Mastaram.Net

New Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ | Indian sex kahaniya

दिल है कि साला मानता ही नहीं

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रितेश है, में आप लोगों को एक ऐसी स्टोरी बताने जा रहा हूँ जो मेरी लाईफ में हक़ीक़त में हुई थी। मेरी एक सेक्सी भाभी है, वो हमारे पड़ोस में रहती है और उसका पति नौकरी करता है। भाभी बहुत सेक्सी है, में रोज उसको देखता हूँ, वो आगे-आगे चलती है तो पीछे से उसकी गांड को देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता है, उसको दबाने का मन करता है।

भाभी का नाम प्रियंका है, उनके बड़े-बड़े बूब्स और बड़ी-बड़ी गांड देखकर रोज मेरा लंड खड़ा हो जाता है, भाभी का फिगर मस्त है, बूब्स साईज़ 34 है, वो दिखने में थोड़ी मोटी, सेक्सी है, उसको देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता है। अब में भाभी को हमेशा से चोदने के लिए सोचता रहता था।

अब में हवा खाने के बहाने उसके घर चला जाता और भाभी से बात करता था। उससे बात करने का मज़ा ही अलग था। फिर एक दिन में उसके घर गया तो भाभी ने दरवाजा खोल दिया और मुझसे कहा कि ओह मेरे भाई कैसा है तू? तो में अदा से बोला कि अच्छा हूँ भाभी जी।

फिर भाभी बोली कि अरे अंदर आओ ना यहाँ बैठो, तो में बोला कि जी भाभी और हम दोनों बैठकर बातें करने लगे। अब बातें करते-करते में उसकी चूची को छुपके से देख लेता और भाभी मुझे सेक्सी स्माइल देती। अब मेरा लंड तो मान ही नहीं रहा था, और दिल, दिल का क्या कहना यार दिल तो अक्सर ऐसी चीजो में आगे रहता है अक्सर सुना होगा आपने दिल है की मानता नहीं तो फिर भी मैंने जैसे तैसे करके कंट्रोल किया और अब उसको चोदने का ख्याल मेरे मन में हमेशा आता था।

लंड से निकलती पिचकारी ने घमंड तोडा

फिर एक दिन मेरे पास ऐसा मौका आया तो उसने मुझे उसके घर की लाईट ठीक करने के लिए अपने घर बुलाया है। अब में भी उसके घर चला गया, जब दोपहर के करीब 2 बजे थे, फिर मैंने वहाँ पहुँच कर डोर बेल बजाई, तो भाभी ने दरवाजा खोल दिया।

फिर में अंदर गया और पूछा कि कौन सी लाईट ठीक करनी है? तो वो बोली कि बेडरूम की लाईट ख़राब है, तो मैंने जाकर देखा और ठीक कर दी। फिर भाभी ने मुझे बैठने को कहा और वो अंदर किचन में चली गई, अब में बैठकर टी.वी देखने लगा।

फिर कुछ देर बाद भाभी चाय लेकर आई और मुझसे बोला कि चाय पी लो भाई साहब, फिर मैंने चाय पी ली और भाभी ने भी चाय पी ली और मेरे साथ बैठकर टी.वी देखने लगी। अब 5 मिनट तक हम दोनों चुपचाप बैठकर टी.वी देखते रहे, फिर भाभी ने बात शुरू की इतने चुप हो गये, क्या हुआ?

तो में बोला कि कुछ नहीं भाभी टी.वी देख रहा हूँ ना। फिर वो बोली कि फिर भी कुछ तो बोल सकते है। अब टी.वी में सेक्स सीन आ रहे थे और हीरो हिरोइन किस कर रहे थे, अब इसको देखकर मेरा लंड थोड़ा गर्म हो गया था। फिर भाभी ने पूछा कि तुमने कभी किसी लड़की को ऐसा किया है? अब वो टी.वी में दिखाए हुए सीन को देखकर बोली थी।

ओमप्रकाश की गांड मारने का मज़ा ही निराला था

फिर मैंने बोला कि किसी को भी नहीं किया भाभी, तो वो बोली कि अरे तेरे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? तो में बोला कि अरे भाभी मेरे कोई गर्लफ्रेंड होगी तो ही तो में करूँगा ना। फिर भाभी बोली कि तुम करना चाहते हो या नहीं, तो में उसको देखकर बोला कि क्या? फिर भाभी मेरे पास आ गयी। आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है l

अब में भी उसके बूब्स को देख रहा था और अब मेरा 7 इंच का लंड तंबू बन गया था, जो भाभी ने भी देख लिया था। फिर भाभी ने मेरे हाथ को पकड़ा और बोली कि क्या तुम मुझे संतुष्ट करोगे? अब में समझ गया कि भाभी क्या चाहती है?

फिर भी मैंने पूछा कि कहो ना भाभी क्या बात है? फिर वो डरते हुए बोली कि भाई तेरे भाई मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते है, में तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूँ प्लीज फुक मी हार्डर, में तुम्हें बहुत पसंद करती हूँ और वो ऐसा बोलकर मुझसे चिपक गई।

अब में तो मन ही मन खुश भी हो रहा था और हैरान भी था। फिर वो मेरे लिप को चूसने लगी और मेरे मुँह में अपनी जीभ डालने लगी, फिर हम 10 मिनट तक लिप किस करते रहे। फिर भाभी बोली कि में बहुत प्यासी हूँ, मेरी चूत में आग जल रही है प्लीज मिटा दो इस भूख को, बुझा दो मेरी प्यास और वो ऐसा कहकर मेरी शर्ट उतारने लगी।

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..

The Author

loading...

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | Privacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control