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मुझे वाइल्ड सेक्स और पति को थ्रिसम सेक्स की इच्छा

दोस्तो, मैं आंयरा हूँ.. मेरी उम्र 26 साल है। मेरी शादी को अभी कुल 3 साल हुए हैं। शादी से पहले मैं एक छोटे से गाँव में रहती थी। शादी के बाद सूरत अपने हसबेंड के साथ रहने आई। यह अपनी सच्ची कहानी आपके सामने रख रही हूँ।

कहानी लिखने में मेरा साथ देने वाले मेरे रियल हीरो नीतिन के साथ की मेरी चुदाई की यह सच्ची कहानी है।

मेरे Cuckold हसबेंड रंजीत को थ्रिसम का जो भूत चढ़ा था उसका नतीजा रंजीत जो भी भुगत रहा हो.. वो भुगते.. लेकिन मुझे मेरा नीतिन मिल गया।

कैसे.. वो आप खुद ही पढ़ लीजिए..

तीन साल पहले की बात है.. जब मेरी शादी नहीं हुई थी। मैं अपने परिवार के साथ सूरत से करीब 100 किलोमीटर दूर एक छोटे से गाँव में रहती थी।

मुझसे छोटी मेरी और 2 बहनें हैं। मेरे उम्र 22 होने को थी.. पापा मेरी शादी के लिए लड़का ढूँढ रहे थे।

मुझे देखने 2-3 लड़के आकर भी गए.. लेकिन बात कुछ जमी नहीं।

फिर एक दूर के रिश्ते में से कोई आया और उन्होंने एक लड़का.. जो सूरत में रहता है.. उसके बारे में बताया।

पिताजी ने जाकर पहले उसके घर मिल कर आए।

उस लड़के का खुद का घर था और सरकारी नौकरी करता था, सूरत में अकेले रहता था।
उसके माँ और पापा उनके गाँव में रहते थे।

मेरे पिताजी को सब ठीक लगा.. तब उन्होंने उस लड़के को हमारे गाँव में मुझे देखने के लिए बुलाया।

लड़का अगले हफ्ते रविवार को आने वाला था।

रविवार के दिन मैं सुबह से तैयार होने लग गई.. मेरा कद 5’5″ है.. मैं दिखने में गोरी और खूबसूरत हूँ और मेरा फिगर 34-28-36 है।
हमारे गाँव में सबसे खूबसूरत लड़की मैं ही हूँ।

मैं भी हमेशा सपने देखती थी कि मेरी शादी किसी राजकुमार से होगी।

तब मुझे पता नहीं था आगे क्या होने वाला है।

मैं बहुत अच्छे से मेकअप करके तैयार हुई… गुलाबी रंग का सलवार कमीज़ पहन कर आईने में देख कर खुद पर गर्व महसूस होने लगा।

सुबह के 11 बजे वो लोग आए… मैं अपनी छोटी बहनों के साथ रसोई में थी।

माँ ने मुझे बताया कि लड़का और उसकी माँ आए हैं।

कुछ देर बाद मैं चाय लेकर बाहर गई… सब को चाय दी और सामने कुर्सी पर बैठ गई और डरते हुए लड़के की ओर देखा।

उसे देख कर मुझे धक्का सा लगा.. लड़का दिखने में खास नहीं था।
उसका सांवला रंग और चेहरा ज़रा भी अच्छा नहीं था।

मैंने झट से नजरें झुका लीं और मन ही मन में सोचने लगी कि मैं इस लड़के को पसंद नहीं करूँगी.. ना ही इसके साथ शादी करूँगी।
फिर मेरे पापा ने एक-दूसरे से पहचान करा दी।

मैंने देखा.. लड़का मुझे घूर रहा था, मुझे उसकी नज़र भी अच्छी नहीं लगी।

फिर मैं अन्दर चली गई.. कुछ देर बाद मुझे वापिस बाहर बुलाया गया।

उस लड़के की माँ ने मुझसे कुछ सवाल किए… फिर लड़के ने भी मुझसे पूछा- क्या पढ़ी-लिखी हैं.. खाना बनाना आता है या नहीं?

फिर नाश्ता वगैरह करने के बाद वे चले गए।
तब मेरी जान में जान आई।

उनके जाते ही मैं माँ से बोली- मुझे लड़का पसंद नहीं है और मैं उसके साथ शादी नहीं करूँगी।

माँ कुछ नहीं बोली… लेकिन मेरी किस्मत खराब थी।
दो दिन बाद उनका मैसेज आया कि उन्हें लड़की पसंद है.. आगे की बात करने दो दिन में आ रहे हैं।

मैं तो रोने लगी… मैंने पापा से कहा- मुझे नहीं करनी शादी..

