ग्रुप चुदाई की मस्त कहानी

प्रेषक : विशु कपूर

सबसे पहले आदरणीय गुरुजी को सादर प्रणाम स्वीकार हो जिनकी असीम अनुकम्पा से www.mastaram.net के जरिये कामुक कहानियाँ पढ़ने और लिखने को मिल जाती हैं | उसके बाद सभी प्यारे दोस्तों को मेरा सप्रेम अभिवादन क्योंकि आप सभी के द्वारा ही मेरी कहानी को रेटिंग मिलती है | दोस्तों आप लोगों ने मेरी कहनियों को सराहा उसके लिए आप सभी का आभारी हूँ | और कुछ पाठिकाओं ने मुझसे जो डिमाण्ड की है उसे पूरा करने की कोशिश करूँगा | दोस्तों मुझे नही लगता कि अब मुझे अपना परिचय देने की आवश्यकता है? क्योंकि मैं आप सबका जाना पहचाना ही हूँ |

खैर दोस्तों, मैं आप सबको बोर न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ | बात अभी कुछ दिन पहले की है मैं सुबह के समय बहुत ही गहरी नींद में सोया हुआ था उसका कारण था कि एक दिन पहले मैं अपने एक मित्र परितोष सिंह जो कोलकाता के रहने वाले हैं से देर रात तक हैंगआउट पर बात की थी और मेरे पार्लर में बहुत काम था जिस कारण मुझे बहुत थकान थी | जैसे ही मेरे मोबाइल की घंटी बजी, मैं एकदम से हड़बड़ा कर उठा और सीधी घड़ी की ओर नज़र गई तो सुबह के 06:30 बज रहे थे | मैं उठा और फ़ोन उठाकर बात की तो फोन पर एक सज्जन आये और पूछा कि क्या मैं विशु कपूर से बात कर सकता हूँ ? तो मैंने कहा कि बोल रहा हूँ और कहिये मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ ? उन्होंने कहा कि आपको मेरी सेवा न करके मेरी वाइफ की सेवा करनी है |

मैं जो अब तक नींद में था एकदम बाहर आया और मैंने उनसे पूछा कि अभी अभी आपने मुझसे क्या कहा मैं समझ नही पाया तो वो बोले कि मुझे आपका नंबर मेरी वाइफ की फ्रेंड ने दिया है और बताया कि इनके पास आपकी हर समस्या का सॉल्यूशन है आप मेरा नाम लेकर अपनी समस्या बता देना वो सॉल्व कर देंगे या फिर मेरी फोन पर बात कर देना तो मैंने कहा कि आपको जिस किसी ने मेरा नम्बर दिया है आप उनसे मेरी बात करवाओ तो उन्होंने कॉन्फ्रेंस कॉल करके मेरी बात कराई तो मैं उस लड़की को तुरन्त ही पहचान गया वो संपदा (बदला हुआ नाम) थी जो मेरे पार्लर में अक्सर मेरी सर्विस लेने आया करती थी |

खैर, संपदा ने मुझे अपना नंबर दिया और बोली कि आप मुझे अभी तुरन्त कॉल करो | मैंने तुरन्त ही संपदा द्वारा दिये गए नम्बर पर कॉल किया तो संपदा बोली कि विशु जी, जिस बंदे ने अभी आपसे मेरी बात करवाई थी वो एक नामर्द है मतलब उसका लंड खड़ा नही होता है और उसकी शादी को 3 साल हो चुके हैं | अब हर कोई तो इस समस्या से परिचित नही है इसलिए हर कोई समझता कि इसकी पत्नी शायद बाँझ है इसलिए बच्चा नही दे पा रही है | इसकी पत्नी जिसका नाम डॉली (बदला हुआ नाम) है वो बहुत ही खूबसूरत है और साथ साथ संस्कारी भी है नही तो किसी भी राह चलते को पकड़कर चुदवा लेती | खैर विशु जी, आप यह बताओ कि आप चोदोगे उसे? आपको मुँह माँगी कीमत मिलेगी बस आपको उसे चोदना है और उसे माँ बनाना है |

