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New Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ | Indian sex kahaniya

आइटम से छिनार बनने की कहानी

प्रेषक : मंगेश

हाय मेरे चोदु भाइयो गांडू आज मैं लड़कियों की गांड मरने का सोच रहा हूँ लेकिन कैसे फिर सोचा क्यों न मैं इतने दिनों से इस साईट ने इतना कुछ दिया आज मैं भी इन्हें कुछ देना चाहता हूँ इस साईट पे मेरी भी इक कहानी होनी चाहिए इस नाते मेरी जो गांड मरने की इच्छा है पूरी हो जाएगी. इस कहानी को दिन भर लिखने के बाद मौका मिलाने पर गांड मरने को मिलेगा तब और भी ज्यादा मजे लेके गांड मारूंगा. वैसे आज की कहानी मेरी छिनार बहन की है जिसने अपनी चूत एक कपडे धोने वाले से करवाई. आज में आप सभी को पर अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ जो कुछ समय पहले मेरे साथ घटित हुई और उसमें मेरी बहन को हमारे घर पर आने वाले एक धोबी ने मेरी आखों के सामने चोदा। यह चुदाई मेरी बहन की पहली चुदाई थी और में उसे अपने सामने चुदता हुआ देखता रहा। दोस्तों हमारे परिवार में हम चार सदस्य है। मेरे पापा, मम्मी, में और मेरी बड़ी बहन। मेरे पापा एक सरकारी विभाग में नौकरी करते है और मेरी माँ एक कॉलेज में प्रोफेसर है इसलिए वो दोनों हर दिन सुबह चले जाते है और शाम को घर पर वापस आते है।

अब में आप सभी को मेरी बहन के बारे में बताता हूँ दोस्तों वो एक बहुत ही शरीफ सीधी साधी लड़की है जिसका अब तक कोई बॉयफ्रेंड नहीं है और वो दिखने में बहुत सुंदर है और दूध की तरह बिल्कुल गोरी है उसका गदराया हुआ बदन हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करता है उसके बूब्स बहुत बड़े और एकदम सुडोल है। उसकी मटकती हुई गांड उसके कॉलेज के सभी लड़कों को उस पर लाईन मारने पर मजबूर करती है, लेकिन वो कभी भी किसी को भी भाव नहीं देती है और वो दिखने में बिल्कुल हिरोइन जैसी लगती है। उसके फिगर का साईज 36-27-37 है और उसके बूब्स और नाभि बहुत ही सेक्सी है और उसके चूतड़ देखकर किसी बूढ़े आदमी का भी लंड खड़ा हो जाए।

दोस्तों यह बात तब की है जब हम दोनों के कॉलेज में उस समय छुट्टियाँ चल रही थी इसलिए उन दिनों हम दोनों ही घर पर रहते थे और हमारे घर के पास में एक धोबी रहता है, जिसे हम अपने घर के सभी कपड़े धोने के लिए देते थे। उस धोबी की उम्र करीब 45 साल होगी और वो हमारे घर पर हमेशा कपड़े देने आता जाता रहता था। मुझे कई बार ऐसा लगता था कि शायद उसकी गंदी नज़र मेरी बहन पर है, क्योंकि वो हमेशा किसी ना किसी बहाने से मेरी बहन तक पहुंचने और उसे छूने की कोशिश किया करता था, लेकिन में यह बात सोचकर अनदेखा कर देता कि वो इस उम्र में ऐसा कोई गलत काम नहीं कर सकता और उसके देखने, छूने से कुछ नहीं होता, लेकिन एक दिन जब वो कपड़े देने आया तो उस समय घर पर कोई भी नहीं था और में अकेला था और मेरी बहन अपनी किसी दोस्त के घर पर किसी काम से गई हुई थी। फिर मैंने उससे कपड़े ले लिए जब उसने मुझसे कहा कि भैया मुझे थोड़ा पानी पीला दो तब मैंने उसे किचन से पानी लाकर दे दिया और वो वहीं पर खड़ा खड़ा पानी पीने लगा।