लेकिन पापा बोले- उस लड़के की सरकारी नौकरी है और सूरत में खुद का घर है.. ऐसा लड़का फिर नहीं मिलेगा।

लेकिन मैं नहीं मानी… 2 दिन तक रोती रही।
माँ ने भी मुझे समझाया कि तेरे पीछे तेरी 2 बहनें भी शादी के लिए हैं। तू ऐसे करती रही तो उनका क्या होगा.? और तुम्हें लड़का कैसा दिखता है.. तू उस पर मत जा… लड़का गुणों में कैसा है वो देख…

मैं कुछ नहीं बोली… उस वक़्त मुझे मेरे सपने चकनाचूर होते दिखाए दिए।

अगले 2 दिन बाद उन की तरफ से कुछ लोग आए और शादी के बारे में बातचीत की.. और शादी की तारीख भी तय हो गई।
अब मेरे हाथ मे उसके साथ शादी करने के सिवाय कुछ नहीं बचा था।
मुझे अब ज़रा भी उम्मीद नहीं थी कि ये शादी टूट पाएगी।
अब शादी के लिए मैंने भी अपना मन बना लिया, मेरे पास कोई चारा भी नहीं था।

शादी का दिन आ गया… सूरत में एक बड़े से हॉल में शादी थी।

मेरे हसबेंड का नाम रंजीत था। शादी में रंजीत के 12-13 दोस्त और काफ़ी रिलेटिव थे।

मैं दुल्हन बन कर पूरी तरह सज चुकी थी। मैंने अच्छा साज़-श्रृंगार किया था… फिर शादी हो गई.. और सब दोस्त लोग.. रंजीत और मुझसे मिलने स्टेज पर आने लगे।

उनमें से एक दोस्त स्टेज पर मिलने आया.. तब धीरे से रंजीत के कान में बोला- तूने क्या मस्त माल ढूँढा है यार..

रंजीत बोला- गाँव से गँवारन माल लेकर आया हूँ।

उनकी बातें सुन कर मैं हैरान रह गई।

एक हसबेंड अपनी पत्नी के बारे में ऐसे बातें कर रहा है.. जिससे शादी हुए अभी एक घंटा भी नहीं हुआ।
पता नहीं मेरे नसीब में आगे क्या-क्या लिखा है।

सब से मिलने के बाद खाना खाने बैठे।
खाना खाते वक़्त रंजीत ने मेरा हाथ अपने हाथ में लेकर ज़ोर से दबाया और एक आँख मारी।
मैं शर्मा कर कहीं और देखने लगी।

सब प्रोग्राम पूरे होने के बाद हम शादी के हॉल से निकले और रंजीत के घर पहुँचे।

मैंने देखा वो एक दो कमरे और रसोई वाला फ्लैट था।
छोटा सा हॉल और रसोई थी।

उस दिन घर पर बहुत मेहमान थे। रात में सबको सोने को ठीक से जगह नहीं थी।

करीब सब मेहमान चले गए.. अंत में 3 दिन बाद मेरे सास और ससुर भी चले गए।

रंजीत उनको बस स्टॉप पर छोड़ने गया।

तब दिन के 3 बजे थे.. मैं रसोई में साफ़-सफाई करने लग गई।

एक घंटे बाद रंजीत घर आया… अन्दर आते ही रंजीत ने मुझे दबोच लिया और पागलों के जैसे चूमने लगा।

रंजीत के होंठ बहुत मोटे थे.. वो मेरे होंठों को चूसने लगा।

एक हाथ से मेरे दायें मम्मे को दबाने लगा.. मानो उसके दिमाग़ में शैतान घुस गया हो.. ऐसे पागलों जैसे मुझे दबाने लगा।

लगभग 15 मिनट तक मेरी समझ में नहीं आ रहा था.. कि क्या हो रहा है।

कुछ देर में मुझे महसूस हुआ कि रंजीत ने मेरी सलवार निकाल दी है और कमीज़ भी उतार फेंका।

वैसे ही मुझे नीचे लिटाया और मेरे ऊपर आकर एक जानवर जैसे मुझे दबोचने लगा।

मैंने उससे कहा- प्लीज़ धीरे करो.. मुझे दर्द हो रहा है।

तो बोला- आज हमारी सुहागरात है.. सुहागरात में तो दर्द होता ही है।

फिर उसने मेरी ब्रा एक झटके में खींची और दोनों मम्मों को देख कर मुझे उसकी आँखों में एक अलग सी चमक दिखी।

फिर उसने ज़ोर से मेरे रसीले आमों को दबाना शुरू किया.. दबाना क्या.. निचोड़ना शुरू किया।
वैसे भी हमारे हसबेंड गंदे होते हैं, पूरे जिस्म से बास आती हैं, और गंदे दाँत होते हैं.. जो मुझे पसंद नहीं है।

मैं दर्द के मारे चीख रही थी।

कुछ देर में उसने मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया और खुद भी नंगा हो गया।

उसका काला-कलूटा लंड देख कर मैं डर गई।

वो मेरे मुँह के पास अपना लंड लेकर आया और मुझे चूसने को कहा.. मैंने मना किया, फिर भी वो ज़बरदस्ती मुँह में डालने लगा।
उसके लंड से मुझे बड़ी दुर्गन्ध आ रही थी।

मैंने मेरा सिर घुमा दिया लेकिन उसने मेरे बाल खींच कर ज़बरदस्ती मेरे मुँह में दिया और चूसने को कहा.. मैं मजबूर थी।

सुहागरात ऐसी होती क्या.. मैं ये सोचने लगी।

मैं दर्द के मारे चीख रही थी।

कुछ देर में उसने मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया और खुद भी नंगा हो गया।
उसका काला-कलूटा लंड देख कर मैं डर गई।

