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टयुशन वाले सर ने मेरी गान्ड की सील तोड़ी भाग – 1

टयुशन वाले सर ने मेरी गान्ड की सील तोड़ी भाग – 1
( Tuition Vale Sir Ne Meri Gand Ki Seel Todi Part-1 )

मैं आरती अपनी सच्ची पहली बार की बात आज बता रही हूं उस समय मैं ट्वेल्थ क्लास में जाने वाली थी 11 क्लास जस्ट पास ही किया था।उस समय मेरे हिप्स का साइज़ 34 है और सीना मेरा 30 का जबकि कमर 26 से भी कम रही है, पर मैं जब चलती थी तो सभी लड़के सभी मर्द मेरे बैक के लिए बोलते थे कि क्या जबरदस्त गांड है ऐसी मस्त गांड देखी नहीं है, मेरे चलने का स्टाईल ही ऐसा है कि बैंक मेरा उठ कर निकल जाता है।कुछ क्लोज सहेलियां मुझे कहती हैं कि आरती कभी अकेले मत निकलना नहीं तेरा रेप पक्का हो जायेगा, तुझे देख कर कोई मर्द कन्ट्रोल नहीं कर सकता है, खासकर तेरे हिप्स अल्टीमेट हैं। मैं अपनी जीवन के अमिट सच को आज आप पाठकों को बताने जा रही हूं।

मैंने इलेवन क्लास पास किया रिजल्ट के बाद पापा मम्मी बोली कि ट्वेल्थ बोर्ड है इसलिए आरती के लिए अभी मई से ही टयुसन कर देते हैं और पापा कमलेश सर जो कि फिजिक्स केमिस्ट्री पढ़ायेंगे उन्हें कर दिया। वो घर मेरे आने लगे टयुसन आराम से चल रहा था सब ठीक-ठाक एक दिन अचानक एक काक्रोच मेरे बैग में आ गया मैं खड़ी हो गई सर ने उसे उलटाया वो मेरे सलवार में अंदर मैं चिल्ला उठी और तुरंत वहीं सलवार खोल के उतार दी ये भी ध्यान नहीं रहा कि सर यंही है जैसे काक्रोच गिरा सलवार से और भाग गया मुझे ध्यान आया कि मैं पैंटी में सर के सामने खड़ी हूं सर बिल्कुल एक टक पैंटी के ऊपर फूले हुए जगह को घूरे जा रहे थे।

मैं तुरंत सलवार लेकर अंदर आ गई और पहन कर सर के सामने आ गई और पढ़ने बैठ गई। लेकिन सर अब बस मेरी तरफ देख रहे थे मैं सरमा के नीचे आंखें कर ली फिर जब देखी उपर तो सर मेरे सीने को देख रहे थे, मैंने अपना दुपट्टा सही किया और फिर बोली सर कुछ गलत हुआ क्या। सर बोले आरती कुछ गलत कभी नहीं होता जो होता है अच्छे के लिए होता है,आज बहुत अच्छा हुआ तुम से एक पर्सनल बात करूं अगर किसी को बताना ना हो तुम्हें मैं कुछ पढ़ने का लाकर दूंगा उसे पढ़ना, तुम्हें आरती अब उस पढ़ाई की जरूरत है इसलिए तुम इंतजार करो मैं ला रहा हूं बताओ मैं यह करूं, यह बात सिर्फ मेरे और तुम्हारे बीच रहेगी वादा करो तो ही लाऊंगा |

मैं बिना जाने ही सर से वादा कर दिया सर प्रॉमिस मैं किसी से नहीं बताऊंगी आप जो पढ़ाएंगे मैं पढ़ लूंगी, सर ने मुझे थैंक्यू बोला और वह बुक लाने चले गए मैं उनका इंतजार करने लगी वह करीब एक घंटे में वापस आये। मेरे हाथ में करीब बीस प्रिंट कम्प्यूटर के निकले सर ने दिए और बोले इन्हें आज पढ़ना और कोई देख ना पाए ऐसे संभाल के रखना आप लोग यह हिंदी सेक्स स्टोरी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | यह कहकर चले गए तभी मैं भी चली गई, और जाते से ही जो सर दे गए थे उसे पढ़ने लगे तभी मेरे शरीर में पहली बार बहुत रोमांच सा होने लगा वह कागज में जो सर दे गए थे उनमें सिर्फ मस्ताराम डॉट नेट की सेक्स कहानी प्रिंट की हुयी थी | जो ट्यूशन मास्टर और छात्रा के बीच रिश्ता बनता है |

