Mastaram.Net

Mastram Ki Hindi Sex Stories | Mastaram Ki Antarvasna Stories | मस्ताराम की हिंदी सेक्स कहानियां

टैक्सी ड्राइवर और उसके दोस्त से ग्रुप चुदी

यह मेरी अपनी एक सच्ची स्टोरी है। अब पहले मै अपना परिचय कराती हूँ | मेरा नाम पूजा है | मेरे बड़ी चूच 36 साईज़ के है, मेरी कमर २८ और मेरी गांड 36 की है। जब मै 22 साल की थी और हमने पहले साल कॉलेज में प्रवेश लिया था और मुझे अकेले में अपनी फोटोग्राफी करने की आदत थी.. मेरे मोबाइल में मेरे कई सारे सेक्सी हॉट तस्वीरें थी। फिर उस दिन शनिवार था और फिर में लाल रंग की शर्ट के अंदर गुलाबी रंग की ब्रा और नीचे गुलाबी रंग की पेंटी और काले रंग की जीन्स पहन कर कॉलेज के लिए निकली। फिर हमने जाने के लिये एक टैक्सी किया और करीब 35 मिनट के बाद में कॉलेज पहुँच गयी। फिर जैसे ही में कॉलेज के गेट तक पहुँची अब अचानक मुझे याद आया कि मेरा फ़ोन तो टैक्सी में ही रह गया। अब में झट से टैक्सी के पीछे भागी लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ और वो चला गया था।

फिर मुझे टेंशन उस बात की नहीं थी कि मेरा फ़ोन ग़ुम हो गया है लेकिन इस बात की टेंशन थी कि उसमे मेरी कई पर्सनल तस्वीरें है जो हमने खींची थी और वो बहुत ही सेक्सी और बोल्ड थी।

इसके बाद हमने दिन भर बहुत ट्राई किया लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ.. सिर्फ़ फ़ोन की घंटी बज रही थी। इसके बाद पूरा दिन टेंशन में बीतने के बाद जब में घर पहुंची और फिर रात को करीब 9 बजे हमने फिर से ट्राई किया और उस वक़्त फोन किसी ने उठाया और उस तरफ से किसी लगभग 30-35 साल के आदमी की आवाज़ थी। अब उसने कहा कि क्यों अपना फ़ोन चाहिए? फिर में झट से बोली कि हाँ चाहिए। अब उसने कहा कि ठीक है कल दोपहर में आकर ले जाना। इसके बाद हमने पूछा कि आप कौन हो? और मुझे कहाँ आना होगा मोबाइल लेने। अब उसने कहा कि कल ठीक 2 बजे आप अपने पास वाले पार्क आ जाना और फिर बोला वैसे तुम्हारी तस्वीरें बहुत सेक्सी है और तुम्हारी कमर तो बड़ी लचीली है और तुम्हारी गांड भी.. मज़ा आ गया तुम्हारी तस्वीरें देखकर।

यह बात सुनते ही मानो जैसे मेरे पैर के नीचे से ज़मीन खसक गयी और में रात भर सो नहीं पाई। ये चुदाई कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पड़ रहे है। फिर अगले दिन रोज़ की तरह कॉलेज गयी और कॉलेज से थोड़ा जल्दी निकल गयी और पास वाले पार्क में जाकर हमने एक दुकान से कॉल किया अपने नंबर पर.. इसके बाद से उस आदमी ने फोन उठाया और कहा कि तुम आ रही हो ना? फिर हमने कहा कि हाँ में पार्क में आ चुकी हूँ कहाँ हो आप? और प्लीज मेरा फ़ोन मुझे दे दो मुझे घर जाना है। अब उसने मुझे बिलकुल सही जगह बताई और कहा कि एक बार आ तो जाओ में तुम्हे दे दूंगा। फिर में घबराते हुए चल पड़ी वहाँ पर लड़के और लडकियों के बहुत जोड़े थे और सभी एक दूसरे से मज़े ले रहे थे.. मुझे थोड़ी शरम आ रही थी और कई लोग मुझे घूर घूरकर देख रहे थे। अब अचानक आवाज़ आई आ गयी तुम? इसके बाद हमने पीछे मुड़कर देखा तो ये तो वहीं टैक्सी वाला था.. जिसने मुझे उस दिन कॉलेज छोड़ा था और उसकी उम्र करीब 35 साल की थी।

