ऑफिस वाली दीवा की पॉर्न स्टाइल चुदाई

हाय दोस्तों, मेरा नाम मनवेन्द्र है, मैं गुजरात का रहने वाला एक बहुत ही बिंदास लड़का हूं, मेरी उम्र 26 वर्ष है। मैंने गुजरात से ही अपनी पढ़ाई की है, मैं काफी समय से घर पर ही खाली बैठा था इसलिए मैं सोचने लगा कि मुझे कुछ काम कर लेना चाहिए लेकिन मुझे कोई भी अच्छा काम नहीं मिल रहा था,  फिर मुझे एक  कुरियर कंपनी से फोन आया और वह लोग कहने लगे कि तुम हमारे यहां पर पार्ट टाइम नौकरी कर लो, मैं जब उस कंपनी में इंटरव्यू देने गया तो उन्होंने मुझे वहां सेलेक्ट कर लिया, उसके बाद से मैंने वहां पर ज्वाइन कर लिया। जब मेरा  सिलेक्शन हुआ तो उसके काफी दिनों तक उन्होंने मुझे सारा काम समझाया,  मैं ऑफिस में ही बैठा रहता और जो भी कोरियर आता उन सबके डिटेल मैं कंप्यूटर में सेव करके रख लेता था, ताकि आगे यह सब काम आ सके। उसी दौरान हमारे ऑफिस में एक नई लड़की आई, उसका नाम दीवा है।

दीवा भी मेरे साथ ही काम मनवेन्द्रे लगी, मुझे ऑफिस में काम करते हुए थोड़ा समय हो चुका था इसीलिए दीवा को जब भी कुछ काम होता तो वह मुझसे पूछ लिया करती। हमारे ऑफिस में और भी लोग काम करते है, दीवा और मेरे बीच में अब काफी बातें होने लगी थी। दीवा को मैं भी बहुत पसंद था इसलिए हमेशा ही वह मुझे कहती थी की मुझे तुम्हारे साथ समय बिताना अच्छा लगता है, मैं भी बबिता से कहता कि मुझे भी तुम्हारे साथ वक्त बिताना अच्छा लगता है।

एक दिन मैंने दीवा से कहा कि क्या तुम मेरे साथ मूवी देखने चलोगी, वह कहने लगी ठीक है मैं तुम्हारे साथ मूवी देखने चलूंगी। हम लोगों ने शाम का शो बुक कर लिया और उसके बाद जब हम लोग शाम को अपना काम खत्म करके ऑफिस से मूवी देखने गए तो मैं बहुत खुश था क्योंकि दीवा मेरे साथ पहली बार ही मूवी देखने आ रही थी इसीलिए मैं अंदर ही अंदर से बहुत ज्यादा खुश हो रहा था। मैंने जब दीवा से कहा कि तुम मेरे बारे में अपने दिल में क्या सोचती हो, वह कहने लगी कि मैंने अभी तक तुम्हारे बारे में ऐसा कुछ भी नहीं सोचा।

दीवा एक अच्छी लड़की है और मुझे यह भी पता है कि वह मुझे दिल ही दिल में चाहती है लेकिन वह मुझे कुछ भी नहीं कहना चाहती थी इसलिए मैं जानबूझकर उसे इस बात के लिए झगड़ा करता हूं। जब मूवी शुरू हो गई तो हम दोनों मूवी थियेटर में चले गए, हम दोनों  मूवी देख रहे थे और मैं दीवा की तरफ बड़े ध्यान से देखने लगा। वह मुझसे पूछने लगी कि तुम मेरी तरफ इतने ध्यान से क्या देख रहे हो, मैंने उसे कहा कि बस ऐसे ही तुम्हारी तरफ देख रहा हूं क्योंकि तुम बहुत अच्छी लग रही हो। वह मुझे कहने लगी कि तुम मुझ पर इतना ज्यादा डोरे मत डालो और चुपचाप मूवी देखते रहो।

