चौकीदार के साथ मैंने भी मम्मी को चोद दिया

दोस्तों मेरा नाम विनोद है और मेरी उम्र 18 साल है. आज मैं आपको वह बताने जा रहा हूँ जो मेरे घर पर हो रहा है मेरे पापा की उम्र 45 साल  है और वह एक प्राइवेट बैंक मे जॉब करते हैं और मम्मी की उम्र 38 साल है और वह हाउसवाइफ है. पापा रोज़ रात को ही घर आ पाते हैं. मेरी मम्मी बहुत ही सेक्सी है. उसका फिगर 36 34 38 है. कई बार मैंने छुप कर पापा और मम्मी की चुदाई देखी है लेकिन मैंने महसूस किया कि पापा मम्मी को संतुष्ट नहीं कर पाते थे पापा सेक्स करने के बाद उठ जाते थे लेकिन मम्मी अपनी चुत मे ऊँगली डाल कर आगे पीछे करती थी फिर उसका पानी निकलता था, फिर वह शांत हो जाती थी.

ऐसा मैंने कई बार देखा था लेकिन मुझे पता नहीं क्यों ऐसा लगता था कि मम्मी किसी और से भी चुदवा रही है. मैंने उस पर अपनी निगाहें जमा दी जल्दी ही उसकी असलियत सामने आ गयी. एक दिन मैंने सुना वह फ़ोन पर किसी से धीरे धीरे बात कर रही थी और कह रही थी कि कल 11 बजे से पहले मत आना विनोद 10 बजे के बाद ही कॉलेज जाता है. मैं समझ गया कि इसने कल किसी को बुलाया है मैंने प्लान सेट कर लिया कि मैं कैसे इसकी चुदाई देख सकता हूँ. अगले दिन मैंने देखा की मम्मी किचन मे है मैंने आवाज़ देकर कहा की मैं कॉलेज जा रहा हूँ लेकिन मैं छत्त पर चला गया और मम्मी के पार्टनर का इंतज़ार करने लगा थोड़ी देर बाद देखता हूँ कि कोई दरवाजा खटखटा रहा है. मम्मी ने जाकर दरवाजा खोला तो मैं यह देखकर दंग रह गया कि सामने हमारी कॉलोनी का चौकीदार सूरजपाल था.

दोनों एक दूसरे को देख कर मुकुराये ,सूरजपाल की उम्र करीब 50 साल है और वह हट्टे कट्टे शरीर का मालिक है लेकिन वह बहुत ही काला है विल्कुल जानवर लगता है. मम्मी ने उसके अंदर आते ही दरवाजा बंद कर दिया और दोनों कमरे के अंदर चले गए. मैं समझ गया कि जल्दी ही एक जबरदस्त चुदाई देखने को मिलेगी. मैंने फ़ौरन एक प्लान बनाया की मम्मी को रंगे हाथ पकड़ लूँ तो चुदाई का शो हमेशा के लिए फ्री हो जायेगा. 5 मिनट के बाद मैं नीचे आया और मम्मी के दरवाजे के की होल से अंदर देखा तो सूरजपाल और मम्मी दोनों नंगे थे.

सूरजपाल का विकराल काला लण्ड सांप की तरह फनफना रहा थाऔर मम्मी तो कयामत ढ़ा रही थी बड़े बड़े मम्मे और चिकनी चुत साफ़ दिखाई दे रही थी. सूरजपाल मम्मी की चूचियों को अपने हाथों से दबा रहा था और मम्मी सिसकारी भर रही थी फिर सूरजपाल मम्मी की चुचियों को चूसने लगा और मम्मी अपनी चूचियों को और जोर से उसके मुंह मे धकेलने लगी. दोनों उत्तेजित अवस्था मे आ गए थे. थोड़ी देर बाद सूरजपाल मम्मी की चुत चाटने लगा मम्मी इधर उधर अपनी टाँगे फेकनी शुरू कर दी. मम्मी से उत्तेजना बर्दाश्त नहीं हो पा रही थी मैं समझ गया यह सही समय है और मैंने मम्मी के कमरे का दरवाजा खटखटा दिया.

मम्मी ने डरते डरते पूछा कौन है तो मैंने कहा मैं हूँ विनोद तो मम्मी बोली कि तुम तो कॉलेज गए थे तो मैंने कहा नहीं क्योंकि उसी समय दोस्त का फ़ोन आ गया था कि कॉलेज की छुट्टी हो गयी है तो मैं छत पर टहल रहा था तो मम्मी बोली की इस समय मैं कपडे बदल रही हूँ. मैंने देखा कि मम्मी ने जल्दी से गाउन पहन लिया और सूरजपाल को बेड के नीचे जाने को बोला और वह बेड के नीचे चला गया. फिर मम्मी ने अपनी पैंटी,ब्रा और सूरजपाल की पेंट, शर्ट बेड के नीचे फेंक दी.