मैंने संपदा से पूछा कि पैसे कितने मिलेंगे? तो संपदा ने मुझसे क्रॉस क्वेश्चन किया कि आप बताओ कि इस काम के कितने पैसे होने चाहिए? मैंने कहा कि आप बताइए आप कितने दिलवायेंगी? संपदा ने जवाब दिया कि चालीस हजार लेकिन मैंने कहा कि नही साठ हजार तो संपदा ने कहा कि न तो मेरी न आपकी चलो पचास हज़ार में फैसला करो ओ0 के0 | मैंने कहा कि ठीक है लेकिन मेरी एक शर्त है कि जब उसको मुझे माँ बनाना है तो जाहिर है मुझे अपना बीज उसकी चूत में डालना पड़ेगा वो भी बिना कॉन्डोम के इसलिए मैं चाहता हूँ कि उसकी एक बार मेरी आँखों के सामने एच0 आई0 वी0 की जाँच करा लो |

तभी मैं सुनिश्चित कर पाउँगा की उसको चोदना है या नहीं? संपदा ने जवाब दिया कि ओ0 के0 और फिर संपदा ने मुझसे पूछा कि अगर सभी जाँच नार्मल हुई तो आप पैसे कितने लोगे? मैंने जवाब दिया कि 50,000 और फोन कट गया | उसके कुछ देर फिर उसी नंबर से कॉल आया तो जैसे ही कॉल पिक की तो उधर से एक मीठी सी आवाज़ आई कि मैं डॉली बोल रही हूँ | मैं आपको लेने इन्हें भेज रही हूँ आप तैयार रहिये ओ0 के0 | मैंने भी ओ0 के0 कहा और फोन काट दिया | करीब 3 घंटे बाद एक आदमी मेरे घर आया और उसने मुझे अपना नाम प्रवेश पटेल बताया और कहा कि आपसे संपदा जी और मेरी वाइफ डॉली की फ़ोन पर बात हुई थी इसलिए मैं राजकोट से आपको लेने आया हूँ |

मैंने अपना बैग पहले से तैयार कर लिया था जिसको लेकर मैं झट से उसकी सफेद रंग की ऑडी कार में बैठ गया तो रास्ते में एक जगह गाड़ी रोकी और उसने मुझे 2,000 के 12 नोट और 500 के 2 नोट मतलब 25,000 एडवान्स के रूप में मुझे दिए और उसने मुझे करीब 2 घंटे में एक बेहद खूबसूरत औरत के सामने ले जाकर खड़ा कर दिया | थोड़ी देर चाय नाश्ता करने के बाद हम तीनों डॉली की जाँच के लिए निकल पड़े | थोड़ी देर के बाद रास्ते में संपदा मिल गई तो वो भी गाड़ी में मेरे साथ ही बैठ गई और प्रवेश और डॉली से मेरी जी भरके तारीफ की तब तक हम सब पैथोलॉजी तक पहुँच गए और वहाँ उसकी ब्लड द्वारा 2 जाँचे हुई जिस में से एक ब्लड और दूसरी H. I. V. की | डॉली की दोनों ही जाँचें नार्मल आईं | लौटते समय संपदा ने मुझे बेस्ट ऑफ लक कहा और वो अपने घर के रास्ते में उतर गई |

थोड़ी देर बाद जब हम तीनों घर पहुँचे तो प्रवेश ने डॉली से कहा कि डॉली मैं चाहता हूँ कि आप एक बार मेरे सामने विशु के साथ सैक्स करो | आखिर में भी देखना चाहता हूँ कि संपदा जी इनकी इतनी तारीफ कर रही थी क्या ये उस तारीफ के काबिल हैं भी या नहीं? लेकिन डॉली बहुत शरमा रही थी जिससे प्रतीत होता था कि डॉली ने किसी गैर मर्द के साथ कभी सैक्स नही किया होगा | लेकिन मैं बिल्कुल नार्मल था क्योंकि मेरा तो पेशा है लड़की और औरत को चोदना | जब प्रवेश को आग्रह करते हुए काफी समय हो गया तो हार कर वो घर से बाहर निकल गया | मैंने डॉली से बड़े ही प्यार से समझाया कि डॉली जी, जैसा कि मुझे आपकी सहेली ने मुझे बताया कि आपके पति एक नामर्द इंसान हैं अब मैं यह नही जानता कि यह कितने परसेंट सही है और कितने परसेंट गलत लेकिन मुझे इतना पता है कि जो व्यक्ति मुझे राजकोट से अहमदाबाद तक लेने खुद जा सकता है और मुझे अभी 25,000 रुपये एडवांस के रूप में दिए हैं ये कोई मामूली बात नही है यदि वो चाहते तो किसी ड्राइवर को भेज सकते थे लेकिन पता है उन्होंने किसी और को क्यों नही भेजा? क्योंकि किसी और को भेजने पर उनकी और आपकी बदनामी हो जाती |

