Mastaram.Net

Mastram Ki Hindi Sex Stories | Mastaram Ki Antarvasna Stories | मस्ताराम की हिंदी सेक्स कहानियां

भाभी की गांड और दोढी की चुदाई

मेरे प्यारे चोदु भाइयो और उन चोदु भाइयो की बहनों आप सभी का मस्तराम डॉट नेट में स्वागत है. आज मई इस साईट के माध्यम से आप सभी को अपनी चुदाई की कहानी बताने जा रही हूँ जिसे पढ़ने के बाद आप सभी अपने अपने लंड और चूत का पानी निकालने के लिए मजबूर हो जायेंगे.

यह स्टोरी है मेरे और मेरे पड़ोस वाली भाभी के बीच की. की कैसे उन्होंने मुझ में एक प्लेजर पार्टनर ढूंढा और कैसे मुझे वर्जिनिटी एक परी के द्वारा खोने का मौका मिला. तो स्टोरी पर आते हैं, मैं जैसे की पिछली स्टोरी में बताया मैंने कि मैं कॉलेज जाता हुआ एक मस्त मौला लड़का हूं, 6 फुट लंबा हूं.

अब आते हैं कहानी की ओर, कहानी की हीरोइन या मेरे शब्दों में परी पर जैसा मैंने कहा भाभी का नाम जागृति, और भाभी की उम्र 30 लेकिन दिखने में एकदम 25 कि. किसी कॉलेज गोइंग लड़की जैसी, गोरी चिट्टी और कातिलाना बदन, ऐसा जैसे किसी मूर्तिकार की उत्तम कला हो.

भाभी मेरे पास वाले बंगलों में रहती है, भाभी के हस्बेंड बिजनेसमैन है और उनकी गारमेंट की फैक्ट्री है. उनकी फैक्ट्री दो शिफ्ट में चलती है, इसी कारण भाभी के हस्बेंड फैक्ट्री में ज्यादा और भाभी पर कम ध्यान देते थे, और भाभी की अरेंज मैरिज थी. और भैया का पहले से चक्कर, तो भाभी में उनको इंटरेस्ट नहीं था और भाभी हमारी बेचारी अपने आप से ही संतुष्ट रहती थी.

मैं कभी कभी भाभी की मदद कर दिया करता था, कॉलेज में रहने के कारण ज्यादा आता जाता नहीं था उनके वहां. भाभी भी मेरे घर वालों को जानती थी अच्छे से.

एक दिन जब मैं कॉलेज से लौटा, तो देखा कि भाभी घर पर बैठी है और मां से बातें कर रही है, मैंने हाय कहा और रूम में चेंज करने चला गया, वापस आया तो मां ने कहा कि भाभी को थोड़ा काम है तो उनको हेल्प कर दो.

में उनके साथ उनके घर पर चला गया, घर पहुंचते ही.

मैं – हां भाभी क्या काम है?

भाभी – ज्यादा नहीं बस वह बेग उतरना है उपर से.

मैं – बस बेग? मुझे स्टूल दो में उतार देता हूं.

भाभी – यह लो स्टूल और संभलकर बैग थोड़ा भारी है.

मैं – कोई नहीं, उतार लूंगा टेंशन नहीं.

जैसे मैं ऊपर चढ़ा और यह बताने के लिए घुम के स्टूल पकड़ना, मुझे एक अद्भुत नजारा दिखा.

गोरा गोरा ब्लाउज से चिपका हुआ और पल्लू से बचा हुआ भाभी का पर्फेक्ट क्लीवेज ऐसी गली जहां मेरा हथियार जाना चाहेगा, यह देखते ही अरमान जाग गये और हथियार ने हल्की सी सलामी दी, भाभी ने देखा और एक हल्की सी नॉटी वाली स्माइल दी, बैग मेंने उतार कर वापस रख दी, बैग में भाभी के पुराने कपड़े थे जिसमें जींस हॉट पेंट और टीशर्ट भी थी.

जाते वक्त मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने मुझे कहा कि वह यह सब डोनेट कर रही है क्योंकि उनके हस्बैंड को नहीं पसंद है यह सब.

मैं काफी उदासी वाला चेहरा बनाया और कहा कभी पहनिए तो सही उनके सामने, फ़िदा हो जाएंगे वह आपपे, इतनी अच्छी लगेगी आप. और यह सुनकर वह थोड़ा शरमा गई और फिर मैं वहां से चला गया.