वो मेरे मुँह के पास अपना लंड लेकर आया और मुझे चूसने को कहा.. मैंने मना किया, फिर भी वो ज़बरदस्ती मुँह में डालने लगा।
उसके लंड से मुझे बड़ी दुर्गन्ध आ रही थी।

मैंने मेरा सिर घुमा दिया लेकिन उसने मेरे बाल खींच कर ज़बरदस्ती मेरे मुँह में दिया और चूसने को कहा.. मैं मजबूर थी।

सुहागरात ऐसी होती क्या.. मैं ये सोचने लगी।

लगभग 5 मिनट चूसने के बाद उसका पानी मेरे मुँह में ही निकल गया।

वैसे मैं बाथरूम में भागी और मुँह साफ़ किया।

अब मेरा बाहर जाने को मन नहीं था.. मैं बाथरूम में ही रुकी रही।

मेरे हसबेंड बाथरूम में आए और वो फिर मुझे दबोचने लगा।

कुछ देर बाद हम वापिस हॉल में आ गए और उसने मुझे वापिस से लंड चूसने को कहा।

मेरा मन नहीं कर रहा था.. लेकिन मैं कुछ बोली नहीं और चूसने लगी।

कुछ देर में वो वापिस मूड में आ गया.. फिर उसने मुझे सीधा लिटा कर मेरे ऊपर आया और मेरी चूत पर लंड रख कर एक ज़ोर का धक्का दिया।

मैं ज़ोर से चीख पड़ी.. उसने मेरे मुँह में मुँह डाल दिया और मुझे बड़ी बेरहमी से चोदने लगा।

मुझे बहुत दर्द होने लगा.. लेकिन 5 मिनट बाद मुझे अच्छा लगने लगा.. अब मेरी चूत में से कुछ पानी निकलने लगा इसलिए दर्द भी कुछ कम हो गया और अच्छा भी लगने लगा।

मैंने भी अब ज़ोर से मेरे हसबेंड को पकड़ लिया और उसकी चूमा-चाटी का जबाव देने लगी।

अभी मेरी मस्ती शुरू ही हुई थी कि तब रंजीत ने 3-4 ज़ोर के झटके दिए और मेरी चूत में पानी निकाल दिया और मेरे बदन पर ही गिर गया।

मेरी संतुष्टि हुई ही नहीं.. अभी कहाँ मैं गरम ही हुई थी और उसने पानी निकाल दिया.. मैं तड़पती रही।

कुछ देर बाद उसने मेरी चूत में से लंड निकाला तो उसमें खून लगा हुआ था और मेरी चूत में से भी खून बह रहा था।

मैं डर गई.. लेकिन हसबेंड खून देख कर हँसने लगा और इतना ही बोला- उम्मीद नहीं थी मुझे.. कि तुम वर्जिन मिलोगी..

मैं उस वक़्त उसकी बात समझी ही नहीं। दिन में ही हमारी सुहागरात हो गई थी। उस रात को उसने मुझे 4 बार चोदा।

दूसरे दिन रंजीत काम पर चला गया…
घर पर मैं अकेली थी।
घर में एक छोटा टीवी था और कंप्यूटर… मैं टीवी देखती रही.. दोपहर में सो गई।

शाम को रंजीत मेरे लिए कुछ कपड़े ले आया।

मैंने देखा 2-3 छोटी-छोटी ड्रेस थीं और एक पारदर्शी नाइट-गाउन था।

कपड़े देख कर ही मुझे शरम आई.. फिर भी उन्होंने मुझे पहनने को कहा।

उस रात में उसने फिर मेरा साथ जी भर के चुदाई की।

दूसरे दिन मुझे वो छोटा सा पारदर्शी नाइट-गाउन पहनने को कहा और बोले- दिन भर इसी गाउन में रहना।

वो काम पर चले गए… मैं दिन भर उसी गाउन में थी…
मुझे शरम आ रही थी क्योंकि उस गाउन में से मेरा बदन साफ-साफ दिखाई दे रहा था।

शाम को दरवाजे की घन्टी बज़ी.. मैंने दरवाजा खोला तो देखा.. मेरे हसबेंड और उसके 3 दोस्त साथ में आए हैं।

मैं शरमा कर जल्दी से रसोई में चली गई।

मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि हसबेंड अपने साथ किसी को लेकर घर पर आएंगे.. नहीं तो मैं दूसरे कपड़े पहन लेती।

दोस्तों को हॉल में बिठा कर रंजीत रसोई में आए और मुझसे कहा- मेरे दोस्तों के लिए पानी लेकर आओ।

मैंने कहा- आप ही लेकर जाओ.. मैं इस नाइट-गाउन में हूँ।

रंजीत मुझ पर गुस्सा हुए और बोले- पहली बार मेरे दोस्त घर आए हैं.. जितना कहा उतना सुन..