तभी उसी समय मेरी गर्लफ्रेंड का फोन आ गया और मुझे लगा कि वो कुछ देर बाद पानी पीकर चला जाएगा और यह बात सोचकर में फोन पर बात करते हुए उसे वहीं पर अकेला छोड़कर अपने कमरे में चला गया, लेकिन उसने तुरंत उस बहुत अच्छे मौके का फायदा उठा लिया और उसने देखा कि में अपने फोन पर अपनी गर्लफ्रेंड से बात करने में व्यस्त हूँ, इसलिए वो तुरंत मेरी बहन के बाथरूम में जाकर मेरी बहन की पेंटी को सूंघने लगा और वहीं पर उसके बारे में सोचकर मुठ मारने लगा।

फिर जब मैंने कुछ देर बात करने के बाद अपना कॉल कट किया और बाहर आकर देखा तो वो मुझे मेरी बहन के रूम से बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया और जब मैंने उससे पूछा कि अंकल आप अब तक नहीं गये? तो उसने हड़बड़ाते हुए मुझसे बहाना बनाते हुए कहा कि बेटा में गलती से ग़लत रूम में चला गया था, मुझे नहीं पता था कि वो किस कमरे का रास्ता है। दोस्तों वो जबकि उससे पहले भी बहुत बार हमारे घर पर आ चुका था, में तुरंत समझ गया कि वो जानबूझ कर मेरी बहन के कमरे में गया था और वो मुझसे अब बिल्कुल झूठ बोल रहा है।

अब मुझे उस पर शक हुआ और उसके जाने के बाद में दीदी के रूम में चला गया और अंदर बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ था तो मैंने अंदर जाकर देखा तो मेरी बहन की एक पेंटी नीचे पड़ी हुई थी और मैंने उसे उठाकर देखा तो उस पर उस धोबी का वीर्य लगा हुआ था। फिर में तुरंत समझ गया कि उस हरामी ने मेरी बहन की पेंटी के साथ क्या किया है? मुझे उसकी इस गंदी हरकत पर बहुत गुस्सा तो आया, लेकिन एक जबरदस्त मज़े वाला अहसास भी आया। फिर में सोचने लगा कि उसने सिर्फ़ मुठ ही तो मारी है वो और कुछ भी कर सकता था, लेकिन जैसे जैसे दिन गुज़रते गये और में अब उस बात को भूलने लगा।

एक दिन की बात है, में घर पर बैठा हुआ मुठ मार रहा था और में उस समय दरवाजे को अंदर से बंद करना भूल गया, तो वो उस दिन चुपचाप अंदर आ गया और उसने मुझे मुठ मारते हुए देखकर मेरे पीछे खड़ा होकर मेरा एक वीडियो बना लिया। उस समय में झड़ने वाला था और बहुत जोश में था इसलिए मैंने अपनी दोनों आखें बंद की हुई थी और फिर उसने आवाज़ देकर मुझसे पूछा कि क्या कर रहा है? तो में उसे देखकर एकदम से बहुत डर गया और मैंने जल्दी से अपनी अंडरवियर को ऊपर किया और अब में उससे बोला कि अंकल प्लीज यह बात आप किसी को मत बोलना, लेकिन उस हरामी ने मुझसे तुरंत कहा कि हाँ में किसी को कुछ भी नहीं कहूँगा, लेकिन मेरी एक शर्त है? तो मैंने उससे पूछा कि वो क्या है बताओ मुझे? तभी वो मुझसे कहने लगा कि तू मुझे तेरी दीदी के मोबाईल नंबर लाकर दे और उसका मेमोरी कार्ड भी मुझे लाकर दे। फिर मैंने उससे कहा कि ठीक है में आपको मेरी बहन के मोबाईल नंबर दे सकता हूँ, लेकिन मेमोरी कार्ड नहीं दे सकता।

फिर वो मुझसे बोला कि ठीक है अब में यह वीडियो सबको दिखा दूंगा, दोस्तों में उसकी इस बात को सुनकर बहुत डर गया और मैंने कहा कि ठीक है, लेकिन आप मेरी दीदी के साथ क्या करोगे? तो वो बोला कि वही सब जो एक मर्द एक औरत के साथ करता है। अब मैंने उसे मना किया और बहुत बार समझाया, लेकिन वो मेरी एक भी बात नहीं माना और फिर वो घर से बाहर चला गया, वो जाते समय मुझसे बोला कि कल उसे किसी भी हाल में कार्ड चाहिए।

