रहा है मैंने जगदीप से कहा तुम तो लड़कियों की तरह शर्मा रहे हो इतना डर तो शायद विभा को भी नहीं लग रहा होगा। मुझे नहीं पता था कि विभा की एक छोटी बहन भी है जगदीप ने मुझे उस दिन कहां तुम मेरे साथ चलो।

हम लोग एक पार्क में मिले और जगदीप ने विभा से अपने दिल की बात कह दी मेरा दिल भी सुमंती पर आ चुका था जब मेरा दिल सुमंती पर आया तो मैंने जगदीप को यह बात बताई। विभा ने अभी हां नहीं कहा था दोनों का रिश्ता अभी तक लटका हुआ था मुझे तो समझ नहीं आ रहा था यदि विभा ने जगदीप को मना कर दिया तो क्या मेरा रिश्ता भी आगे बढ़ पाएगा लेकिन मैं उनसे एक कदम आगे था इसलिए मैंने जगदीप और विभा के रिश्ते से पहले ही सुमंती को अपने दिल की बात कह दी।

मैंने सुमंती को अपनी बातों से पूरी तरीके से प्रभावित कर लिया था वह भी मेरी बातों से बहुत ज्यादा प्रभावित थी और उसने मेरे प्रपोज़ल को स्वीकार कर लिया था हम दोनों चोरी छुपे मिलने लगे थे मैंने यह बात जगदीप को बताई तो जगदीप कहने लगा यार मैं इतने समय से विभा के पीछे लगा हूं और तुमने उसकी छोटी बहन को मुझसे पहले ही अपने प्यार में फंसा लिया। मैंने जगदीप से कहा यही तो हमारे अंदर एक टैलेंट है जगदीप कहने लगा यार काश मैं भी तुम्हारी तरह होता तुम बचपन से ही ऐसे हो तुम्हें देख कर ना जाने कितनी लड़कियां तुम पर फिदा हो जाती हैं लेकिन जगदीप और विभा के रिश्ते में मैंने और सुमंती ने बहुत अहम भूमिका निभाई। जगदीप और विभा भी अब एक साथ एक ही रिश्ते में थे और उन दोनों के रिलेशन से हम दोनों को भी बहुत फायदा हुआ हम दोनों अब विभा और सुमंती से शादी करना चाहते थे लेकिन हम दोनों के पास कोई काम नहीं था।

मुझे यही चिंता थी कि यदि हमारे पास कोई काम नहीं होगा तो क्या उनके घरवाले हमसे विभा और सुमंती का रिश्ता करवाएंगे इसी के चलते अब हमें नौकरी की तलाश शुरू कर दी लेकिन हमें नौकरी नहीं मिली हम लोगों ने बहुत धक्के खाए लेकिन उसके बावजूद भी कोई अच्छी नौकरी नहीं मिल पाई। एक दिन मैंने अखबार में इश्तहार देखा और उसमें एक अच्छी कंपनी का इस्तेहार था मैंने इंटरव्यू देने के बारे में सोचा और जगदीप को भी मैंने कहा कि हमें वहां चलना चाहिए जगदीप कहने लगा मुझे नहीं लगता कि वहां हमारा सिलेक्शन हो पाएगा। मैंने जगदीप से कहा तुम पहले ही मुझे नकारात्मक बना दे रहे हो यदि हम लोग वहां नहीं जाएंगे तो हमें पता कैसे चलेगा हमें एक बार वहां जाना चाहिए मैंने जगदीप से कहा तुम एक बार मेरी बात मान लो फिर वह मेरे कहने पर मेरे साथ चला आया शायद उसी का फायदा हम दोनों को मिला।

वहां पर काफी भीड़ थी और मुझे भी अब डर लगने लगा था क्योंकि जहां हम इंटरव्यू देने गए थे वहां पर इंटरव्यू के तीन राउंड थे और मुझे उम्मीद नहीं थी कि हम लोग वह राउंड पार कर पाएंगे उस दिन हम दोनों की किस्मत अच्छी थी या फिर कोई और बात थी वहां पर हम दोनों का सिलेक्शन हो गया और हम दोनों को कंपनी ने एक अच्छे पैकेज पर रख लिया। मैं और जगदीप बहुत खुश थे।

हम लोगों को एक हफ्ते बाद कंपनी जॉइन करनी थी इसलिए एक हफ्ता हम लोग खूब इंजॉय करने वाले थे मैंने सुमंती को जब इस बारे में बताया तो वह खुश हो गई और कहने लगी अब तो हमें मिलना चाहिए। मैंने सुमंती से कहा लेकिन आज हम लोग नहीं मिल पाएंगे, जगदीप ने भी विभा को यह बात बता दी थी सुमंती और विभा ज्यादातर एक साथ ही रहा करते थे उनकी उम्र में सिर्फ एक वर्ष का ही अंतर है वह दोनों बहने आपस में एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझती हैं और उन दोनों के बीच बहुत प्यार है।