ट्यूशन के बहाने कैसे सर और पढ़ने वाली लड़की सेक्स करते हैं यही सभी कहानियों में था। एक कहानी में एक छात्रा का ट्यूशन वाले सर बूब्स दबाते हैं और वह बहुत गर्म हो जाती है और उन सर का लंड चूसने लगती है, इसी तरह एक-दो दिन में वह सर के साथ पूरी तरह खुल गई और फिर वह गर्ल अपनी चूत में सर का लंड लेती है फिर बहुत चोदते हैं यह कहानी मेरे दिमाग में चलने लगती है।

पहली बार मेरे नीचे चूत में कुछ नहीं, बहुत कुछ होने लगा अब सारी पढ़ाई भूल कर मैं पूरी रात बार-बार वही कहानियां पढ़ती रही और जाने क्यों मुझे बहुत अच्छी लगी। पूरी रात उन कहानियों में खुद को और यह सर के रूप में कमलेस सर को इमेजिन करने लगी। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़े मेरे दिमाग में कमलेश सर और मैं एक दूसरे को सेक्स कर रहे हैं यही चलने लगा यही सोचते सोचते पता नहीं कब नींद आ गई सुबह के समय मैं सो गई सोते ही मेरे सपने में कमलेश सर आके मेरी पैंटी खींच कर अपने लंड को मेरे मुंह में डाल दिया और मेरी चूंत चाटने लगे फिर मेरे हाथ पकड़ कर दोनों ऊपर बांध दिये और मेरा टाप उतार कर मेरी ब्रा को फाड़ दिये, अब सर दोनों हाथों से मेरे बूब्स दबाने लगे और मेरी चूचियों को पकड़ कर अपने मुंह में लेकर चूसने लगे फिर मेरी गान्ड को चूमने लगे और चाटने लगे और बोले आरती तेरी गांड के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं।

फिर सीधा करके टांगे फैला कर अपनी जीभ से मेरी चूंत को चाट चाट कर बिल्कुल पागल कर दिया फिर सर बोलने लगे कि अब मेरा लौड़ा चाटो आरती और मेरे मुंह में डाल दिया अपना मस्त लंड, मै पूरा लंड चूस चूस कर चाटी अब सर मेरे बालों को पकड़ कर बोले आरती मैं तुम्हें चोदू, मैं बोली हां सर अपनी स्टुडेंट को चोदो ताकि पागल हो जाऊं, इतना चोदिये कि मैं पागल होके जन्नत का मजा ले लूं।

सर बोले ओके आरती मैं तुम्हें आज छिनाल की तरह चोदूंगा, मैंने कहा थैंक यू सर, तभी सर ने मेरी टांगें फैला कर चौड़ी कर दी और अपना लंड मेरी चूत में रख दिया और टांगे ऊपर कर दी और एक झटके में पूरा लौड़ा अन्दर मेरी चूत में डाल दिया जोर से, मैं चिल्ला उठी बोली सर बहुत दर्द हो रहा है बाहर निकालो, सर बोले 5 मिनट रुको और फिर देखना, मैं दर्द से तड़प रही थी और सर अब अपना लंड अंदर बाहर मेरी चूत में डाल कर मुझे मसल रहे थे।

सर मुझे जमके चोदते हुए बोले अब दर्द कैसा है आरती, मैं बिल्कुल ठीक हो गई दर्द नहीं रहा और एकदम से मैं सर से लिपट गई उनके होठों को चूमने लगी और बोली सर और डालो चोदो मुझे, चोदो सर बहुत मस्त मजा आ रहा है तभी मम्मी रूम में आकर चिल्ला रही थी कि देख सुबह के 10:00 बज गए और अभी भी सो रही है उठ, और उठा दिया मेरा सपना वहीं टूट गया क्या मस्त सपना देख रही थी। उठते से मेरे दिमाक में वही सपना चलने लगा कि सपने में किस तरह से कमलेश सर ने मुझे चोदा और सोच सोच कर मेरी पुसी गीली हो जा रही थी।

मेरी हालत अब बिल्कुल मदहोश सी होने लगी,सारा दिन यही सोचते हुए निकल गया कि शाम को 6:30 बजे कमलेश सर के आने का टाइम हो गया तभी मैं तैयार होकर गई आज सर से आंखें नहीं मिला पा रहे थी बहुत शर्म आ रही थी, पर सर एकदम से मुझसे पूछे कि जो मैं दे गया था उन सभी कहानियों को पढ़ लिया मैंने सर झुका कर सर से बोली जी सर, मुझसे पूछे आरती कैसी लगी मैंने कहा सर अच्छी, तुम घबरा रही हो मैं बोला नहीं सर, बोला और पढ़ोगी मैंने कुछ नहीं बोला उन्होंने हाथ पकड़ कर कुछ और उसी तरह के प्रिंट मुझे हाथ में दिए, और साथ में बोला तुम्हारे यहां डीवीडी है, मैंने बोला जी सर, सर बोले कुछ सीडी हैं इन्हें अकेले में देखना, और फिर किताब खोल कर बहाने से मुझे देखते रहे, इसी तरह आज की पढ़ाई पूरी हो गई, जाते समय बोल गए कि तुम्हारी हालत ठीक नहीं है आरती, यह इसी के लिए है कि तुम पढ़ाई के साथ लाइफ भी इंजवाय करो, तुम आज CD में पिक्चर देख लेना, फिर अगर पसंद आएगी फिल्म तो अपन कल प्रैक्टिकल करेंगे। मैं बोली यस सर।

