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कॉलेज की मैडम की ग्रुप में गांड चुदाई

हेल्लो दोस्तों आज मैं सेक्स कहानी ही नहीं बल्कि इस कहानी के माध्यम से मनोरंजन के साथ साथ आप सबको जिंदगी की हकीकत से रूबरू करवाऊंगा. जब मैं खुश था तब मैं खुश था पर जब जब मैं दुखी था तब मैं दुगना खुश था क्यूंकि इससे पता चल गया कौन अपने साथ है | मुझे तो पता चल गया अब आप लोग अपना देख लो कि कौन आपके साथ है | मैं तो हमेशा रहूँगा क्यूंकि मैं आपका सच्चा दोस्त हूँ और आपका मनोरंजन करने हमेशा आता रहूँगा | तो दोस्तों मुझे ये कहते हुए बड़ा अच्छा लग रहा है कि मुझे कुछ ख़ास दोस्त मिले जिंदगी में जिन्होंने मुझे सहारा तो नहीं दिया पर सहारे से कम भी नहीं थे | इसलिए मैं ऐसे लोगों का हमेशा से शुक्र गुज़ार रहा हूँ और मुझे इनकी वजह से जिंदगी में कई नए आयाम मिले हैं | इसलिए मुझे कुछ भी नहीं बस इतना चाहिए था कि ये लोग अपनी जिंदगी में ठीक रहे और दिन दोगुनी और रात रात चौगुनी तरक्की करते जाएँ | इसलिए मैंने सोचा आज आपके सामने अपने और अपने एक दोस्त की कहानी लिख दूँ जिसमे एक दम सच है और मैंने गीता पर तो नहीं हाँ पर रेखा के दूध पर हाथ रखके कसम खायी है | इसलिए मैं झूट नहीं बोलूँगा | तो चलो अब मैं सही बता देता हूँ और आप सब के सामने सच का खुलासा कर देता हूँ |

अब सबसे अच्छी बात यह हुई कि मुझे कुछ भी पता नहीं था और ये अपने आप हो गया | इस बात का पता मेरे दोस्त को भी नहीं था और मुझे आज मौका मिल गया कि मैं आप लोगों से इस बात को शेयर कर लूँ | तो दोस्तों मेरा भानगढ़ का एक दोस्त है जो कि बड़ा ही ड्रामेबाज़ है | उसके सामने कुछ भी हो उसे कुछ समझ नहीं आता बस उसे एक चीज़ की दिक्कत है कि उसे हमेशा चूत की तलाश रहती है | जी हाँ मुझे ये कहते हुए बिलकुल शर्म नहीं आती | वैसे मुझे भी चूत में दिलचस्पी है पर इतनी नहीं इसलिए मैं हर बार धोखा खा जाता था | तो बात शुरू होती है कॉलेज के एडमिशन से | मुझे नहीं पता था कि वो भी वहां एडमिशन के लिए आएगा पर जैसे ही मैंने उसको देखा मैं दंग रह गया क्यूंकि मुझे तो पहले से ही पता था ये कैसा है | मैं उसके पास गया और उससे कहा भाई कैसा है यहीं एडमिशन ले रहा है क्या ? उसने कहा हाँ भाई मैं यहीं एडमिशन ले रहा हूँ और हो सकता है तेरे साथ क्लास में रहूँ |

मैंने सोचा चलो भाई सारे नए चेहरे होंगे पर एक तो अपना होगा | इसलिए मैंने उससे कहा भाई कल से मैं तेरे घर आ जाऊंगा और अपन साथ में कॉलेज चलेंगे | उसने कहा भाई ये तो बहुत अच्छी बात है तू आ जाना फिर | मैंने कहा ठीक है तू कल सुबह तैयार रहना | उसने कहा ठीक है और हम लोग चले गए | उसके बाद जैसे ही मैं उसको लेके कॉलेज के लिए निकला रास्ते में पुलिस खड़ी थी और वो चेकिंग कर रही थी | गाड़ी के पेपर चेक हो रहे थे और मेरे पास सब था बस लाइसेंस नहीं था | मैंने कहा भाई रोक लेना अपन थोडा बहुत ले देके मामले को सुलझा लेंगे | उसने कहा ठीक है बस तू बैठे रहना | उसने पुलिस वाले के पास जाके गाड़ी की रफ़्तार को धीमा किया और उसके बाद जैसे ही एक ठुल्ला पास आया उसने गाड़ी तेज़ कर दी और भागने लगा | अब सामने कोई रास्ता नहीं और वापस जाते तो पुलिस | उसने फिर भी गाड़ी को पलटाया और वहीँ से डाल दिया | पुलिस वाले ने एक डंडा घुमाया जो मेरी गांड में पड़ा |

अब हम एक ऐसी गली में घुस गए जहाँ सब रास्ते बंद थे | बस एक बंगला खुला था और एक आंटी दूध ले रही थी | हमने पुछा आंटी अन्दर गाड़ी रख सकते हैं थोड़ी देर के लिए | तो उसने कहा ठीक है रख दो पर अन्दर से एक रास्ता भी है जहाँ से आप निकल सकते हो | वो दूध वाला मेरी पहचान का था इसलिए अन्दर घुसने में कोई दिक्कत नहीं हुयी | अब थोड़ी देर वहां रुके और उन आंटी ने बताया वो पीछे वाला गेट खोल के निकल जाओ पर बीच में एक नाला है | मेरे दोस्त ने कहा कोई नहीं हम निकल जाएंगे | मैंने कहा पागल है क्या बे ? उसने कहा भाई एक डंडा खा ही लिया है अब पहला दिन है कॉलेज का निकल लेते हैं | मैंने देखा कि नाले पर मिटटी पड़ी है और उसके ऊपर से गाड़ी निकल गयी | अब हमने गाड़ी निकाली और बड़ा घुमते हुए कॉलेज पहुंचे | अब क्लास चल रही थी और हम लोग जब गए तो सब हमारा चेहरा ऐसे देख रहे थे जैसे हमने कोई खून कर दिया हो | पर उसके बाद मैडम ने हमे अन्दर बुला लिया |

