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“कुवारा लंड”- मजेदार सेक्स स्टोरी

नमस्कार मेरी पिछली दो कहानीया पढकर एक पाठक ने मुझे अपनी कहानी भेजी, जो मैं यहां आपको प्रेषित कर रहा हूं,
हेल्लो गाइस, मेरा नाम फातिमा है और मैं कानपूर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 30 साल है और मैं एक शादीशुदा महिला हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है और मेरा बदन मोटा है थोडा सा | आप कलोग मुझे ये बोल सकते हैं कि मैं एक भरे बदन की महिला हूँ | मेरे मम्मों का साइज़ 34 है और मेरी कमर 36 है और मेरी गांड 38 की है | मैं एक चुदक्कड़ महिला हूँ और मुझे चुदक्कड़ बनने का मन तब हुआ जब मैं मेरी चूत को बहुत जोर से लंड की भूख लगी थी और मेरे शौहर घर पर नहीं थे तब मैंने एक रिक्शे वाले से अपनी चूत चुदवा ली थी |

वैसे आप लोगो की जानकारी के लिए मैं आप लोगो को बता दूं कि मेरे घर में, मेरी सास और मेरे दो बच्चे ही हैं | मेरे दोनों बच्चे मदरसा में पढ़ते हैं | मेरे शौहर और मेरे ससुर की मौत हो चुकी है सॉरी मैं नहीं बता सकती कि कैसे हुई | मेरी सास को थोडा कम दिखाई देता है और मैं ही घर का सारा काम करती हूँ |

मैं जिस जगह रहती हूँ वहां अधिकतर हिन्दू रहते हैं | मैं पहले बहुत सीधी सादी थी लेकिन जब से मेरा शौहर मुझे छोड़ कर गया और मेरी चूत लंड की भूखो हो गई तब से मैंने सोच लिया था कि अब मेरा शौहर तो मुझे चोदने आएगा नहीं और और मेरी चूत की प्यास बुझा पायगा नहीं तो इससे अच्छा है कि मैं किसी बाहर वाले से ही अपनी चूत चुदवा लूं | मेरी हर रात को चूत बीमार पड़ जाती थी क्यूंकि मुझे लंड नहीं मिलता था | तभी एक दिन मुझे एक लड़के के बारे में याद आया जो कि मेरे घर के ठीक पीछे रहता था और हमारा छत जुदा हुआ था |

जब मैं शादी हो कर आई थी तब वो स्कूल में था और अक्सर वो हमारे छत आ जाया करता था क्यूंकि मेरे शौहर उसको पढ़ाते थे तो हमारा घर जैसा ही चलता था | मैं छत पर बहुत कम ही जा पाती थी क्यूंकि मेरा काम ही नहीं पड़ता था | कपड़े भी ज्यादा नहीं थे और बस बालकनी में सुखा कर काम चल जाता था | पर एक दिन सुबह मेरी नींद जल्दी खुल गई तो मैंने सोचा कि चलो छत पर थोडा टहल लिया जाए |

जब मैं छत पर गई तो देखा कि वो लड़का जिसका नाम पंकज है वो अपने छत पर आ कर मुट्ठ मार रहा था | ये सब देख कर मैं खुद को नहीं रोक पाई क्यूंकि उसका लंड करीब 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लग रहा था | मैं चुपके चुपके धीरे धीरे दबे पैर उसके पास गई | तो उसने मुझे देख लिया पर डरा नहीं | उसकी ये हिम्मत मुझे पसंद आई तो मैंने उससे कहा कि मुट्ठ मारना छोड़ दे अब मैं तुझे अपनी चूत का मजा दे दिया करुँगी | उसने कहा अरे मेरी फातिमा तुझे याद कर के ही तो मुट्ठ मारता हूँ | ये सुन कर मैं खुश हो गई और उसे अगले दिन ही घर आने का निमंत्रण दिया | उसने भी कहा ठीक है और अगले दिन मेरे घर आया और आते ही उसने मेरे हाँथ को पकड़ा तो मेरे बदन में सिहरन सी दौड़ गई | मेरा कोई विरोध न पा कर उसकी हिम्मत और बढ़ गई तो उसने मुझे खींच कर अपने गले से लगा लिया | मैंने भी उसका पूरा साथ दिया |