सर चले गए मैं डीवीडी टीवी में सेट की तभी मम्मी बोली क्या कर रही है आरती, कुछ प्रेजेंटेशन कि CD है उसे देखना है तब मैंने गेट बंद कर लिया और वह फिल्म लगा दी, जैसे ही लगाया उसमे एक लड़की को चार मर्द पूरा कपड़े खोलकर बहुत भारी भारी बड़े-बड़े लोग उसके चूत को चाट रहे थे और उनमें से सभी के बहुत बड़े-बड़े लंड अपने मुंह से चूस रही थी, तभी 2 लोग उसकी चूत को जोर-जोर से चाटने लगे और फिर सभी अपना लंड निकालकर ने उसके मुंह में चोदने के लिए डाल दिया |

1 पीछे डाल दिया तभी लड़की बोली फक मी फक मी हार्ड, इतने में एक मर्द लड़की के दोनों बूब्स के बीच में अपना लंड डाल दिया और 1 मिनट में चारों लंड से वह चुदवाने लगी, और बहुत जोर-जोर से आवाज निकालने लगी। यह देखते हुए मेरी हालत बहुत खराब हो गई और अपने आप मेरा हाथ पैंटी के नीचे घुस गया और मैं भी वहां अपना हाथ अपनी चूत में चलाने लगी। और अब मुझसे बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था तभी मैं अपने हाथ से पहली बार अपने बूब्स दबाने लगी और मैं वह फिल्म बार-बार देख रही थी करीब दो घंटे तक वो मुवी देखती रही। जब मम्मी आके चिल्लाई तब मैंने जल्दी जल्दी से फिल्म बंद की और CD छुपा दी। थोड़ा खाना खाई खाने में मन ही नहीं लग रहा था, फिर जो आज प्रिंट दिए थे उसे पढ़ने लगी और उसमें भी वही ट्यूशन सर और ट्यूशन पढ़ने वाली लड़की की चुदाई की कहानी थी |

मैंने पूरी पढ़ी और फिर जब नींद आई तो आज भी कमलेश सर सपने में आ गए और मुझे रात में सपनों में चोदे उन्होंने मेरे मुंह में अपना रस डालकर पिलाया सपने में अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था मैं दिन भर सोचती रही। कि सर कब आएंगे और प्रेक्टिकल करेंगे मैं सर के आने के इंतजार में बैठी रही। जैसे ही 4:00 बजे सर आ गये, सर समय से एक घंटे पहले आ गए।

इत्तेफाक की बात थी की मम्मी दोपहर को ही यह कहकर कि मैं छोटे वाले मामा के घर जा रही हूं रात में 8:00 बजे तक आऊंगी पापा को बता देना ।

सर आज 1 घंटे पहले आ गए और आते ही मुझसे बोले मम्मी को बुलाओ मैं बोली मम्मी घर में नहीं है। सर बोले पापा को बुलाओ मैं बोली पापा भी नहीं है, सर बोले मतलब आरती तुम अकेली हो क्या? मैंने कहा जी सर, तो फिर आरती तुम अंदर से गेट बंद कर दो मैं बोली ठीक है, मैं जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर ली, और सर को बोली कि सर आज क्या पढ़ाएंगे? आप लोग यह हिंदी सेक्स स्टोरी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

सर बोले कि ऐसा करो कि पहले यह बताओ कि तुम्हें फिल्म कैसी लगी ? मैं कुछ ना बोली शर्म के मारे कमलेश सर ने फिर से पूछे कि बताओ कैसी लगी, जवाब नहीं दोगी तो मैं जाता हूं वापस, मैं बोली देखी हूं सर अच्छी थी, बोले तुम्हारा DVD कहां है मैं बोली अंदर बोले चल कर दिखाओ, जैसे गए टीवी वाले रूम में सर ने कहा चालू करो मैंने स्टार्ट किया वह जेब से एक CD और निकालें और उसे इंसर्ट कर दिया।

