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सर ने चुत में लंड पेल पेल के खूब चोदा

मैं श्यामली अपनी सच्ची पहली बार की बात आज बता रही हूं उस समय मैं ट्वेल्थ क्लास में जाने वाली थी 11 क्लास जस्ट पास ही किया था।उस समय मेरे हिप्स का साइज़ 34 है और सीना मेरा 30 का जबकि कमर 26 से भी कम रही है, पर मैं जब चलती थी तो सभी लड़के सभी मर्द मेरे बैक के लिए बोलते थे कि क्या जबरदस्त गांड है ऐसी मस्त गांड देखी नहीं है, मेरे चलने का स्टाईल ही ऐसा है कि बैंक मेरा उठ कर निकल जाता है।कुछ क्लोज सहेलियां मुझे कहती हैं कि श्यामली कभी अकेले मत निकलना नहीं तेरा रेप पक्का हो जायेगा, तुझे देख कर कोई मर्द कन्ट्रोल नहीं कर सकता है, खासकर तेरे हिप्स अल्टीमेट हैं। मैं अपनी जीवन के अमिट सच को आज आप पाठकों को बताने जा रही हूं।

मैंने इलेवन क्लास पास किया रिजल्ट के बाद पापा मम्मी बोली कि ट्वेल्थ बोर्ड है इसलिए श्यामली के लिए अभी मई से ही टयुसन कर देते हैं और पापा मनीष सर जो कि फिजिक्स केमिस्ट्री पढ़ायेंगे उन्हें कर दिया। वो घर मेरे आने लगे टयुसन आराम से चल रहा था सब ठीक-ठाक एक दिन अचानक एक काक्रोच मेरे बैग में आ गया मैं खड़ी हो गई सर ने उसे उलटाया वो मेरे सलवार में अंदर मैं चिल्ला उठी और तुरंत वहीं सलवार खोल के उतार दी ये भी ध्यान नहीं रहा कि सर यंही है जैसे काक्रोच गिरा सलवार से और भाग गया मुझे ध्यान आया कि मैं पैंटी में सर के सामने खड़ी हूं सर बिल्कुल एक टक पैंटी के ऊपर फूले हुए जगह को घूरे जा रहे थे। मैं तुरंत सलवार लेकर अंदर आ गई और पहन कर सर के सामने आ गई और पढ़ने बैठ गई।

लेकिन सर अब बस मेरी तरफ देख रहे थे मैं सरमा के नीचे आंखें कर ली फिर जब देखी उपर तो सर मेरे सीने को देख रहे थे, मैंने अपना दुपट्टा सही किया और फिर बोली सर कुछ गलत हुआ क्या। सर बोले श्यामली कुछ गलत कभी नहीं होता जो होता है अच्छे के लिए होता है,आज बहुत अच्छा हुआ तुम से एक पर्सनल बात करूं अगर किसी को बताना ना हो तुम्हें मैं कुछ पढ़ने का लाकर दूंगा उसे पढ़ना, तुम्हें श्यामली अब उस पढ़ाई की जरूरत है इसलिए तुम इंतजार करो मैं ला रहा हूं बताओ मैं यह करूं, यह बात सिर्फ मेरे और तुम्हारे बीच रहेगी वादा करो तो ही लाऊंगा, मैं बिना जाने ही सर से वादा कर दिया सर प्रॉमिस मैं किसी से नहीं बताऊंगी आप जो पढ़ाएंगे मैं पढ़ लूंगी, सर ने मुझे थैंक्यू बोला और वह बुक लाने चले गए मैं उनका इंतजार करने लगी वह करीब एक घंटे में वापस आये।

मेरे हाथ में करीब बीस प्रिंट कम्प्यूटर के निकले सर ने दिए और बोले इन्हें आज पढ़ना और कोई देख ना पाए ऐसे संभाल के रखना, यह कहकर चले गए तभी मैं भी चली गई, और जाते से ही जो सर दे गए थे उसे पढ़ने लगे तभी मेरे शरीर में पहली बार बहुत रोमांच सा होने लगा वह कागज में जो सर दे गए थे उनमें सिर्फ से सेक्स की कहानियां थी जो ट्यूशन मास्टर और छात्रा के बीच रिश्ता बनता है, ट्यूशन के बहाने कैसे सर और पढ़ने वाली लड़की सेक्स करते हैं यही सभी कहानियों में था। एक कहानी में एक छात्रा का ट्यूशन वाले सर बूब्स दबाते हैं और वह बहुत गर्म हो जाती है और उन सर का लंड चूसने लगती है, इसी तरह एक-दो दिन में वह सर के साथ पूरी तरह खुल गई और फिर वह गर्ल अपनी चूत में सर का लंड लेती है फिर बहुत चोदते हैं यह कहानी मेरे दिमाग में चलने लगती है।