उसके बाद मैडम ने हमे बैठने के लिए नहीं कहा उल्टा हमारी इज्ज़त उतारना शुरू कर दिया | बोलने लगी देखिये ये हैं हमारे कॉलेज का भविष्य ये पहले दिन ही लेट आये हैं | ये लोग बड़े होशियार हैं इन्हें टीचर की ज़रुरत नहीं है | फिर हमसे नाम पुछा और कहा बस अब आपकी क्लास में दो गंदे लड़के हैं इनसे संभल के रहना | मैंने कहा मैडम हमे इतना सुना दिया आपने पुछा कि क्या हुआ था हमारे साथ ? मेरे दोस्त ने कहा भाई रुक जा कुछ मत बोल | मैंने कहा अबे रुक समझती क्या है ये खुद को ऐसे बोल रही है जैसे खुद कभी लेट नहीं हुयी | या आगे कभी लेट नहीं होगी | मैं देखता हूँ मैडम अब अगर आप एक दिन भी लेट आये तो पूरे कॉलेज के सामने आपकी इज्ज़त के परखच्चे उदा के रख दूंगा आप जानते नहीं हो मैं हूँ कौन ? वो बिना कुछ बोले चली गयी और मेरे दोस्त ने मुझे कहा भाई क्यूँ किया तूने ऐसा | मैंने कहा भाई दिक्कत में मत रह कुछ नहीं होगा बहुत बड़ी टॉप समझ रही थी खुद को उसकी औकात दिखा दी उसे |

उसने कहा चल ठीक है अब मैं सब संभाल लूँगा और वो तुझे आगे कुछ बोल भी नहीं पाएगा | मेरी फिर से गांड फटी और मैंने उससे कहा भाई तू आगे क्या करने वाला है ? उसने कहा बस तू देखते जा | फिर हम बैठ गए और क्लास के बच्चे हमको देखते रह गए | मेरे दोस्त ने कहा क्यों यहाँ तमाशा चल रहा है ? उसके बाद सब अपने अपने काम में लग गए | मैंने उससे फिर पुछा भाई बता ना आखिर करने क्या वाला है और उसने जवाब दिया बस देखता जा | उसके बाद हम रोज़ कॉलेज आने लगे बस वो मेरे साथ जाता नहीं था | मैंने उससे वजह पूची और उसने फिर से मना कर दिया | फिर एक हफ्ते बाद उसने कहा तू कहाँ है मैंने कहा घर जा रहा हूँ | तब उसने कहा घर जाते समय बीच में टैगोर पार्क पड़ता है वहां पर आ जाना | मैंने कहा ठीक है और निकल गया वहां से | जब मैं पार्क में घुसा तब देखकर मेरे होश उड़ गए क्यूंकि उसने उस मैडम को पटा लिया था | मैंने कहा मुझे लगा ही था साला ऐसा कोई काण्ड करेगा | उसने मुझे मेसेज किया और कहा बोला था ना आज के बाद ये तुझे कुछ भी नहीं बोलेगी | मैंने कहा वाह रे भाई तूने अच्छा काम किया |

उसके बाद एक दिन उसने कहा चुदाई करेगा तो मैंने कहा हाँ कर लूँगा और उसने कहा ठीक है मैंने रंडी को बुलाया है और तू उसको चोदना और तेरे बाजू में मैं उस मैडम को चोदुंगा | मैंने कहा ठीक है और अब मैं चला गया उसके फ्लैट पर | वहां पर मैडम नंगी लेटी थी और एक रंडी भी थी उसने बोला बता किसको चोदेगा | मैंने कहा मदम को उसने कहा ठीक है और मैडम की गांड फट गयी | मैं नंगा हुआ और अपना लंड खड़ा करने के लिए मैडम के मुँह में डाल दिया और कहा चूस साली रंडी चूस | उसने मेरा लंड चूसा और उसके बाद मेरा लंड खड़ा हो गया | फिर मैंने अपने लंड को जोर से चूसने को कहा और थोड़ी देर बाद मेरा माल उसके मुँह में चला गया | मैंने कहा बाहर आया तो सोच लेना तो उसने सारा माल पी लिया | उसके बाद मैंने अपने दोस्त से पुछा तूने इसकी चूत मारी है ना | उसने कहा हाँ |

मैंने कहा रुक मैं इसकी गांड मारता हूँ | मैंने बिना थूक लगाये अपना लंड उसकी चूत के अन्दर कर दिया और उसके बाद वो जल बिन मछली जैसे तड़पने लगी और कहने लगी निकालो ना इसे | मैंने कहा बड़ी अकड थी ना तुझमे रुक निकालता हूँ | मैंने उसकी गांड को जम के चोदा और बीच बीच में उसकी चूत के दाने को भी रगड़ रहा था | वो चुदती जा रही थी और आधे घंटे बाद मेरा माल उसकी गांड के अन्दर ही गिर गया | उसके बाद उस मैडम ने हमसे कई बार चुदवाया |

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