जवान भाभी का सुलगता जिस्म

जवान भाभी का सुलगता जिस्म ( Jawan Bhabhi Ka Sulagata Jism )

हेल्लो दोस्तों कैसे है आप लोग आज मै एक मजेदार कहानी लेकर आया हूँ जिसका शीर्षक है जवान भाभी का सुलगता जिस्म आशा करता हूँ की आप सभी को बहुत पसंद आएगी ये कहानी वैसे आप सभी ने मस्ताराम की लगभग सभी कहानियों का मज़ा लिया होगा तो मैंने सोचा आज क्यों ना थोड़ा हट के कुछ लिखा जाए तो चलिए ज्यादा बात ना करते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ | आज राहुल कनाडा से 5 साल बाद घर वापस आ रहा था. राहुल की बड़ी भाभी संजना और उसकी छोटी सिस्टर राइमा फूली नहीं समा रही थी. संजना और राइमा दोनों एयरपोर्ट उसे लाने गये थे. राहुल का भैया दूसरे शहर में एक प्राइवेट कंपनी में ऊँचे पोस्ट पर काम करता है और काम की व्यस्तता की वजह से वह अभी नहीं आ सका. राहुल की उम्र अभी २८ साल है.

पिछले 5 साल से वह कनाडा में पढाइ भी कर रहा है और साथ में जॉब भी कर रहा है. मा बाप बचपन में ही स्वर्गवासी चुके थे. पर संजना भाभी ने कभी मा की कमी महसूस नहीं होने दी. राहुल और राइमा दोनों भाई सिस्टरों को उसने अपने बच्चों की तरह पाला था.

राहुल जब कनाडा गया था तब वह भाभी की मा सी इज़्ज़त करता था. पर पश्चिम के खुले और रंगीन माहॉल ने इन पांच वर्षों में उसे पूरा लम्पट बना दिया था. अब उसके लिए औरतों और लडकियों का बदन सिर्फ़ चिपकाने के लिए और उससे खिलवाड करने के लिए थे, चाहे वह बदन किसी का भी क्यों ना हो. कनाडा के खुलेपन के कारण वह भी बहुत स्वच्च्छन्द हो गया था.

उसकी भाभी, हां उसका नाम संजना है. उसकी उमर ४१ साल है और अच्छे ख़ासे भरे शरीर की मलिका है. 40 साल की भाभी का मांसल बदन राहुल को बहुत रास आया. पर संजना में जो ख़ास बात थी वह थी उसके सुडोल और विशाल मटकते, थरथराते नितंब. संजना की जगह उसका नाम नितंबा-देवी ज़्यादा सटीक बैठता.

घर पहून्चते ही संजना ने राइमा को कहा के लगेज राहुल के कमरे मैं पहूंचा दो तो राइमाने कहा | भाभी आप ठहरिए मैं समान भैया के कमरे मैं सेट करवा कर आती हूँ.” ऑर संजना सिर हिला कर जाने लगी. इसी दोरान राइमा आरती की थाली ले कर आ गयी और संजना ने आगे बढ़ कर उससे थाली ली ऑर राहुल को खामोश नज़रों से बुलाया, उसकी आरती उतारने के लिए. पर राहुल भोंचक्का सा खड़ा रहा तो राइमा जो उसके साथ ही खडी थी, उसकी पसली में कूहनी से टोका दिया तो राहुल ने हड़बड़ाते हुए राइमा को देखा ऑर आंखाईं उचकाई तो राइमा ने मुस्कुराते हुए कहा,

आगे जाओ और आशीर्वाद लो भाभी से भैया. आरती उतारते हुए भी संजना के चहरे ऑर आँखों में गुस्सा हावी था. आरती जैसे ही ख़तम हुई तो एक बार फिर राइमा ने दूर से ही आँखो से इशारा किया के आशिरबाद लो भाभी का. तो वो नीचे झुक गया ऑर पाँव छूये.