आपके पति में बेशक मैं मानता हूँ कि कोई शारीरिक कमी है जिस कारण वो नामर्दी का जहर पी रहे हैं पर वो आपसे बेहद प्यार करते हैं और वो चाहते हैं कि आप उन्हें इस घर को एक वारिस दे सकें इसलिए उन्होंने मुझे 50,000 रुपये में हायर किया है ताकि आप मेरे द्वारा एक बच्चा पैदा कर सकें | और अगर आप ऐसे ही शर्माती रहोगी तो बच्चा कैसे पैदा होगा? आपको पता होना चाहिए कि बच्चा पैदा करने के लिए हम दोनों के बीच सैक्स होना आवश्यक है और मेरा वीर्य आपके गर्भाशय तक जाना आवश्यक है तभी आप माँ बन पायेंगी अन्यथा नहीं इसलिए आप सभी शर्म छोड़कर मुझे अपना पति समझ लीजिए और माँ बनने का सुख प्राप्त कीजिये |

मेरा मोटिवेशन काम कर गया तभी डॉली ने मेरे उठते हुए लंड को देखा जो डॉली के रूप को देखकर मेरी पेण्ट को टेंट बना चुका था | तभी डॉली ने आव गिना न ताव उसने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और उसे सहलाते हुए उसकी आँखों में एक गुलाबी सी चमक आ गई तभी झट से उसने मेरी जैकेट, शर्ट, बनियान उतार दी | दोस्तो, जैसा कि आप जानते ही होंगे मैं, पेंट, जीन्स या पाजामे के नीचे कुछ भी नही पहनता हूँ तो जैसे ही डॉली ने मेरी पेंट उतारी मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया जिसे डॉली ने घुटनों के बल बैठकर अपनी दोनों हथेलियों में भर लिया और मुझसे आश्चर्यजनक होकर बोली कि हाय राम ! ये तो बहुत बड़ा और मोटा है, इसे आप कैसे सँभालते हो? और उसकी सुपाड़े की खाल को आगे पीछे करके सहलाने लगी तभी मैंने डॉली से कहा कि डॉली जी, आपने मुझे तो एकदम नंगा कर दिया लेकिन आपने अपने कपड़े नही उतारे तो वो बोली कि मुझे आपके कपड़े उतारने की जरूरत थी और है इसलिए मैंने आपके कपड़े उतारे हैं और यदि आपको जरूरत है तो आप मेरे कपड़े उतारो |

मैंने इतना सुनते ही उसकी कुर्ती और सलवार उतार दी तो दोस्तो वो ब्रा और पेन्टी में क्या कयामत लग रही थी ये मैं शब्दों में बयाँ नही कर सकता | मेरा मन उसके दूध चूसने का कर रहा था इसलिए मैंने आनन फानन में उसकी ब्रा का हुक खोल दिया जिस से उसके 34 साइज के दूध उछल कर बाहर आ गए | कसम से 6 साल के पीरियड में मैंने आज तक ऐसा सूंदर शरीर नही देखा था | दूध एकदम गोरे गोरे और गोल गोल और उस पर भूरे रंग के चिरोंजी साइज के चुचुक बड़े ही आकर्षक लग रहे थे तो अनायास ही मेरे होंठ उसके चुचुकों से लग गए और उन्हें पूरे अपने मुँह में डालकर चूसने लगा हाँलांकि उनमें दूध नही निकल रहा था लेकिन मुझे बहुत मजा आ रहा था इधर वो अपने हाथ से मेरा लंड सहला रही थी.