पहली बार मेरे नीचे चूत में कुछ नहीं, बहुत कुछ होने लगा अब सारी पढ़ाई भूल कर मैं पूरी रात बार-बार वही कहानियां पढ़ती रही और जाने क्यों मुझे बहुत अच्छी लगी। पूरी रात उन कहानियों में खुद को और यह सर के रूप में कमलेस सर को इमेजिन करने लगी। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़े मेरे दिमाग में मनीष सर और मैं एक दूसरे को सेक्स कर रहे हैं यही चलने लगा यही सोचते सोचते पता नहीं कब नींद आ गई सुबह के समय मैं सो गई सोते ही मेरे सपने में मनीष सर आके मेरी पैंटी खींच कर अपने लंड को मेरे मुंह में डाल दिया और मेरी चूंत चाटने लगे फिर मेरे हाथ पकड़ कर दोनों ऊपर बांध दिये और मेरा टाप उतार कर मेरी ब्रा को फाड़ दिये, अब सर दोनों हाथों से मेरे बूब्स दबाने लगे और मेरी चूचियों को पकड़ कर अपने मुंह में लेकर चूसने लगे फिर मेरी गान्ड को चूमने लगे और चाटने लगे और बोले श्यामली तेरी गांड के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं।

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फिर सीधा करके टांगे फैला कर अपनी जीभ से मेरी चूंत को चाट चाट कर बिल्कुल पागल कर दिया फिर सर बोलने लगे कि अब मेरा लौड़ा चाटो श्यामली और मेरे मुंह में डाल दिया अपना मस्त लंड, मै पूरा लंड चूस चूस कर चाटी अब सर मेरे बालों को पकड़ कर बोले श्यामली मैं तुम्हें चोदू, मैं बोली हां सर अपनी स्टुडेंट को चोदो ताकि पागल हो जाऊं, इतना चोदिये कि मैं पागल होके जन्नत का मजा ले लूं। सर बोले ओके श्यामली मैं तुम्हें आज छिनाल की तरह चोदूंगा, मैंने कहा थैंक यू सर, तभी सर ने मेरी टांगें फैला कर चौड़ी कर दी और अपना लंड मेरी चूत में रख दिया और टांगे ऊपर कर दी और एक झटके में पूरा लौड़ा अन्दर मेरी चूत में डाल दिया जोर से, मैं चिल्ला उठी बोली सर बहुत दर्द हो रहा है बाहर निकालो, सर बोले 5 मिनट रुको और फिर देखना, मैं दर्द से तड़प रही थी और सर अब अपना लंड अंदर बाहर मेरी चूत में डाल कर मुझे मसल रहे थे। सर मुझे जमके चोदते हुए बोले अब दर्द कैसा है श्यामली.

मैं बिल्कुल ठीक हो गई दर्द नहीं रहा और एकदम से मैं सर से लिपट गई उनके होठों को चूमने लगी और बोली सर और डालो चोदो मुझे, चोदो सर बहुत मस्त मजा आ रहा है तभी मम्मी रूम में आकर चिल्ला रही थी कि देख सुबह के 10:00 बज गए और अभी भी सो रही है उठ, और उठा दिया मेरा सपना वहीं टूट गया क्या मस्त सपना देख रही थी। उठते से मेरे दिमाक में वही सपना चलने लगा कि सपने में किस तरह से मनीष सर ने मुझे चोदा और सोच सोच कर मेरी पुसी गीली हो जा रही थी। मेरी हालत अब बिल्कुल मदहोश सी होने लगी,सारा दिन यही सोचते हुए निकल गया कि शाम को 6:30 बजे मनीष सर के आने का टाइम हो गया तभी मैं तैयार होकर गई आज सर से आंखें नहीं मिला पा रहे थी बहुत शर्म आ रही थी, पर सर एकदम से मुझसे पूछे कि जो मैं दे गया था उन सभी कहानियों को पढ़ लिया मैंने सर झुका कर सर से बोली जी सर, मुझसे पूछे श्यामली कैसी लगी मैंने कहा सर अच्छी.