मैं मूवी देखने लगा और जब इन्टरबल हुआ तो मैंने दीवा से पूछा कि तुम कुछ खाओगी, वह कहने लगी हां तुम मेरे लिए कुछ खाने के लिए ले आओ। मैंने थिएटर के बाहर काउंटर पर कोल्ड ड्रिंक और बर्गर का आर्डर दे दिया और उसके बाद मैं बाथरूम में चला गया, वहां मैंने अपना मुंह धोया उसके बाद मैं जब वापिस लौटा तो तब तक वह लड़का हमारी सीट पर हमारा ऑर्डर दे चुका था, मैंने उसे पेमेंट पहले ही कर दिया था। दीवा और मैं एक साथ बैठकर बर्गर खा रहे थे, मैंने दीवा को अपने हाथों से बर्गर खिलाया, पहले वह मना कर रही थी लेकिन मैंने उसे कहा कि तुम एक बाइट मेरे बर्गर से ले लो।

उसने बर्गर से एक बाइट लिया तो मुझे बहुत खुशी हुई और कुछ देर बाद उसने भी मुझे अपने बर्गर से एक बाइट खिलाई। उस दिन मैं अंदर से बहुत खुश हुआ और जब मूवी खत्म हुई तो उसके बाद हम लोग काफी देर तक साथ में ही बैठे रहे। काफी समय भी हो चुका था दीवा कहने लगी कि मुझे घर के लिए देर हो रही है, मैंने उसे कहा ठीक है हम लोग घर चलते हैं, मैं उसे उसके घर तक छोड़ने गया। मैंने पहली बार ही दीवा का घर देखा, मैंने जब दीवा के घर दीवा को छोड़ा तो वह जब तक अपने घर के अंदर नहीं गई,  तब तक मैं उसे देखता रहा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उस दिन दीवा के साथ मूवी देखने गया।

जब मैं घर पहुंचा तो मैंने दीवा को फोन किया और काफी देर तक उससे मेरी फोन पर बात हुई, उसके अगले दिन जब मैं ऑफिस गया तो दीवा और मेरी फिल्म को लेकर चर्चाएं होने लगी। वह मुझे कहने लगी कि मूवी तो बहुत ही अच्छी थी और मुझे बहुत पसंद आई, मैंने भी दीवा से कहा कि हां कल मूवी बहुत अच्छी थी और मुझे तुम्हारे साथ समय बिता कर भी बहुत अच्छा लगा। वह मुझे कहने लगी कि तुम मूवी कम देख रहे थे और मेरी तरफ तुम्हारा ध्यान ज्यादा था, मैंने दीवा से कहा कि तुम मुझे अच्छी लगती हो इसलिए मैं तुम्हारी तरफ देख रहा था। अब हम दोनों काम कर रहे थे उसी वक्त एक क्लाइंड आ गया और उनका कोरिया नहीं मिल रहा था, उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या वह कोरियर आपके पास रिसीव हो चुका है, मैंने उन्हें कहा सर मैं चेक कर के आपको बता देता हूं।

जब मैंने फोन का नंबर ट्रेस किया तो मैंने उन्हें कहा कि नहीं अभी वह पहुंचा नहीं है, कल तक शायद आ जाए तो आप एक बार फोन कर लीजिएगा। वह कहने लगे ठीक है आप मुझे यहां का फोन नंबर दे दीजिए, मैं आपको कल फोन कर दूंगा। उसके बाद वह चले गए और हम लोग बैठ कर बातें मनवेन्द्रे लगे। बबिता मुझसे कहने लगी कि आज कल मेरे घर में बहुत परेशानियां चल रही है। मैंने उसे कहा कि क्यों ऐसा क्या हो गया जो तुम्हारे घर में परेशानी चल रही है, वह कहने लगी कि मेरे पिताजी की तबीयत आजकल ठीक नहीं है जिस वजह से मेरे घर मैं मेरी मम्मी बहुत परेशान है।

उन्हें डॉक्टर को भी दिखाया परंतु वह अभी तक ठीक नहीं हुए। मैंने दीवा से कहा तुमने मुझे इस बारे में तो कुछ भी नहीं बताया, वह कहने लगी कि मैं यह बात किसी को भी नहीं बताना चाहती थी लेकिन कल मुझे बहुत बुरा लगा जब मैं अपने पिताजी के साथ बैठी हुई थी। उनकी इतनी ज्यादा तबीयत खराब है कि वह अच्छे से बात भी नहीं कर पा रहे हैं। मैंने दीवा से कहा तुम चिंता मत करो वह ठीक हो जाएंगे, वह कहने लगी उन्हें बहुत तेज बुखार आ रहा है और जब वह दवाई खा रहे हैं तो उसके बाद वह ठीक हो जाते हैं परंतु जब तक दवाई का असर रहता है वह तभी तक ठीक रह पाते हैं लेकिन उसके बाद वह दोबारा से बीमार हो जाते हैं।