अगले दिन दीदी कॉलेज से आई और आते ही वो खाना ख़ाकर दिन में सोती है और मैंने उस बात का फायदा उठाते हुए चुपचाप उसके मोबाईल का कार्ड निकाल लिया और धोबी को जाकर दे दिया। में उससे बोला कि जो करना है जल्दी से करो और उसने कार्ड से सब कुछ कॉपी करके मुझे वापस दे दिया। फिर मैंने उससे पूछा कि अपने यह सब क्यों किया। फिर वो मुझसे गाली गलोच करने लगा वो मुझसे बोला कि बहनचोद तेरे काम से मतलब रख समझा ना चूतिए। फिर में वहां से निकल गया और फिर उसी रात को मैंने करीब दो बजे उठकर मेरी दीदी का फोन चेक किया तो मैंने देखा कि व्हाटसप पर उस धोबी के बहुत सारे मैसेज पड़े हुए थे.

धोबी : हाए

दीदी : तुम कौन हो?

धोबी : मेरी जान में तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, जब से मैंने तुम्हे देखा है में तुम्हारा बिल्कुल दीवाना हो गया हूँ।

दीदी : चुप करो अपनी यह बकवास, क्या तुम पागल हो।

धोबी : एक मिनट रूको, फिर तुम चाहो तो जरुर बंद कर देना।

अब उस धोबी ने दीदी को दीदी की फोटो जो उसके पास थी और बहुत सारी सेक्सी फोटो भी भेजी और उन सभी फोटो में मेरी दीदी बहुत सेक्सी लग रही थी।

दीदी : क्यों यह फोटो तुम्हारे पास कहाँ से आई?

धोबी : जानेमन में तेरे प्यार में सब कुछ कर सकता हूँ, अब अगर तूने मुझसे बात नहीं की या मुझे हटा दिया तो में यह सभी फोटो सबको भेज दूंगा और तुझे एक रंडी बना दूंगा, इसलिए अब तू सबसे पहले तेरे घर वालो की इज्जत के बारे में भी थोड़ा सोच लेना।

दीदी : प्लीज तुम ऐसा मत करो, मुझे बताओ कि तुम्हे क्या चाहिए?

धोबी : में तुझे सही समय आने पर वो सब एक दिन जरुर बता दूंगा।

दीदी : हाँ ठीक है, लेकिन प्लीज किसी को वो फोटो मत भेज देना।

धोबी : हाँ ठीक है जानेमन, तुम कहती हो तो में रुक जाता हूँ, लेकिन तुम्हे अब वो सब करना होगा जो में तुमसे करवाना चाहता हूँ वरना ना करने का अंजाम तुम बहुत अच्छी तरह से जानती हो।

फिर उसके अगले दिन धोबी हमारे घर पर दोबारा आ गया और फिर दीदी उसे देखकर उससे कपड़े लेने चली गई और जैसे ही दीदी कपड़े लेकर पीछे की तरफ मुड़ी तो उसने सही मौका देखकर दीदी के चूतड़ को दबा दिया। दीदी कहने लगी कि अंकल यह क्या बत्तमीजी है और आप मेरे साथ यह क्या कर रहे हो क्या आपको बिल्कुल भी शरम नहीं आती? तो मुस्कुराते हुए बोला कि जानेमन अभी तो मुझे तेरे साथ बहुत कुछ करना है, अभी तो मैंने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे तू मुझसे इतना नाराज हो रही है। दोस्तों दीदी उसके मुहं से यह बात सुनकर बिल्कुल चकित हो गई और अब वो समझ गई कि धोबी ही वो इंसान है जिसने कल रात को उनके नंबर पर वो मैसेज किए थे।

दीदी : प्लीज बताओ ना अंकल आप मेरे साथ ऐसा क्यों करे हो, मैंने आपका क्या बिगाड़ा है?