तुम घबरा रही हो मैं बोला नहीं सर, बोला और पढ़ोगी मैंने कुछ नहीं बोला उन्होंने हाथ पकड़ कर कुछ और उसी तरह के प्रिंट मुझे हाथ में दिए, और साथ में बोला तुम्हारे यहां डीवीडी है, मैंने बोला जी सर, सर बोले कुछ सीडी हैं इन्हें अकेले में देखना, और फिर किताब खोल कर बहाने से मुझे देखते रहे, इसी तरह आज की पढ़ाई पूरी हो गई, जाते समय बोल गए कि तुम्हारी हालत ठीक नहीं है श्यामली, यह इसी के लिए है कि तुम पढ़ाई के साथ लाइफ भी इंजवाय करो, तुम आज CD में पिक्चर देख लेना, फिर अगर पसंद आएगी फिल्म तो अपन कल प्रैक्टिकल करेंगे। मैं बोली यस सर। सर चले गए मैं डीवीडी टीवी में सेट की तभी मम्मी बोली क्या कर रही है श्यामली, कुछ प्रेजेंटेशन कि CD है उसे देखना है तब मैंने गेट बंद कर लिया और वह फिल्म लगा दी,

जैसे ही लगाया उसमे एक लड़की को चार मर्द पूरा कपड़े खोलकर बहुत भारी भारी बड़े-बड़े लोग उसके चूत को चाट रहे थे और उनमें से सभी के बहुत बड़े-बड़े लंड अपने मुंह से चूस रही थी, तभी 2 लोग उसकी चूत को जोर-जोर से चाटने लगे और फिर सभी अपना लंड निकालकर ने उसके मुंह में चोदने के लिए डाल दिया, 1 पीछे डाल दिया तभी लड़की बोली फक मी फक मी हार्ड, इतने में एक मर्द लड़की के दोनों बूब्स के बीच में अपना लंड डाल दिया और 1 मिनट में चारों लंड से वह चुदवाने लगी, और बहुत जोर-जोर से आवाज निकालने लगी। यह देखते हुए मेरी हालत बहुत खराब हो गई और अपने आप मेरा हाथ पैंटी के नीचे घुस गया और मैं भी वहां अपना हाथ अपनी चूत में चलाने लगी। और अब मुझसे बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था तभी मैं अपने हाथ से पहली बार अपने बूब्स दबाने लगी और मैं वह फिल्म बार-बार देख रही थी करीब दो घंटे तक वो मुवी देखती रही।

जब मम्मी आके चिल्लाई तब मैंने जल्दी जल्दी से फिल्म बंद की और CD छुपा दी। थोड़ा खाना खाई खाने में मन ही नहीं लग रहा था, फिर जो आज प्रिंट दिए थे उसे पढ़ने लगी और उसमें भी वही ट्यूशन सर और ट्यूशन पढ़ने वाली लड़की की चुदाई की कहानी थी, मैंने पूरी पढ़ी और फिर जब नींद आई तो आज भी मनीष सर सपने में आ गए और मुझे रात में सपनों में चोदे उन्होंने मेरे मुंह में अपना रस डालकर पिलाया सपने में अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था मैं दिन भर सोचती रही। कि सर कब आएंगे और प्रेक्टिकल करेंगे मैं सर के आने के इंतजार में बैठी रही। जैसे ही 4:00 बजे सर आ गये, सर समय से एक घंटे पहले आ गए। इत्तेफाक की बात थी की मम्मी दोपहर को ही यह कहकर कि मैं छोटे वाले मामा के घर जा रही हूं रात में 8:00 बजे तक आऊंगी पापा को बता देना ।

सर आज 1 घंटे पहले आ गए और आते ही मुझसे बोले मम्मी को बुलाओ मैं बोली मम्मी घर में नहीं है। सर बोले पापा को बुलाओ मैं बोली पापा भी नहीं है, सर बोले मतलब श्यामली तुम अकेली हो क्या? मैंने कहा जी सर, तो फिर श्यामली तुम अंदर से गेट बंद कर दो मैं बोली ठीक है, मैं जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर ली, और सर को बोली कि सर आज क्या पढ़ाएंगे? सर बोले कि ऐसा करो कि पहले यह बताओ कि तुम्हें फिल्म कैसी लगी ? मैं कुछ ना बोली शर्म के मारे मनीष सर ने फिर से पूछे कि बताओ कैसी लगी, जवाब नहीं दोगी तो मैं जाता हूं वापस, मैं बोली देखी हूं सर अच्छी थी, बोले तुम्हारा DVD कहां है मैं बोली अंदर बोले चल कर दिखाओ,

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जैसे गए टीवी वाले रूम में सर ने कहा चालू करो मैंने स्टार्ट किया वह जेब से एक CD और निकालें और उसे इंसर्ट कर दिया। और बोले श्यामली मेरे साथ देखोगी फिल्म मैं बोली नहीं सर, तो बोले ठीक है तुम अकेले देखो इसे और मैं बाहर वेट करता हूं। तुम्हें देखना ही है मैं उनकी बात मान गई, और अंदर DVD में फिल्म देखने लगी। जैसे ही फिल्म शुरू हुई उस फिल्म में एक इंडियन लड़की को 3 विदेशी उसके सलवार सूट का नाड़ा खोलकर और उस लड़की की सीधे चूत चाटने लगे और टेबल पर लिटा कर सबसे पहले गांड पर लंड डाल दिया। यह फिल्म देखते हुए मैं एकदम से पागल होने लगी बहुत एक्साइटेड हो गई और मुझे ध्यान भी नहीं रहा कि सर बाहर बैठे हैं। मैं अपनी सलवार का नाड़ा खोलकर पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया और धीरे-धीरे चलाने लगी,

