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चुदवाते चुदवाते मै चुदाई की मशीन बन गयी -5

गतांग से आगे ..

मैंने फिर लपकते हुए माइकल का काला भुसण्ड अपने मुँह में भर लिया। जिम्मी भी मेरे चेहरे के एक तरफ खड़ा अपना लंड सहलाने लगा क्योंकि अब मैं पूरी शिद्दत से सिर्फ माइकल का लौड़ा चूसने में लगी थी। मैं अपनी पूरी काबिलियत से उसके लंड की टोपी अपने गले तक ठाँस कर लंड चूस रही थी और मेरी राल दरिया कि तरह उसके लंड की रॉड पर और मेरे होंथों से मेरे मम्मों पर झरने की तरह बह रही थी। वो दोनों भी मुझसे रंडी जैसा ही सुलूक कर रहे थे और गालियाँ बकने लगे थे। इस समय उत्तेजना में मैं इतनी बेपरवाह और पागल हो गयी थी कि मुझमें और कोठे की राँड में कोइ फर्क नहीं था।

टेक माय कॉक डाऊन… यू बिच! टेक ऑल माय कॉक! माइकल मेरा सिर पकड़ कर अपने कुल्हे चलाने लगा। लेकिन मैं उसका वो अज़ीम लौड़ा और अंदर नहीं ले सकती थी। पहले ही उसके लंड की फूली हुई टोपी मेरे गले में ठसाठस भरी थी।

पुश ऑल योर कॉक इन हर थ्रोट! जिम्मी ने उसे उकसाया। जिम्मी खुद भी अपना लंड मुठिया रहा था।

माइकल भी ताव में आ गया और मेरे बालों में अपनी अंगुलियाँ फंसाते हुए मेरे सिर को पीछे से अपने दोनों हाथों में और भी जोर से जकड़ कर अपने लंड को इस कदर झटके से अंदर ठेला कि उसके लंड का सुपाड़ा मेरा गला चीरते हुए मेरे हलक के नीचे उतर गया। मेरी तो साँस ही रुक गयी और मैं छटपटाने लगी लेकिन माइकल पर तो जैसे भूत ही सवार था। बेरहमी से जोर-जोर के धक्के मारता हुआ वो पूरा लंड मेरे मुँह ओर हलक में उतारने पर अमादा था। साँस ना ले पाने की वजह से मेरा चेहरा लाल हो गया तो उसने अपना लौड़ा बाहर खींचा। खाँसते हुए गाढ़े थूक का थक्का सा मेरे गले से बाहर उगल पढ़ा।

मैंने साँस ली ही थी कि एक बार फिर मुझे उसकी मुठ्ठियाँ अपनी गर्दन के पीछे बालों पर कसती महसूस हुईं और उसने गालियाँ देते हुए अपना लंड फिर एक ही झटके में मेरे हलक में ठाँस दिया। दो तीन धक्कों में ही उसने पुरा लंड अंदर घुसा दिया। मेरे होंठ अब उसके लंड की जड़ में चिपके थे और मेरी नाक उसकी झाँटों में धँसी हुई थी।

फैल कर बाहर को निकली मेरी आँखों से आँसू बहने लगे थे लेकिन मैंने उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की। इस दुर्दशा के बावजूद अपने पतन और नीचता का एहसास मेरी चुदास भड़का रहा था। मेरे जिस्म का पोर-पोर अल्लाह-ताला का शुक्रगुज़ार था कि मुझे एक नहीं बल्कि एक साथ दो-दो मुस्टंडे हब्शी लौड़े नसीब हुए। मैं तो ऐसे मोटे लंबे लौड़े को पूरा अपने मुँह में ले कर चूस पाने की काबिलियात पर ही मन ही मन इतरा रही थी। उसका लौड़ा अपने हलक में चूसते हुए साँसे रुकने से अगर मेरी जान भी निकल जाती तो मुझे गम ना होता।

मेरे गले से गोंगियाने की दबी-दबी आवाज़ें निकल रही थीं। माइकल के बैल जैसे टट्टे मेरी थुड्डी पर चपटें मार रहे थे। दोनों काले हब्शियों के मुँह से लगातार मस्ती भरी आँहें और गालियाँ फूट रही थीं… स्लट… फकिंग कॉक सकर! यू हॉर्नी इंडियन बिच! सो फकिंग गुड! उनकी गालियाँ सुनकर मेरा जोश भी बढ़ता जा रहा था और अब मैं उस लंड की क्रीम चखने के लिये बेकरार होने लगी थी। मुझे ज़्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ा और कुछ ही देर में माइकल का जिस्म अकड़ता हुआ महसूस हुआ और उसने मेरे बाल खींचते हुए अपने चुतड़ पुरी ताकत से आगे ठेल दिये। उसका लौड़ा पत्थर की तरह सख्त हो कर मेरे हलक में धँस कर धड़कने लगा।

फिर उसके लंड में से उसका वीर्य तूफानी दरिया की तरह उमड़-उमड़ कर मेरे हलक में बहने लगा। मैं भी पूरे जोश से उसक वीर्य पीने लगी। उसका वीर्य भी उसके लौड़े के नाप की तरह बेशुमार था। मैंने पहले कभी इतना सारा वीर्य नहीं पीया था।

गाढ़ा वीर्य लगातार उसके लंड में से फूट रहा था और मैं उसका मुकाबला नहीं कर पा रही थी। उसका गाढ़ा वीर्य मेरे मुँह में इस कदर भर गया कि मेरे गाल फूल गये और मेरे होंठों से वीर्य बुदबुदाता हुआ बहर निकलने लगा। मैंने अपने एक हाथ को अपने मुँह के नीचे ले जा कर वो वीर्य अपने चुल्लु में भर लिया।

