मम्मी की चुदाई मुस्लिम लौडे से- 2

मम्मी की चुदाई मुस्लिम लौडे से

जैसा कि मैंने भाग 1 में बताया था कि मेरे पापा केे देहांत केे बाद मम्मी अकेली हो गई थी.और मेरा दोस्त साबिर,अक्सर घर आकर मेरे सामने ही उसकी चुदाई करता था.और उस चुदाई केे समय मेरा काम था कि मैं साबिर केे लौडे को मम्मी की चूत पर सही से लगा दूँ.और जब मम्मी  कामोतेजना से तड़प रही हो तो उसकी चूची को चुसना था.मैं यह काम अच्छी तरह से कर रहा था.एक दिन मम्मी साबिर केे साथ कहीं गयी थी.और वह शाम को घर आयी तो बुरका पहने हुई थी.मैंने साबिर से पूछा कि मम्मी ने बुरका क्यों पहना हुआ है.

साबिर ने बताया कि अब तुम्हारी मम्मी मुस्लिम बन गयी है.और मैंने इससे निकाह कर लिया है.मुझे बड़ा दुःख हुआ.कम से कम मुझे बताना तो था.लेकिन अब क्या किया जा सकता था.अब मम्मी ने घर में मुस्लिम की तरह रहना शुरू कर दिया.उसने नमाज़ पड़नी शुरु कर दी.अब साबिर के अम्मी अब्बू उसके बड़े भाईजान अक्सर घर पर आते रहते थे.अब मुझे छोड़के हमारे घर में मुस्लिम रित रिवाज़ चलने लगे.मम्मी ने मीट खाना शुरू कर दिया था.

एक दिन साबिर काम की तलाश में कानपुर चला गया.लेकिन उसका पूरा परिवार मेरी मम्मी और मेरी देख भाल कर रहे थे.एक दिन साबिर केे अब्बू जिनकी उम्र करीब 60 साल होगी रात को 10 बजे घर आये.वह अपने साथ खाना लेकर आये थे.उन्होंने मम्मी से मेरे बारे में पूछा तो मम्मी ने बताया कि मैं सो चुका हूँ.जबकि मैं जग कर उन दोनों की बातें सुन रहा था.फिर उन्हें मम्मी ने खाना दिया तो उन्होंने मम्मी को भी साथ में खाने को कहा.पहले तो मम्मी ने मना किया.लेकिन उनके ना मानने पर अपना खाना भी वहीँ ले आयी.

मैंने देखा कि साबिर के अब्बू मम्मी के बहुत पास आकर बैठ गए थे.मम्मी को थोड़ा अजीब भी लग रहा था.लेकिन वह क्या कर सकती थी.खाना खाने केे बाद साबिर के अब्बू मम्मी के बिलकुल पास आ गए और कुछ कहने लगे.लेकिन जो वह कह रहे थे शायद मम्मी को मंजूर नहीं था.फिर उन्होंने आगे बडकर मम्मी को पकड़ लिया.मम्मी छूटने का प्रयास कर रही थी.लेकिन उनकी पकड़ बडी मजबुत थी.मम्मी कह रही थी कि मैं तुम्हारे लड़के की पत्नी हूँ.ऐसा करना गलत है.लेकिन साबिर केे अब्बू बोले जब तू 23 साल के लौंडे का लंड ले सकती है.तो 60 साल वाले का भी लंड भी लेकर देख ले.तेरी चूत दीवानी हो जाएगी.

फिर उन्होंने मम्मी को बिैस्तर पर पटक दिया.साबिर केे अब्बू मम्मी के ऊपर थे और वह लगातार मम्मी की चूचिया दबा रहे थे.फिर उन्होंने जबरदस्ती मम्मी का ब्लॉउस निकाल दिया और मम्मी की चूची को मुंह में भरकर पीने लगे.मम्मी का विरोध कम हो गया था.फिर उन्होंने धीरे धीरे मम्मी केे सारे कपड़े उतार दिए.मम्मी केे शरीर पर केवल पेंटी रह गयी थी.मम्मी अब चुपचाप लेटी थी.उसने अपने आप को चुदने के लिए तैयार कर लिया था.

फिर साबिर केे अब्बू ने भी अपने सारे कपडे उतार दिए.मम्मी अब चुदाई केे लिए तैयार थी.साबिर केे अब्बू ने मम्मी के पुरे शरीर को चाटना शुरू कर दिया.कभी वह मम्मी की एक चूची को चूसते तो कभी दूसरी को.मम्मी सिसिया रही थी.फिर साबिर केे अब्बू ने अपना अंडरवियर उतार दिया उनका लंड काले सांप की तरह फनफना रहा था मम्मी इतने विकराल लौडे को देख कर डर गई.साबिर केे अब्बू ने मम्मी का चेहरा ऊपर उठाया और अपना लौडा मम्मी के होठों पर रख दिया.अब मम्मी ने अपना मुँह खोलकर उनके लौडे को चूसना शुरू कर दिया.

मम्मी बिल्कूल लोलीपॉप की तरह साबिर केे अब्बू का लौडा चूस रही थी.थोड़ी देर बाद साबिर केे अब्बू ने मम्मी की चिकनी चूत पर अपना मुँह लगा दिया.और उसकी चूत चाटने लगे.कभी कभी वह मम्मी केे चूत केे दाने को अपनी जीभ से छेड देते तो मम्मी जोर जोर से सिसियाने लगती थी.थोड़ी देर में ही मम्मी साबिर केे अब्बू को अपने ऊपर खींचने लगी.फिर साबिर के अब्बू ने अपना लंड मम्मी की चूत पर रखकर एक जोर का झटका मारा.उसने एक बार में ही पूरा लौडा मम्मी की चूत में डाल दिया था.मम्मी जोर जोर से चिल्ला रही थी.

मैं भी उठ कर वही आ गया.मैंने मम्मी से पूछा यह क्या कर रही हो?तो साबिर केे अब्बू बोले अब तेरी मम्मी हमारे पुरे परिवार की रखैल है.मम्मी का दर्द कम ही नहीं हो रहा था.फिर मैंने थोड़ी देर मम्मी की चूचिया दबाई.फिर मैंने मम्मी की चूचीयो को चूसना शुरू किया.फिर मम्मी को थोड़ा आराम आया.अब दोनो तरफ से धकको की स्पीड बड गई थी.साबिर केे अब्बू ऊपर से शॉट लगा रहे थे तो मम्मी नीचे से अपने चुतड उछाल उछाल कर उनका साथ दे रही थी.थोड़ी देर तक लंड और चूत का युद्ध चलता रहा.फिर आखिर में मम्मी की चूत युद्ध में हार गयी.

फिर मम्मी की चूत ने ढेर सारा पानी छोड दिया.लेकिन साबिर के अब्बू का लौडा अब भी मम्मी की चूत का बाजा बजा रहा था.फिर साबिर के अब्बू तेज तेज शॉट लगाने लगे.फिर 3-4 जोर केे शॉट मार केे ढीले पड़ गए.फिर उन्होंने अपना लौडा मम्मी की चूत से निकाल लिया.साबिर केे अब्बू ने मम्मी को कहा कि अब मैं तुम्हारा ऐसे ही ध्यान रखूँगा और वह चले गए.मैं उठा और मम्मी की चूत से चादर हटा कर मम्मी और साबिर के अब्बू की सारी मलाई मम्मी की चूत से चाट गया.अब मम्मी साबिर और साबिर केे अब्बू दोनों से चुदवाती है.और मुझे फ्री में मलाई चाटने को मिलती है.आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी. प्लीज कमेंट कीजिये…… नीतू त्यागी