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था उधर TV में एक लंड मुंह में और एक गांड में एक चूत में घुसा था और लड़की जोर जोर से आवाज कर रही थी, ऊं हहह वोहहहहह आहहहह मैं हाथ चला रही थी अपने चूत में, मुझे पता नहीं चला मनीष सर कब अंदर आ गए, अंदर आते ही मेरे पीछे से सर मेरे हाथ के बगल से अंदर मेरी पैंटी में हाथ डाल दिए मैं उनकी तरफ मुड़ी जैसे ही तभी सर ने मेरे होठों को अपने होठों से चूम लिया और मेरे होंठ चाटने लगे और अपनी उंगली पैंटी के नीचे से ही मेरी चूत में डाल दिया, सच बता रही हूं मुझे पहली बार किसी मर्द ने छुआ वह भी एकदम से इस तरह से, मैं कुछ बोल नहीं पाई, लेकिन सर के हाथों के टच से मेरा रोम रोम सिहर गया, मैं बोली सर यह ठीक नहीं, कुछ हो जाएगा तो मैं मुंह दिखाने लायक नहीं रहूंगी।

सर प्लीज मुझे छोड़ दीजिए, मेरे साथ ये सब मत करिए प्लीज, सर मुझसे बोले श्यामली आई लव यू, तुम मुझे बहुत पसंद हो, जिस दिन से मैंने तुम्हें पैंटी में देखा था तुम्हारी फूली हुई मस्त चूत पतली सी कमर और मस्त बूब्स यार श्यामली पागल हो गया उस दिन से तुम्हें पाने के लिए, आज मैं जानता हूं कि तुम बहुत गर्म हो मैं जब से आया हूं तब से तुम सिर्फ मेरे पैंट की जिप पर देख रही हो, लगता है तुम्हारी चूत को बहुत खुजली है, श्यामली मुझे प्यार करने दो, तुम्हारी गांड बहुत मस्त है मुझे सिर्फ तुम्हारी गांड चोदना है, जब तुम पीछे मुड़ती हो पतली कमर मस्त बाहर निकली हुई गांड, कोई कंट्रोल नहीं कर सकता मुझसे रहा नहीं जाता श्यामली 5 दिन से मेरा लन्ड बैठा नहीं, 10 से 15 बार तुम्हें चोदते हुए सोचकर मुट्ठ मार चुका हूं।

ऐसे कहते हुए सर ने मेरे कुर्ता के ऊपर से मेरे दोनों बूब्स दबाने लगे और मेरे होठों को फिर से किस करने लगे, उनके होठों की छुअन से मेरे होंठ जलने लगे मेरा पहला अहसास था, सर के बदन की खुशबू मुझे बहुत अच्छी लगने लगी। सर इतनी ओपेन गन्दी गन्दी बातें मुझे बोल रहे थे कि मैं सोच भी नहीं सकती थी। मैं कुछ ना बोली पर सर की जो ऊगली मेरी चूत में घुसी हुई थी उसे सर ने और थोड़ा अंदर डालने लगे, अब सर बिल्कुल सामने आ गए और अपना पेंट खोलकर नीचे कर दिया सिर्फ अंडरवियर में हो गये और अपना टी शर्ट भी उतार दिया। उनका गठीला बदन बनियान नहीं पहने थे इसलिए पूरी नंगी छाती सर की मेरे सामने थी, पहली बार अपनी लाइफ में किसी मर्द से ऐसे मिल रही थी मुझे कुछ पता नहीं था, ना कोई एक्सपीरियंस अब मेरे बस में कुछ नहीं था,

मैंने सर को बोला सर किसी को पता चल गया या कुछकुछ हो गया तो मैं मर जाऊंगी किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहूंगी। सर ने बोला अगर तुम्हारी शादी हुई होती श्यामली तो तुम्हारे दो तीन बच्चे होते तुम पूरी मैच्योर हो चुकी हो। तुम फुल चुदवाने लायक हो श्यामली। कोई टेंशन मत लो मेरी जान और श्यामली अब मुझे माफ करना आज अब मैं बहुत गंदी बात करूंगा और सेक्सी भी तुम भी जितना खुलोगी उतना इन्जवाय करोगी और उतना मजा आयेगा। जैसे अभी फिल्म में देखा है वैसा ही तुम्हें करना है और मैं भी वैसा ही करूंगा उन्होंने मुझे अपने हाथों से खड़ा कर लिया और मेरी सलवार को नाड़े से सरका कर के नीचे उतार दिया मेरी सलवार बेड में दूर फेंक दी और बोले श्यामली हाथ ऊपर करो और -धीरे मेरे कुर्ते को ऊपर किया जैसे ही मेरा पेट दिखा, मनीष सर मेरी नाभि को चूमने लगे,

