मैडम स्टूडेंटस की गुटुर गु

गतांग से आगे …..

विक्रम:- हां मैंने तो अभी तक १५ – १६ औरतों को चोद चुका हूँ.
मैंने कहा ;- शादी शुदा या कुंवारी
माँ का प्यार बड़ा अनोखा होता है

विक्रम :- हमलोग शादिधुदा औरतों को ही चोदते है क्योकि वे मस्त होकर और निडर होकर चुद्वाती है उनकी चूंची बड़ी बड़ी होती है गांड व चुतड मद मस्त होते है जैसे आप के है और खूब गन्दी गन्दी गालियों देकर लौडा चूस चूस कर मज़ा देती है
मैंने कहा :- तुम दोनों भोसड़ी के बड़े मदर चोद हो अब लगता है बहन की लौड़ी मेरी चूत को मज़ा जरूर आ जाएगा अच्छा यह बताओ की तुमने झांटे बना ली है की नही

विक्रम :- हमलोग बनाकर आए है तुम्हारी झांट न बनी हो तो मैं बना सकता हूँ
मैंने कहा :- मैंने तो झांट हर रोज बनाती हूँ अब तुम लोग बाथ रूम जाकर फ्रेश हो जाओ तब तक मैं शराब के पैग बना लती हूँ
अब उंदर बेडरूम में हम तीनो पहुँच गए शराब पीने लगे मैं उठी और अपने सारे कपड़े खोल कर फ़ेंक दिया बिल्कुल नंगी हो गयी मैं जाकर सोफा के बीच में बैठ गयी

मैंने कहा :- विक्रम और मिहिर तुम भी नंगे होकर मेरे बगल में आ जाओ अब मेरी दाहिनी तरफ़ विक्रम और बायीं तरफ मिहिर मैंने कहा तुम लोग मेरी एक एक चूंची मसलो और चूसना सुरु करो मैं तुम दोनों के लंड मसल मसल कर खड़ा कर देती हूँ ञार सुपर हॉट लिंगम उन्दोनो के लंड भी तुम्हारे लंड से कम न थे एक काला और दूसरा गोरा दो दो लंड पकड़ कर मेरी चूत और गरमा गयी.

 मैंने कहा मिहिर तुम भोसड़ी के नीचे बैठ कर मेरी चूत चाटना सुरु कर दे तब तक मैं विक्रम का लंड चूसती हूँ सच उसका लंड चूसने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था थोडी देर में मैंने मिहिर का लंड चूसना सुरु किया और विक्रम से अपनी चूत चुस्वाना फिर मैंने विक्रम को जमीन पर लिटा दिया उसकी दोनों टांगों के बीच में मुह डाल कर लंड चूसने लगी मेरे चुतड ऊपर के ऑर उठे थे तब तक मिहिर पीछे से आकर मेरी गांड मारने लगा थोडी देर में मैंने मिहिर का लंड हाथ में लिया और विक्रम से गांड मरवाने लगी.

फिर मैंने विक्रम को चित लिटाया उसकी तरफ़ गांड करके उसके लंड पर बैठ गयी लंड चूत में घुस गया मैं विक्रम के ऊपर पीठ के बल लेट गयी तो मेरी चूत और फ़ैल गयी
तब मैंने मिहिर से कहा :– बहन चोद मिहिर माँ के लौडे तू मेरी चूत में अपना लंड घुसेड दे
उसने ऐसा ही किया अब मेरी चूत में दोदो लंड घुसे थे.

मैंने कहा :– अब तुम जोर जोर से चोदो भोसड़ी वालों पेल दो पूरा लंड मज़ा आ रहा है. दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।
मिहिर :- तू तो बेटी चोद बड़ी चुदक्कड औरत है साली रंडी भी इस तरह से नही चुदवा सकती जैसे तू बहन चोद चुद्वाती है. दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

मैंने कहा अबे साले माँ के लौडे चोदता रह अभी तू बुर चोदने में कच्चा है मुझसे कुछ शीख ले अब मैं उठी समझ गयी की लंड झड़ने वालें है मैंने उन्दोनो को खड़ा किया और उनके बीच में घुटनों के बल पर बैठ गयी दाहिने हाथ में विक्रम का लंड बाएं हाथ में मिहिर का लंड दोनों का जल्दी जल्दी सड़का मारने लगी लगी थोडी देर में दोनों एक साथ झाड़ गए मैंने झड़ते हुए लौडों को चूस चूस कर चिकना कर दिया. हां तो दोस्तों और मेरे प्यारे लंड वालों चूत वालियों उस दिन मैंने मौसी का रोल अदा किया मौसी बन कर चुदाई का यह मज़ा मैं कभी नही भूल सकती.

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