इस दौरान मैं जिम्मी को तो भूल ही गयी थी लेकिन उसकी मस्ती भरी कराहें मेरे कानों में पड़ी तो मैंने देखा कि उसका लंड स्टील के रॉड की तरह सख्त था और उसका फुला हुआ काला सुपाड़ा बहुत ही भयानक लग रहा था।

उसकी हालत से मुझे ज़ाहिर हो गया कि उसका वीर्य भी छूटने को था। मुझे थोड़ी मायूसी हुई क्योंकि उस विशाल लौड़े को अपने मुँह में चूस कर उसका रसपान करने का मौका मेरे हाथ से निकल गया था। अचानक बिना सोचे ही मैं चींख पड़ी, नोऽऽऽ! डोंट कम… डोंट वेस्ट… ऑय वाँट टू ड्रिंक योर क्रीम!

पता नहीं उसने पहले से ही सोच रखा था या मेरी गुहार सुनकर उसने ऐसा किया लेकिन अगले ही पल उसने मेरी कॉकटेल का आधा भरा लंबा ग्लास उठा कर अपने लंड के आगे कर दिया और उसमें अपने वीर्य की पिचकारी छोड़ दी।

मैं हैरत में थी कि ये दोनों इंसान थे या जानवर। इतना वीर्य किसी इंसान के टट्टों में कैसे हो सकता है। वो ग्लास कॉकटेल से सिर्फ आधा भरा था और अब उसके ऊपर बाकी ग्लास जिम्मी के दही जैसे गाढ़े वीर्य से लबालब भर गया था और उसके लंड में से अभी भी वीर्य फूट रहा था।

दिस बिच इज़ अमेज़िंग मैन! शी इज़ सो क्रेज़ी फॉर कम! मुझे मेरे चुल्लू में भरे वीर्य को जीभ से चाटते देख कर माइकल हंसते हुए बोला।

टेक दिस ग्लास… यू फिलथी स्लट एंड ड्रिंक दिस कॉकटेल! जिम्मी ने वो ग्लास मेरे आगे किया! मैंने झपट कर वो ग्लास अपने होंठों से लगा लिया और उसका माखनिया वीर्य पीने लगी। थोड़ा सा पीने के बाद मैंने दो उंगलियों से वो गाढ़ा वीर्य कॉकटेल के साथ मिलाया और फिर गटागट पी गयी। ऐसा स्वाद और ऐसी लज़्ज़त कि मैं बयान नहीं कर सकती।

लुक ऐट दैट! हर कंट इज़ लीकिंग लाइक ए टैप! जिम्मी बोला तो मैंने नीचे देखा। मेरी चूत से रस टपक-टपक कर मेरे सैंडलों के बीच में ज़मीन पर इकट्ठा हो गया था।

येस ऑय एम ए होर… फक मी प्लीज़… राइट नॉव…! मैंने उन दोनों के लौड़े हाथ में ले कर हिलाये जो अभी भी काफी सख्त थे। मेरा सिर नशे और उत्तेजना में घूम रहा था और मैं उनसे चुदने के लिये बेकरार थी। चुदास से मैं पागल हुई जा रही थी।

श्योर बेब! लैट अस गो टू मॉय रूम ! आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | ऑय एम टू ड्रंक टू वॉक! फक मी हि‍अर! नॉव… प्लीज़! मैं गिड़गिड़ाने लगी और वहीं पसर गयी। सच में मैं नशे में धुत्त थी और दो कदम चल पाने के भी काबिल नहीं थी।

ऑय कैन पिक यू अप! जिम्मी ने बड़ी आसानी से मुझे रबड़ की गुड़िया की तरह अपनी गोद में उठा लिया और वो दोनों मुझे लेकर अपने कमरे की ओर चल पड़े। हम तीनों ही मादरजात नंगे थे। मैंने अपनी बाँहें उसकी गर्दन में लपेटी हुई थीं। मुझे कुछ भी होश नहीं था और मैं उसकी गोद में भी बड़बड़ाती जा रही थी, फक मी… चोदो मुझे… जस्ट फक मी नॉव! मुझे अब अपनी ज़ुबान पर बस नहीं था और मैं इंगलिश और हिंदी दोनों ज़ुबानों में बोल रही थी।

दोनों मेरी तड़प देख कर हँस रहे थे। जस्ट वेट बिच! वी विल फक यू लाइक द स्लट यू आर!

वी विल फक यू ऑल नाइट… अन्टिल यू कैंट वॉक! उनके फिकरे सुनकर मेरी आग और भड़क रही थी और मैं जिम्मी कि गोद में छटपटाने लगी।

उनका कमरा ग्यारहवीं मंज़िल पर था। जब हम लिफ्ट में पहुँचे तो जिम्मी ने मुझे गोद से उतारा और माइकल ने मुझे अपनी बाँहों में थाम लिया। ऊँची ऐड़ी के सैंडलों के बावजूद मैं उसकी छाती तक ही पहुँच पा रही थी।

उसने मेरी कमर लिफ्ट की दीवार से चिपका दी और मेरे चूतड़ों को पकड़ कर दीवार के सहारे खूँटे की तरह मुझे उठा दिया और मुझे चूमने और सहलाने लगा। मैंने भी मस्ती में अपनी टाँगें उसकी कमर पर कैंची की तरह कस दीं और उससे चिपक गयी। जब लिफ्ट का दरवाज़ा खुला तो माइकल मुझे वैसे ही उठाये हुए अपने कमरे तक ले गया।

कहानी जारी रहेगी अगले भाग में … अब मै चुदवाने जा रही हूँ आप लोग मेरी कहानी पढ़ कर मजे करें |

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