मेरी नाभि में जैसे ही होंठ रखे और किस किया जाने मुझे क्या हो गया मैं सी सी आउछ करने लगी थी, मुझे बहुत अजीब सा लगा, सर बोले क्या नाभि है तुम्हारी, ऐसा लगता है कयामत हो श्यामली, इतनी सेक्सी लड़की मैंने जिंदगी में नहीं देखी और फिर नाभि को चूमते रहे, धीरे धीरे कुर्ते को ऊपर किया और जैसे ही सीने तक गया, मेरा वाइट कलर का ब्रा उसके अंदर मेरे बूब्स बहुत बड़े नहीं थे, अभी सर बोले यह तुम्हारे मस्त मस्त दूध मैं बहुत बड़े-बड़े कर दूंगा, लोग तरसेंगे देखना इसी महीने तक 1 महीने में अपने दोनों का साइज, अभी क्या है साइज़ तुम्हारे बूब्स के,

मैं बोली 32 से भी कम सर, बोले इसी महीने 34 से ज्यादा कर दूंगा मैं एकदम हैरान थी, कि ऐसा क्या करेंगे कि बूब्स मेरे बड़े हो जायेंगे और सर मेरे सीने में अपना मुंह रख दिया अब मेरा कुर्ता भी उतार दिया,सर के सामने मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थी और सर मेरे सामने सिर्फ़ अंडरवियर में सर मुझे एक टक देखते हुए बोले श्यामली तुम बला की खूबसूरत हो और मुझसे लिपट गये किसी मर्द के बाहों में जाने से क्या होता है अब पता चला, उनका अंडरवियर में तना हुआ पेनिस मेरी पुसी में रगड़ खा रहा था तभी सर मेरा हाथ पकड़ कर अपने अंडरवियर में डलवाकर मुझे अपना लंड जैसे ही पकड़ा दिया मैं बता नहीं सकती कैसा लगा मुझे अपनी लाइफ में फर्स्ट टाइम लंड को अपने हाथों में ली वोहहहह तभी सर ने अपनी अंडरवियर नीचे खिसका कर उतार दी अब वो पुरे नंगे बदन मेरे सामने हो गए मुझे बोले श्यामली मेरी सेक्सी देखो जैसे फिल्म में चल रहा है वैसा करो

उधर टीवी में जो ब्लू फिल्म चल रही थी उसमें वो उन लोगों के लंड चूस रही थी मुझे बहुत झिझक लगी पर अंदर से बहुत मन हो रहा था तब सर बोले श्यामली लड़की का ये ड्रीम होता है कि वो मर्द का लंड अपने मुंह में लेकर चूसे उसे चाटने और लंड का पानी रस पीते ये कहते हुए मेरे कंधे पर दबाव देखें बैठा दिया अब सर का लंड मेरे आंखों के सामने एक दम फनफना रहा था मैंने उसे पकड़ लिया और जैसे ही मुंह के पास ले गई एक बहुत अजीब सी खुशबू लंड की आई और मैंने जैसे ही लंड में अपने होंठ रखे मेरे बदन में आग सी लग गई और सर भी कांपने लगे और मेरे बाल पकड़ कर अपना लौड़ा मेरे मुंह में घुसा दिया,

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अब मैं उसे चूसने लगी अपनी जीभ से चाटने भी लगी सर के लंड को, सर बोले श्यामली ऐसा नहीं लग रहा कि पहली बार तू लंड को मुंह में ली है तू लंड ऐसे चूस रही है जैसे प्रोफेशनल रंडी चूसती हैं, वोहहहहहभ आहहहहहहह सर चिल्ला रहे थे अब मेरी ब्रा भी उतारने लगे जैसे ही ब्रा खोल दी मेरे बूब्स देख कर सर बोले श्यामली तू बहुत गज़ब की माल है रे, चल अब उठ बिस्तर में लेट मैंने लंड मुंह से निकाल कर खड़ी हुई कि सर मेरे दोनों बूब्स पकड़ कर इतने जोर से दबाने लगे कि मुझे बहुत दर्द हो रहा था, मैं दर्द के मारे कराह उठी तभी सर ने एक एक करके दोनों मेरे बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगे जैसे ही बूब्स चूसने लगे मैं पागल हो गई अब जाना की लड़की के बूब्स अगर कोई मर्द चूस ले फिर उसे कुछ भी कर लें,

