अचानक से मिली और जल्दी से चुद गई

प्रेषक : कपिल,

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कपिल है, मेरी उम्र 27 साल है, में इस साईट पर नया हूँ, अब में आपको अपना नया एक्सपीरियन्स बताने जा रहा हूँ। दोस्तों मेरा नाम कपिल है और में एक बंगाली लड़का हूँ, मेरा परिवार बहुत ही ग़रीब था। मैंने 2009 में ग्रेजुयेशन ख़त्म करके 2011 तक जॉब ढूंढने की बहुत कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुआ। फिर मेरी फेमिली के हाल की वजह से में एक प्राइवेट जॉब में जाने के लिए मज़बूर हो गया और में मेरे एक दोस्त के साथ फरीदाबाद आ गया। अब यहाँ आने के बाद उसने मुझे एक होटल में 6000 रूपये महीने में डोर टू डोर होम डिलवरी के काम में लगा दिया। मेरी इच्छा तो नहीं थी, लेकिन मज़बूरी बहुत थी इसलिए में काम पर लग गया।

अब शुरू-शुरू में मुझे बहुत तकलीफ़ हुआ करती थी, क्योंकि एक तो में फरीदाबाद में नया था और दूसरा मुझे ऐसे काम का कोई एक्सपीरियन्स भी नहीं था, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। में तक़रीबन 75 सिंगल लड़के, लड़कियों को फिक्स खाना पहुँचाता था, उसमें से तो कई कॉलेज में पढ़ते थे और कई जॉब करते थे और वो सब किराए से अकेले रहते थे। फिर जैसे ही एक महीना पूरा हुआ तो उन सभी ने मुझे कुछ ना कुछ टिप दी। अब मुझे ऐसे पूरे मिलाकर 11400 रुपये तो टिप से ही मिल गए थे, अब मुझे बहुत ख़ुशी हुई और मुझे उस काम में और ज़्यादा इंटरेस्ट आने लगा।

अब मुझे टिप देने वालो में से 2 लडकियाँ सबसे ज़्यादा टिप देती थी, उन्होंने मुझे कभी 500 रुपये से नीचे टिप नहीं दी थी। उनमें से एक का नाम निर्मला था, वो एक एयरलाईन कंपनी में जॉब करती थी और एक रानी थी, वो एक प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टर थी इसलिए में भी उनके ऊपर ज़्यादा ध्यान देता था, ताकि वो मेरी सर्विस से कभी कोई कमी महसूस ना करे। वो दोनों दिखने में काफ़ी हॉट थी, लेकिन मेरा थोड़ा सा भी ग़लत ख्याल उनके ऊपर नहीं आया, क्योंकि मेरा हाल उस समय ऐसा कुछ भी सोचने के लिए इज़ाज़त नहीं दे रहा था।

अब ऐसे ही कुछ 7-8 महीने हो चुके थे, फिर एक दिन में निर्मला के रूम में डिनर देने गया तो मैंने देखा कि काफ़ी देर तक डोर बेल बजाने के बाद उसने डोर खोला। अब उसको देखते ही लगा कि वो काफ़ी बीमार है, तो मैंने पूछ लिया कि मेडम जी लगता है आज आपकी तबीयत ठीक नहीं है। तो वो बोली कि हाँ कपिल मुझे काफ़ी बुखार है और बहुत ज़्यादा सिर दर्द हो रहा है। तो मैंने बोला कि कोई मेडिसिन ली कि नहीं और डॉक्टर को दिखा लिया ना, तो वो बोली कि नहीं एक पीसीएम था वो ले लिया। फिर मैंने बोला कि कोई बात नहीं मेडम अगर कुछ ज़्यादा प्रोब्लम हुए तो मुझको फोन कर देना में आ जाऊंगा, अब में ये बोलकर खाना देकर चला गया।

अब रात को 11 बजे जब में अपना काम निपटाकर रूम में खाना खाने बैठा, तो तभी निर्मला का फोन आया और बोली कि उसको हॉस्पिटल जाना है। तो में बिना ख़ाना खाए उसके रूम पर गया और उसका डोर बेल बजाया, तो उसने डोर ओपन किया और वो एकदम से मेरे ऊपर गिर गई। उसको काफ़ी ज़्यादा बुखार था, अब 2 मिनट तक तो मुझे कुछ भी समझ नहीं आया। फिर में उसके रूम को बंद करके उसको अपने साथ लेकर नज़दीक के एक हॉस्पिटल में गया और वहाँ जा कर इमरजेंसी वार्ड में एड्मिट कर दिया। भगवान की मेहरबानी थी की इसी हॉस्पिटल में रानी मेडम की ड्यूटी थी और उसकी ड्यूटी भी उसी इमरजेंसी वार्ड में ही थी। फिर उससे मिलने के बाद मैंने उसको पूरी बात बताई, तो वो तुरंत निर्मला की ट्रीटमेंट में लग गई, अब तक़रीबन एक घंटे के बाद निर्मला को काफ़ी आराम आ गया था।

