रंडी की तरह जोश मे आकर चुदवाती

कहानी बहुत साल पहले की हैं जब हम लोग कोलेज के फायनल इयर में थे. मैं और मेरा दोस्त श्याम जिसकी यह कहानी हैं. श्याम के मकान के सामने एक बहुत बड़ी कोठी थी जिसमे एक बिजनेशमेन रहता था. वो अपनी बीवी और बेटी के साथ रहता था. उसकी बेटी की उम्र करीब 17-18 साल की होंगी. जब भी मैं श्याम को मिलने जाता तो यह लड़की घर के ऊपर के मजले से हमें देखती थी. इस लड़की का कमरा श्याम के मकान के बिलकुल सामने ही पड़ता था. उसके बाप के डर से पहले पहले हम उसकी और ध्यान नहीं देते थे.

श्याम ने फिर मुझे इस माँ बेटी के बारे में बताया. श्याम के मुताबिक़ उस लड़की का नाम सीमा था और उसकी माँ का नाम गीता था. एक दिन श्याम ने सीमा की माँ को गाडी में कही जाते देखा, वो गाडी में बैठी थी और सीमा घर के मेन गेट के पास खड़ी थी. सीमा को उसकी माँ कह रही थी की 4-5 दिन पढने के लिए मत जाना और अपने अब्बू के खाने का ध्यान रखना. घर में अकेली हो तब दरवाजे को बंध ही रखना.

दुसरे दिन श्याम के माता पिता कहीं बहार गये थे और वो अपने किचन में मेगी बना रहा था. तभी उसके घर की घंटी बजी. उसने दरवाजा खोला तो सामने सीमा खड़ी थी.

जी, मेरा नाम सीमा हैं हम आप के नए पडोसी हैं. मेरी माँ बहार गई हैं और मुझे थोडा सा दही चाहिए था.

श्याम: सीमा मेरे माता पिता भी दो दिन के लिए बहार गए हैं. मेरे पास दही हैं लेकिन वो ताजा नहीं हैं. लोगी क्या…!

श्याम ने लोगी क्या को थोडा खिंचा और उसे दबी आवाज में कहा.

सीमा: श्याम आप से मिलकर ख़ुशी हुई मुझे.

श्याम: मुझे उस से भी ज्यादा ख़ुशी हुई.

इतना कह के श्याम ने अपना हाथ सीमा की और बढ़ा दिया. दोनों ने हाथ मिलाये और श्याम के हाथ को मस्त स्पर्श हुआ मुलायम चमड़ी का.

सीमा: श्याम आप का हाथ तो बहुत हार्ड हैं यार.

श्याम: हां, वो तो हैं. अच्छा तुम किस कोलेज में पढ़ती हो.

सीमा: मैं सेंट्रल कोलेज में हूँ, लेकिन आजकल कम ही जाती हूँ. मेरे अब्बू कहते हैं की कोलेज रोज जाओंगी तो किसी लड़के को दोस्त बनाओगी, इसलिए मैं उनके डर से नहीं जाती हूँ.

श्याम: लेकिन मुझ से तो अब दोस्ती हो गई हैं ना? कहीं तुम्हारे अब्बू इस से तो नहीं डाटेंगे तुम्हे?

सीमा: नहीं मैं उन्हें हमारे बारे में पता ही नहीं चलने दूंगी.

सीमा के यह कहते ही श्याम समझ गया की वो एक लंड की प्यासी और रंडी किसम की लड़की हैं. और श्याम यह भी जान गया की इसे दही नहीं बल्कि लंड का मख्खन लेना था जिसके लिए वो यहाँ आई थी. श्याम ने अपने हाथ को उसके हाथ की और किया और सीमा को अपनी और खिंच लिया. सीमा के बूब्स श्याम की चेस्ट से टकरा गए.

सीमा: अरे इतनी जल्दी नहीं हम लोग दरवाजे पे खड़े हैं किसी ने देख लिया तो…!