सर मेरे बूब्स करीब पन्द्रह मिनट तक जबरदस्त चूसे मैं उहहह अहहहह सर आप बहुत मस्त है ऐसे चिल्ला रही थी और मेरा हाथ अपने आप सर के लंड में चला गया था मैं सर का लंड अपने हाथों से पकड़ कर रगड़ कर उपर नीचे करने लगी थी। अब पता नहीं मैं कौन सी दुनिया में थी, सर ने मुंह से बूब्स निकालकर मुझे अपनी बाहों में उठा लिया और बिस्तर पर लिटा दिया और बोले श्यामली अब प्लीज तुम्हें भी बोलना पड़ेगा जैसे तुमने उन कहानियों में पढ़ी हो अंदर जो भी फील हो गंदी बाते सब बोलो गाली दो जोस और मजा लाख गुना ज्यादा बढ़ जाता है नहीं बोलोगी मैं चला जाऊंगा,

मैं बोली सर बोलूं सर बोले हां डार्लिंग मैं बोली सर हम लड़कियां आपस में बहुत गंदी बातें करते हैं और गालियां भी देती हैं आप बुरा मत मानना,सर बोले इन पलों में वाइल्ड लाइफ मिन्स जानवर बन जाना चाहिए श्यामली मैं बोली पक्का सर सर बोले हां श्यामली मेरी छिनाल मैंने कहा सर तू बहुत मादर चोद है सर बोले गुड श्यामली ऐसे ही ग्रेट और बोलो मैं बोली मनीष तु मुझे रंडी बना जैसे ये बोला सर ने पैंटी पकड़ी और उतार ने लगे धीरे धीरे जैसे ही खिसका कर पैंटी मेरी उतारी सर पागल हो गए बोले श्यामली क्या मस्त पिंक कलर की चूत है वो भी फ्रेश अनटच देखने से ही लगती है और मेरी चूंत को चूमने लगे, मेरी जांघों को भी सहलाने लगे और चूमने लगे मुझे अजीब सा नसा चढ़ने लगा मेरे पैर के अंगूठे से चूमना शुरू किया और मांथे तक चूमे मेरे पैर जांघ पीठ,

गांड में उंगली डाल कर उसको चूमने लगे चाटते रहे बोले आज तेरी गांड जरूर चोदूंगा श्यामली क्या मस्त उठान लिए तेरी गांड है, मेरी पीठ को चूमने लगे फिर नाभि को चूम लिया और पेट को चाट चाट के नाभि में जीभ डाल दी मैं पागल हो गई ओहहहहह अब मेरे सीने को चूमने लगे और बूब्स को फिर से दबाने लगे चूसने लगे मैं ऊं हहह वोहहहहह आहहहह करती रही तभी सर मेरे होंठों को चूसने लगे मुझे अब बिल्कुल होशो-हवास न था, तभी सर बोले श्यामली एक साथ अब करेंगे मैं बोली क्या सर, सर बोले तू मेरा लन्ड चूसना मैं तेरी चूत चाटूंगा, मैं बोली सर अब मैं सब में तैयार हूं तभी सर अपने पैर मेरे मुंह तरफ किये और सर का लंड मेरे मुंह में आ गया मैंने तुरंत उसे अपनी जीभ से चाटने लगी और चूसने लगी सर अंकड़ ग्रे बोले

श्यामली मेरी रंडी आज तू मुझे पागल कर रही है और मेरी टांगें फैला कर अपनी जीभ मेरे चूत में घुसा दिया मैं उनकी चूत चाटने से बिल्कुल पागल हो गई और मुझसे बरदाश्त नहीं हो रहा था पहली बार चूंत कोई मेरी चाट रहा था।मै जोश जोश में पूरा लौड़ा मुंह में अंदर बाहर करने लगी जैसे मुंह को चोद रहे हो आहहहह तभी सर ने मेरी चूंत को खाने लगे बोले बहुत ही मस्त टेस्ट वाली चूत है तेरी क्या खुशबू है श्यामली तेरे चूत की ओहहहहह हमेशा मेरे मुंह में इसे रखे रहना मैं पूरी लाइफ तेरी चूत चाट कर गुजार दूंगा वोहहहह मेरी रंडी श्यामली। सर के इस तरह चूंत चाटने से मैं बिल्कुल तड़प उठी और बोली सर अब अपनी रंडी श्यामली को इस तरह मत तड़पाओ मैं नहीं रह पा रही मुझे कुछ करिये जिससे ये आग मेरे अंदर की बुझे। ये मेरा फर्स्ट टाइम था