फिर रानी मेडम मुझे बोली कि तुम आज रात को यही रुक जाओं और हम मान गये। फिर अगले दिन सुबह निर्मला की छुट्टी हो गई और रानी हमें उसकी कार में लेकर आई और में निर्मला को उसके कमरे में छोड़कर चला गया। फिर दोपहर में जब में लंच लेकर निर्मला के रूम पर गया तो अंदर से आवाज़ आई कौन? तो में बोला कि में कपिल मेडम में लंच लेकर आया हूँ। तो वो 5 मिनट इंतजार करने के लिए बोली और 5 मिनट के बाद उसने दरवाजा खोला। फिर जैसे ही मैंने लंच का टिफिन आगे किया, तो उसको देखकर मेरी आँखे खुली की खुली रह गई। अब वो जस्ट नाहकर निकली थी, वो सिर्फ़ एक टावल में थी। फिर अचानक से निर्मला बोली कि कपिल अंदर आओ मुझे तुम्हारे साथ बात करनी है। तो फिर में अंदर जा कर उसके बेड पर बैठ गया और पूछा कि मेडम क्या बात है? वो उस समय मेरे सामने ही कांच के सामने अपने बाल बना रही थी, क्योंकि वो एक ही कमरे में रहती थी।

फिर निर्मला बोली कि पता है कपिल कल मैंने तुम्हें फोन करने से पहले मेरे 6-7 फ्रेंड को फोन किया, लेकिन किसी ने मेरी मदद नहीं की, सिर्फ़ तुम मेरी मदद के लिए आए, कल अगर तुम नहीं आते तो पता नहीं क्या होता? इस मदद के लिए में तुम्हें कैसे शुक्रिया बोलू पता नहीं? लेकिन आज से तुम मेरे बेस्ट फ्रेंड हो। तो में बोला कि कोई बात नहीं मेडम ये तो एक इंसान की इंसानियत है बस, मुझे तो नहीं लगता की मैंने बहुत बड़ा काम किया है। फिर निर्मला बोली कि लेकिन मेरे लिए तो तुमने बहुत बड़ा काम किया है कपिल आई बोलकर निर्मला मेरे पास आई और मेरे बालों को पकड़कर मेरे सिर पर एक किस किया और थैंक्स-थैंक्स बोलने लगी। अब में चुपचाप बैठा था, क्योंकि मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? फिर धीरे-धीरे वो मेरी आँख, नाक, गाल पर किस करते हुए मेरे होंठो पर किस करने लगी। इससे पहले मुझे ऐसे किस का कोई एक्सपीरियन्स नहीं था, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब वो लगातार मेरे होंठो को चूस रही थी, अब मैंने भी उसके होंठो को चूसना स्टार्ट कर दिया था जैसे वो कर रही थी।

अब मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी कमर को ज़ोर से पकड़ लिया और मेरे पास खींच लिया और निर्मला तुरंत मुझसे लिपट गई। अब मुझसे लिपटते ही वो सीधी हो गई और उसके बूब्स मेरे मुँह के सामने आ गये। अब निर्मला अपने दोनों हाथों से मेरे बालों को सहला रही थी और में उसकी छाती के बीच में मेरे होंठ रगड़ रहा था। अब मेरी धड़कन तेज़ होती जा रही थी, तभी निर्मला अपना एक बूब्स मेरे होंठो पर रगड़ने लगी और में उसके बूब्स को टावल के ऊपर से ही चूसने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद निर्मला अचानक से मुझसे दूर हट गई और साईड में जाने लगी। तो उसी समय उसका टावल खुल गया और नीचे गिर गया, तो निर्मला ने तुरंत अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स को ढकने की कोशिश की और एक साईड में दीवार की तरफ अपना मुँह करके खड़ी हो गई। उस समय निर्मला सिर्फ़ एक पिंक कलर की पेंटी में थी और वो उस पेंटी में गजब लग रही थी। फिर मैंने सोचा कि हो सकता है की निर्मला को समझ में आ गया होगा कि हम ये सब ग़लत कर रहे है।

फिर ये सोचकर में खड़ा हो गया और बिना कुछ बोले दरवाजे की तरफ जाने लगा, तो जैसे ही में दरवाजे के पास पहुँचा, तो अचानक से निर्मला दौड़कर आई और पीछे से मुझसे लिपट गई और मेरी पीठ को किस करने लगी। फिर में पीछे मुड़ा और निर्मला को किस करने लगा और निर्मला को उठाकर बिस्तर पर ले जा कर लेटा दिया और हम दोनों पागलों की तरह किस करने लगा। फिर अचानक से निर्मला ने मुझे नीचे गिरा दिया और वो खुद मेरे ऊपर आ गई और मुझे किस करने लगी। अब मेरे दोनों हाथ निर्मला की पीठ पर थे, अब निर्मला मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी और फिर उसने मेरी शर्ट खोल दी। फिर वो मेरी छाती के निपल्स को चूमने, चूसने लगी, अब में बहुत ज़्यादा गर्म हो गया था, अब मेरा लंड बिल्कुल खड़ा हो चुका था।