तभी मैंने अपने एक हाथ से उसकी पैंटी उतार दी और उसकी चूत टटोल कर देखी तो वहाँ बालों का घना जंगल था तो मेरा दिमाग थोड़ा सा खराब हो गया तो डॉली ने मुझसे पूछा कि क्या हुआ आपको आपने मेरी चूत से हाथ क्यों हटा लिया प्लीज मेरी चूत को थोड़ा सहलाइये न बड़ा अच्छा फील हो रहा था आपका हाथ मेरी चूत पर था तब तो मैंने डॉली से कहा कि वो पहले अपनी चूत से बालों का जंगल साफ करे क्योंकि दोस्तो मुझे बालों का जंगल चूत पर पसन्द नही है | खैर, वो मायूस होते हुए बोली कि विशु जी, इसका मतलब आप मेरे साथ सैक्स नही करोगे? और रुआँसी सी हो गई तभी मैंने डॉली से कहा कि मैं ऐसा कब कह रहा हूँ? आप अपनी चूत पर से बालों का जंगल साफ कर लो मैं अभी आपकी चुदाई कर दूँगा |

तो डॉली ने तुरन्त प्रवेश के सेविंग बॉक्स से रेजर निकाला और नया ब्लेड लगाकर अपनी झांटे साफ करने लगी और मुश्किल से 5 मिनट में उसने पूरा जंगल साफ कर दिया और मेरे सोफे के पास आकर घुटने के बल बैठकर अपने दोनों हाथों से मेरे लण्ड को सहलाना शुरू कर दिया ताकि वो खड़ा हो जाये और उसकी चूत में घुसकर उसकी चुदाई कर सके तो मैंने उसे बोला कि डॉली जी, यदि आप मेरे लंड को मुँह में लेकर चुसोगी तो ये जल्दी खड़ा हो जाएगा तो उसे तो वैसे भी जल्दी थी चुदने की क्योंकि पिछले तीन सालों से एक भी बार वो चुदी नही थी क्योंकि प्रवेश एक नपुंशक पुरुष था जिसका लंड खड़ा ही नही होता था तो वो बेचारी कहाँ से चुदती इसलिए उसको मेरे लंड से चुदने की जल्दी थी इसलिए उसने तुरन्त हाँ कर दी |

मैंने उसे 69 पोजीशन में आने के लिए बोला तो वो समझ नही पाई तो मैंने उसे कहा कि आप लेट जाओ मैं समझाता हूँ कि 69 पोजीशन किसे कहते हैं? वो तुरन्त ही लेट गई तो मैं उसके ऊपर उल्टा लेट गया मतलब मेरा लंड उसके मुँह के पास था और मेरा मुँह उसकी चूत पर था | उसकी गोरी चूत बाल साफ होने की वजह से कुंदन की तरह चमक रही थी जिसे देखकर मेरी लार टपक गई तो मैंने अपना मुँह उसकी चूत के दाने पर पहुँच गया और मैं उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ घुमाने लगा | और मैंने अपना लण्ड उसके मुँह में दे दिया जिसे वो लॉलीपाप समझकर चूसने लगी करीब 10 मिनट ही हुए होंगे हमें एक दूसरे का लण्ड चूत चाटने में तभी एक दम भड़ाक की आवाज़ के साथ दरवाज़ा खुला तो हम दोनों ही चोंक गए और अपनी अपनी पोजीशन से हट गए तो प्रवेश अंदर घुसते हुए बोला कि लगे रहो आप दोनों को चुदाई करते हुए देखना चाहता हूँ तो फिर से हमने अपनी अपनी पोजीशन ले ली और एक दूसरे की चूत और लण्ड चूसने लगे |

काफी देर तक चूत चुसवाते चुसवाते डॉली इतनी उत्तेजित हो गई कि उसकी चूत ने मेरे मुँह पर अपनी पिचकारी छोड़ दी जिससे मेरा मुँह पूरा भीग गया लेकिन फिर भी मैंने उसकी चूत चाटना नही छोड़ा और उसकी चूत पर लगे सफेद गाड़े पानी को मैं अपनी जीभ से पूरा चाट गया और उसकी चूत को बिल्कुल साफ कर दिया लेकिन मेरा बीज नही निकला था तो डॉली ने अपने मुँह से मेरा लण्ड निकाला और मुझसे पूछने लगी कि विशु जी, जितनी देर से आप मेरी चूत चाट रहे हैं उतनी ही देर से मैं आपका लण्ड चूस रही हूँ लेकिन उतनी देर में मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया लेकिन अभी तक आपके लण्ड ने अपना बीज नही छोड़ा है |

