‘मेरी क्लासमेट शिवानी’

हेलो दोस्तो मेरा नाम संचित, मैं तलवाड़ा , होशियारपुर(पंजाब) का रहने वाला हूँ,,

ये मेरी पाँचवी कहानी है …

बात उन दिनों कि है जब मैं अपनी MCA की study कर रहा था, मेरे साथ एक शिवानी नाम की लड़की भी study करती थी…
जब से मैने उसको देखा था बस उसे चोद्ने के बारे में ही सोचता था… वो थी ही इतनी hot और sexy 32-30-34. एक दिन मैने मोका उसे प्रपोज़ कर दिया,
पर उसने कोई जवाब न्ही दिया.. मैने सोचा शायद उसे बुरा ल्गा है.. और वो अगले दिन क्लास में नही आई.. फिर जब उसके अगले दिन वो आई तो क्या मस्त लग रही थी वो..
उस दिन उसने लाल रंग का सूट और पाजामी पहनी थी.. इस से पहले की मैं उस से बात करता, वो ही मेरे पास आई और एक कागज दे कर चली गयी..
मैने भी जल्दी जल्दी में देखा तो उसमे उसका नंबर था.. मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.. फिर हम दोनो की फोन पर बातें शुरू हो गयी …
अब हम दोनो बाहर मिलने लगे लेकिन मेरा तो बस उसे चोद्ने का मन ही था,, फिर एक दिन मोम, डैड कहीं बाहर गये हुए थे और मैं घर पे अकेला था,
अचानक मन में आया की क्यू ना आज शिवानी को घर पर बुला कर चोदु… मैने उसी टाइम फोन मिलाया शिवानी को और कहा की आज मैं न्ही आयुंगा क्यूकी घर पर कोई न्ही है …..
और कहा की तुम आ जयो ना मेरे पास ,, मैं अकेला बोर रहा हूँ.. पहले तो उसने मना कर दिया .. लेकिन मेरे ज़ोर देने पर वो मान गयी और मैं उसे लेने निकल पड़ा..

आते टाइम हम कुछ आइस्क्रीम भी ले आए .. लेकिन मेरे दिल में कुछ और ही था.. घर आने के बाद हमने कॉफी पी और फिर वो मेरा घर देखने लगी..
घर दिखा के मैं उसे अपने कमरे में ले गया..

रूम में जाते ही मैने उसे अपनी बाहों में भर लिया, मैं मौका गवाँना नहीं चाहता था।

मैं उसे बेतहाशा चूमने लगा और उसके मुममे दबाने लगा, उसे दर्द होने लगा और वो ऊऊउह की आवाज़ करने लगी ,, तब वो बोली थोड़ा आराम से करो मुझे दर्द हो रहा है…
फिर मैने उसका टॉप उतारा और उसकी चूचियां उसकी ब्रा से आज़ाद कर दी और उसकी चूचियां चूसने लगा। अब उसे भी मज़ा आने लगा, मैने धीरे धीरे अपना एक हाथ से उसकी जीन्स का बटन खोल दिया और अपना एक हाथ उसकी फुददी तक पहुँचा दिया.. अब वो मज़ा लेने लगी थी।

अपने दूसरे हाथ से मैं उसके चूतड़ सहला रहा था, वो मदहोश होने लगी, उसकी आंखें बंद होने लगी, मैने उसे बेड पे लिटा दिया और उसकी जीन्स और पैंटी अलग कर दी।
अब वो मेरे सामने एक दम नंगी लेटी हुई थी। मुझसे रहा नहीं जा रहा था, उसकी फुददी गीली हो चुकी थी।

मैने उसकी टांगे उठाई और फुददी में जीभ देकर चाटना शुरु कर दिया वाह उसकी सील भी बंद थी जो और मज़े की बात थी।

थोड़ी देर चाटने के बाद वो पूरी गरम हो चुकी थी.. और उसके मूह से आह्हह्हह्हह्हह आह्हह्हह्हह्हह की आवाज़ें आ रही थी .. फिर मैने अपना 7 इंच का लंड उसकी फुददी पर रगड़ा और एक धक्का मारा तो वो कराह उठी लेकिन ये मज़े की कराहट थी। अब 2-3 बार और धक्का देने के बाद मेरे लंड का अगला हिस्सा उसकी फुददी में घुस गया और उसकी सील टूट गयी.. वो ज़ोर से चिल्लाई लेकिन मैने उसके मूह में अपना मूह डाल कर उसकी चीख को दबा दिया.. लेकिन उसका दर्द उसकी आँखों से आँसू बनकर बह रहा था लेकिन मुझे तो फुददी मारने का नशा था… मैने धक्के लगाने चालू रखे और अब चुदाई जोरों पे थी। वो आह्हह्हह्हह्हह कर रही थी और मज़ा भी ले रही थी. हम दोनो चुदाई का आनंद ले रहे थे।

करीब 10 मिनिट्स के बाद वो झड़ गयी और मुझे ऐसे लगा की जैसे किसी ने मेरे लंड पर गरम पानी डाल दिया हो ..लेकिन मेरा अभी नही हुया था.. मैं उसे ताबड़तोड़ चोदी जा रहा था…
फिर 30 मिनिट के बाद मैं भी झड़ गया और मैने अपना सारा माल उसकी फुददी में छोड़ दिया .. फिर हम दोनो अलग हुए तो देखा की बेड शीट लाल हो गयी थी खून से..

उसके बाद हम दोनो एक साथ नहाए और मैने बाथरूम में भी उसकी फुददी मारी.. फिर हम नहा कर बाहर आ गये और हमने बैठ कर आइस्क्रीम खाई..
लेकिन मैने एक बात नोट की कि शिवानी ठीक से चल नही पा रही थी.. और फिर थोड़ी देर बाद मैं उसे छोड़ आया ….
और उसके बाद ह्यूम जब भी मौका मिलता है हम दोनो चुदाई करते है …

तो कैसी लगी आपको मेरी ये कहानी…
मुझे मेल करे.. [email protected]