अब हमने कहा कि अंकल प्लीज मेरा फ़ोन मुझे दे दो। फिर उसने कहा कि दे दूँगा ऐसी कौन सी जल्दी है ज़रा आगे चलना। अब हमने मना किया तो उसने मेरा कंधा पकड़ लिया और ज़ोर से धक्का दिया.. वो बहुत मजबूत था और उसने शायद शराब भी पी रखी थी। फिर में भी उसके साथ चुपचाप चलने लगी इसके बाद चलते चलते हम लोग बहुत आगे आ गये वहाँ पर तो ऐसा लग रहा था कि यहाँ शायद कोई कभी आया ही ना हो। फिर एक जगह आकर वो रुक गया और बोला कि ये ठीक जगह है। फिर हमने कहा कि तुम मुझे यहाँ क्यों लाए हो?.. दे दो मेरा फ़ोन आपको पैसे चाहिए तो ले लो जीतने चाहिए।अब उसने कहा कि मेरी जान पैसा ही सब कुछ नहीं होता और तेरी जैसी मस्त माल के सामने पैसा क्या है? तू थोड़ा मज़ा तो लेने दे मेरी जान आज तो तू क़यामत लग रही है मेरी रानी।

अब हमने मना किया तो उसने मुझे जोर से थप्पड़ लगाया और इसके बाद कहा कि साली रांड में ना सुनने के लिए नहीं आया यहाँ पर और अब ज्यादा नाटक करेगी तो नंगी करके तेरी तस्वीरें खीचकर ले जाऊंगा और फ़ोन भी नहीं दूँगा और फिर सभी को तेरी तस्वीरें भेज दूँगा और फिर बन जाना पूरी दिल्ली की वैश्या। ये चुदाई कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पड़ रहे है।अब हमने अपने आप को उसको सौंपने का फ़ैसला मन में कर लिया था और में रोने लगी और रोते रोते हमने कहा कि ठीक है |

मै तुम्हारी हर बात मानूँगी लेकिन प्लीज मेरा फ़ोन मुझे दे दो। इसके बाद उसने कहा कि अब हुई ना बात में तुझे तेरा फ़ोन दूंगा लेकिन काम खत्म होने के बाद। फिर उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और पागलो की तरह मुझे चूमने लगा उसके मुहं से दारू की बदबू आ रही थी। इसके बाद उसने अपनी जीभ को मेरे मुहं में डाल दिया और एक हाथ से मेरे बड़ी चूच दबा रहा था और वो एक हाथ मेरी गांड पर रखकर रगड़ रहा था और फिर वो मेरी ब्रा की डोरी खोलने लगा और थोड़ी देर में उसने मेरी ब्रा उतार दी।

फिर में उसके सामने ऊपर से पूरी नंगी थी। इसके बाद उसने मेरे बड़ी चूच ज़ोर से दबाए और मसलने लगा और फिर मसलते हुए वो मेरा मुहं अपनी जीभ से चाट रहा था.. अब तो में भी उसका साथ देने लगी और अब मेरे भी तन बदन में आग लग रही थी। फिर हम घास पर कब लेट गये में समझ ही नहीं पाई।इसके बाद उसने मुझे गांड के बल नीचे सुला दिया फिर वो मेरा सारा बदन चाटने लगा और वो कह रहा था कि वैश्या तेरे बदन पर हज़ारो बड़ा लंड कुर्बान, भोसड़ी की आज तेरी ऐसी चुदाई करूँगा कि दस दिन तक चल नहीं पाएगी आज के बाद तू मेरी पर्सनल वैश्या बनेगी और मुझे रोज एक शॉट देगी। में यह सब सुनकर मदहोश होने लगी और फिर उसकी मजबूत बाहों में समा गयी।इसके बाद में उसकी बाहों में ऐसे लग रही थी जैसे कोई अपने बच्चे को गोद में खिला रहा हो। फिर उसने मेरे बाल पकड़ कर कहा कि चल मेरी रांड अब फटाफट अपने रसिया का बड़ा लंड चाट। इसके बाद में तो कब से तैयार थी और झट से हमने उसका तना और कसा हुआ, काला, मोटा, बड़ा बड़ा लंड हाथ में पकड़ा और फिर चूसने लगी। फिर हमने 1/2 घंटे तक उसका बड़ा लंड चूसा और फिर उसने सारा वीर्य मेरे मुहं में छोड़ दिया और कहने लगा कि ले मेरी छीनाल तेरे लिए ताज़ा ताज़ा माल है पी ले सारा, कुछ भी मत छोड़ना और भी मिलेगा डर मत अभी तूने इसका जलवा देखा नहीं है।ये चुदाई कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पड़ रहे है।इसके बाद वो अपने एक हाथ से मेरी चूत रगड़ने लगा और एक हाथ से मेरे बड़ी चूच दबाने लगा और कहने लगा कि कुतिया बता तेरे बड़ी चूच इतने कसे हुए कैसे है? अब उसने मेरी जीन्स उतार दी और मेरी पेंटी के ऊपर से मेरी चूत को चूमने लगा। अब उसने जल्दी से मेरी पेंटी भी उतार दी और फिर मेरी चूत को पागलों की तरह चाटने लगा और चूमने लगा।फिर में तो अब पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी और मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। अब उसने मेरी चूत पर ज़ोर से थप्पड़ मारा और अब वो मेरी चूत के अंदर उंगली डाल रहा था। अब में तो जैसे पागल सी हो गयी थी। इसके बाद उसने मेरी चूत के ऊपर थूक दिया फिर उसने अपना बड़ा लंड मेरी चूत पर रखा और इसके बाद धीरे धीरे उसे अंदर डालने लगा लेकिन मुझे बहुत दर्द हो रहा था और फिर में चिल्लाने लगी।