इसलिए मुझे यह भी नहीं पता था कि ये प्यास ये तड़प कैसे मिटेगी। सर बोले रुक श्यामली मैं भी इतना पागल आज तक नहीं हुआ करीब बीसो एसी स्टूडेंट्स को चोदा और इतनी ही काल गर्ल को ठोका मेरी बीवी भी बहुत सेक्सी है बहुत चुदवाती है परन्तु तेरे में जो सेक्स की इच्छा है जो तेरी चूत की खुशबू है उठी हुई तेरी लाजवाब गांड वोहहहह तुने मेरी लाइफ का सबसे सेक्सी पल दे दिये तेरे जैसे लंड कोई नहीं चूसता अब चल श्यामली तेरी पहले गांड मारता हूं वोहहह तेरी प्यास बुझाता हूं।और बोले उठ श्यामली कुतिया की तरह चोदूंगा तेरी गांड मैं बोली हां मनीष कुतिया से भी बेकार चोद मैं मरी जा रही हूं

सर बोले कुतिया बन मैं उठ कर एकदम कुतिया बन गई सर बोले तू तो बड़ी एक्सपर्ट हैं पहले भी गांड़ मरवाती थी क्या मैं बोली आज तक किसी ने खुली गांड मेरी देखी नहीं छुआ नहीं तो मारने का सवाल ही नहीं उठता सर, श्यामली मैं बहु लकी हूं कि तुम्हारी गांड आज जबरदस्त चोदूंगा और ऐसे कहते हुए सर ने मेरे गांड को चूमने लगे और अपनी जीभ मेरी गांड में डाल दी ,श्यामली सच में पागलपन है तेरी गांड आज तुम्हारी गांड की प्यास बुझाऊंगा इस तरह सर ने मेरे उपर कुत्ते की तरह चढ़ और मेरे गांड में अपना लौड़ा रख दिया पीछे से दूध पकड़ कर बोले श्यामली अब डाल दूं अपना लंड तेरी गांड में मैं बोली सर अभी घुसा दो पुरे जोर से रगड़ना मेरी गान्ड मुझसे रहा नहीं जा रहा, अब बस चोदो या कुछ भी करो मेरी आग मेरे अंदर की प्यास बुझनी चाहिए,

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सर ने कहा प्यास तेरी बुझ जाएगी पर दर्द बहुत होगा सह लेगी, मै बोली चाहे जितना भी दर्द हो आप बिल्कुल चिंता नहीं करो सर बोले फिर ले साली कुतिया रंडी श्यामली, तभी सर ने थूंक लगाया मेरी गान्ड में और जोर से अपना लंड घुसा दिया एक झटके में ऐसा लगा मैं मर गई बेहोश हो गई इतना दर्द कभी नहीं हुआ मैं जोर से चिल्लाई बचाओ, छोड़ दो सर प्लीज छोड़ दो , मैं मर जाऊंगी निकाल अपना लंड मादरचोद मैं गाली भी दे रही थी और और बहुत जोर जोर से चिल्लाई बचाओ कोई मार डाला इस हरामी ने निकाल अपना लंड कुत्ते मम्मी बचाओ पापा बचाओ मुझे छोड़ दो सर हांथ जोड़ती हूं मेरी गान्ड में मैंने हाथ लगाया तो मेरे हाथ में खून लगा हुआ था मैं अब जोर जोर से रोने लगी पर सर को कोई फर्क नहीं पड़ा

और वो मेरी गान्ड को चोदते रहे तभी दो उंगलियां मेरी चूत में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगे बोले श्यामली साली रण्डी क्या जबरदस्त तेरी गांड है आज तेरी गांड की सुहागरात है श्यामली आज मैंने तेरी जबरदस्त गांड की शील तोड़ दी। मेरे से किस्मत वाला कोई नहीं ।सर अब जोर-जोर से मुझे चोदने लगे पूरा लंड मेरी गांड में अंदर करते थे फिर बाहर निकालते इस तरह जबरदस्त मेरी गांड की चुदाई करने लगे, पता नहीं कैसे कब मेरा पूरा दर्द अब गायब हो गया और मुझे एक दम से बहुत जोश आ गया, और मैं सर से बोली ओहहहहह मेरे राजा और चोदो, जोर से मेरी गांड में डालो पूरा लंड मुझे बहुत मजा आ रहा है, हमेशा मेरी गान्ड चोदते रहना ऐसे ही मस्त, और डालो मनीष तेरी श्यामली तेरे लिए कुछ भी करेंगी