धोबी : क्योंकि में तुझसे बहुत प्यार करता हूँ।

दीदी : क्या अपने आपकी मेरी उम्र देखी है? और आप तो मुझसे उम्र में भी बहुत बड़े हो।

धोबी : हाँ जानेमन देखी है, लेकिन कभी भी जिस्म की भूख में उम्र नहीं देखी जाती और में सिर्फ़ तुझसे प्यार करना चाहता हूँ, शादी नहीं।

दीदी : अंकल में इन सब चीज़ो में नहीं पड़ना चाहती हूँ और मुझे इसमे बहुत डर भी लगता है, प्लीज आप मुझे मेरा कार्ड दे दीजिए प्लीज।

धोबी : अब ज्यादा फालतू की बातें मत कर, बहुत मज़ा आएगा और कल में दोपहर को तेरे घर पर आ जाऊंगा, तू एकदम तैयार रहना मेरी जानेमन।

दीदी : अंकल नहीं प्लीज, मेरा भाई भी दिन में घर पर ही होगा।

धोबी : में सब संभाल लूँगा और वो दीदी के बूब्स दबाकर मुस्कुराता हुआ वहां से चला गया।

फिर जब शाम को में मेरे एक दोस्त के घर पर जा रहा था तब उस धोबी ने मुझे रोककर अपनी पूरी बात मुझे बताई और फिर वो मुझसे बोला कि तू कल दिन में घर पर मत रहना, दोपहर के दो बजे से चार बजे के बीच में। अब मैंने उससे कहा कि अगर मेरी बहन इस काम को तुम्हारे साथ करने के लिए राज़ी है तो मुझे इसमे कोई भी आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर उसकी बिल्कुल भी इच्छा नहीं है तो प्लीज तुम उसे कुछ मत करना। फिर धोबी ने मुझसे कहा कि तेरी बहन की मेरे साथ सेक्स करने की बहुत ज़्यादा इच्छा है, लेकिन वो बता नहीं रही और अगर ऐसा भी है तो तू खुद वहां पर आकर अपनी आखों से देख लेना। फिर मैंने कहा कि ठीक है दरवाजा बंद मत करना, दोस्तों मुझे उसकी बातें सुनकर उस पर गुस्सा तो बहुत आया, लेकिन में मज़बूर भी बहुत था और एक तरफ जोश में भी था।

फिर अगले दिन में दोपहर को करीब 1:30 पर ही अपने घर से बाहर निकल गया और करीब आधे घंटे बाद 2 बजे घर के पीछे पहुंच गया और देखने लगा। धोबी के घर के अंदर घुसने के बाद में भी चुपचाप अंदर चला गया। अब मैंने देखा कि दीदी उस समय बहुत डरी हुई थी। धोबी ने दीदी को अपनी गोद में उठाया और सीधा बेडरूम में ले गया और उसने मेरे लिए बेडरूम का दरवाजा थोड़ा सा खुला रखा, जिससे में बाहर से ही वो सब कुछ देख लूँ जो अंदर मेरी दीदी और उस धोबी के बीच होने वाला था।

धोबी : क्या हुआ जानेमन तुम मुझसे इतना क्यों डर रही हो?

दीदी : वो इसलिए क्योंकि मैंने इससे पहले कभी भी ऐसा कुछ नहीं किया है।

धोबी : वाह फिर तो हमे सेक्स करने में बहुत मज़ा आएगा, काश में तेरा पति बन सकता?

दीदी : अंकल प्लीज यह सब रहने दीजिए, प्लीज आप मुझे छोड़ दो।

धोबी : में तुझ जैसी परी को कैसे छोड़ दूँ? हाँ, लेकिन तुझे में चोद तो ज़रूर सकता हूँ।

दीदी : ठीक है अंकल आपको जो कुछ मेरे साथ करना है करो, लेकिन थोड़ा जल्दी करो और मेरे भाई के आने से पहले मुझे मेरा कार्ड देकर आप प्लीज यहाँ से चले जाओ।

धोबी : तुमने क्या इससे पहले कभी किसी को किस किया है या फिर किसी के साथ सेक्स किया है?

दीदी : मैंने ऐसा कुछ भी अभी तक नहीं किया।

धोबी : वाह इसका मतलब तेरी चूत पूरी तरह से सील पेक है।

दीदी : क्या मतलब?

