मम्मी की चुदाई मुस्लिम लौड़े से

प्रिये दोस्तों आज मैं आपको अपने घर की कहानी शेयर कर रहा हूँ मेरा नाम आकाश है और मैं आगरा का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 19साल है अभी पिछले साल ही मेरे पिता का देहांत हो गया है. अब घर पर मैं और मेरी मम्मी ही हैं मेरी मम्मी मोनिका की उम्र 39 साल है और वह बहुत ही सेक्सी हैं लेकिन पापा के देहांत बाद उनके व्यवहार मे परिवर्तन आ गया है. उनका व्यवहार मे चिड़चिड़ापन आ गया है.

ऐसा क्यों है मैं नहीं समझ पा रहा था लेकिन एक दिन मम्मी बाथरूम में नहाने गयी थी मैंने हलकी सी सीसियाने की आवाज सुनकर अपनी एक आँख की होल पर लगा दी अंदर की पिक्चर बड़ी मजेदार थी मम्मी बिलकुल नंगी थी और और उनके बड़े बड़े पपीते किसी को भी पागल बनाने के लिए काफी थे मोटी मोटीजांघे और बिलकुल चिकनी चुत किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी थी. मैं ताज्जुब मे था कि मम्मी अपनी चुत की शेविंग पापा के जाने के बाद भी रेगुलर कर रही थी.

अब मैं आगे की स्टोरी पर आता हूँ मम्मी अपने हाथ मे एक गाजर लेकर अपनी चुत के अंदर बाहर करते हुए सीसिया रही थी और मैं बड़े प्रेम से यह नजारा दख रहा था मेरा लण्ड बिलकुल टाइट हो चूका था मम्मी की स्पीड धीमे धीमे बढ़ती जा रही थी और साथ ही उसके सीसियाने की आवाज भी फिर एक समय ऐसा भी आया की वो एक दम से रुक गयीं. मैं समझ गया की वह इस्खलित हो चुकी है. मैंने देखा की उसकी चुत से वीर्य टपक रहा था और उसकीआँखें  बंध हो चुकी थी वह शांत पड़ गई थी मैं वहां से हट गया और कमरे मैं आकर मुठ्ठ मारी तब जा कर मुझे शान्ति मिली थोड़ी देर बाद वह बाथरूम से निकली और घर के काम काज मे लग गई.

मैं उसके व्यवहार के बारे मैं सोचने लगा मुझे लगा क्योंकि सेक्स की आवशयकता हर इंसान को होती है तो अगर मेरी मम्मी की यह अधूरी प्यास है तो मुझे उसका विरोध नहीं सहयोग करना चाहिए मैंने बड़ी देर तक सोचा की मैं मम्मी की मदद कैसे कर सकता हूँ फिर मुझे एक विचार आया कि मेरा एक दोस्त है, जिसका नाम मोहम्मद साबिर है. वह लड़कियां पटाने मैं उस्ताद था. मैने सोचा अगर वह मम्मी की चुदाई कर दिया करे तो मम्मी को गाजर मुल्ली की आवश्यकता नहीं रहेगी. मैंने जी भी घर मे देखा था वह सब साबिर को बता दिया तो वह बोला कि मैं तो तेरी मी को बहुत पंद करता हूँ अगर मुझे चोदने को मिल जाए तो उसी सारी प्यास बुझा दूंगा.

फिर हम दोनों ने प्लान बनाया और साबिर प्लान के अनुसार मेरे घर रोज़ ही आने लगा और मैं उस समय जानबूझकर घर से बाहर चला जाता था ताकि मम्मी और साबिर को दोस्ती करने मे आसानी हो और मेरा यह प्लान काम कर रहा था घर के अधिकांश काम साबिर ही कर रहा था. अगर मम्मी किसी काम को मुझ से कहती तो मैं कहता कि साबिर से करा लेनाऔर इस तरह मम्मी और साबिर काफी नज़दीख आ गए फिर एक दिन मुझे याद आया की 4 मार्च को मम्मी का बर्थडे है मैंने यह बात साबिर को बता दी. साबिर अगले ही दिन मुझे लेकर मार्किट गया और मम्मी के लिए 4 पैंटी, 4 ब्रा और बाल साफ़ करने वाली क्रीम ,एक गुलाबी ट्रांसपेरेंट नाईटी खरीदी और शाम को ही घर आ गया.