एयरपोर्ट पर जो घटा था. इतना पुराना नहीं हुवा था के संजना भूल जाती कि राहुल के हाथों ने उसकी गान्ड की दरार को छुआ था सो वो थोड़ा केर्फुल थी, अब की बार पर आशिर्बाद तो देना ही था सो उसके सिर पर हाथ रखा और कांधो से पकड़ कर उसे खड़ा किया. आख़िर मा समान भाभी थी सो प्यार तो आना ही था सो आगे बढ़ कर उसके माथे पर चुम्मा देना चाहा, पर राहुल तो ऐसे मौके तलाश कर रहा था सो जैसे ही संजना आगे को हो कर उसके माथे का चुम्मा लेने आगे बढि, राहुल ने अपनी दोनो हथेलयाँ एक बार फिर संजना की चौड़ी गान्ड के कोने पर रख दी. दिल तो राहुल का अपने हाथ संजना के गान्ड की दरार पर पूरी तरह से घुसाने का कर रहा था पर वो जानता था के यह चीज़ महसूस कर ली जाएगी ऑर वो भाभी और सिस्टर को अलग अलग सिड्यूस करना चाहता था सो सिर्फ़ कर्व पर ही हाथ रखे.

राहुल के हाथ अपनी गान्ड पर महसूस करते ही उसे एक झटका सा लगा पर अब वो पीछे नहीं हट सकती थी. चूँके राहुल उससे कद मे लंबा-था सो उसे थोड़ा उचकना पड़ा ऑर राहुल को थोड़ा झुकना पऱ. इस प्रोसेस मैं राहुल ज़्यादा देर तक अपने दिल पर काबू ना कर सका ऑर साइड से अपने हाथ फिसलाते हुए संजना की गान्ड पर पूरी तरह रख दिए.

यह महसूस करते ही के राहुल के हाथ अब ज़्यादा खतरनाक होना शुरू हो गये हैं, संजना ने तेज़ी से उसके माथे पर अपने होन्ठ रखे ऑर पीछे हटी. पर राहुल इसी चीज़ का तो इंतज़ार कर रहा था. उसके माथे पर जैसे ही संजना के होन्ठ छूये वैसे ही राहुल ने अपनी फैली हुई हथैलयों को कस लिया और एक टाइट स्क्वीज़ देनी चाही, संजना के गान्ड की दरार पर. पर एक तो संजना की सिल्क की साऱी दूसरा संजना के चुत्तडो का बहुत भारी होना; जिसकी वजह से वो एक नाकाम सी कोशिश कर के रह गया ऑर इसी दोरान संजना एक झटके से पीछे हट चुकी थी.

राइमा जो कि हैरत के मारे मूँह फाडे खडी यह सब देखती रह गयी थी. राइमा उस वक़्त अपनी भाभी के बिल्कुल पीछे ही खडी थी. राहुल ने अपनी सिस्टर को तब देखा जब झटके के साथ संजना चुम्मा ले कर पीछे हुई. संजना के हटते ही राइमा का मूँह फाडे चेहरा सामने आ गया जो के हैरत से अपने भाई और अपनी भाभी को देखे जा रही थी.

राहुल राइमा का चेहरा देख कर मुस्कुरा दिया ऑर शरारत से आँख मार दी. राहुल का ध्यान पीछे की तरफ देख कर संजना ने सकपका कर रुख़ बदला और उसका दिल धक से रह सा गया अपनी छोटि ननद को देख कर. एक दम ढेर सारी शरम जैसे उसे आ गयी यह सोच कर के सब कुछ राइमा ने देख लिया है.

उससे अब दो कदम चलना भी मुश्किल हो रहा था, राइमा के सामने.

“चलो यार! कितनी ऑर रस्मै निभाई जाएँगी. यहाँ के लोग तो ताज़ा माल हैं पर यह काफ़ी थक चुका है भाई” उकताहट का प्रदर्शन करते हुए राहुल ने कहा पर उसकी नज़रे अपनी मस्त भाभी की चौड़ी गान्ड पर ही टिकी हुई थी ऑर वो एक बार फिर इस नरम जगह पर हाथ सॉफ करना चाहता था.

“चलो भाई चलो, हां हम लोग भी थक चुके हैं” राइमा नीचे नज़रे किए संजना के चलने का इंतज़ार कर रही थी. लेकिन यहाँ तो संजना से कदम ही नहीं उठाये जा रहे थे शरम के मारे. पर जब राइमा को वहीं खड़े पाया तो संजना ने खुद ही हिम्मत कर के आगे कदम बढ़ाए और तेज तेज क़दमों के साथ आगे बढ़ गयी और तेज़ी से अपने बेडरूम का डोर ओपन कर के अंदर दाखिल हो गयी.