धोबी : थोड़ा सा रुक, में अभी तुझे सब कुछ समझाता हूँ।

अब धोबी दीदी को किस करने लगा, लेकिन दीदी उसका बिल्कुल भी साथ नहीं दे रही थी और फिर वो किस करते हुए अपने एक हाथ से दीदी के बूब्स को दबाने लगा और अपने दूसरे हाथ से दीदी के पजामे में हाथ डालकर वो मेरी दीदी की चूत को सहलाने लगा। उसने दीदी की चूत में अपनी ऊँगली को अब धीरे धीरे अंदर बाहर करना भी शुरू कर दिया था जिसकी वजह से अब दीदी धीरे धीरे गरम होने लगी थी और अब वो दीदी की नाभि में अपनी उंगली को डाल रहा था और धीरे धीरे उनका पेट मसल रहा था, जिसकी वजह से अब दीदी का भी सब्र टूटने लगा। फिर वो भी जोश में आकर उसका पूरा पूरा साथ देने लगी थी और वो दोनों अब किस करने लगे। उनका यह किस थोड़ी देर तक चला और उसके बाद धोबी ने अपनी पेंट को खोल दिया और वो दीदी से बोला कि जल्दी से नीचे बैठकर मेरा लंड चूस, लेकिन दीदी साफ मना करने लगी और वो बोली कि आपका यह बहुत मोटा है।

दोस्तों धोबी का लंड करीब 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था, लेकिन बहुत कहने और समझाने के बाद वो मान गई। अब मेरी दीदी अपने घुटनों पर नीचे बैठकर उसका लंड चूसने लगी है, वो बिल्कुल एक सेक्सी फिल्म की किसी रंडी की तरह उसका लंड चूस रही थी और धोबी चिल्ला रहा था आह्ह्ह्ह और ज़ोर से चूस आआहा मेरी रांड। अब उसने दीदी की टी-शर्ट को उतार दिया और उसका पजामा भी उतार दिया। फिर उसने पेंटी और ब्रा को भी उतार दिया। दोस्तों मेरी दीदी अब उसके सामने पूरी नंगी खड़ी हुई थी और वो मेरी दीदी के बूब्स को मसलने लगा और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और बार बार उन दोनों बूब्स के बीच में अपना तनकर खड़ा, गरम लंड रगड़ रहा था और दीदी की नाभि को चाट रहा था, लेकिन अब दीदी से भी ज्यादा कंट्रोल नहीं हो रहा था और वो भी अब धोबी के पूरे कपड़े खोलकर उसका लंड वापस चूसने लगी।

फिर वो दोनों 69 पोज़िशन में आ गए और धोबी अब मेरी दीदी की चूत को अपनी जीभ से कुत्ते की तरह चाट रहा था, जिसकी वजह से दीदी ज़ोर ज़ोर से मोन करने लगी आह्ह्ह्हह उह्ह्ह्हह्ह अंकल प्लीज आईईईईईइ थोड़ा और अंदर करो अंकल उफ्फ्फ्फ़। अब वो दोनों टाईम देखने लगे और उस समय करीब 3 बज रहे थे। फिर दीदी कहने लगी कि हमारे पास सिर्फ अब एक घंटा और है प्लीज अब थोड़ा जल्दी से इसे मेरे अंदर डाल दीजिए।

फिर अंकल ने तुरंत अपना लंड दीदी की चूत के मुहं पर रख दिया और धीरे से धक्का देकर अंदर डालने लगे, लेकिन लंड अंदर ही नहीं गया और दीदी उस दर्द से तड़प गई। फिर धोबी अंकल ने बहुत सारा वेसलीन अपने लंड पर लगते हुए कहने लगे कि तुम्हारी सील अब खुलेगी और धीरे धीरे ज़ोर लगाते हुए अंदर डालने लगे, लेकिन दीदी उस दर्द के मारे बहुत ज़ोर से चिल्ला रही थी। फिर धोबी ने किस करना शुरू कर दिया और वो बूब्स भी दबाता रहा और हल्के हल्के धक्के भी लगाता रहा, जिसकी वजह से ज़ोर ज़ोर से दीदी की सिसकियाँ अब और भी तेज़ होने लगी आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह अंकल प्लीज थोड़ा धीरे डालिए आईईईईई प्लीज मुझे कुछ हो रहा है उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अब बाहर निकालो इसे प्लीज आह्ह्ह्ह, लेकिन धोबी तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था और करीब 15 मिनट तक लगातार चोदने के बाद धोबी कहने लगा कि अब मेरा निकलने वाला है बताओ क्या करूं?