मैंने उसे देखते ही मम्मी से कहा की मैं किसी काम से बहार जा रहा हूँ लेकिन यह कर मैं घर मैं ही छुप गया क्योंकि मैं देखना चाहता था कि साबिर मम्मी को कैसेिफ्ट देता है साबिर ने घर मे आते ही मम्मी को आवाज दी तो मम्मी ड्राइंग रूम मे आ गयी. मैं स्टोर के अंदर खड़ा होकर दरवाजे की झीरी से यह सब देख रहा था साबिर ने मम्मी को पैकेट थमा दिया आगे की कहानी उन्ही के शब्दों मे’ साबिर .. आपको जन्मदिन की एडवांस मे बधाई है मोनिका..लेकिन यह तुारे हाथ मे क्या है साबिर… कुछ नहीं बस आपके लिए एक छोटा सा गिफ़्ट है लेकिन मेरी एक हसरत है की बर्थडे वाले दिन आप इस सामान का उपयोग करें और मुझे भी आपसे कुछ चाहिए मोनिका…तुम्हे जो भी चाहिए दिल खोलकर मांग लेना फिर थोड़ी देर इधर उधर की बातों के बाद साबिर चला गया फिर जैसे ही मम्मी अपने रूम मे गयी.

मैं बाहर निकल आया मैंने देखा था कि वह पैकेट खोलकर देख रही थी फिर उसके चेहरे पर एक शर्म सी आ गयी और उसने वह पैकेट अलमारी में रख दिया मैं समझ गया कि यह अपनी चुदाई के लिए पूरी तरह तैयार है शाम को जब वह बाथरूम गयी तो मई फ़ौरन उसके पीछे जा कर देखा वह बाथरूम मई जाकर अपनी सलवार उतार दी फिर पैंटी भी उतार दी. उसकी चुत पर हल्की हल्की छांटे थीं. उसने पास मई रखी क्रीम उठाई और क्रीम निकाल कर अपनी चुत के आस पास मॉलिश करने लगी 5 मिनट बाद उसने चुत के आस पास पानी डाला तो सारे बाल पानी के साथ बह गए और उसकी मखमली चुत पावरोी की तरह फूली हुई थी मैं समझ गया की इसने पूरी तैयारी कर ली है।

अगले दिन मम्मी का बर्थे था इसलिए प्लान के मुताबिक मुझे कहीं छिप कर चुदाई देखनी थी. मैं मम्मी को बोल कर कि मैं अपने दोस्त रवि के पास जा रहा हूँ और शाम को आऊंगा यह कह कर मैं छत पर चला गया और साबिर को फ़ोन कर दिया कि माल रेडी है. 15 मिनट बाद ही साबिर घर आ गया मम्मी बोली साबिर क्या खाओगे तो सािर बोला की आंटीजी आज तो मुझे अपना गिफ्ट चाहिए तो मम्मी बोली बताओ क्या गिफ्ट चाहिए तो साबिर ने मम्मी से कहा कि आंटीजी आज आपका बर्थडे है इसलिए मेरी किी बात का बुरा नहीं मानना !मम्मी बोली ठीक है फिर साबिर ने मम्मी को ऑंखें बंद करने की कहा तो मम्मी ने आँखें बंद कर ली मी की आँख बंद होते ही साबिर ने मम्मी के सर को दोनों हाथों से पकड़कर होठों से किस करने लगा दोनों के होंठ आपस मे जुड़ गए थे।

मम्मी अपने आपको छुड़ाने की कोशिश कर रही थी लेकिन साबिर की पकड़ बड़ी मजबूत थी. फिर साबिर ने एक हाथ से मम्मी की गोलाइयाँ नापना शुरू कर दिया मम्मी कह रही थी की साबिर यह ठीक नहीं है लेकिन साबिर ने तो मम्मी के कुर्ते के नीचे से एक हाथ अंदर दाल दिया और उसकी चूची दबाने लगा फिर उसने कुरता उा दिया और ब्रा को ऊपर कर दिया. अब मम्मी की चूचियां खुलकर बाहर आ गयीं थी. साबिर ने जब इतनी बड़ी बड़ी चूचियां देखि तो पागल हो गया. उसने फ़ौरन एक चूची को मुंह मे भरकर चूसना शुरूकर दिया और दूसरे हाथ से दूसरी चूची को मसलना शुरू कर दिया माँ की बनावटी विरोध ख़त्म हो चूका था.