एयरपोर्ट के हादसे ने उसे एक दम बोखला दिया था और अब वो सिर थामे सोचे जा रही थी कि एर पोर्ट से अब तक क्या हुवा, और राहुल के हाथों का वो लॅमहा याद कर के उसे गुस्सा भी आए जा रहा था और शरम भी, “वो कैसे यह सब उसके साथ कर सकता है. उसने मा जैसी भाभी की गान्ड मैं पूरा हाथ चढ़ा दिया और वो भी बिल्कुल राइमा के सामने ही,

संजना जैसे अपने आप से बरबराते हुए सवाल कर रही थी. सोचों का रेला उसके दिमाग़ मैं आए जा रहा था और वो सोच सोच कर परेशान हो रही थी कि उससे कहाँ ग़लती हुई, क्या राहुल को बाहर भेजना उसकी ग़लती थी. लेकिन अपनी ग़लती के अहसास से ज़्यादा उसे यह चीज़ फिकर मैं डाले जा रही थी कि अब राहुल को नियंत्रण कैसे किया जाए ऑर उसे इन सब चीज़ों से बाज़ कैसे रखा जाए.

यह फ़ैसला कर के वो थोड़ी बहुत आश्वस्त तो हो गयी थी. पर एक डर सा यह लगा था के तुरंत परिवर्तन तो वो फिर भी नहीं ला सकैगि. इस बीच राहुल को कैसे फेस किया जाए, “वो तो लिहाज़ भी नहीं करता, वो मंज़र याद कर के ही संजना का चेहरा शरम ऑर गुस्से से लाल हो गया. जब राहुल के हाथ उसके चुतडो पर मचल रहे थे.

इन्ही ख़यालात मैं मगन संजना नींद की वादियों मैं खो गयी. कुछ दिन यूँही गुजर गये. संजना के साथ कोई और ख़ास बात नहीं हुई. पर यह सोच के वह ज़रूर दुखी थी कि अब पहले वाला राहुल नहीं रहा. उसे बड़े छोटे का लिहाज ज़रा भी नहीं था.

फिर एक दिन भाभी कहीं काम से गयी हुई थी. घर में राइमा अकेली थी. वहीं राहुल भी था. राहुल की हवस भरी निगाहे राइमा की मस्त जवानी का जायका ले रही थी. राहुल जब कनाडा गया था तब राइमा केवल 14 साल की थी. छोटे छोटे नींबू उभर रहे थे. पर इन 4 पांच सालों में राइमा 18 साल की मस्त लौंडिया हो चुकी थी जो राहुल की नज़र में केवल चोदने लायक थी. आप यह हॉट हिंदी सेक्सी कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | अब वह कॉलेज में 1स्ट्रीट एअर में पढ़ रही थी. राहुल की नज़रों की गुस्ताखियों को महसूस कर के राइमा कुछ बोखला सी गयी ऑर वहाँ से भाग जाने के चक्कर मे थी. जिसे राहुल भी महसूस कर चुका था पर इतनी आसानी से वो यह मौका गँवा देने के लिए तैयार नहीं था.

“आई राइमा तुम तो इन पांच साल में पूरी जवान हो गई हो. ” कहते हुए राहुल राइमा के क़रीब आगेया ऑर जवाब मे राइमा सिर्फ़ मूँह चला कर रह गयी. उससे कुछ कहा ही नहीं गया और जब राहुल को अपनी तरफ आते देखा तो बोखलाते हुए बेतुके अंदाज़ मे कह दिया के,

भाई! चलें अब कुछ पढाइ सढाइ भी करें, यह कह कर मूडी ही थी कि राहुल ने उससे से ज़्यादा तेज़ी दिखाई.

“अरे ठहरो राइम.” राइमा यूँही अपनी पीठ किए साँस रोके खडी थी कि किसी तरह यह घड़ी टल जाए और भाभी जल्द घर वापस आजाए लेकिन ऐसा कुछ भी ना हुवा , राहुल की कामुक नज़रे अपनी सिस्टर के टाइट पॅंट मे से उभरे हुए उन गोल गोल चुतडो पर केंद्रित थी और वो धीरे धीरे कदम उठाता हुवा राइमा की तरफ बढ्ने लगा. बिल्कुल पास पहून्च कर अब वो ऊपर से नीचे तक सिस्टर की मस्त जवानी का जायेज़ा लेने लगा ऑर जब नज़रे एक बार फिर गान्ड पर पहून्ची तो वहीं ठहर गयी.