अब निर्मला मेरे ऊपर बैठी थी और अब मेरा लंड उसकी चूत को टच हो रहा था। अब निर्मला बीच- बीच में उसकी चूत मेरे लंड के पास रगड़ रही थी। अब में अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबा रहा था और हम दोनों किस कर रहे थे। फिर निर्मला मेरे पैरो के पास बैठ गई और मेरी पेंट को खोलने लगी, तो अब में उसकी मदद करने लगा और उसने मेरी पेंट को मुझसे अलग कर दिया। फिर वो मेरी बगल में लेट गई और उसने मेरे ऊपर अपना एक पैर रख दिया। फिर में उसकी तरफ करवट लेकर उसको किस करने लगा और अपना एक हाथ उसकी पेंटी के अंदर डाल दिया और उसके कूल्हों को दबाने लगा। अब निर्मला ने तब तक मेरी चड्डी में अपना हाथ डालकर मेरे लंड को पकड़ लिया था और मेरे लंड को दबाने लगी थी। अब में बहुत गर्म हो गया था, अब मेरा लंड लोहे की तरह सख्त हो गया था। अब में भी मेरा हाथ निर्मला की चूत के पास लेकर गया तो मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल गीली हो चुका थी। फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, तो निर्मला मुझसे ज़ोर से लिपट गई और उसने मेरे लंड को ज़ोर से पकड़ लिया।

अब निर्मला की आँखे बंद थी, अब में निर्मला की चूत में अपनी उंगली आगे पीछे करने लगा था। तभी निर्मला ने मेरी चड्डी को नीचे कर दिया और में बिल्कुल नंगा हो गया। फिर में निर्मला के ऊपर आ गया और निर्मला की पेंटी को खोल दिया। अब उसकी चिकनी क्लीन शेव चूत को देखकर में पागल हो गया था, इससे पहले मैंने कभी किसी लड़की की चूत नहीं देखी थी। फिर में निर्मला के ऊपर लेट गया, तो निर्मला ने उसके दोनों पैर साईड में कर लिए और मुझे उसके दोनों पैरो के बीच में कर लिया। अब में अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स दबा रहा था और निर्मला मुझे किस कर रही थी। अब मेरा लंड निर्मला की चूत के पास टच हो रहा था। फिर निर्मला अपने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़कर उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगी और मेरे लंड को उसकी चूत के मुँह पर लगाकर अपनी कमर उछालने लगी। अब में समझ गया था कि निर्मला क्या चाह रही? फिर में थोड़ा सीधा हुआ, अब में मेरा लंड पकड़कर निर्मला की चूत में डालने लगा था, उसकी चूत बहुत टाईट थी। फिर मैंने थोड़ा ज़ोर लगाया तो मेरे लंड का आधा हिस्सा निर्मला की चूत में घुस गया था, तो निर्मला ने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया और आअहह की आवाज़ करने लगी, तो में उसको किस करने लगा।

अब निर्मला भी मेरे होंठ चूस रही थी, तभी मैंने अपनी कमर उठाकर एक ज़ोर का धक्का लगाया तो मेरा पूरा लंड निर्मला की चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया। अब मुझे बहुत दर्द हो रहा था और निर्मला भी चिल्ला उठी और कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे। फिर थोड़ी देर के बाद निर्मला उसकी कमर को हिलाने लगी, तो में भी धीरे-धीरे मेरे लंड को आगे पीछे करने लगा। अब मेरा लंड निर्मला की चूत में आराम से आ जा रहा था। अब निर्मला के मुँह से आहह आअहह ऊहह कपिल, आई लव यू कपिल, कपिल आई लव यू, आआहह ऊऊहह कपिल फर्स्ट प्लीज फर्स्ट की आवाज़ आ रही थी। अब मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था, में पहली बार किसी लड़की की चूत में मेरा लंड डाल रहा था। अब तक़रीबन 20 मिनट की चुदाई में निर्मला 3 बार झड़ गई थी। फिर में भी निर्मला की चूत में ही झड़ गया और हम दोनों कुछ देर तक ऐसे ही लेटे रहे। फिर में उठा और निर्मला को किस किया और निर्मला को लव यू बोला और उसको उठाया। फिर मैंने उसको जाने के लिए बोला, तो निर्मला मुझसे लिपट गई, फिर मैंने उसको कपड़े पहनने को बोला। तो फिर उसने अपने कपड़े पहने, फिर हम दोनों ने एक दूसरे को किस किया और फिर में अपने घर चला आया ।।

धन्यवाद …