मैंने दीवा से पूछा उनकी तबीयत कब से खराब है, वह कहने लगी कि उनकी तबीयत पिछले हफ्ते से खराब है और वह घर पर ही हैं, वह कहीं भी नहीं जा पा रहे है, ना ही अपने ऑफिस आ रहे हैं। मुझे दीवा के साथ में बात मनवेन्द्रा अच्छा लगता है लेकिन जब उसने मुझे यब बात बताई तो मुझे भी थोड़ा बुरा लगा, मैंने उसे कहा कि तुम चिंता मत करो, वह ठीक हो जाएंगे। मैंने दीवा का हाथ पकड़ लिया और उसे सांत्वना देते हुए कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, वह बहुत जल्दी ही ठीक हो जाएंगे। जब मैंने दीवा के हाथ को अपने हाथ में लिया तो मुझे ऐसा लगा कि शायद आज वह बहुत ज्यादा दुखी है वह भावुक हो गई और मैंने भी उसकी जांघ पर अपने हाथ को रख दिया। मैंने उसे कहा कि तुम निश्चिंत रहो तुम्हारे पिताजी बहुत जल्दी ठीक हो जाएंगे।

मैंने उसकी जांघ पर अपने हाथ को धीरे धीरे सहला रहा था लेकिन वह भी उत्तेजित होने लगी थी वह मूड में आ गई। उसने भी मेरे हाथ को पकड़ लिया और मैं उसे अपने कोरियर के गोडाउन में लेकर गया उसके पीछे ही एक छोटा सा कमरा बना हुआ है हम दोनों वहां चले गए। मैंने दीवा को गले लगा लिया वह भी मुझसे गले मिलकर बहुत खुश थी मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और अपनी बाहों में ले लिया। वह मुझे कहने लगी तुम अपने गले लगा रहे हो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने दीवा को किस कर लिया और मैंने उसके नरम और मुलायम होठों को अपने होठों मे ले लिया तो उसे भी बहुत अच्छा लगा और वह कहने लगी कि मुझे तुम्हें किस मनवेन्द्रे में अच्छा लग रहा है।

मैंने दीवा के स्तनों को बहुत अच्छे से दबाने लगा वह भी मेरा पूरा साथ देने लगी। उसने अपने सारे कपड़े खोल दिए जब मैंने उसके मुलायम और गोरे स्तनों को देखा तो मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा गया और मैंने उसे वही नीचे लेटा दिया। मैंने कुछ देर उसके स्तनों का रसपान किया और उसके बाद मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया। मैं बहुत अच्छे से उसके स्तनों को चूसने लगा उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसके स्तनों का रसपान कर रहा था। मैंने जब अपने लंड को दीवा के स्तनों पर लगाया तो वह पूरे मूड में आ गई। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और कहने लगी मुझे तुम्हारा लंड चूसने में बहुत अच्छा लग रहा है। काफी देर तक उसने मेरे लंड को सकिंग किया। मैंने जब उसकी योनि पर अपनी जीभ को लगाया तो उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी।

मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया जैसे ही अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाला तो वह चिल्लाने लगी। मैंने भी उसे कसकर पकड़ लिया और बड़ी तेज तेज धक्के देने लगा। मैंने दीवा को इतनी तेजी से झटके दिए की उसे बिल्कुल भी मेरे धक्के बर्दाश्त नहीं हो रहे थे वह वह चिल्ला रही थी। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और उसकी चूतड़ों पर बड़ी तेज प्रहार किए  जिससे की दीवा की चूतडे लाल हो चुकी थी लेकिन उसकी टाइट चूत को ज्यादा देर तक नहीं झेल पाया क्योंकि उसकी योनि बहुत ज्यादा टाइट थी। जब मेरा माल उसकी योनि के अंदर गया तो मैंने उसे कसकर पकड़ लिया। जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि से बाहर निकाला तो मुझे बहुत अच्छा लगा। हम दोनों ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और ऑफिस में आ गए। मेरे दोस्तों मुझसे पूछने लगा तुम कहां थे मैंने उसे कहा कि गोडाउन में कुछ सामान देखने गया था।