क्या आप मुझे बता सकते हैं आपके लंड से बीज कितनी देर में निकलेगा? मैंने कहा कि मैम, मेरे लण्ड को लगभग 1 घंटा लगता है बीज निकलने में | आप चाहें जितनी भी कोशिश कर लें लेकिन एक घंटे से पहले मेरा बीज नही निकलेगा | वो बोली कि मेरा मुँह थक गया है और अब आप मुझे तड़पाओ नही जल्दी से मेरी चूत में अपना लण्ड डाल दो क्योंकि अब मुझसे बर्दास्त नही हो रहा है तो मैंने मौके की नजाकत को समझते हुए डॉली की चूत से अपना मुँह हटा लिया और उसकी दोनों टाँगों के बीच में आ गया और डॉली की चूत पर अपना लण्ड घिसने लगा तभी डॉली ने अपने हाथ से मेरा लण्ड पकड़ लिया और अपनी चूत के छेद पर रखकर बोली कि अब धक्का मारो और मेरी चूत में अपना लण्ड डाल दो|

तो मैंने भी समय न गँवाते हुए एक जोरदार झटका पूरी ताकत से लगा दिया जिससे मेरा लंड डॉली की चूत को चीरता हुआ लगभग 3 इंच तक घुस गया और उसकी चूत से खून की एक तेज धार से मेरा लंड 3 इंच तक पूरा लाल हो गया इधर जैसे ही मेरा लंड डॉली की चूत में घुसा तो डॉली की एक जोरदार चीख निकल गई फिर मैं 2 मिनट के लिए रुक गया और 3 इंच तक धीरे धीरे धक्के लगाने लगा करीब 10 मिनट तक धीरे धीरे धक्के लगाए होंगे कि डॉली की कमर ऊपर नीचे मेरी ताल से ताल मिलाने लगी तभी मैंने अपने लंड को डॉली की चूत से बाहर खींचा और बिना बाहर निकाले दुगनी ताकत से एक और करारा झटका लगा दिया जिससे मेरा लंड डॉली की चूत में करीब 7 इंच तक घुस गया. जिससे डॉली दर्द के कारण मछली की तरह तड़पने लगी लेकिन मैंने उस पर रहम न करते हुए ताबड़ तोड़ 2 से 3 करारे धक्के तब तक लगाए जब तक मेरा लंड उसकी चूत में जड़ तक नही घुस गया |

उसके बाद मैं 2 मिनट के लिए रुक गया ये कन्फर्म करने के लिए कि मेरा लंड डॉली की चूत में पूरा घुस गया या नही ? फिर मैंने धीरे धीरे धक्के लगाना शुरू किया और मैंने डॉली की तरफ देखा तो उसकी आँखों में आँसू की झड़ी लगी हुई थी और उसका चेहरा दर्द के कारण लाल हो गया तो मैंने डॉली के एक दूध को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा तथा दूसरे दूध को अपने हाथों से मसलने लगा जिससे डॉली की चूत के दर्द में थोड़ी सी राहत मिली और डॉली का दर्द मजा में बदलने लगा इधर मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा तो डॉली कराहते हुए मजे में बड़बड़ाने लगी कि विशु जी, थोड़ा जोर से धक्के मारो मजा आ रहा है तो मुझे भी जोश आ गया और मैंने उसी क्षणे तेज कर दिए तभी करीब 20 मिनट बाद डॉली का शरीर एकदम से ऐंठने लगा और वो एक जोरदार चीख के साथ ही झड़ गई लेकिन मैं अभी झड़ने से बहुत दूर था लेकिन फिर भी मैं शताब्दी की स्पीड से लगातार धक्के मारता रहा और उसको अलग अलग पोज़ में करीब 1 घंटे तक चोदा उस दौरान डॉली 5 बार झड़ गई |