वो बाहर चले गए… मैंने ट्रे में पानी के 3 गिलास लिए और शरमाते हुए हॉल में आई.. सबको पानी दिया और अन्दर जाने लगी।

तभी रंजीत मुझसे बोले- यहीं पर बैठो.. मुझे इनसे तुम्हारी पहचान करानी है।

मैं शरमाते हुए सामने एक कुर्सी पर बैठी, मेरे दोनों टाँगें और जांघें खुली थीं.. वो बहुत छोटी सी नाईटी थी। सब दोस्त मुझे घूरने लगे।
उस नाइट गाउन में से मेरा पूरा बदन साफ़ दिखाई दे रहा था।

सब मुझे भूखे भेड़िए के जैसे घूर रहे थे।

मैं शरमा कर नीचे देखने लगी…
फिर मैंने सबको चाय दी। मेरा मन कर रहा था कि नाईटी चेंज कर लूँ.. लेकिन मेरे सब कपड़े उसी हॉल में थे और हॉल में सब बैठे थे।

फिर रंजीत ने मुझे वापिस बाहर बुलाया.. एक दोस्त बोला- भाभी.. सच में तुम सेक्सी और हॉट हो..

मैंने शरमा कर नजरें झुका लीं।

दूसरा दोस्त मेरे हसबेंड से बोला- यार तू तो पूरी रात मेरी भाभी को सोने नहीं देता होगा.. रात भर बिस्तर गरम करता होगा..

सब हँसने लगे… मैं शरमा कर पानी-पानी हो गई।

कुछ देर बाद सब चले गए और रंजीत ने मुझे पकड़ कर मेरे साथ ज़बरदस्ती चुदाई की..चुदाई करते वक़्त वो मुझसे बोला- डार्लिंग.. तूने आज तो मेरे सब दोस्तों के लंड खड़े कर दिए।

यह बात सुन कर मुझे अच्छी नहीं लगी, कोई पत्नी नहीं चाहेगी कि उसका हसबेंड पत्नी के बारे में ऐसी बात करे। मैं चुप रही। खाना खाने के बाद रंजीत मुझसे बोला- चलो तुमको कंप्यूटर सिखाता हूँ।

फिर मुझे कंप्यूटर के बारे में सब बताया.. और 4-5 दिन में मैं सीख गई।

अब शादी हुए 20 दिन हो गए थे।

रोज का रूटीन यही थी…
दिन भर टीवी.. रात में बिस्तर पर हसबेंड के साथ चुदाई.. कभी-कभी रंजीत रात में मुझे इंटरनेट पर पॉर्न पिक्स और वीडियो क्लिप दिखाता था।
सब क्लिप गंदी ही होती थीं।

फिर कभी-कभी रात में चैट करता था। शुरू में याहू चैट क्या है.. मुझे नहीं पता था।
बाद में धीरे-धीरे सब समझने लगी.. चैट क्या होती है।

एक दिन वो मुझसे बोला- चलो तुमको छुट्टी के दिन ‘कांकरिया लेक’ दिखा कर लाता हूँ।

मैं भी खुश हो गई.. शादी के बाद पहली बार हसबेंड के साथ कहीं बाहर निकल रही थी।

सूरत देखने का भी एक सपना था मैंने उस दिन साड़ी पहनी थी।

रास्ते में सिटी बस में काफ़ी भीड़ थी.. मैं पूरी तरह दब गई।
साँसें लेने को जगह नहीं थी.. 3-4 मर्दो ने मुझे ऐसे दबोचा कि मैं डर गई..

करीब 30 मिनट तक उस भीड़ में कोई ना कोई मर्द.. मेरे बदन को छू रहा था तो कोई मौके का फ़ायदा लेकर मेरे मम्मों को दबा रहा था।

मुझे भीड़ में एक आवाज़ सुनाई दी- क्या माल है यार सन्नी.. और उसका हसबेंड देख कैसा सड़ा हुआ है.. लंगूर के हाथ अंगूर..

फिर दोनों हँसने लगे।

मैंने देखा रंजीत ने भी वो बात सुनी लेकिन चुप था।
अंत में स्टेशन आया तब कुछ चैन हुआ।

फिर ‘कांकरिया लेक’ देखा और बहुत सारी जगह घूमी। शाम को हम लोग माणेक चौक गए.. रात में 11 बजे घर पहुँचे।

उस रात को रंजीत ने मुझे चैट करना सिखाया.. याहू पर मेरी भी एक आईडी बना दी।

दो दिन बाद मुझसे मिलने मेरे माँ और पापा आए..
रात में रंजीत भी आया, सबने बातें करते हुए खाना खाया।

खाना ख़ाकर माँ और पापा को भी हमारे बाजू में सोने के लिए जगह की.. गर्मी का मौसम था और AC हमारे कमरे में ही था।

लाइट बंद होने के 10 मिनट बाद रंजीत ने मेरे बदन पर हाथ डाला।

मैंने झट से हटा दिया और कहा- प्लीज़ आज के दिन नहीं.. आज मम्मी-पापा हैं।

लेकिन वो कहाँ मानने वाला था, ज़बरदस्ती मुझे दबोचने लगा…15 मिनट में मुझे नंगा कर दिया और मेरे ऊपर आकर मुझे चोदने लगा।

अब मैं भी कंट्रोल खोने लगी थी… जैसे ही रंजीत ने मेरी चूत में लंड डाल कर ज़ोर का धक्का मारा.. मैं चिल्ला पड़ी।

हसबेंड के कान में बोली- प्लीज़ ज़रा धीरे से…

लेकिन वो अपनी स्टाइल में मुझे चोद रहा था।

मुझे पता था.. माँ-पापा अभी सोए नहीं हैं.. मुझे बहुत शरम आने लगी।

लगभग 15 मिनट तक हमारी चुदाई चली, फिर रंजीत सो गया.. मैं भी कुछ देर बाद सो गई।

दूसरे दिन माँ-पापा अपने गाँव चले गए।

रात को मैं रंजीत पर बहुत गुस्सा हुई और कहा- कल मेरे माँ-पापा के सामने क्यों मेरे साथ सेक्स किया.. क्या आपको शरम नहीं आई?