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राइमा अपनी आँखे किसी कबूतरी की तरह बंद की हुई थी. राहुल ने अपने बे-क़ाबू हाथ बढाये और उसके बाएँ नितंब पर रख कर खुद राइमा के कंधे से कंधा मिला कर खड़ा हो गया. राइमा ने राहुल का हाथ जैसे ही अपनी गान्ड पर महसूस किया तो बिदक कर आँखे खोल दी और कुछ कहना चाहा पर राहुल ने यहाँ भी पहल की.

“अरे प्यारी बहाना इतना घबरा क्यों रही हो!! हां?” यह कहते हुए राहुल ने हलके से नितंब को दबाया और राइमा कसमसाई सी बोल पऱी.

“भैया!! क्क्किया कर रहे हैं आप यह, आप ने एर पोर्ट पर भी कुछ इसी तरह. . , ” इससे आगे राइमा से कुछ कहा ना गया हया के मारे.

“क्या किया था भाई मैने ऐसा , हां?” यह कहते हुए राहुल ने अपने हाथों का दबाव कुछ और बढ़ाया जैसे कि डॉक्टर लोग ब्लड प्रेशर लेते समय पंप करते हैं.

“पल्लज़्ज़, भैया यह मत करो. मैं आपकी छोटी सिस्टर हूँ.” अपने एक हाथ से राहुल के हाथ को धकैलने की नाकाम कोशिश करते हुए बोली. अब वो रुआंसी सी होने लगी थी.

“ओके. ओके, छोड़ देता हूँ पर पहले यह बताओ के मस्त सिस्टर का कोई बॉय फ्रेंड भी है या नहीं” अपना हाथ उसके कूल्हो से उठाते हुए कहा. पर अब स्थिति कुछ इस तरह रुख़ ली के राइमा को धकैल कर उसे दीवार से टेक दिया और अपनी एक उंगली उसकी झाँकती हुई नाभी मे डाल कर होले होले घुमाने लगा. कूल्हों से हाथ हटाने के बाद राइमा को कुछ सकून सा हुवा था पर अब नाभी मे राहुल की उंगली उसके अंदर एक नयी सनसनाहट पैदा कर रही थी.

“नही. भैया, ” बिखरती साँसों के साथ कहा.

“अरे!! तुम्हारा अभी तक कोई बॉय फ्रेंड ही नहीं है. यहाँ के लोग कैसे हैं यार, तुम सिस्टर हो उसके बावजूद तुम्हारी जवानी देख कर लंड तन गया है, देखो यह” कहते हुए राहुल ने राइमा का हाथ जाबरदस्ती अपने लंड पर रख दिया.

“प्ल्ज़ भाई, मुझे जाने दीजिए, यह. . यह सब सही नहीं हो रहा. ” उखरती सांसो के साथ राइमा मूनमुनाई और अपना हाथ लंड से हटाने की कोशिश की पर राहुल ने हाथ हटाने नहीं दिया और मज़बूती से गिरफ़्त किए रहा.

“कभी किसी ने तुम्हारे इन सुलगते होन्टो का जाम पिया है राइम?” जो हाथ नाभी मे घूम रहा था वो अब वहाँ से होन्टो पर पहून्च गया और अंगूठा और एक अंगुल से निचले होन्ठ को होले से मसला.

“भैया. प्लज़्ज़्ज़, क्या कर रहे हैं आप. कैसी बातें कर रहे हैं, अब छोड़िए प्ल्ज़.बहुत हो गया. कहीं भाभी आ गई तो मेरे लिए बहुत मुश्किल हो जाएगी. प्ल्ज़ भाई, अब छोड़ो ये सब करना.” रुआंसी होते हुए राइमा ने कहा.

“पहले उस बात का जवाब दो मेरी जानेमन फिर जाने दूँगा.” होन्टो से हाथ हटा कर वो हाथ बाएँ कंधे पर रखा और आहिस्ता से टी-शर्ट को नीचे खींच कर बाएँ कंधे को नंगा कर दिया.

“कौन सी बात.” कहते हुए अपनी टी-शर्ट को फिर अपनी जगह लाने की कोशिश की पर यह कोशिश महँगी पड़ गयी के राहुल ने फिर टी-शर्ट को ज़ोर से खींचा. जवाब मे जिससे सफेद रंग की ब्रा का कप एक पल के लिए झलका और गायब हो गया.