अब उसने अपने मुहं को मेरे मुहं पर रख कर मेरी आवाज़ को बंद कर दिया। फिर मेरे भी सेक्सी सपने सच होने वाले थे। अब अचानक उसने एक ज़ोर सा झटका लगाया और फिर उसका पूरा बड़ा लंड मेरी चूत के अंदर था। मुझे बहुत दर्द हुआ हमने दर्द से उसके बाल पकड़ कर खीच दिए। फिर वो करीब 5 मिनट तक ठीक वैसे ही रहा.. उसने बड़ा लंड को जरा भी नहीं हिलाया। फिर मेरा दर्द भी कम हो चुका था और मुझे अब और भी ज्यादा मज़ा आने लगा और फिर में उसके होंठो को चूसने लगी।

फिर करीब 15 मिनट तक वो अपना बड़ा लंड मेरी चूत के अंदर डालकर जोर जोर से झटके मारता रहा। फिर उसने अपना मोटा बड़ा लंड मेरी चूत से निकाला और फिर वो अब मेरी गांड को सहलाने लगा और फिर मेरी गांड को चूमने लगा और फिर उसने मेरी गांड पर थूक लगाया और फिर अपना काला मोटा बड़ा लंड मेरी गांड के छेद के पास रखकर मेरे बड़ी चूची दबाने लगा और फिर धीरे धीरे अपने बड़ा लंड को मेरी गांड के छेद में डालने लगा।फिर अपनी गांड मरवाने के लिये में भी तैयार थी.. और अब हमने ज़मीन पर घास को पकड़ लिया। अब उसने अचानक एक ज़ोर का झटका लगाया और उसका मोटा, काला बड़ा लंड मेरी गांड के अंदर आधा घुस गया और फिर मेरी आँख से आँसू आने लगे। फिर उसने अपना बड़ा लंड और पीछे लेकर और जोर से झटका दिया इस बार में मर गयी.. ऐसा लगा कि जैसे मेरी गांड फट गयी और उसका पूरा बड़ा लंड मेरी गांड के अंदर समा गया। अब में दर्द से चिल्ला उठी.. लेकिन उसने अपने दोनों हाथों से मेरा मुहं बंद कर दिया। फिर धीरे धीरे वो अपना बड़ा लंड मेरी गांड के अंदर बाहर करने लगा। फिर धीरे धीरे मुझे भी मज़ा आने लगा। ये चुदाई कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पड़ रहे है। फिर वो मेरी गांड और जोर जोर से चोदने लगा में आअहह उहह ओउउच कर रही थी। फिर करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने मेरी गांड में अपने बड़ा लंड का सारा वीर्य झाड़ दिया और मेरा भी दो बार पानी निकल चुका था। फिर मुझे भी मज़ा आ गया था.. हम वैसे ही 10-15 मिनट उस घास पर लेटे रहे। उस समय वो मेरी पीठ चूम रहा था और मेरी चूत को हाथ से रगड़ रहा था।