रंजीत बोला- डियर उन्होंने भी चुदाई की.. तब तू पैदा हुई ना.. इसमें शरम कैसी.. अच्छा है कि उन्होंने भी कल अपनी बेटी को चुदते हुए देखा।

उसकी बात सुन कर मैं और क्या बोलती…

दो दिन बाद रविवार था, रंजीत घर पर ही था… नाश्ता होने के बाद बोला- चलो नेट पर चैट करते हैं.. तू साथ में रुक।

उन्होंने लॉग-इन करने के बाद याहू चैट रूम में एंटर किया और पेज पर बड़े फ़ॉन्ट में मैसेज लिखा- एनी वन इंटरेसटेड फॉर थ्रिसम.. कपल हियर..

मैं उस वक़्त उसका मतलब कुछ नहीं समझी.. उस वक़्त बहुत सारे रिप्लाई आए।

सब अपनी-अपनी ASL बताने लगे। फिर रंजीत ने हम दोनों की उम्र बताई। उनकी चैट शुरू हुई.. तीन से चैट करते वक़्त वे सब मेरे बारे मे पूछने लगे। मेरी लम्बाई.. फिगर.. कैसी दिखती हूँ?

मैं ये सब बातें पढ़ कर कन्फ्यूज़ हो गई।

फिर कुछ देर में रंजीत ने मेरी पिक उनको फोटो शेयर में दिखाई।

मेरे पिक देख कर सबका तुरन्त रिप्लाई आया- वाउ.. सेक्सी.. माल है.. एक्सीलेंट…

ऐसे बहुत सारे भद्दे कमेंट्स पढ़ कर मुझसे रहा नहीं गया।

मैंने रंजीत से पूछा- ये सब क्या हो रहा है?

वो हँसने लगा और मुझसे बोला- डियर तेरे लिए एक अच्छा मर्द ढूँढ़ रहा हूँ। थ्रिसम के लिए।

मैं बोली- ये थ्रिसम क्या है?

वो बोला- मेरे सामने कोई और मर्द तेरे साथ चुदाई करेगा और मैं मज़े से देखूँगा।

मैं यह सुन कर गुस्सा हो गई और बोली- छि:.. क्या तुमको शरम नहीं आती है अपनी पत्नी के बारे में ऐसी बातें करने में.. बंद कर दो ये तमाशा…

मैं वहाँ से रसोई में चली गई लेकिन मन ही मन सोचने लगी कि ये कैसा मेरा हसबेंड है जो अपनी पत्नी के बारे में ऐसे गंदी बात सोचता है।

मेरा दिमाग़ कुछ काम नहीं कर रहा था।

दोपहर में खाना खाते वक़्त हम कुछ नहीं बोले।
खाना ख़ाकर रंजीत ने मेरे साथ अपनी हवस पूरी की।

मैं सोने चली गई और वो फिर से नेट पर चैट करने लगा।

शाम को चाय पीने के बाद वो मुझसे बोला- डियर.. 2 लोग मिले हैं.. मुझे वे अच्छे लगे.. रात में दोनों कैम पर आने वाले हैं.. तुम भी देख कर पसंद कर लो.. दोनों में से एक के साथ तुमको मेरे सामने चुदाई करना है।

यह सुन कर मैं गुस्सा हो गई और बोली- मुझे कुछ नहीं करना.. ये सब.. मुझसे ऐसी बातें करो भी मत..

तब रंजीत मेरे पास आया और मुझे एक गाली दी और मुझसे बोला- कुतिया.. तेरा हसबेंड हूँ मैं.. जो चाहूँ कर सकता हूँ.. मेरी बात नहीं मानी तो अपने मायके में जाकर अपनी माँ चुदा.. मैं तुझे अपने पास नहीं रखूँगा।

इतना कह कर वो बाहर चला गया… उसकी बात सुन कर मेरी आँखों के सामने अंधेरा छाने लगा।

उसने मुझे इतनी ज़ोर से डांटा था.. कि मेरे चेहरे पर उसका भय छा गया था।

मैं बहुत देर तक रोती रही।

मैं सपने में भी सोच नहीं सकती थी कि मेरा अपना हसबेंड मेरे बारे में ऐसा सोच रहा है..

रात में 10 बजे वो घर आया उसने शराब पी हुई थी।

उसने घर आकर मुझे फिर से मारा और गंदी-गंदी गालियाँ दीं।

मैं रोती रही.. चीखती रही लेकिन उसको मुझ पर तरस नहीं आया।

बस इतना ही कह रहा था- तुझे मेरे सामने दूसरे मर्द से चुदाई करना है।

अंत में मैं रोते-रोते उससे बोली- प्लीज़ मुझे और मत सताओ.. आप जैसा चाहो मैं सब करूँगी।

मेरी बात सुन कर उसकी आँखों में एक अलग सी चमक आ गई।

मैं नीचे ज़मीन पर पड़ी थी।
वैसे ही मेरे ऊपर आकर उसने मेरे साथ चुदाई की और बोला- जल्दी ही उसकी फेंटेसी पूरी होने वाली है..