“वाह यार राइमा क्या चीज़ छुपा रखी है, तुम ने भाभी मा से एक चीज़ ज़बरदस्त ली है. तुम्हे पता है वह क्या है? भाभी के ये मम्मे, एक उंगली उसके उभारों पर रख कर पिंच करते हुए कहा, इस दोरान वो अपना हाथ राइमा के हाथ से उठ चुका था जिससे राइमा ने उसका लंड थाम रखा था ऑर राइमा अंजाने में अब भी उसे थामे खड़ी थी और हल्की हल्की स्क्वीज़ दे रही थी. . “पर तुम्हारी गान्ड भाभी की तरह फूली फूली नहीं है. ज़बरदस्त है तुम्हारी भी पर भाभी की तो क्या बात है. जब साली मटका के चलती है तो जी करता है की. .

” अब गुस्से के बजाए राइमा को शरम सी आगयी. उसे कहीं ना कहीं से यह सब अच्च्छा भी लग रहा था पर वो समझ नहीं पा रही थी. उन भावनाओं को, “भैया, प्लज़्ज़्ज़्ज़, अब कुछ ज़्यादा ही होने लगा है यह. आप जाने दें अब मुझे, शरमाते हुए राइमा ने बे-इख्तियार अपना सिर राहुल के सीने मे छुपा लिया. उसका हाथ अभी तक उसके लौडे पर था और बेखायाली मे हाथ की गिरफ़्त लंड पर सख़्त हो चुकी थी. ” बात का जवाब दो और फिर चली जाओ , ” कहते हुए राहुल ने राइमा के दूसरे कंधे को भी नंगा कर दिया, ”

कौन सी बात” शरमाते हुए राइमा ने सिर उठा कर राहुल को देखा, “वही के कभी इन सुलगते होन्टो का रस किसी ने पिया है? अब अपने दोनो हाथ राइमा की गान्ड पर रख दिए. एक हाथ से उभरे हुए चूतड़ को दबाने की कोशिश की और दूसरे हाथ को दरार मे फिराने लगा, और इस अचानक हुए हमले पर राइमा को झूरझुरी सी आगयी. “न्‍न्न्नाहिी, ” तेज होती सांसो के साथ शरमाते हुए कहा, “और कभी किसी के लौडे को पकडा है जैसे कि मेरा थामा हुवा है, ” शरारत से राहुल ने कहा, और जैसे ही राइमा को होश आगया और झटके से हाथ हट दिया. अब उससे नज़रे नहीं मिलाई जा रही थी, “भाई अब मैं जाऊं, आप की बात का जवाब दे दिया. ” राइमा ने नर्वस होते हुए कहा. “एक शर्त पर, ” “क्या?”

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“चूँके अभी तक तुम्हारे होन्टो को किसी ने चूसा नहीं है, और मैं वो पहला शख्स हूँ जिसने एयरपोर्ट पर इनका थोड़ा सा सीप लिया है और अब तुम्हारे इस बेसबरे भाई से रहा नहीं जाता, सो इन मद भरे जामों का रस पिलाओ और चली जाओ, ” “जी. कैसी बात कर रहे हैं भैया. कभी सिस्टर के होन्टो पर भी चूमता है कोई, ” बोखलाते हुए राइमा ने कहा, “क्यों, किस ने कहा है के सिर्फ़ गाल पर चुम्मा लिया जा सकता है, खैर चुम्मा दो अपने इन होन्टो का अन्यथा इसी तरह तुम्हे अपने हाथों मे लिए खड़ा रहूँगा, और इस दोरान समझ सकती हो के कुछ भी कर सकता हूँ, ” शरारत से कहते हुए एक टाइट स्क्वीज़ दी राइमा की गान्ड पर, “उउउहह. हल्की सी सिसकारी निकल गयी राइमा के होन्टो से, प्ल्ज़्ज़, भाई अब जाने दें, ” “पहले चुम्मा” अब की बार जो हाथ दरार मे घुसा हुवा था वो नीचे से काफ़ी अंदर गया और लगभाग चूत को रगड़ता हुवा वापिस दरार मे घुसा दिया,

“उहह, प्पल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लज़्ज़्ज़. भाई” “चुम्मा लिए बगैर तो नहीं जाने दूँगा” कहते हुए राहुल झुका और उसके होन्टो को चूम लिया. “बोलो! दे रही हो चुम्मा, या यूँ ही हाथ फेरता रहूं अपनी सेक्सी सिस्टर के बदन पर, ”

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