इधर जब मैं झड़ने के करीब आया तो मैंने स्पीड और तेज कर दी और मैं कुछ देर को रुक गया ताकि मेरा लण्ड उसकी बच्चेदानी के मुँह पर झड़े ताकि मेरा बीज उसकी बच्चेदानी में घुस जाए और वो माँ बन सके तभी मेरे लण्ड ने 6 से 7 पिचकारी बीज की छोड़ी जिससे डॉली की चूत एकदम भर गई और मैं डोली से एकदम चिपक गया और डॉली मुझे बदहवास होकर मुझे चूमने लगी और उसने मुझे करीब 5 मिनट तक चूमा और फिर जैसे ही मैंने डॉली की चूत से अपना लण्ड निकाला तो मेरा लण्ड उसके खून से लथपथ था और चादर पर खून के एक गोल घेरा बन गया था | वो आश्चर्य से कभी मेरे लंड के सुपाड़े को देखती तो कभी तो कभी अपनी चूत और खून से बने चादर पर बने लाल घेरे को |

तभी मैं नंगा ही डॉली को गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया और उसकी चूत में उँगली डालकर अंदर तक सफाई की और उसने भी मेरे लंड को अपने हाथों से साबुन लगाकर साफ किया फिर हम दोनों ने नंगे ही शॉवर लिया और नंगे ही बाहर आकर अपने अपने कपड़े पहनकर मैं प्रवेश के साथ अहमदाबाद आ गया और पूरे दिन मैंने अपने पार्लर में आकर कई सील तोड़ी और कई औरतों की चुदाई की | दिन भर के काम से थकान होने के कारण मैं खाना खाकर तुरन्त ही गहरी नींद में सो गया तभी रात को मेरे मोबाइल पर घंटी बजी तभी मैंने समय देखा तो पता चला कि रात नही बल्कि सुबह के 3 बज रहे हैं | सुबह के 3 बजे प्रवेश ने कहा कि मैं आपको अभी लेने आ रहा हूँ इसलिए आप तैयार रहें और मैं आपके पास करीब 05:00 बजे तक आ जाऊँगा और फ़ोन कट गया |

सुबह करीब 05:15 बजे प्रवेश फिर से आ गया तो मैं उसके साथ राजकोट के लिए निकल गया और करीब 09:30 बजे डॉली के घर पहुँच गया | प्रवेश की उसी दिन सुबह 11:30 बजे की दुबई की फ्लाइट थी इसीलिए वो मुझे और डॉली को छोड़कर सुबह 10:00 बजे दुबई के लिए एयरपोर्ट चला गया तभी करीब 10:30 बजे एक टैक्सी आकर डॉली के घर पर आकर रुकी तो डर के कारण मैंने और डॉली ने अपने अपने कपड़े पहन लिए और डॉली मैन गेट खोलने को गई तो डॉली ने अपनी छोटी बहन राधा (बदला हुआ नाम) को देखकर वो बहुत खुश हुई | राधा के लिए डॉली चाय और नाश्ते का इंतज़ाम करने किचन में चली गई तभी उसी दौरान डॉली की 2 सहेलियाँ नीता और बबिता (बदले हुए नाम) भी ऑटो से आ गईं |

सभी से चाय पीते पीते डॉली ने मेरा परिचय कराया और मेरे लंड और चुदाई की बहुत तारीफ की जिससे वो तीनों ने मेरा लंड देखने की माँग की तो मैंने भी उन तीनों को अपनी पेंट उतार कर अपने खड़े हो चुके लंड के दर्शन कराए तो तीनों का मुँह आश्चर्य से एकदम से खुला का खुला रह गया | वो तीनों एक साथ बोल पड़ी की हाय दैय्या तुम्हारा लंड कितना बड़ा और मोटा है? इतना बड़ा और मोटा लंड हमने जीवन में पहली बार देखा है | कहकर उन चारों ने मिलकर मेरे सभी कपड़े उतार कर नंगा कर दिया और कहा कि विशु जी, आप ऐसे ही रहो और अपनी चाय ऐसे ही खत्म करो | कुछ देर बाद हम पाँचो ने चाय नाश्ता खतम किया तो सबसे पहले राधा ने मुझसे पूछा कि विशु जी, क्या मैं आपके लंड को छूकर देख सकती हूँ?