अगले दिन उसके ऑफिस जाने के बाद मैं नहाने गई।
मेरा पूरा बदन दर्द कर रहा था.. मुझे उन्होंने बहुत मसला था।

मैंने दोपहर में ठीक से खाना भी नहीं खाया।

रात में हसबेंड घर आए तब बहुत खुश लग रहे थे।

खाना ख़ाकर नेट पर आए और मुझे भी पास बुलाया और चैट करने लगे।

चैट पर उनको आज भी 3-4 लोग मिले.. सब मेरे बारे में गंदे-गंदे सवाल करने लगे और वो सबको जवाब भी दे रहे थे।

फिर सब को मेरे पिक दिखाए… मेरे पिक देख कर सब ‘आहें’ भरने लगे और मेरे बारे में गंदी-गंदी बातें बकने लगे।

मुझे वो सब पढ़ कर शरम आने लगी थी।

फिर रंजीत ने उनको कैम पर आने को कहा।

दो लोगों के पास कैम था.. एक के पास नहीं था। पहला जो कैम पर आया उसकी उम्र शायद 24-25 थी… वो देखने में ठीक था और सिंपल सा दिख रहा था।

दूसरे लड़के की उम्र 22-23 रही होगी.. वो दिखने में क्यूट था और हैंडसम भी था। उसका नाम रेहान था… रंजीत ने उसका मोबाइल नंबर लिया और फिर उसको फोन लगाया।

रंजीत और रेहान ने कुछ देर बात की फिर रंजीत ने मेरे हाथ में मोबाइल दे दिया और बात करने को कहा।

मैं डर गई लेकिन रंजीत मेरी तरफ गुस्से से देखने लगे.. फिर मैं उससे बात करने लगी।

मैं- हाय…

रेहान- हाय डियर.. कैसी हो..

मैं- ठीक हूँ.. आप कैसे हो?

रेहान- मैं भी ठीक हूँ डियर… तुम फोटो में मुझे बहुत सेक्सी लग रही हो… जब मिलेंगे.. तब हम बहुत मस्ती करेंगे।

मैं चुप रही..

रेहान- तुम अपनी फिगर बताओ ना.. डियर..

मैं मौन..
रेहान- अरे शरमाओ नहीं डियर, तुम्हारे हसबेंड चाहते हैं.. मैं तुम्हारे साथ सेक्स करूँ..

मैं- बाय..

मैंने मोबाइल उनके पास दे दिया।

कुछ देर दोनों ने बात की.. फिर फोन रख दिया और हम सोने आ गए। आज रंजीत मेरे साथ चुदाई करते वक्त बहुत उत्तेजित थे।
चुदाई करते वक़्त बार-बार रेहान की बातें निकाल रहे थे और मुझे भी उत्तेजित करने लगे।

रेहान तेरे साथ ऐसा करेगा.. वैसा करेगा कह रहे थे.. और रेहान की कल्पना करके उनका आज जल्दी ही पानी निकल गया।

पता नहीं लेकिन मेरे सामने भी रेहान बार-बार आने लगा, मुझे भी उसका क्यूट फेस याद आने लगा।

अगले दिन भी हमारी फिर से चैट हुई… आज मैंने 10 मिनट तक रेहान से बात की.. मेरा थोड़ा डर कम हुआ था।

फिर रेहान ने रंजीत से बात की और पूछा- कब मिलना है?

रंजीत ने कहा- अगले हफ्ते में प्लान बनाते हैं।

दो दिन के बाद रात में ऐसे ही रंजीत चैट पर थे.. मैं उनके पास थी।
चैट रूम में रंजीत को एक आदमी मिला।
उसने अपना नाम नीतिन बताया।

कुछ देर चैट हुई.. उसने अपनी उम्र 35 बताई और सूरत का ही रहने वाला बताया।

उसने कहा- मेरा पत्नी से तलाक़ हुआ है और अब अकेला ही घर पर रहता हूँ।

रंजीत ने कास्ट पूछी तो बोला- हिंदू हूँ.. फिर रंजीत ने कहा- आज देर हो गई है कल रात को चैट करते हैं.. कल तुम कैम पर आना।

रंजीत ने उसको एड करके लॉग-ऑफ कर दिया और दूसरे दिन रात में 10 बजे हम ऑनलाइन आए।

पता नहीं लेकिन उसकी उम्र 35 सुन कर मुझे अच्छा नहीं लगा।

रंजीत से कहा- रेहान से बात हुई है.. तो फिर नीतिन से क्यों चैट कर रहे हो?

तब रंजीत बोले- चैट करने में क्या है? देखते हैं कैसा है..

मैं चुप रही.. कुछ देर में नीतिन भी चैट पर आया… दोनों की चैट शुरू हुई।

रंजीत- नीतिन.. तुम्हारी पत्नी तुम्हारे साथ नहीं रहती हैं?

