तीन गोरो से मेरी महराष्ट्रियन चुत चुदी

यह कहानी मेरी एक ऐसे ही महिला मित्र की है.. जो उसने मुझे बताया था.. जब उसके साथ यह घटना हुई थी। नाम यकीनन तौर पर काल्पनिक हैं और उसके अलावा सब कुछ यथार्थ सत्य है। मैंने एक कहानीकार के रूप में कथावस्तु से कुछ भी छेड़छाड़ नहीं की है। उस महिला मित्र के शब्दों को यथावत आपके समक्ष रख रहा हूँ।

जब मैं 30 साल की थी.. तब मेरे साथ यह घटना हुई थी। मैं एक भरे बदन की महराष्ट्रियन औरत हूँ.. मुझे इस बात का एहसास है कि लोग मुझे देख कर लोग अन्दर ही अन्दर मस्त होते हैं। मेरे मम्मों का साइज़ 38D.. कमर 36.. और चूतड़ 41″ के हैं। मेरा दूधिया रंग.. खूबसूरत नाक-नक्श और गुलाबी होंठ.. उन मर्दों के अन्दर वासना भड़का देते हैं।

जैसा कि आपको मालूम है कि हम लोगों ने कुछ सालों से स्विंगिंग लाइफ स्टाइल को अपना लिया है। मेरे पति नागेश.. को तो अंग्रेज.. गोरी चमड़ी वाली औरत को चोदना अच्छा लगता है। हम लोग इन विदेशी जोड़ों के साथ पहले भी स्वैपिंग कर चुके हैं।

यह कहानी ऐसे ही विदेशी जोड़े के साथ स्वैपिंग की है.. जिसमें मैं तीन गोरों से चुद गई और उन्होंने जी भरकर मुझे अपनी हवस का शिकार बनाया।
वो लोग हम लोगों से दिल्ली के एक पब में मिले थे.. एक जोड़ा था और साथ में उनके एक दोस्त था.. वो लोग भी स्विंगर थे। वहाँ हमारी बात हुई और स्वैप के लिए हम सब लोग तैयार हो गए।
उनको मेरा भरा बदन बहुत पसंद आया.. उसके साथ जो उनकी गर्ल-फ्रेंड थी.. वह बहुत फिट.. स्लिम और बहुत सुन्दर थी, उसको देख कर मेरे पति तो बिल्कुल मस्त हो गए।

अगले दिन शाम को मेरे पति मुझे उनके होटल ले गए। मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था कि कहीं दो गोरे मुझ पर भारी न पड़ जाएँ.. लेकिन नागेश ने कहा- फिकर न करो यार.. एक ही कमरे में सामूहिक चुदाई होगी.. और मैं वो सब संभाल लूँगा। उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा आश्वस्त हुई.. मैंने एक कैजुअल सी जीन्स और टी-शर्ट पहन ली थी.. जिसमें मेरी बड़ी-बड़ी चूचियाँ अपना डील-डौल खुल कर महसूस करा रही थीं।

हम लोग होटल पहुँचे.. वहाँ लॉबी में वो दो गोरे आदमी.. जिनसे पब में मुलाकात हुई थी.. हमारा इंतज़ार कर रहे थे। मुझे देख कर उनकी आंखों में चमक आ गई। उन्हें पता था कि मैं आ गई हूँ और थोड़ी देर में उन्हें मेरा नंगा बदन देखने को मिलेगा और उन्हें चोदने को मिलेगा। थोड़ी देर बात करने के बाद हम लोग उनके कमरे की तरफ बढ़े। मुझे इस बार बड़ा अजीब सा लग रहा था जैसे कोई प्रोफेशनल रंडी चुदने जा रही हो।यह कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

हम लोग उनके कमरे में जैसे घुसे वहाँ उनकी खूबसूरत गर्ल-फ्रेंड एक और गोरे आदमी के साथ बैठी थी। तीसरे गोरे को देख कर मुझे झटका लगा.. मेरा रिएक्शन देख कर एक गोरा बोला- ये एक मेहमान है.. जो थोड़ी देर में चला जाएगा। हम सब सोफे पर बैठ गए.. मेरे साथ वो दोनों गोरे थे और नागेश उस गोरी के साथ बैठ गया। उन लोगों ने ड्रिंक्स और स्नैक्स आर्डर किए और भारत और यहाँ घूमने वाली जगहों पर चर्चा होने लगी।

वो गोरी महिला यहाँ के क्लाइमेट और ताजमहल की बातों में लगी थी और वो गोरे बातों से ज्यादा मुझे ही घूर रहे थे। मैंने भी स्नैक्स के साथ जैक डेनियल की वोदका ली और दो पैग के बाद मुझे चढ़ने लगी और मेरा मन करने लगा कि कुछ माहौल के अनुसार मजे किए जाएँ।
नागेश भी मूड में आ चुका था.. उसने गोरी के चूचियों को उसकी टी-शर्ट के ऊपर से ही पकड़ लिया और दबाने लगा और उसकी गर्दन पर चुम्बन देने लगा था। नागेश को शुरू होते देख कर दोनों गोरों ने मेरी एक-एक चूची को पकड़ लिया और उनको मसलने लगे।

एक ने तो साथ-साथ मेरी चूची को चूमना भी शुरू कर दिया। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.. एक गोरा मेरे बड़े-बड़े निपल्स को भी पकड़ कर रगड़ने लगा था।

तभी दूसरे ने मेरी टी-शर्ट ऊपर खींच दी और मेरी टी-शर्ट मेरे बदन से अलग हो गई। एकदम से मेरी बड़ी-बड़ी चूचियाँ जो अभी तक ब्रा में बंद थीं.. सामने आ गईं.. जिन्हें देख कर दोनों गोरे पागल हो गए और मुझे ‘बिच.. स्लट’ और न जाने किन-किन शब्दों से पुकारने लगे।

फिर उन्होंने मेरी ब्रा भी खोल दी और मेरी चूचियाँ पूरी तरह से नंगी हो कर उनके सामने थिरकने लगीं। मैं पूरी तरह से टॉपलैस हो गई थी।

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