और बोले आरती मेरे साथ देखोगी फिल्म मैं बोली नहीं सर, तो बोले ठीक है तुम अकेले देखो इसे और मैं बाहर वेट करता हूं। तुम्हें देखना ही है मैं उनकी बात मान गई, और अंदर DVD में फिल्म देखने लगी। जैसे ही फिल्म शुरू हुई उस फिल्म में एक इंडियन लड़की को 3 विदेशी उसके सलवार सूट का नाड़ा खोलकर और उस लड़की की सीधे चूत चाटने लगे और टेबल पर लिटा कर सबसे पहले गांड पर लंड डाल दिया।

यह फिल्म देखते हुए मैं एकदम से पागल होने लगी बहुत एक्साइटेड हो गई और मुझे ध्यान भी नहीं रहा कि सर बाहर बैठे हैं।

मैं अपनी सलवार का नाड़ा खोलकर पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया और धीरे-धीरे चलाने लगी, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था उधर TV में एक लंड मुंह में और एक गांड में एक चूत में घुसा था और लड़की जोर जोर से आवाज कर रही थी, ऊं हहह वोहहहहह आहहहह मैं हाथ चला रही थी

अपने चूत में, मुझे पता नहीं चला कमलेश सर कब अंदर आ गए, अंदर आते ही मेरे पीछे से सर मेरे हाथ के बगल से अंदर मेरी पैंटी में हाथ डाल दिए मैं उनकी तरफ मुड़ी जैसे ही तभी सर ने मेरे होठों को अपने होठों से चूम लिया और मेरे होंठ चाटने लगे और अपनी उंगली पैंटी के नीचे से ही मेरी चूत में डाल दिया, सच बता रही हूं |

मुझे पहली बार किसी मर्द ने छुआ वह भी एकदम से इस तरह से, मैं कुछ बोल नहीं पाई, लेकिन सर के हाथों के टच से मेरा रोम रोम सिहर गया, मैं बोली सर यह ठीक नहीं, कुछ हो जाएगा तो मैं मुंह दिखाने लायक नहीं रहूंगी। सर प्लीज मुझे छोड़ दीजिए, मेरे साथ ये सब मत करिए प्लीज, सर मुझसे बोले आरती आई लव यू, तुम मुझे बहुत पसंद हो, जिस दिन से मैंने तुम्हें पैंटी में देखा था तुम्हारी फूली हुई मस्त चूत पतली सी कमर और मस्त बूब्स यार आरती पागल हो गया उस दिन से तुम्हें पाने के लिए |

आज मैं जानता हूं कि तुम बहुत गर्म हो मैं जब से आया हूं तब से तुम सिर्फ मेरे पैंट की जिप पर देख रही हो, लगता है तुम्हारी चूत को बहुत खुजली है, आरती मुझे प्यार करने दो, तुम्हारी गांड बहुत मस्त है मुझे सिर्फ तुम्हारी गांड चोदना है, जब तुम पीछे मुड़ती हो पतली कमर मस्त बाहर निकली हुई गांड, कोई कंट्रोल नहीं कर सकता मुझसे रहा नहीं जाता आरती 5 दिन से मेरा लन्ड बैठा नहीं, 10 से 15 बार तुम्हें चोदते हुए सोचकर मुट्ठ मार चुका हूं। ऐसे कहते हुए सर ने मेरे कुर्ता के ऊपर से मेरे दोनों बूब्स दबाने लगे और मेरे होठों को फिर से किस करने लगे, उनके होठों की छुअन से मेरे होंठ जलने लगे मेरा पहला अहसास था, सर के बदन की खुशबू मुझे बहुत अच्छी लगने लगी। सर इतनी ओपेन गन्दी गन्दी बातें मुझे बोल रहे थे कि मैं सोच भी नहीं सकती थी।

मैं कुछ ना बोली पर सर की जो ऊगली मेरी चूत में घुसी हुई थी उसे सर ने और थोड़ा अंदर डालने लगे, अब सर बिल्कुल सामने आ गए और अपना पेंट खोलकर नीचे कर दिया सिर्फ अंडरवियर में हो गये और अपना टी शर्ट भी उतार दिया। उनका गठीला बदन बनियान नहीं पहने थे इसलिए पूरी नंगी छाती सर की मेरे सामने थी, पहली बार अपनी लाइफ में किसी मर्द से ऐसे मिल रही थी मुझे कुछ पता नहीं था, ना कोई एक्सपीरियंस अब मेरे बस में कुछ नहीं था |

कहानी जारी रहेगी अगले भाग में आप लोग अपनी प्रतिक्रिया मुझे ईमेल करना ना भूलियेगा | [email protected]

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