दोस्तों मुझे बिलकुल भी पता नहीं था कि गांड मरवाने में इतना दर्द होता है में तो बस यही सोचती थी कि बस थोड़ा सा ही दर्द होता होगा लेकिन मुझे अब पता चल चुका था कि गांड मरवाना बच्चो का खेल नहीं है। अब उसने मेरा फ़ोन लिया और फिर मेरी नंगी तस्वीरें खींचने लगा। फिर उसने मुझे कपड़े पहनने को कहा और मेरा फ़ोन मुझे दे दिया और फिर से मुझे चूमने लगा और मेरे बूब्स दबाने लगा और फिर उसने कहा कि चल में तुझे अपने टैक्सी से तुझे तेरे घर पर छोड़ देता हूँ। अब जब में उठी तो मुझे चलने में बहुत तकलीफ़ हो रही थी और मेरा गोरा चेहरा पूरा पूरा लाल था। फिर उसने मुझे अपनी बाहों का सहारा दिया और हम एक साथ चलने लगे, चलते चलते वो मेरी गांड पर सहारा दे रहा था और आज मुझे लग रहा था कि मै एक प्रोफेशनल वैश्या हूँ। फिर हम टैक्सी में बैठ गये और फिर उसने मुझे मेरे घर पर छोड़ दिया। फिर हमने उसे किस दिया और अपने घर आ गयी। अगले दिन उसका फ़ोन आया आज फिर मिलोगी मैंने साफ़ मना कर दिया और थोड़ी देर में मेरी इच्छा फिर से चुदवाने की होने लगी मैंने तुरंत ही कॉल कर दिया हां बोलो कहा मिलोगो | उसने बोला वही मै बोली नहीं कही और तो वो बोला ठीक है पास में एक लाज है वही मिलते है |

मै घर से निकली और उस जगह पर पहुच गयी | वो पहले से पहुच चूका था | मै थोड़ी दूर पर थी देखि वो किसी आदमी से बात कर रहा था तभी उसने मुझे आते हुए देख लिया और वो दूसरा आदमी इतने में वहा से चला गया | मै उसके इशारे पर लाज में अन्दर चली गयी वो लाज में पहले ही एक रूम बुक करवा लिया था मै जैसे ही कमरे में घुसी वो पीछे से मुझे पकड़ कर बेड पर पटक दिया और मेरे दोनों बूब्स को मसलने लगा और आज वो कुछ ज्यादा ही नशे में था | इतने में मेरी चूत गीली हो चुकी थी उसका लंड मै पेंट के ऊपर से सहलाई पूरा राड की तरह खड़ा था उसने मेरी पैंटी खोल मेरी चूत पर जीभ लगा दिया और जीभ अन्दर डाल कर मेरी गुलाबी चूत चाटने लगा और जब उसकी जीभ मेरी चूत में अन्दर जाती तो मै सातवे असमान में पहुच जाती उसके सर को पकड़ कर चूत पर दबाने लगती मेरी आखे बंद हो चुकी थी |

इतने में मुझे एहसास हुआ की कोई मेरे बूब्स को मुह में भर लिया है मेरी आख खुल गयी मै डर गयी ये कौन जैसे कुछ बोलती दूसरा आदमी मेरे मुह में मुह डाल कर मेरे बूब्स को दबाने लगा और टैक्सी ड्राइवर मेरी चूत लगातार चाट रहा था मेरी समझ में आ चूका था आज तो ये दोनों सेटिंग कर आये है मेरी चूत फाड़ने का प्लान कर आये है |

अब मै कुछ कर भी नहीं सकती थी मै भी सोची अब जब कुछ कर नहीं सकती तो आराम से मज़ा ही कर लू फिर दुसरे आदमी ने मेरे बूब्स को चुसना जारी रखा इतने में मै झड़ने वाली थी मैंने जोर से आह्ह्ह्ह आह्ह्ह एस मेरा होने वाला है बोली की दुसरे ने मेरे मुह में अपना मुह लगा दिया और टैक्सी वाला आदमी अभी भी तेजी से मेरी चूत में अन्दर बाहर कर रहा था अब मै फिर से गर्म हो गयी अब मै बोलने लगी अब डालो अन्दर फिर क्या एक निचे बेड पर अपना लंड खड़ा कर सो गया उसके टैक्सी ड्राइवर से ज्यादा ही बड़ा और मोटा लंड था मैंने उसके लंड को अपनी चूत के छेद पर सेट किया और बैठ गयी | जैसे ही उसका लंड मेरी चूत में घुसा गप की आवाज आई और मै उसका लंड अपनी चूत में डाल कर बैठ गयी | और अब टैक्सी ड्राइवर पीछे से मेरी चूत में घुसाने लगा पर नहीं घुस रहा था तो उसने ठोड़ा सा ठुक मेरी चूत और लंड पर लगाया और घप से अपना लंड भी मेरी चूत में घुसा दिया | मुझे दर्द होने लगा थोड़ी देर एसे ही रुकी रही | वो दोनों धीरे धीरे धक्के मार रहे थे | अब मुझे जोश आने लगा दर्द कम हो गया था मै अब धीरे धीरे आगे पीछे करने लगी वो दोनों अपनी जगह पर पडे थे मै आगे पीछे करने लगी अब मेरी चूत से पानी निकालने वाला था आह आह आह्ह्हह्ह वो दोनों मेरे आवाज सुन कर समझ गये मेरा होने वाला है |