अब वह सीसियाकारी ले रही थी और आगे बढ़कर अपनी दूसरी चूची साबिर के मुंह मे दे रही थी और साबिर तो मां पागल हो चूका था थोड़ी देर चूचियों का रस निचोड़ने के बाद साबिर ने उसकी सलवार खोल कर नीचे कर दी और उसकी पैंटी भी उतार दी. उसकी खुली चुत साबिर को दावत दे रही थी. साबिर ने फ़ौरन उसकी चुत को अपनी जीभ से चाटना शुरु कर दिया. अब मम्मी ने जोर ज़ोर से सीसियाना शुरु कर दिया. साबिर बीच बीच मे उसकी चुत के दाने को अपनी जीभ से चाट रहा था. वह उत्तेजना से मरी जा रही थी लेकिन साबिर तो पागल हो चूका था थोड़ी देर बाद साबिर ने अपनी पेंट उतार दी साबिर का 9 इंच का लण्ड देखकर मम्मी की गांड फट गयी बोली मैं इतना लम्बा और मोटा लण्ड नहीं ले पाउंगी लेकिन साबिर कहाँ मानने वाला था. उसने धीरे से मम्मी की चुत पर अपना लण्ड रख दिया मम्मी की चुत चाटने के कारण गीली हो कर चमक रही थी.

साबिर ने हल्का धख्खा लगाया तो लण्ड का टोपा अंदर घुस गया मम्मी ज़ोर ज़ोर चिल्लान्ने लगी लगा की उनकी चुत फट्ट गयी थोड़ी देर तो साबिर रुक गा जब मम्मी का चिल्लाना कम हुआ तो उसने अपने लण्ड को धीऱे धीऱे आगे पीछे करना शुरू कर दिया. 5 मिनट बाद ही उसने पूरा लण्ड जड़ तक मम्मी की चुत मे उतार दिया अब मम्मी काफी खुश लग रही थी और साबिर का गांड उठा उठा के पूरा साथ दे रहीं थी और साबिर पूरी ताकत से मम्मी को चोद रहा था मम्मी कह रहीं थी. साबिर आज बढ़िया करके चोद दे अपनी रंडी को आज इस रांड की प्यास बुझ्झा दे चुत की चटनी बना दे और साबिर कह रहा था अब तू मेरी परमानेंट रंडी है रोज आकर चुदाई करूँगा धख्खों की स्पीड बाद चुकी थी और थोड़ी ही देर मे मम्मी ने साबिर को कस कर चिपका लिया.

मैं समझ गया की इसने अपना पानी छोड दिया लेकिन साबिर ने कम से कम 15 धख्खे और मारने के बाद मम्मी की चुत मे ही अपना माल निकल दिया और जब अपना लण्ड मम्मी की चुत से निकाला तो साथ मे दोनों का मिला जुला वीर्य भी निकलने लगा. साबिर ने मम्मी की सलवार से उसकी चुत साफ़ की फिर अपना लण्ड ! मम्मी चुदाई के बाद बड़ी खुश लग रही थी. अब साबिर रोज हमारे घर आता है और मैंने मम्मी को बता दिया की मैंने उसकी हर चुदाई देखि है इसलिए अब सब कुछ खुलकर करो अब मम्मी मेरे सामने ही चुदवाती है और कई बार मैं साबिर का लण्ड उसकी चुत पर सेट करता हूँ और कभी कभी उसकी चूची चूची को भी पकड़ना पड़ता है कहानी कैसी लगी प्लीज कमेंट कीजिए.