मैंने कहा कि देखिये मैं यहाँ केवल डॉली जी की चुदाई करके उनको प्रेगनेंट करने आया हूँ इसलिए आप लोग बेशक़ मेरा लंड छूकर या चूसकर देख सकती हैं बट मैं आप तीनों में किसी भी चुदाई नही कर पाऊँगा तो राधा और नीता और बबिता कुछ समय के लिए मायूस हो गई और डॉली से बोली कि डॉली तूने हम दोनों को 20,000 – 20,000 रुपये लाने को क्यों बोला था जब तुझे हम दोनों को चुदवाने का मूड नही था? तभी डॉली बोली कि विशु जी, जब ये दोनों आपकी फीस दे रही हैं तो आखिर इन दोनों को चोदने में क्या हर्ज है? मैंने कहा कि अगर ये लोग पैसे देंगी तो भला मुझे क्या आपत्ति है? तो डॉली बोली कि राधा के पैसे आपको मैं दूँगी इसलिए आप हम सबकी बारी बारी से चुदाई करो |

मैंने डॉली को ओ0 के0 कहा और पूछा कि सबसे पहले कौन चुदने आएगी? तो राधा बोली कि सबसे पहले मैं चुदूँगी और उसने अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिया और जैसे ही राधा ने अपनी पेंटी उतारी तो राधा की चिकनी चूत देखकर मैं दंग रह गया ऐसा लग रहा था जैसे वो पहले से ही चुदने की तैयारी कर के आई हो | खैर, मैं राधा से लिपट कर उसके होंठ चूसने लगा और एक एक करके मैंने उसके एक एक अंग को किस किया तभी राधा एकदम से गरम होकर गरम गरम सेक्सी आहें भरने लगी. तभी मैंने अपनी एक उँगली राधा की चूत में डाली तो राधा दर्द से चिहुँक उठी जिससे मुझे ये आभास हो गया कि वो एकदम सील पैक माल है तभी मैंने उसे 69 की पोजीशन में ले लिया अर्थात मैंने अपना लंड राधा के मुँह की तरफ कर दिया और मैं उसकी चूत पर आ गया. तभी कुछ देर बाद राधा अपने दोनों हाथों से मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी और सिसकारी लेने लगी.

तभी मैंने राधा के चूत के दाने पर हल्का सा काट लिया.जिससे उसने तड़प कर आह भरने के लिए जैसे ही उसने अपना मुँह खोला वैसे ही मैंने अपना लंड राधा के मुँह में पेल दिया और उसके मुँह को चूत समझ कर धक्के मारने लगा तभी बबिता ने मेरे पोते अपने मुँह में भर लिए और चूसने लगी | थोड़ी देर पश्चात उन दोनों ने अपनी अपनी पोजीशन बदल ली मतलब बबिता मेरा लंड चूसने लगी और राधा मेरे पोतों पर आ गई | तभी राधा बोली कि विशु जी, अब मुझसे बर्दास्त नही हो रहा है इसलिए आप अपने लंड को मेरी चूत में डाल दो और इस साली को फाड़कर भोसड़ा बना दो | तभी मैंने बबिता से कहा कि बबिता जी, आप राधा के होंठ चूसो और नीता से कहा कि वो उसके दूध दबाये तो नीता और बबिता और डॉली ने अपने सभी कपड़े उतार दिए और बिल्कुल नंगी हो गई |

नीता और बबिता ने आज्ञाकारी बच्चों की तरह राधा के होंठ और दूध दबा लिए इधर मैं अपने लंड को राधा की चूत पर घिसने लगा तो राधा कामुक सिसकारियाँ भरने लगी और मैंने सही मौका देखकर अपना लंड राधा की चूत के छेद पर रखकर एक जोरदार करारा झटका लगा दिया जिससे राधा को बहुत तेज दर्द हुआ और वो छटपटाने लगी वो तो ये अच्छा था कि राधा के होंठ बबिता के होंठो में फँसे हुए थे जिससे वो गूँ गूँ करके रह गई इधर मेरा लंड राधा की चूत को फाड़ता हुआ करीब 4 इंच तक घुस गया था इधर नीता द्वारा राधा के दूध दबाये जाने के कारण उसको चूत फटने का उतना दर्द महसूस नही हुआ जितना होना चाहिए लेकिन फिर भी राधा को बहुत दर्द हो रहा था |