फिर थोड़े दिनों बाद मैं फिर उनके घर गया ऐसे ही मिलने, तो देखा कि वह एक लंबा सा प्लाय सेट कर रही थी पर हो नहीं रहा था. तो मैं हेल्प करने चला गया, लेकिन मुझे दूसरी तरफ पकड़ना था और बीच में भाभी थी तो मैं धीरे से निकल कर जा रहा था कि मेरा लंड उनकी गांड से घिसा, मेरा लंड पहले से ही सलामी दे रहा था उनकी गांड और नेवल देख कर मन कर रहा था पीछे से पकड़कर ड्रिल कर दूं भाभी को.

जब मेरा लंड घिसा, मैंने भाभी को आहें भरते हुए सुना. फिर हमने वह प्लाय सेट किया और मैं सोफे पर जाकर बैठा, भाभी के साथ. भाभी फिर उठकर पानी लेने गई और जब जा रही थी क्या बताऊं क्या नजारा था?? ऐसा लग रहा था जैसे ऐसी गांड कभी देखी ही ना हो, परफेक्ट साइज और लेफ्ट राइट लेफ्ट राइट हो रही थी. जब पानी लेकर आई तो और भी गजब लग रही थी, बाल बढ़े हुए, गोरा-चिट्टा पर्फेक्ट चेहरा, भूरी आंखें, परफेक्ट नाक, मस्त गुलाबी रसीले होंठ, लंबी नेक, परफेक्ट 34 के बूब्स, 32 की कमर यहां वहां हील रही थी, पिहू की आवाज के साथ.

भाभी – चेक आउट कर रहे हो? मैं नहीं नहीं कुछ सोच रहा था.

भाभी – झूठे मैं जब जा रही थी, पानी लेने तो मेरी कमर के साथ तुम्हारी गर्दन भी हिल रही थी.

मैं – नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है.

और मैं वहां से भाग गया.

रात को मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आता है – हाय.

मैं – आप कौन है.

भाभी – वही जिसे तुम चेक आउट कर रहे थे आज.

मैं – भाभी ऐसा कुछ नहीं है, गलती नादानी में हो जाती है सॉरी.

भाभी – कोई नहीं, आई डोंट माइंड.

मैं – अच्छा मेरा नंबर कहां से मिला?

भाभी – तुम्हारी मम्मी से लिया था कि कोई काम होगा तो बुलाने के लिए.

मैं – अच्छा आप इतनी रात तक जाग रही हो?

भाभी – हस्बेंड आये नहीं है अब तक.

मैं – अकेले अकेले कैसे रहते हो आप?

भाभी – आप दूर कर दो अकेलापन इतनी चिंता है आपको तो.

मैं – बोलिए क्या करें सेवक हाजिर है?

भाभी – टाइम आने पर बताऊंगी, मुकर मत जाना. दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पे पढ़ रहे है।

मैं – नहीं, बोला तो बोला बात खत्म.

ऐसे ही बात चलती रही कई दिनों तक और फिर एक रात.

भाभी – तुम्हें प्रॉमिस याद है?

हां – बोलो क्या करना है?

भाभी – कल मेरा बर्थडे है, कल कॉलेज बंक कर दो.

मैं – बस इतना? कर देंगे उसमें क्या.

भाभी – सिर्फ वह नहीं है और बहुत है.

मैं – और क्या है?

भाभी – ११ बजे मुझे मिलो इसका पता मैं तुम्हें सेंड करूंगी, मुझे सुबह मैसेज आया वह एक होटल का एड्रेस था, मैंने रास्ते में जाते वक्त केक  लिया और कुछ पफ्लोवर ले लिए.

मैं जैसे ही पार्किंग में पहुंचा मुझे ऑलरेडी मैसेज आया हुआ था, जिस में रूम नंबर था, मैं सीधा रूम में चला गया.

मैंने रूम ढूंढा और बेल बजाई.

दरवाजा खुलते ही एक परी थी मेरे सामने. वाइट टी शर्ट और ब्लू जींस के हॉट पैंट में. वह नशीली भूरी आँखे, वह गुलाबी होंठ और वह बूब्स, उन्होंने अंदर पर्पल ब्रा पहनी थी, जिसका स्ट्रैप ऊपर विजिबल था.

गोरी गोरी टांगें जैसे मलाई बहता हो, मैं वहीं पर उनसे इंप्रेस होकर चेकआउट करता रहा, उन्होंने चुटकी बजाई और मेरा ध्यान आया. और उन्होंने पूछा कैसी लग रही हूं? ..सेक्सी मेरे मुंह से अपने आप निकल गया.

उन्होंने अंदर आने को कहा टीवी चालू था, मैं बेड के पास वाले सिंगल सोफे पर बैठ गया और उन्हें केक पकड़ाया वह खुश हो गई फिर उन्होंने कहा.

भाभी – थैंक यू आज मैं अपना बर्थडे कितने सालों बाद मना रही हूं, मेरे हस्बैंड ने मुझे विश भी नहीं किया.

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control