अगले ही दिन जगदीप विभा और सुमंती को मैं अपने साथ घुमाने के लिए ले गया मैंने उस दिन अपने एक भैया से कार ले ली थी और हम लोग उस दिन लॉन्ग ड्राइव पर निकल पड़े। हम लोग चाहते थे कि हम लोग खूब एंजॉय करें हम लोग सुबह 9:00 बजे ही घर से निकल चुके थे और जब हम लोग घर से निकले तो हम लोग कुछ दूरी पर ही गए थे कि गाड़ी का टायर पंचर हो गया। मैंने जगदीप से कहा यार आज का तो पूरा दिन खराब होने वाला है हम दोनों ने टायर चेंज किया और तार चेंज करने में हम लोगों को एक घंटा लग गया हम लोग वहां से कुछ और दूरी पर गए तो मैंने जगदीप से कहा यार हम लोग कहीं रुक जाते हैं।

जगदीप कहने लगा यहीं आगे पर एक वाटर पार्क है यदि हम लोग वहां चले तो काफी अच्छा रहेगा मैंने जगदीप से कहा हम लोग पहले कुछ खा लेते हैं मुझे बहुत तेज भूक लग रही है। रोड के किनारे एक ढाबा था हम लोगों ने वहां पर खाना खा लिया और उसके बाद हम लोग वहां से वॉटर पर चले गए हम लोगों ने वहां जमकर एंजॉय किया विभा और सुमंती के चेहरे पर बहुत खुशी थी और हम दोनों भी खुश थे।

मैंने जगदीप को कहा चलो आज का दिन तो अच्छा रहा मैंने उम्मीद नहीं की थी कि हम लोग इतना इंजॉय कर पाएंगे जगदीप कहने लगा मैंने तुम्हें कहा था ना सब कुछ ठीक हो जाएगा। हम लोगों को वहां पर काफी समय हो चुका था विभा ने जगदीप से कहा हम लोग घर चलते हैं शाम भी होने वाली है मैंने घड़ी में समय देखा तो चार बज रहे थे मैंने विभा से कहा हम लोग कुछ देर और रुकते हैं उसके बाद हम लोग चल पड़ेंगे। वह कहने लगी ठीक है हम लोग यहां से आधे घंटे बाद निकल पड़ेंगे। हम लोगों ने आधे घंटे तक वहां पर और एंजॉय किया उसके बाद हम लोग आधे घंटे बाद वहां से निकल पड़े।

मैं अब गाड़ी के पीछे सीट में बैठा हुआ था मेरे साथ सुमंती बैठी हुई थी जगदीप और विभा आगे बैठे हुए थे वह दोनों आपस में बात कर रहे थे और मैं और सुमंती भी आपस में बात कर रहे थे। मेरा हाथ गलती से सुमंती की जांघ पर पड गया जब मेरा हाथ उसकी जांघ पर पड़ा तो मेरे अंदर एक अलग ही जोश पैदा होने लगा मैंने सुमंती की जांघ को दबाते हुए उसके होठों को किस कर लिया। हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे विभा और जगदीप बात कर रहे थे मैंने सुमंती की चूत के अंदर उंगली डाल दी और वह उत्तेजित होने लगी लेकिन विभा और जगदीप ने अब भी पीछे नहीं देखा था।

मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और सुमंती ने उसे अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू किया वह मेरे लंड को अच्छे से चूस रही थी उसने मेरे लंड का पानी निकाल कर रख दिया और शायद यह विभा ने भी देख लिया था विभा भी उत्तेजित हो चुकी थी। उसने जगदीप के लंड को दबाना शुरू किया जगदीप जोश मे आ चुका था। विभा और सुमंती उत्तेजना में आ चुकी थी उसने गाड़ी को किनारे खड़ा किया और हम लोग वहां से जंगल की तरफ आ गए। वहां पर कोई भी नहीं था जगदीप विभा को चोद रहा था और मैंने सुमंती के कपड़े उतारते हुए उसके स्तनों का काफी देर तक मजा लिया वह पूरे जोश में आ चुकी थी।

मैंने भी अपने लंड को बाहर निकालते हुए सुमंती की योनि पर सटा दिया मैंने जब सुमंती की चूत पर अपने लंड को सटाया तो वह कहने लगी अब तुम अपने लंड को अंदर डाल दो। मैंने जैसे ही सुमंती की योनि में अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह चिल्ला उठी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

उसकी योनि से बहुत ज्यादा खून निकल रहा था मैं उसे तेज गति से धक्के दिए जा रहा था वह मेरा पूरा साथ देती और अपनी चूतडो को मुझसे मिलाती। जब वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाती तो मेरे अंदर भी एक अलग ही जोश पैदा हो जाता मैं उसे काफी तेजी से धक्के देता। जब उसकी योनि से गर्मी बाहर निकलने लगी तो उसे ना तो मैं बर्दाश्त कर पा रहा था और ना ही सुमंती बर्दाश्त कर पाई वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी थी लेकिन मेरा वीर्य गिरा नही था।

वह मुझे कहने लगी जल्दी से करो ना मैंने सुमंती से कहा बस कुछ देर की बात है मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था मैं उसे तेज गति से धक्का देता। जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैंने सुमंती की योनि से लंड को बाहर निकाला उसकी योनि से मेरा वीर्य अब भी टपक रहा था। मैंने सुमंती को किस कर लिया और सुमंती को कहा यार आज तो मजा ही आ गया जगदीप ने भी विभा के साथ जमकर सेक्स का मजा लिया था वह दोनों बहुत खुश थी और हम लोग वहां से अपने घर लौट आए।