बस मुझे अपनी रंडी बना कर ऐसे ही चौबीस घंटे मेरी गान्ड चोदते रहना। मैं कसम खाती हूं जो बोलेगे करूंगी,और चोदो जोर जोर से तभी सर ने फुल स्पीड से पूरा लौड़ा अंदर बाहर बहुत मस्त करने लगे, मैं पागल हो रही थी करीब 40 मिनट तक ऐसे ही मेरी गान्ड को चोदते रहे, सर बोले सोच श्यामली तेरे दो दो लंड घुसे हैं एक तेरी चूत में इमेजिन कर जो ऊंगली तेरी चूत में घुसा दिया है वो भी लंड है।और एक लंड गुदामैथुन यानि गांड को चोदने में लगा है।। मैं सच में वही सोचने लगी कि एक लंड मेरी चूंत को चोद रहा है और एक मेरी गान्ड को अब मेरा जोश हजार गुना बढ़ गया मैं बोली सर मेरी चूत को जोर से चोदो बहुत जोर से ऊंगली रूपी लंड चलाओ

और मेरी गांड को भी आज फाड़ ही दिया है। श्यामली को अपनी बीवी समझ कर चोदो आज मेरी पहली सुहागरात है सर , और चोदो तभी मेरे चूत से बहुत तेजी से गरम गरम पानी निकलने लगा मैं अकड़ गई, सर बोले श्यामली तू तो झड़ गई तेरी चूत तो बह चली जोर से, सर ने बोला श्यामली अपनी गान्ड और ऊपर उठा मैं एक बार पूरा तेरी गांड की जड़ तक अन्दर घुसा दूं लंड को मैंने तुरंत अपनी गान्ड ऊपर उठा दी और बोली हां सर पूरा पेल दो अपना लौड़ा वोहहहह और सर ने फचाक से अंदर कर दिया मैं चींख उठी ओहहहहह मेरे कुत्ते तुमने आज मुझे जन्नत का मजा दे दिया है। आज से हमेशा मुझे ऐसे ही चोदना आप अपना लौड़ा मेरी चूत में भी डाल दो,

तभी सर जोर-जोर से हांफने लगे और बोले मेरी रंडी श्यामली मेरा लन्ड रस तेरी गांड में जा रहा है, और सर अकड़ के मेरे दोनों दूध जोर से दबाते हुए पूरा फच फच अपना लंड मेरी गांड में घुसा के पूरा गरम-गरम रस लंड का अपने मेरी गांड में भर दिया ।और मेरी प्यास बुझने लगी मैं तड़प रही थी इस पल के लिए। सर बोले श्यामली आज तक तुम कच्ची कली थी आज से तू छिनाल बन गई है। और पूरा लंड अंदर तक मेरी गान्ड में घुसेड़ कर लंड रस भर दिया और फिर मुझे सामने लिटा कर के मेरी टांगे फैलाकर मेरी चूंत का बहता हुआ रस

चूसने लगे, मुझे बहुत मजा आया मैं बोली सर आप बेस्ट हो, पर मुझे पेशाब आने लगी, तो मैंने सर से बोला सर पेशाब आ रही है,

सर बोले कर दो श्यामली प्लीज कर दो मुझे पीना है तुम्हारी चूंत से निकली मस्त पेशाब, मैं बोली छि छि नहीं सर, सर बोले नहीं बहुत मस्त होता है श्यामली प्लीज करो पेशाब मेरे मुंह में और मैं वही करने लगी, सर ने मेरी चूत से निकली हुई पेशाब को बड़े मस्त तरीके से पीने लगे, एक एक बूंद मेरी पेशाब को पी लिया और चाट चाट के मेरी चूत को भी साफ कर दिया । फिर उठकर अपनी रूमाल से मेरी गान्ड को साफ किया, सर बोले थोड़ी देर बाद पीछे गांड में दर्द हो होगा, उसके लिए मैं ये टेबलेट लाया हूं, और हल्की गांड में ब्लाडिंग हुई है इसलिए इसे गांड की होल में लगा लेना चिंता नहीं करनी है। सब दर्द दो तीन दिन में गायब हो जायेगा,

और अब दोबारा कितना भी गांड़ चुदाई करवाती रहोगी दर्द नहीं होगा, सिर्फ मजा आयेगा। सर अपने कपड़े पहने और मै भी अपने कपड़े पहन ली, और फिर सर मेरे होंठों को चूमने लगे और बोले तुम्हारी चूंत अभी भी वर्जिन है।अब तीन चार दिन नहीं आऊंगा।सच में चार पांच दिन मुझे बहुत दर्द हुआ फिर सब ठीक हो गया। ये मेरे साथ मेरे जीवन का पहला सेक्स था वो भी पीछे ही हुआ। एक एक शब्द मैंने पुरा सच लिखा है भरोसा करियेगा एक शब्द भी बनावटी या मनगढ़ंत नहीं है।

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