नीतिन- नहीं.. तलाक़ दे दिया है।

रंजीत- क्यों?

नीतिन- मेरा बड़ा लंड रोज-रोज सहन नहीं कर पा रही थी.. वो रंडी मुझसे तंग आकर अलग हो गई..

रंजीत- सच में नीतिन.. इतना बड़ा लंड हैं तुम्हारा.. और इतना वाइल्ड सेक्स करते हो कि तुम्हारी बीवी उसे चूत में ले नहीं सकती थी।

नीतिन- खुद से क्या अपनी तारीफ करूँ.. तुम्हारी पत्नी को मेरे साथ लिटा कर देख लो.. पता चल जाएगा।

यह बात सुन कर मैं डर गई कि इंसान है या जानवर..

मैं चुप रही.. कुछ देर में नीतिन भी चैट पर आया… दोनों की चैट शुरू हुई

रंजीत- नीतिन.. तुम्हारी पत्नी तुम्हारे साथ नहीं रहती हैं?
नीतिन- नहीं.. तलाक़ दे दिया है।
रंजीत- क्यों?
नीतिन- मेरा बड़ा लंड रोज-रोज सहन नहीं कर पा रही थी.. वो रंडी मुझसे तंग आकर अलग हो गई..

रंजीत- सच में नीतिन.. इतना बड़ा लंड हैं तुम्हारा.. और इतना वाइल्ड सेक्स करते हो कि तुम्हारी बीवी उसे चूत में ले नहीं सकती थी।

नीतिन- खुद से क्या अपनी तारीफ करूँ.. तुम्हारी पत्नी को मेरे साथ लिटा कर देख लो.. पता चल जाएगा।

ये बात सुन कर मैं डर गई कि इंसान है या जानवर..

फिर आगे उनकी चैट देखने लगी।

रंजीत- मेरी तो फैंटेसी है नीतिन कि अपने सामने अपनी खूबसूरत पत्नी को तुम्हारे जैसे वाइल्ड इंसान से चुदवाऊँ

नीतिन- फिर देर किस बात की है?

रंजीत- नीतिन भाई… आप कैम पर आओ ना..

नीतिन- ओके.. दो मिनट प्लीज़।

फिर 2-3 मिनट में नीतिन का कैम शुरू होता है.. कैम पर मैंने देखा.. एक हट्टा-कट्टा जवान दिखाई दिया। उसका जिस्म भी सन्नी देओल जैसा मजबूत दिख रहा था।
हाँ.. चेहरा ज्यादा अच्छा नहीं था। ओमपुरी जैसा चेहरा था।

रंजीत- नीतिन.. अगर आपको ऐतराज़ ना हो तो क्या आप कैम पर अपना बड़ा लंड दिखा सकते हो?

नीतिन- क्यों नहीं?

अब नीतिन ने कैम की स्थिति ठीक की और पैन्ट में से उसका लंड बाहर निकाला। उसका हलब्बी लौड़ा देख कर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं।

कम से कम 8 या 9 इंच का मोटा लंड था और पूरा काला नाग था। मेरी धड़कनें तेज हो गईं.. पहली बार हसबेंड के सामने दूसरे मर्द का लंड देख रही थी।

मैंने रंजीत की तरफ देखा तो उसकी भी आँखें चमकने लगी थीं.. रंजीत उसका लंड देख कर खुश हो गया।

तभी नीतिन ने कैम बंद कर दिया।

नीतिन- बोल साले.. कैसा लगा मेरा लंड?

नीतिन की बात सुन कर हम दोनों चौंक गए… नीतिन ने रंजीत को साला बोला था।
अब उसकी बात करने का टोन ही बदल गया था।

रंजीत- हाँ नीतिन.. सच में आपका लंड बड़ा है।

नीतिन- फिर मुझसे कब चुदा रहा.. अपनी रंडी पत्नी को..

मैं चौंक गई.. उसने मुझे रंडी कहा।

रंजीत की तरफ देखा.. नीतिन ने मुझे रंडी बोला तो वो खुश लगा..

रंजीत- हाँ नीतिन.. इसी हफ्ते में शनिवार या इतवार को प्रोग्राम करते हैं।

नीतिन- तू अपनी बीवी को शनिवार नाइट को मेरे पास लेकर आ.. साली को तेरे सामने पूरी रात चोदूँगा।

अब मुझे नीतिन की भाषा अच्छी नहीं लग रही थी।

रंजीत- हाँ नीतिन.. शनिवार नाइट अच्छा रहेगा।

नीतिन- उस रात तेरे बीवी क्या पहनेगी?

रंजीत- कोई अच्छी से सेक्सी ड्रेस में लेकर आता हूँ।

नीतिन- नहीं.. मुझे तेरे बीवी शादी के जोड़े में चाहिए.. तेरी शादी हुई.. तब तेरी बीवी ने जो दुल्हन का जोड़ा पहन था… उसी में लेकर आ.. तू उस साली को..

रंजीत- जैसा आप कहो नीतिन भाई.. आपके सामने अपनी पत्नी को मैं दुल्हन बना कर लाऊँगा..

नीतिन- हाँ.. पूरी तरह से दुल्हन लगनी चाहिए.. मुझे उसके साथ सुहागरात जो मनानी है।

रंजीत- ओके सर.. लेकिन एक शर्त है नीतिन..