मै धक्के देना बंद की वो दोनों धक्के देना सुरु हो गये और इतने में मै झड़ने लगी मेरा शारीर कापने लगा अब मै झड़ कर दुसरे वाले आदमी के ऊपर सो गयी पर वो दोनों अभी भी धक्के मार रहे थे अब दोनों ने अपनी पोजीशन चेंज कर दिया टैक्सी ड्राइवर निचे आ गया और उसका साथी उसके जगह पर खड़ा हो गया दोनों ने फिर से अपने अपने लंड को अपनी जगह पर सेट कर दिया और धक्के मारने आगे अब फिर से मै गरम हो गयी थी उसने धक्को के साथ मै भी हिलने लगी थी इतने में मेरी चूत से छर से पानी निकला और अब मेरी चूत का पानी इतना गरम था की वो दोनों भी अब झड़ने वाले थे उनके मुह से भी आह आह की आवाज आई और दोनों एक साथ मेरी चूत में अपने माल गिरा दिए और मुझे बिच में लिटा कर आजू बाजू सो गये और एक मेरी चूत पर हाथ फेरने लगा और दूसरा बूब्स पर एसे ही हम आधे घंटे तक लेटे रहे | फिर मैंने बोला अब मै चलती हूँ मुझे लेट हो रहा है तो दुसरे ने बोला अभी कहा जा रही हो बेबी अभी तो गांड मारनी बाकी और हमारा एक दोस्त और आ रहा है |

मै डर गयी मै बोली तुम मेरे साथ गद्दारी कर रहे हो | अब मै फिर कभी नहीं आउंगी फिर टैक्सी ड्राइवर ने बोला मै गद्दारी नहीं कर रहा हूँ जब कल मैंने चोदा तभी समझ गया था तुम्हारी चूत में बहुत गर्मी है कितने भी लंड को मात दे सकती हो इसी लिए मैंने अपने दोस्त को बुला लिया था | अब तुम्ही बताओ अगर तुम्हे मज़ा नहीं आया तो मै बोली हां मुझे मज़ा आया पर आज अब मत चोदो कल फिर आउंगी तब अपने तीसरे दोस्तों को बुला लेना | वो दोनों मान गये और मै कपडे पहनने लगी वो दोनों मेरे बूब्स पर हाथ फेर रहे थे मै कपडे पहन कर निकली अब मुझे लग रहा मै सच में बहुत चुदक्कड़ हु | अब मुझे चलने में थोड़ी ज्यादा दिक्कत हो गयी थी घर आकर दर्द की दवा खाई और सो गयी |

दोस्तों मेरी सच्ची कहानी कैसी लगी आप लोग बताना ना भूले अगली कहानी जल्द ही लिखुगी जब आप सभी मेरी इस कहानी की प्रतिक्रिया निचे कमेंट बॉक्स में लिख कर देंगे |

The Author

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

वैधानिक चेतावनी : ये साईट सिर्फ मनोरंजन के लिए है इस साईट पर सभी कहानियां काल्पनिक है | इस साईट पर प्रकाशित सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है | कहानियों में पाठको के व्यक्तिगत विचार हो सकते है | इन कहानियों से के संपादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नही है | इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, और आप अपने छेत्राधिकार के अनुसार क़ानूनी तौर पर पूर्ण वयस्क होना चाहिए या जहा से आप इस वेबसाइट का उपयोग कर रहे है यदि आप इन आवश्यकताओ को पूरा नही करते है, तो आपको इस वेबसाइट के उपयोग की अनुमति नही है | इस वेबसाइट पर प्रस्तुत की जाने वाली किसी भी वस्तु पर हम अपने स्वामित्व होने का दावा नहीं करते है |

Terms of service | About UsPrivacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer | Parental Control