फिर दीदी चिल्लाती हुई बोली कि प्लीज बाहर निकाल लीजिए मेरे अंदर मत छोड़ना, लेकिन धोबी अब भी उसी स्पीड में धक्के देकर चुदाई करता रहा और वो दीदी से कहने लगा कि तुझे तो में अपने होने वाले बच्चे की माँ जरुर बनाऊँगा उह्ह्ह्ह अब मेरा वीर्य निकलने वाला है और उसने अपना पूरा वीर्य मेरी दीदी की चूत में डाल दिया। अब वो दीदी के ऊपर गिर गया और वो दोनों करीब पांच मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे। फिर धोबी ने दीदी को किस करते हुए अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला और उसके बाहर निकालते ही चूत से खून और उसका वीर्य दोनों ही एक साथ किसी नदी की तरह बहते हुए बाहर आ गए और अब दीदी बेडशीट पर अपनी चूत से निकला हुआ वो खून देखकर बहुत डर गई और फिर वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी।

तभी धोबी उन्हें समझाने लगा कि यह सब हर किसी के साथ उसकी पहली चुदाई में होता है, लेकिन तू तो अब यह बता कि तुझे अपनी चुदाई में मज़ा आया या नहीं? दीदी शरमाते हुए अपने सर को नीचे झुकाते हुए बोली कि हाँ मुझे बहुत मज़ा आया, लेकिन वो आपका बहुत बड़ा है मुझे उसकी वजह से दर्द के साथ साथ बहुत खून भी निकला, शायद उसकी वजह से मेरे अंदर अब जलन होने लगी है।

धोबी : कोई बात नहीं है अब आज से तू मेरी रंडी है, तू इसकी आदत डाल ले और अब तू मेरे बच्चे की माँ बनने को तैयार हो जा।

दीदी : आप क्या पागल हो, अभी मेरी उम्र ही क्या है? और प्लीज आप अगली बार से मेरे साथ कुछ भी करो तो प्लीज कंडोम लगाकर करना प्लीज।

धोबी : जानेमन कंडोम लगाकर चुदाई करने में वो मज़ा नहीं आता जो बिना कंडोम के आता है। चल अब में चलता हूँ और तू अपना ध्यान रखना।

दोस्तों उस धोबी के हमारे घर से चले जाने के कुछ देर बाद जब में अपने घर पर आया तो मैंने देखा कि मेरी दीदी मुझे बहुत खुश लग रही थी। में उसकी ख़ुशी का मतलब समझ गया था और फिर यह सिलसिला ऐसे ही लगातार चलता रहा और अब धोबी मेरी दीदी को चोदता रहा। अब जब भी मन करता तब मेरी बहन को दोपहर के समय चोदने आ जाता था और अब उसने मुझे पैसे देने भी शुरू कर दिए थे। में बहुत मजबूर था क्योंकि मेरी दीदी भी उसके साथ उससे चुदकर बहुत खुश थी और अब मेरी दीदी एक बहुत बड़ी रंडी बन चुकी है और वो लंड की आदी हो गई है और धोबी के साथ चुदाई करवाने के लिए वो अब कुछ भी कर सकती है और उन दोनों की चुदाई अब भी लगातार हर कभी होती रहती है। उसने मेरी शरीफ बहन को चोद चोदकर अपनी बहुत बड़ी छिनाल बना दिया है ।। अब मैं चाहता हूँ की जब एक बार ये चुद ही गयी तो मैं भी क्यों न चोद लू इतनी भरी हुई गांड देखकर किसी की चुदाई की इच्छा हो जाये तो अब मैं तो बस उनकी

धन्यवाद …

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The Author

Ruby

मै रूबी हूँ मेरी उम्र २२ साल है | मुझे सेक्सी कहानिया लिखना और पढ़ना अच्छा लगता है | अगर आप लोगो को मेरी कहानियां पसंद है तो निचे कमेंट बॉक्स में अपने अपने विचार जरुर लिखे ताकि मै आगे की कहानियो में सुधार कर सकू | थैंक यू सो मच |
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