सर ने मौका देख मेरी चुत भर डाली

मैं नीलांजना अपनी सच्ची पहली बार की बात आज बता रही हूं उस समय मैं 12thक्लास में जाने वाली थी 11th जस्ट पास ही किया था। उस समय मेरे हिप्स का साइज़ 34 है और सीना मेरा 30 का जबकि कमर 26 से भी कम रही है, पर मैं जब चलती थी तो सभी लड़के सभी मर्द मेरे बैक के लिए बोलते थे कि क्या जबरदस्त गांड है ऐसी मस्त गांड देखी नहीं है, मेरे चलने का स्टाईल ही ऐसा है कि बैंक मेरा उठ कर निकल जाता है। कुछ क्लोज सहेलियां मुझे कहती हैं कि नीलांजना कभी अकेले मत निकलना नहीं तेरा रेप पक्का हो जायेगा, तुझे देख कर कोई मर्द कन्ट्रोल नहीं कर सकता है, खासकर तेरे हिप्स अल्टीमेट हैं। मैं अपनी जीवन के अमिट सच को आज आप पाठकों को बताने जा रही हूं।

मैंने इलेवन क्लास पास किया रिजल्ट के बाद पापा मम्मी बोली कि ट्वेल्थ बोर्ड है इसलिए नीलांजना के लिए अभी मई से ही क्लास कर देते हैं और पापा ने सुधीर सर जो कि फिजिक्स केमिस्ट्री पढ़ाते है उनसे बात कर लिया। वो घर मेरे आने लगे क्लास आराम से चल रहा था सब ठीक-ठाक एक दिन अचानक एक काक्रोच मेरे बैग में आ गया मैं खड़ी हो गई सर ने उसे उलटाया वो मेरे सलवार में अंदर मैं चिल्ला उठी और तुरंत वहीं सलवार खोल के उतार दी ये भी ध्यान नहीं रहा कि सर यंही है जैसे काक्रोच गिरा सलवार से और भाग गया मुझे ध्यान आया कि मैं पैंटी में सर के सामने खड़ी हूं सर बिल्कुल एक टक पैंटी के ऊपर फूले हुए जगह को घूरे जा रहे थे। मैं तुरंत सलवार लेकर अंदर आ गई और पहन कर सर के सामने आ गई और पढ़ने बैठ गई।

लेकिन सर अब बस मेरी तरफ देख रहे थे मैं सरमा के नीचे आंखें कर ली फिर जब देखी उपर तो सर मेरे सीने को देख रहे थे, मैंने अपना दुपट्टा सही किया और फिर बोली सर कुछ गलत हुआ क्या। सर बोले नीलांजना कुछ गलत कभी नहीं होता जो होता है अच्छे के लिए होता है,आज बहुत अच्छा हुआ तुम से एक पर्सनल बात करूं अगर किसी को बताना ना हो तुम्हें मैं कुछ पढ़ने का लाकर दूंगा उसे पढ़ना, तुम्हें नीलांजना अब उस पढ़ाई की जरूरत है इसलिए तुम इंतजार करो मैं ला रहा हूं बताओ मैं यह करूं, यह बात सिर्फ मेरे और तुम्हारे बीच रहेगी वादा करो तो ही लाऊंगा, मैं बिना जाने ही सर से वादा कर दिया सर प्रॉमिस मैं किसी से नहीं बताऊंगी आप जो पढ़ाएंगे मैं पढ़ लूंगी, सर ने मुझे थैंक्यू बोला और वह बुक लाने चले गए मैं उनका इंतजार करने लगी वह करीब एक घंटे में वापस आये।

मेरे हाथ में करीब बीस प्रिंट कम्प्यूटर के निकले सर ने दिए और बोले इन्हें आज पढ़ना और कोई देख ना पाए ऐसे संभाल के रखना, यह कहकर चले गए तभी मैं भी चली गई, और जाते से ही जो सर दे गए थे उसे पढ़ने लगे तभी मेरे शरीर में पहली बार बहुत रोमांच सा होने लगा वह कागज में जो सर दे गए थे उनमें सिर्फ से सेक्स की कहानियां थी जो ट्यूशन मास्टर और छात्रा के बीच रिश्ता बनता है, ट्यूशन के बहाने कैसे सर और पढ़ने वाली लड़की सेक्स करते हैं यही सभी कहानियों में था। एक कहानी में एक छात्रा का ट्यूशन वाले सर बूब्स दबाते हैं और वह बहुत गर्म हो जाती है और उन सर का लंड चूसने लगती है, इसी तरह एक-दो दिन में वह सर के साथ पूरी तरह खुल गई और फिर वह गर्ल अपनी चूत में सर का लंड लेती है फिर बहुत चोदते हैं यह कहानी मेरे दिमाग में चलने लगती है। यह कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

पहली बार मेरे नीचे चूत में कुछ नहीं, बहुत कुछ होने लगा अब सारी पढ़ाई भूल कर मैं पूरी रात बार-बार वही कहानियां पढ़ती रही और जाने क्यों मुझे बहुत अच्छी लगी। पूरी रात उन कहानियों में खुद को और यह सर के रूप में कमलेस सर को इमेजिन करने लगी। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़े मेरे दिमाग में सुधीर सर और मैं एक दूसरे को सेक्स कर रहे हैं यही चलने लगा यही सोचते सोचते पता नहीं कब नींद आ गई सुबह के समय मैं सो गई सोते ही मेरे सपने में सुधीर सर आके मेरी पैंटी खींच कर अपने लंड को मेरे मुंह में डाल दिया और मेरी चूंत चाटने लगे. यह कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है। फिर मेरे हाथ पकड़ कर दोनों ऊपर बांध दिये और मेरा टाप उतार कर मेरी ब्रा को फाड़ दिये, अब सर दोनों हाथों से मेरे बूब्स दबाने लगे और मेरी चूचियों को पकड़ कर अपने मुंह में लेकर चूसने लगे फिर मेरी गान्ड को चूमने लगे और चाटने लगे और बोले नीलांजना तेरी गांड के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं।