श्याम ने सीमा को अंदर खिंचा और डोर को बंध कर दिया. डोर को बंध करते ही सीमा ने भी श्याम को बाहों में भर लिया और उसे लिप किस करने लगी. श्याम के हाथ सीमा के बूब्स पर चले गए और वो उन्हें दबाने लगा.

श्याम: बहुत बड़े हैं तेरे मम्मे तो सीमा…!

सीमा: श्याम जल्दी करो, अब्बू आ जायेंगे कुछ देर में.

श्याम: अरे हाँ मेरी रंडी मैं भी जल्दी ही चोदुंगा तुझे. मेरे को भी बहार जाना हैं और अगर 20 मिनिट में नहीं पहुंचा तो पुरे 22 लोग चोदने के लिए आ पहुंचेंगे.

सीमा: क्या?

श्याम: अरे मैं क्रिकेट के लिए जाऊँगा कुछ देर में, अगर मैं नहीं गया तो बाकी के लोग यहाँ आयेंगे मुझे बुलाने, और वो सभी चूत के प्यासे हैं. तेरी खुली चूत देख के वो थोड़ी अम्पायरिंग करेंगे, सब बेटिंग करेंगे सिर्फ बेटिंग.

सीमा हंस पड़ी. श्याम ने उसे उल्टा किया और निचे कुतिया बना दिया. सीमा ने अपने हाथ से अपना नाड़ा खोला और उसने सलवार को उतार दी. सीमा ने पेंटी को उतारने की जगह सिर्फ साइड पर कर दी. श्याम के लंड की जाने की जगह बन गई. श्याम ने अपना लंड सीमा की चूत पर रखा और एक ही झटके में उसे पेल दिया उसकी चूत के अंदर.

सीमा के मुहं से आह आह ओह ओह बहुत बबड़ाआआआआअ हैं, आह आह आह…..निकलने लगा.

श्याम जोर जोर से अपने लंड को उसकी चूत में ठोकता रहा क्यूंकि दोनों को ही जल्दी चुदाई निपटानी थी. श्याम ने उसे पांच मिनिट चोदा और सीमा की चूत ने पानी निकाल दिया. श्याम की मुठ भी उसकी चूत में निकल पड़ी. सीमा कपडे पहन के खड़ी हुई और श्याम ने हाथ धोके उसे एक कटोरी दही दे दिया.

सीमा जाते हुए बोली, श्याम कल सुबह मिलते हैं मेरे अब्बू जब ऑफिस के लिए निकल जायेंगे तब. तुम कोलेज मत जाना.

श्याम ने कहा ठीक हैं कल चुदाई लम्बी करनी होंगी लेकिन. सीमा हंस के निकल पड़ी और श्याम ने आधी ठंडी मेगी खाना चालू किया.

श्याम साइकिल लेकर मेरे घर आया और सीमा की चुदाई वाली बात मुझे बताई. मैं बोला काश मैं भी तेरे घर होता यार. श्याम ने कहा चल मेरे घर चलते हैं. हम लोग खिड़की में खड़े हुए तो देखा की सीमा खिड़की में ही अपने बाल सुखा रही थी. श्याम से चुदाई के बाद शायद वो नहाने गई थी. श्याम ने यहाँ से उसे अपना लंड पकड़ के दिखाया. सीमा ने भी फ़्लाइंग किस भेजी.

मैं: श्याम तू कहे तो मैं अपना लंड भी दिखा दूँ इसे.

श्याम ने कहा, दिखा दे ना यार.

मैंने अपनी ज़िप खोल के अपना लंड निकाला और सीमा के सामने हिलाने लगा. उसने फिर से फ़्लाइंग किस भेजी और वो अपने बूब्स दबाने लगी. मैंने उसे आने के लिए इशारा किया तो उसने हाथ से कहा की कल आउंगी. श्याम बोला चल अब निचे चलते हैं किसी ने देख लिया तो पंगे होंगे. मैं और श्याम निचे आये और कुछ देर बाद मैं अपने घर चला गया.