नीतिन- क्या.. बोल..

रंजीत- आपको मेरी जोरू के साथ कन्डोम में ही चुदाई करनी होगी।

नीतिन- साले मादरचोद.. पहले लेकर तो आ तू उस रंडी को.. फिर देखते हैं..

रंजीत- ठीक है.. शनिवार नाइट लेकर आता हूँ।

फिर दोनों ने अपने-अपने मोबाइल नम्बर लिए और दिए।

रंजीत ने नेट बंद किया और हम कमरे में आ गए।

मैंने उनको कहा- रंजीत.. मुझे यह नीतिन ठीक नहीं लग रहा है.. उस दिन रेहान से बात की.. वही लड़का ठीक है।

वो बोला- तुझे क्या समझ है.. आदमियों की.. उस रेहान में क्या है.. 22-23 साल का लड़का है.. उसको चुदाई का कुछ अनुभव भी नहीं है.. इस नीतिन की उम्र 35 है और खेला-खाया भी है.. लंड भी बड़ा है.. तुझे नीतिन के साथ खूब मज़ा आएगा..

उनकी बात सुन कर मैं चुप रही..

आगे कुछ नहीं बोली..

उस रात में रंजीत ने नीतिन को कल्पना में लेकर मेरे साथ चुदाई की.. और सो गया..
लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी।
मैं नीतिन के बारे में सोच रही थी… पता नहीं लेकिन मुझे बार-बार उसका लंड याद आने लगा।

लेकिन एक मन कह रहा था कि यह नीतिन अच्छा इंसान नहीं है.. हमको उसके घर नहीं जाना चाहिए… लेकिन मुझे यह भी पता था कि रंजीत मेरी बात नहीं मानने वाला है।
बस यही सोचते-सोचते नींद आ गई।

सुबह 8 बजे नींद खुली… आज शुक्रवार था और कल शनिवार.. कल रात को हमको नीतिन के घर जाना था।

सोच कर ही मुझे डर लग रहा था… जैसे-तैसे कर के दिन निकल गया.. रात में खाना खाते वक़्त नीतिन का फोन आया कि नेट पर आ जाओ।
हम खाना ख़ाकर वापिस नेट पर आ गए।

नीतिन- हाय!

रंजीत- हाय नीतिन..

नीतिन- तो कल लेके आ रहा ना तू.. तेरी रंडी बीवी को.. मेरे साथ चुदाने को..

रंजीत- हाँ यार.. कल का पक्का है।

मैं चुप रही.. कुछ देर में नीतिन भी चैट पर आया… दोनों की चैट शुरू हुई

रंजीत- नीतिन.. तुम्हारी पत्नी तुम्हारे साथ नहीं रहती हैं?
नीतिन- नहीं.. तलाक़ दे दिया है।
रंजीत- क्यों?
नीतिन- मेरा बड़ा लंड रोज-रोज सहन नहीं कर पा रही थी.. वो रंडी मुझसे तंग आकर अलग हो गई..

रंजीत- सच में नीतिन.. इतना बड़ा लंड हैं तुम्हारा.. और इतना वाइल्ड सेक्स करते हो कि तुम्हारी बीवी उसे चूत में ले नहीं सकती थी।

नीतिन- खुद से क्या अपनी तारीफ करूँ.. तुम्हारी पत्नी को मेरे साथ लिटा कर देख लो.. पता चल जाएगा।

ये बात सुन कर मैं डर गई कि इंसान है या जानवर..

फिर आगे उनकी चैट देखने लगी।

रंजीत- मेरी तो फैंटेसी है नीतिन कि अपने सामने अपनी खूबसूरत पत्नी को तुम्हारे जैसे वाइल्ड इंसान से चुदवाऊँ।

नीतिन- फिर देर किस बात की है?

रंजीत- नीतिन भाई… आप कैम पर आओ ना..

नीतिन- ओके.. दो मिनट प्लीज़।

फिर 2-3 मिनट में नीतिन का कैम शुरू होता है.. कैम पर मैंने देखा.. एक हट्टा-कट्टा जवान दिखाई दिया। उसका जिस्म भी सन्नी देओल जैसा मजबूत दिख रहा था।
हाँ.. चेहरा ज्यादा अच्छा नहीं था। ओमपुरी जैसा चेहरा था।

रंजीत- नीतिन.. अगर आपको ऐतराज़ ना हो तो क्या आप कैम पर अपना बड़ा लंड दिखा सकते हो?

नीतिन- क्यों नहीं?
अब नीतिन ने कैम की स्थिति ठीक की और पैन्ट में से उसका लंड बाहर निकाला। उसका हलब्बी लौड़ा देख कर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं।

कम से कम 8 या 9 इंच का मोटा लंड था और पूरा काला नाग था। मेरी धड़कनें तेज हो गईं.. पहली बार हसबेंड के सामने दूसरे मर्द का लंड देख रही थी। कहानी अभी यहा खत्म नहीं हुई आगे की कहानी नैक्सट पार्ट मे पढे तब तक ये पार्ट आपको कैसा लगे जरूर नीचे दिये गए कमेंट बॉक्स मे कमेंट कर बताए।

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