पत्नी को छोड़ दूसरे की चुदाई का मजा

गतांग से आगे …..

जब मैंने उससे यह बात कही तो करिश्मा जैसे मुझ पर भड़क गई और वह कहने लगी मैं घर पर नहीं रहती तो इसका ये मतलब नही की तुम बाहर गुल खिलाओ। मैंने उसे कहा इसमें गुल खिलाने की कोई बात नहीं है मैंने तुमसे हमेशा कहा है कि तुम अपनी यह पार्टियां करना छोड़ दो लेकिन तुम्हें तो इन सब चीजों से फुर्सत ही नहीं है और तुमने कभी मुकुंद को भी मां का प्यार नहीं दिया तुमने कभी भी हम दोनों के बारे में नहीं सोचा। मैंने करिश्मा से कहा मैं तो विजया से प्यार करता हूं और अब उसके साथ ही मैं अपना जीवन बिताना चाहता हूं क्योंकि तुमसे मुझे कुछ उम्मीद नही है मैं विजया के साथ ही खुश हूं।

वह मुझे कहने लगी तुम यही तो चाहते थे और तुम्हे तो सिर्फ बहाना चाहिए था मैंने उसे कहा इसमें बहाने वाली कोई बात नहीं है मैंने तुम्हें कितना समझाने की कोशिश की। मुझे कितनी बार लगा कि मैं अकेला हूं मुझे भी तुम्हारा साथ चाहिए था परंतु तुमने कभी भी मेरा साथ नहीं दिया और तुम हमेशा ही अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने में व्यस्त रही। मैं अब करिश्मा के साथ नहीं रहना चाहता था मैंने करिश्मा से एक दिन बात की और कहा अब हम दोनों को अलग हो जाना चाहिए तुम अपनी जिंदगी में ही खुशी हो और मैं सिर्फ अपने बेटे का ध्यान रखना चाहता हूं मैं नहीं चाहता हमारे झगड़ों का असर उस पर हो।

वह मुझे कहने लगी क्या मैंने कभी मुकुंद को प्यार नहीं किया मैं भी उससे प्यार करती हूं और उसके बारे में सोचती हूं। मैंने करिश्मा से कहा कि तुम उसके बारे में सोचती तो तुम उसे समय देती तुम जब भी ऑफिस से आती हो तो क्या तुमने उसे कभी समय दिया है या उससे पूछा है कि वह क्या कर रहा है आज उसकी उम्र 10 वर्ष हो चुकी है और मुझे नहीं लगता कि तुमने उसे कभी भी अच्छे से समझा है या उसके साथ समय बिताने की कोशिश की है।

मैंने करिश्मा से कहा हम दोनों का अलग होना ही ठीक रहेगा लेकिन करिश्मा मुझे डिवोर्स देने को तैयार नहीं थी मैंने उसे बहुत कहा लेकिन वह मानी नहीं। अब हमारे झगड़े इसी बात को लेकर होने लगे थे विजया ने मुझे समझाया और कहा यदि करिश्मा तुमसे डिवोर्स लेना नहीं चाहती तो कोई बात नहीं लेकिन मैं तो उससे डिवोर्स लेना ही चाहता था और अब अपनी जिंदगी विजया के साथ बिताना चाहता था। एक दिन करिश्मा के माता-पिता भी आये वह मुझे समझाने लगे और कहने लगे बेटा तुम ऐसा मत करो इससे तुम्हारी जिंदगी खराब हो जाएगी।

मैंने उसके माता-पिता को समझाया और कहा मैंने करिश्मा को कितनी बार कहा है कि तुम्हें मुकुंद को समय देना चाहिए लेकिन उसने ना तो कभी मुकुंद को समय दिया और ना ही उसके बारे में कभी वह कुछ चीज पूछती है वह तो सिर्फ अपनी पार्टियों में ही बिजी रहती है और भला मैं यह सब चीज कब तक सऊंगा। करिश्मा ने कभी भी मेरे साथ अच्छा समय नहीं बिताया और अब मैं नहीं चाहता कि हम दोनों के झगड़े की वजह से मुकुंद की जिंदगी खराब हो इसीलिए तो मैंने करिश्मा को डिवोर्स देने के बारे में सोचा है। उसके माता-पिता समझ चुके थे कि हम दोनों के रिश्ते में वह बात नहीं रही और ना हीं हम दोनों का साथ रहना ठीक है इसलिए उन्होंने करिश्मा को समझाया और करिश्मा के साथ मेरा डिवॉर्स हो गया।

मैं अब आजाद हो चुका था और मेरी जिंदगी में अब विजया भी आ चुकी थी मैं बहुत खुश था। विजया और मेरे बीच में अब कोई भी नहीं था इसलिए हम दोनों ज्यादातर समय साथ में ही बिताया करते थे मैं बहुत खुश था क्योंकि करिश्मा मेरी जिंदगी से जा चुकी थी मुकुंद का ध्यान विजया रखती थी और वह उसे बहुत प्यार करती थी। हम दोनों के बीच सिर्फ प्यार की बुनियाद थी एक दिन हम दोनों के बीच में यौन संबंध बन गए मेरी इच्छा की पूर्ति ना जाने करिश्मा ने कब से नहीं की थी।

विजया ने उस दिन मुझे कहा मुझे आपसे रात में बात करनी है हम दोनों उस रात को एक साथ बैठे हुए थे और वह मेरी बाहों में आ गई मैंने उसके स्तनों को बहुत देर तक दबाया उसके स्तनो का मैंने बहुत देर तक रसपान किया मुझे बहुत मजा आया। मैंने जब उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला पड़ी और उसे बहुत मजा आने लगा। मैं उसे तेजी से धक्के दे रहा था काफी देर तक मैं उसे चोदता रहा उसका पूरा शरीर हील जाता और मुझे बहुत मजा आता।

मैं ज्यादा देर तक उसकी चूत के मजे ना ले सका कुछ क्षणो बाद मेरा वीर्य पतन हो गया जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो विजया ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू कर दिया। वह मेरे लंड को चूस रही थी तो मुझे बहुत मजा आ रहा था कुछ ही देर बाद मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया। मैंने उसकी बड़ी चूतडो को अपने हाथों से पकड़ते हुए उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो मैं उसे तेजी से धक्के मारने लगा वह मुझसे अपनी चूतडो को मिलाने लगी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं उसे तेजी से धक्के दिए जाता काफी देर तक ऐसा करने के बाद जैसे ही मेरे वीर्य की पिचकारी उसकी योनि के अंदर गिरी तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारा वीर्य तो बहुत ज्यादा गरम है। उसने कुछ देर और मेरे लंड को सकिंग किया विजया और मैं एक साथ ही रहते हैं वह मेरी हर एक चीज की कमी को पूरा करती है वह मेरे साथ खुश है और मुझे प्यार भी करती है। जब मैं करिश्मा के साथ अपने रिश्ते के बारे में सोचता हूं तो मुझे बहुत तकलीफ होती है क्योंकि करिश्मा के साथ मैंने अपने इतने वर्ष बर्बाद कर दिए मुझे ना तो उससे कभी पत्नी का प्यार मिला और ना ही उसने मेरा कभी सम्मान किया लेकिन विजया मेरा बहुत ध्यान रखती है और मुझसे बहुत प्यार करती है।