फिर मम्मी ने दरवाजा खोला वह बहुत डरी हुई थी. मैंने कहा क्या बात है डरी हुई क्यों हो तो वह हक्क्लाने लगी बोली कोई बात नहीं है तो मैंने कहा मम्मी मैंने सब देख लिया है और मैंने नीचे छुक्क कर सूरजपाल से कहा बाहर आ जाओ सूरजपाल तो वह भी डरते डरते बाहर आ गया. वह पूरा नंगा था उसका लण्ड मुरझा गया था. दोनों ने अपने चेहरे नीचे कर लिए तो मैं बोला कि मुझे तुम्हारे इस सम्बन्ध से कोई परेशानी नहीं है लेकिन जो भी करो वह मेरे सामने करो दोनों कुछ नहीं बोले तो मैंने फिर कहा कि मेरी बात का विश्वास करो यह बात हम तीनों मे ही रहेगी तो सूरजपाल बोला लेकिन हम तुम्हारे सामने यह कैसे कर सकते हैं तो मैंने कहा तुम्हे क्या है तो वह बोला बात मेरी नहीं तुम्हारी मम्मी की है.

मैंने आगे बढ़कर मम्मी का गाउन उतार दिया मम्मी ने कोई विरोध नहीं किया. फिर मैंने सूरजपाल से कहा अब दिखा अपनी मर्दानगी. फिर सूरजपाल उठ कर मम्मी के होठों को चूसने लगा. मम्मी अब कोई सहयोग नहीं कर रही थी तो मैंने सूरजपाल का हाथ पकड़कर मम्मी की चूचियों पर रख दिया सूरजपाल ने अब मम्मी की चूचियों को दबाना शुरू कर दिया और मैंने मम्मी की चुत मे अपनी एक ऊँगली डाल दी मम्मी ने मेरा हाथ हटाने की कोशिश की लेकिन मैंने अपना हाथ नहीं हटाया और मम्मी की चुत मे अपनी ऊँगली आगे पीछे करने लगा थोड़ी देर मे ही मम्मी गरम हो गयी और उसके मुंह से सिसकारी निकलने लगी. इधर सूरजपाल ने मम्मी की चुत से मेरा हाथ हटा कर अपना मुंह मम्मी की चुत पर लगा दिया.

अब वह मम्मी की चुत को मलाई की तरह चाटने लगा मम्मी की शरम ख़त्म हो चुकी थी और वह अपनी चुत को बार बार उठा रही थी और कहने लगी सूरज चोद दे मुझे चुत की आग को मिटा दे और फिर सूरजपाल ने अपना लण्ड मम्मी की चुत पर टिका कर एक झटका दिया.. पहली बार मे ही आधे से ज्यादा लण्ड मम्मी की योनि मे समा गया था. मम्मी कराहने लगी लेकिन सूरजपाल पर कोई असर नहीं था और वह धीरे धीरे आगे पीछे करके उसने पूरा लण्ड मम्मी की चुत मे उतार दिया था. अब मम्मी का दर्द भी कम हो गया था और अब दोनों जबरदस्त चुदाई कर रहे थे.

मम्मी अपनी गाँड़ उठा उठा के चुदवा रही थी और सूरजपाल जबरदस्त तारीखे से अपना लण्ड मम्मी की चुत मे ठोंक रहा था. मैं इतनी जबरदस्त चुदाई देखकर अपने आप को रोक नहीं पाया और मम्मी की चूचियाँ दबाने लगा मम्मी ने कोई विरोध नहीं किया. फिर मैं मम्मी की चूचियों को चूसने लगा फिर मम्मी जोर से तड़पने लगी और अपने शरीर को ढीला छोड़ दिया वह स्खलित हो गयी थी लेकिन सूरजपाल ने 10 मिनट बाद उसकी चुत अपने वीर्य से भर दी. अब मम्मी की चुत से सूरजपाल और मम्मी का मिक्स जूस निकल रहा था तो मैंने मम्मी की चुत मे अपना मुंह लगा दिया और मम्मी की चुत का सारा जूस चाट लिया और मम्मी की चुत चाट के पहले जैसी कर दी अब मम्मी की शरम ख़त्म हो चुकी थी. मुझसे बोली कि तुम चुत अच्छी चाटते हो तो मैंने कहा हाँ वह तो है अब हम जब भी मन करता है एन्जॉय करते हैं. आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी प्लीज कमेंट कीजिये अगली कहानी मे बताऊंगा कि मैंने और सूरजपाल ने कैसे मिलकर उसकी चुदाई की.