अब वो मेरे गले और गरदन को चूमने लगा और मैं मजे ले के अपने हाँथ को पीछे कर के उसके लंड को सहलाने लगी | फिर उसने मुझे अपनी तरफ किया और मेरे होंठ में अपने होंठ रख दिया और मेरे होंठ के रस को पीने लगा | मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को पीने लगी | वो मेरे होंठ को पीते हुए मेरे चूतड को भी मसल रहा था और मैं उसके होंठ को पीते हुए उसके बदन को सहलाने लगी | फिर उसने मेरे सलवार को उतार दिया और ब्रा के ऊपर से ही मम्मों को मसलने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की सिसकियाँ निकलने लगी |

फिर उसने अपने हाँथ मेरे पीछे कर के ब्रा के हुक को खोल कर उतार कर मुझे ऊपर से नंगी कर दिया और फिर मेरे एक मम्मे को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और दूसरे को मसलने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मजे लेने लगी | फिर उसने मेरे दूसरे मम्मे को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और पहले को मसलने और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए उसके चेहरे को सहलाने लगी | वो मेरे दोनों मम्मों को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह कर ते हुए सिसकियाँ भर रही थी | उसके बाद मैंने उसके शर्ट के बटन को खोल कर उतार दी और फिर उसके सीने के बालो को सहला कर चूमते हुए नीचे आ गई और फिर अपने घुटनों के बल बैठ कर उसके पेंट को भी खोल कर नीचे कर दी |

अब वो मेरे सामने बस अंडरवियर में था | फिर मैंने उसके अंडरवियर को भी उतार कर उसे नंगा कर के मूस्न्द लंड को बाहर निकाल कर उसके लंड पर जीभ फेरते हुए सहलाने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां लेने लगा | मैं उसके लंड पर अपनी जीभ से बड़े ही प्यार चाट रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपने सीने में हाँथ फेर रहा था |

फिर मैंने उसके लंड को अपने मुंह में भर कर चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे मम्मों को मसलने लगा | मैं उसके लंड ऊपर नीचे करते हुए चूस रही थी और उसके टट्टे को भी सहला रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे मुंह की चुदाई करने लगा | उसके बाद मैंने उसके टट्टे को भी मुंह में ले कर चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपने लंड जोर जोर से हिलाने लगा |

फिर उसने मेरे पायजामा को उतार दिया और फिर मेरी पेंटी को उतार कर मुझे भी पूरी नंगी कर दिया | अब उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरे दोनों पैरो को फैला कर मेरी चूत को चाटने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए कस्मसने लगी | वो मेरी चूत को चाटते हुए मेरी चूत के दाने को भी होंठ में दबा कर चूसने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए उसके मुंह को अपनी चूत में दबाने लगी | मेरी चूत चाटने के बाद उसने मेरी चूत में दो ऊँगली डाल कर चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपने मम्मों को मसलने लगी |

उसके बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत के दरवाजे पर रखा और मेरी चूत में एक ही शॉट में अन्दर घुसेड कर चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए चुदाई के नशे में चूर चूर होने लगी | फिर कुछ देर बाद उसने चुदाई तेज कर दिया जरो जोर से मेरी चूत को चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थी |

उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी चूत को पीछे से कमर पकड़ कर चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे कर के मजे ले रही थी | करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने अपने वीर्य को मेरी चूत में झड़ा दिया | मैं अब माँ नहीं बन सकती इसलिए मुझे अपनी चूत में ही वीर्य निकलवाना पसंद है
तो दोस्तो ये थी मेरी कहानी पिछली दो कहानीयो के जैसे यह कहानी आपको कैसी लगी? ये मुझे बताइयेगा जरुर…

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