फिर सीधा करके टांगे फैला कर अपनी जीभ से मेरी चूंत को चाट चाट कर बिल्कुल पागल कर दिया फिर सर बोलने लगे कि अब मेरा लौड़ा चाटो नीलांजना और मेरे मुंह में डाल दिया अपना मस्त लंड, मै पूरा लंड चूस चूस कर चाटी अब सर मेरे बालों को पकड़ कर बोले नीलांजना मैं तुम्हें चोदू, मैं बोली हां सर अपनी स्टुडेंट को चोदो ताकि मैं पागल हो जाऊं, इतना चोदिये कि मैं पागल होके जन्नत का मजा ले लूं। सर बोले ओके नीलांजना मैं तुम्हें आज छिनाल की तरह चोदूंगा, मैंने कहा थैंक यू सर, तभी सर ने मेरी टांगें फैला कर चौड़ी कर दी और अपना लंड मेरी चूत में रख दिया और टांगे ऊपर कर दी और एक झटके में पूरा लौड़ा अन्दर मेरी चूत में डाल दिया जोर से, मैं चिल्ला उठी बोली सर बहुत दर्द हो रहा है बाहर निकालो, सर बोले 5 मिनट रुको और फिर देखना, मैं दर्द से तड़प रही थी और सर अब अपना लंड अंदर बाहर मेरी चूत में डाल कर मुझे मसल रहे थे। सर मुझे जमके चोदते हुए बोले अब दर्द कैसा है नीलांजना.

मैं बिल्कुल ठीक हो गई दर्द नहीं रहा और एकदम से मैं सर से लिपट गई उनके होठों को चूमने लगी और बोली सर और डालो चोदो मुझे, चोदो सर बहुत मस्त मजा आ रहा है तभी मम्मी रूम में आकर चिल्ला रही थी कि देख सुबह के 10:00 बज गए और अभी भी सो रही है उठ, और उठा दिया मेरा सपना वहीं टूट गया क्या मस्त सपना देख रही थी। उठते से मेरे दिमाक में वही सपना चलने लगा कि सपने में किस तरह से सुधीर सर ने मुझे चोदा और सोच सोच कर मेरी पुसी गीली हो जा रही थी। मेरी हालत अब बिल्कुल मदहोश सी होने लगी,सारा दिन यही सोचते हुए निकल गया कि शाम को 6:30 बजे सुधीर सर के आने का टाइम हो गया तभी मैं तैयार होकर गई आज सर से आंखें नहीं मिला पा रहे थी बहुत शर्म आ रही थी, पर सर एकदम से मुझसे पूछे कि जो मैं दे गया था उन सभी कहानियों को पढ़ लिया मैंने सर झुका कर सर से बोली जी सर, मुझसे पूछे नीलांजना कैसी लगी मैंने कहा सर अच्छी.

तुम घबरा रही हो मैं बोला नहीं सर, बोला और पढ़ोगी मैंने कुछ नहीं बोला उन्होंने हाथ पकड़ कर कुछ और उसी तरह के प्रिंट मुझे हाथ में दिए, और साथ में बोला तुम्हारे यहां डीवीडी है, मैंने बोला जी सर, सर बोले कुछ सीडी हैं इन्हें अकेले में देखना, और फिर किताब खोल कर बहाने से मुझे देखते रहे, इसी तरह आज की पढ़ाई पूरी हो गई, जाते समय बोल गए कि तुम्हारी हालत ठीक नहीं है नीलांजना, यह इसी के लिए है कि तुम पढ़ाई के साथ लाइफ भी इंजवाय करो, तुम आज CD में पिक्चर देख लेना, फिर अगर पसंद आएगी फिल्म तो अपन कल प्रैक्टिकल करेंगे। यह कहानी आप मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है। मैं बोली यस सर। सर चले गए मैं डीवीडी टीवी में सेट की तभी मम्मी बोली क्या कर रही है नीलांजना, कुछ प्रेजेंटेशन कि CD है उसे देखना है तब मैंने गेट बंद कर लिया और वह फिल्म लगा दी॥

जैसे ही लगाया उसमे एक लड़की को चार मर्द पूरा कपड़े खोलकर बहुत भारी भारी बड़े-बड़े लोग उसके चूत को चाट रहे थे और उनमें से सभी के बहुत बड़े-बड़े लंड अपने मुंह से चूस रही थी, तभी 2 लोग उसकी चूत को जोर-जोर से चाटने लगे और फिर सभी अपना लंड निकालकर ने उसके मुंह में चोदने के लिए डाल दिया, 1 पीछे डाल दिया तभी लड़की बोली फक मी फक मी हार्ड, इतने में एक मर्द लड़की के दोनों बूब्स के बीच में अपना लंड डाल दिया और 1 मिनट में चारों लंड से वह चुदवाने लगी, और बहुत जोर-जोर से आवाज निकालने लगी। यह देखते हुए मेरी हालत बहुत खराब हो गई और अपने आप मेरा हाथ पैंटी के नीचे घुस गया और मैं भी वहां अपना हाथ अपनी चूत में चलाने लगी। और अब मुझसे बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था तभी मैं अपने हाथ से पहली बार अपने बूब्स दबाने लगी और मैं वह फिल्म बार-बार देख रही थी करीब दो घंटे तक वो मुवी देखती रही।

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