दुसरे दिन मैं कोलेज के बजाय सीधे ही श्याम के घर आया. श्याम मेरी ही वेट कर रहा था. उसने मुझे बताया की सीमा ने इशारा किया हैं की उसके अब्बू के जाते ही वो यहाँ आएँगी. हम लोग श्याम के बरामदे में छिप के उसके बाप की गाडी के निकलने की राह देखने लगे. जैसे ही उसकी गाड़ी निकली सीमा इधर उधर देखती हुई सीधे श्याम के मकान की और आई. वो सीधे ही ऊपर आई और हम लोग भी घर में घुसे. अंदर घुसते ही श्याम ने सीमा को बाहों में भर लिया. सीमा मेरी और देख के बोली, ये कौन हैं, इनका लंड बहुत बड़ा हैं लेकिन नाम मुझे पता नहीं इनका श्याम?

श्याम, ये मेरा दोस्त कुलदीप हैं. उसे भी तेरी चूत लेनी हैं.

सीमा खुश हुई औरर बोली, मुझे थ्रीसम में बहुत मजा आता हैं…और आज तो लंड भी दोनों बड़े हैं.

सीमा के उतना कहते ही श्याम ने उसे नंगा कर दिया. वो भी श्याम के लंड को पकड के हिलाने लगी. मैंने भी अपनी ज़िप खोली और लंड बहार निकाला. सीमा अब दोनों हाथों से लंड हिला रही थी. हम दोनों ही अब उसकी चूत मारने के लिए बेताब थे. श्याम ने सीमा को उल्टा लेटने के लिए कहा. जैसे ही वो लेटी श्याम ने पीछे से उसकी चूत में लंड दे दिया. मैंने अपना लंड सीमा के मुहं में दे दिया. वो आह आह कर के अपनी गांड हिलाने लगी और श्याम उसे जोर जोर से चोदने लगा. उधर सीमा मेरे लंड को बड़े मजे से चूसने लगी. श्याम उसकी चूत में पूरा लंड डाल के उसे बड़ा सुख दे रहा था. सीमा ने भी जैसे घाट घाट का पानी पिया था क्यूंकि इतनी हार्ड चुदाई के बाद भी वो आराम से लंड को कुल्फी की तरह चूस रही थी. सीमा की चूत में श्याम के लंड अंदर बहार होने से फच फच की आवाज भी आ रही थी.

श्याम ने उसे 10 मिनिट चोदा और फिर अपना लंड चूत से निकाला. मैं अब उस चिकनी चूत के पास गया और उसमे अपने लंड को रख दिया. सीमा की चूत टाईट नहीं थी इतनी और मेरा लंड फट से अंदर घुस गया. सीमा अपनी गांड को हिलाने लगी और मेरा लंड उस प्रवाह में मस्ती करने लगा. उधर श्याम ने अपना लंड सीमा के मुहं में दे दिया और वो उसे चूसने लगी.

मैंने भी सीमा की चुदाई पुरे 15 मिनिट की. फिर मेरा लंड पानी निकाल बैठा. लेकिन श्याम अभी भी टाईट था.

श्याम: सीमा, अब मैं तुम्हे गांड में दूंगा.

सीमा: आ जाओ दे दो कहीं भी देना हो तुम्हे.

श्याम ने पीछे आके अपना लंड गांड में दे दिया. सीमा पहले मोअन कर रही थी लेकिन फिर वो मस्ती से गांड मरवाने लगी. श्याम ने उसकी गांड पुरे 5 मिनिट मारी और फिर अपना सारा पानी कूल्हों पर ही निकाल दिया. सीमा ने पानी को हाथ से लेके चाटा. फिर हम लोग बाथरूम गए और साथ में नहाये, नहाने के बाद श्याम पिज़्ज़ा लेने चला गया. जब वो पिज़्ज़ा ले के आया तब तो मैंने एक बार और सीमा को कुतिया बना के चोद लिया था. हम लोगों ने नंगे ही पिज्जा खाया. खाने के बाद फिर सीमा को हम दोनों ने मिल के चोदा और उसकी गांड भी मारी. घर जाने के समय सीमा बड़ी ही
खुश थी.

सीमा अब हमसे रेग्युलर चुद्वाती हैं. और वो उसके आमिर बाप के पैसे भी हम पे लुटाती हैं….!