तभी मैंने 4 इंच पर रुककर धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और ऐसा मैंने करीब 7 या 8 मिनट ही किया होगा कि अचानक ही राधा की कमर हिलने लगी और वो आँखें बंद करके मेरी ताल से ताल मिलाने लगी तभी मैंने डॉली को इशारों में अपने पास बुलाया और राधा के होंठ चूसने को कहा तो डॉली राधा के होंठ चूसने लगी तभी मैंने अपना लंड राधा की चूत से बिना बाहर निकाले पूरा खींच लिया और दुगनी ताकत से दूसरा करारा झटका लगा दिया जिससे ऐसा लगा कि राधा की आँखे दर्द के कारण बाहर को आ गई हो तभी नीता ने राधा की चूत से मेरे लंड की लंबाई नापी और बोली कि अभी 2 इंच बाकी है पूरा घुसाने में तो मैं वही 7 इंच पर रुक कर धीरे धीरे धक्के लगाने लगा.

इधर बबिता राधा के दूध दबा रही थी और उन में से एक दूध को अपने मुँह में लेकर अपनी जीभ से राधा का एक चुचुक चाट रही थी जिससे राधा की चूत में होने वाला दर्द मजे में बदलने लगा और लयबद्ध तरीके से अपने कूल्हे उठाने और गिराने लगी तभी मैंने अपने लंड को राधा की चूत से बिना निकाले बाहर खींच कर तीसरा जोरदार धक्का लगा दिया जिससे राधा की एक जोरदार चीख निकल गई तो मैंने 2 मिनट तक रुकना उचित समझा फिर मैंने धीरे धीरे धक्के लगाना शुरू कर दिया इधर नीता ने मेरे धक्के लगाने से पहले जोर की आवाज़ में कहा कि पूरा लंड घुस गया इधर डॉली और बबिता द्वारा राधा के लगातार दूध दबने और चूसने के कारण उसका दर्द मजे में बदल गया और वो बड़बड़ाने लगी कि विशु जी, जोर जोर से मेरी चूत चोदो मुझे बहुत मजा आ रहा है |

राधा के बड़बड़ाने से मुझे भी जोश आ गया और मैं उसे शताब्दी की स्पीड से पेलने लगा | मुश्किल से मैंने उसे दस मिनट पेला होगा कि वो एकदम से अकड़ने लगी और उसकी चूत ने सफेद पिचकारी छोड़ दी इधर में उसे लगातार पेले जा रहा था और मैंने उसे अलग अलग पोजीशन में एक घंटे तक पेला तब तक वो 5 बार झड़ चुकी थी और जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने राधा से कहा कि राधा मैं झड़ने वाला हूँ तो राधा के कुछ भी बोलने से पहले ही नीता बोल पड़ी की विशु जी, मैं आपके बीज को पीना चाहती हूँ इसलिए आप मेरे मुँह में अपने लंड की पिचकारी छोड़ना और नीता ने राधा की चूत से मेरा गंदा लंड निकाल लिया और चूसने लगी मैंने भी उसके मुँह को चूत समझकर ताबड़तोड़ धक्के लगाए तभी मेरे लंड ने नीता के मुँह में पिचकारी छोड़ दी | वो मेरा सारा बीज पी गई और उसने अपनी जीभ से मेरा पूरा लंड साफ कर दिया |

इधर राधा ने जब पलंग की चादर पर खून का एक बड़ा घेरा देखा तो वो बोली कि इतना सारा खून? तो बबिता बोली कि राधा ये तेरी चूत से निकला है तो राधा हैरत से कभी अपनी चूत तो कभी चादर को देखने लगी और बारी बारी से तीनों ने राधा को पुच्ची दी तभी राधा को गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया और हमने एक दूसरे की लंड और चूत को साबुन लगाकर अच्छी तरह से साफ किया और मैंने 30 – 30 मिनट के अंतराल से सभी की बारी बारी से पूरे दिन चुदाई की और 1 – 1 बार सबकी गाँड मारी और फिर अपनी पेमेंट लेकर अहमदाबाद आ गया तो बताइए दोस्तों, आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी? आप सभी से मेरी विनती है कि आप अपनी फीडबैक कृपया मुझे मेल करके दें|